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       <title>Today इसरो वैज्ञानिक News | Latest इसरो वैज्ञानिक News | Breaking इसरो वैज्ञानिक News in English | Latest इसरो वैज्ञानिक News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का इसरो वैज्ञानिक समाचार:Today इसरो वैज्ञानिक News ,Latest इसरो वैज्ञानिक News,Aaj Ka Samachar ,इसरो वैज्ञानिक समाचार ,Breaking इसरो वैज्ञानिक News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>इसरो की वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन, चंद्रयान-3 मिशन में निभाया महत्वपूर्व भागीदारी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/isro-scientist-n-valarmathi-passes-away-played-important-role-in-chandrayaan-3-mission/</link><pubDate>September 4, 2023, 5:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-34.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। भारत के चंद्रयान-3 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वैज्ञानिक एन वलारमथी का शनिवार शाम को निधन हो गया. इसरो वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन एन वलारमथी को शनिवार शाम को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ा जिसके...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारत के चंद्रयान-3 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वैज्ञानिक एन वलारमथी का शनिवार शाम को निधन हो गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एन वलारमथी को शनिवार शाम को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ा जिसके कारण उनकी मौत हो गई. 14 जुलाई को लॉन्च किया गया बेहद सफल चंद्रयान-3 उनके लिए अंतिम उल्टी गिनती साबित हुआ. इस मिशन लॉन्चिंग के लिए काउंटडाउन की पीछे की वे आवाज थीं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि कई लोगों के पीछे की आवाज एन वलारमथी जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो के पूर्व निदेशक वेंकटकृष्णन ने जताया दुःख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके निधन पर शोक व्यक्त लरते हुए इसरो के पूर्व निदेशक पीवी वेंकटकृष्णन ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि वलारमथी मैडम की आवाज श्रीहरिकोटा से इसरो के भविष्य के मिशनों की उलटी गिनती के लिए अब नहीं होगी. चंद्रयान-3 उनकी अंतिम उलटी गिनती की घोषणा थी. एक अप्रत्याशित निधन. बहुत दुख महसूस हो रहा है, प्रणाम! वहीं उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी लॉन्चों के लिए उल्टी गिनती की घोषणाएं करती थीं वलारमथी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार वलारमथी ने इसरो की प्री-लांच उलटी गिनती घोषणाएं की थी. उन्होंने आखिरी घोषणा 30 जुलाई को की थी जब PSLV-56 रॉकेट एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन के हिस्से के रूप में 7 सिंगापुरी उपग्रहों को लेकर रवाना हुआ था. बता दें, वह पिछले 6 सालों से सभी लॉन्चों के लिए उलटी गिनती की घोषणाएं कर रही थीं. बताया गया कि वह कुछ समय से अस्वस्थ थीं. 50 साल की उम्र में, शनिवार शाम को हृदय गति रुकने से चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>चंद्रयान-3 मिशन में राजस्थान की इस बेटी का अहम योगदान</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/important-contribution-of-this-daughter-of-rajasthan-in-chandrayaan-3-mission/</link><pubDate>July 21, 2023, 4:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-59-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। चंद्रयान-3 मिशन के सफल होने के बाद देश का हर नागरिक गर्व महसूस कर रहा है. इसी मिशन में राजस्थान की बेटी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. राजस्थान की इस बेटी का नाम सुनीता खोकर है. चंद्रयान-3 में राजस्थान की बेटी का योगदान चंद्रयान-3 मिशन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;चंद्रयान-3 मिशन के सफल होने के बाद देश का हर नागरिक गर्व महसूस कर रहा है. इसी मिशन में राजस्थान की बेटी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. राजस्थान की इस बेटी का नाम सुनीता खोकर है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चंद्रयान-3 में राजस्थान की बेटी का योगदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में राजस्थान की सुनीता खोकर का अहम योगदान रहा. सुनीता नागैर के डीडवाना तहसील के डाकीपूरा गांव की बेटी है. सुनीता का ससुराल नागौर जिले के डीडवाना तहसील के मिडीयावट गांव में है. सुनीता ने किसान के परिवार में जन्म लिया, वहीं सुनीता की प्रारंभिक शिक्षा प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुनीता खोकर ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनीता खोकर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी कामयाबी का श्रेय परिजनों और ससुराल को जाता है. सुनीता ने बेटे और बेटियों में मतभेद करने वालों को एक सन्देश देते हुए कहा कि प्रतिभा बेटे और बेटी में भेद करने से दब सकती है, लेकिन प्रतिभा को पहचान कर उसे आगे बढ़ाना चाहिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रामीण छात्र-छात्राओं को भी दिया सन्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनीता ने ग्रामीण छात्र-छात्राओं को सन्देश देते हुए कहा कि वे अभाव में भी संघर्ष करके आगे बढ़ सकती हैं. अच्छी स्कूल और अच्छे संस्थान में शिक्षा लेने पर बच्चों को कम संघर्ष करना पड़ता है. लेकिन ग्रामीण परिवेश के बच्चों को उस लेवल पर जाने के लिए 4 गुना मेहनत करनी होती है. उसके बाद कामयाबी की सीढ़ी प्राप्त कर सकते हैं. सुनीता ने आगे कहा, मैं बिल्कुल ही साधारण परिवार से थी. उनके जुनून और परिजनों के सहयोग की वजह से वे आज इस मुकाम पर पहुंची हैं . उन्होंने कहा कि वे आगे भी देश के लिए काम करती रहेगी और देश का नाम रोशन करती रहेंगी.&lt;/p&gt;
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