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       <title>Today कोटा लेटेस्ट न्यूज News | Latest कोटा लेटेस्ट न्यूज News | Breaking कोटा लेटेस्ट न्यूज News in English | Latest कोटा लेटेस्ट न्यूज News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का कोटा लेटेस्ट न्यूज समाचार:Today कोटा लेटेस्ट न्यूज News ,Latest कोटा लेटेस्ट न्यूज News,Aaj Ka Samachar ,कोटा लेटेस्ट न्यूज समाचार ,Breaking कोटा लेटेस्ट न्यूज News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>NEET 2024 : 23 कीमोथैरेपी- 31 रेडिएशन, नीट में मिले 715 नंबर, जानें पूरी कहानी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/neet-2024-23-chemotherapy-31-radiation-got-715-marks-in-neet-know-the-whole-story/</link><pubDate>June 7, 2024, 2:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.22-PM.jpeg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: जिंदगी में जो कुछ भी हो, मैं हार नहीं मानता… हौसला होना जरूरी है, जीत के लिए सोचेंगे तभी जीतेंगे. 2022 में मेरे जीवन में एक तूफान आया, यह इतना भयानक था कि शायद जिंदगी भर भुला नहीं सकूंगा. मैं परिवार का सिंगल चाइल्ड हूं. झटका बहुत बड़ा था ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; जिंदगी में जो कुछ भी हो, मैं हार नहीं मानता… हौसला होना जरूरी है, जीत के लिए सोचेंगे तभी जीतेंगे. 2022 में मेरे जीवन में एक तूफान आया, यह इतना भयानक था कि शायद जिंदगी भर भुला नहीं सकूंगा. मैं परिवार का सिंगल चाइल्ड हूं. झटका बहुत बड़ा था सिलसिला यूरीनेशन के समय दर्द से शुरू हुआ. सोनोग्राफी में ट्यूमर और बायोप्सी जांच में कैंसर सामने आया. तब कक्षा 11 में था, इसके बाद जो इलाज का सिलसिला शुरू हुआ तो इस वर्ष अप्रैल में खत्म हुआ. मैं पॉजिटिव था और मुझे आगे बढ़ना था. पहले कैंसर को हराया और फिर परीक्षाएं दी. आज मैं दोनों परीक्षाओं में सफल रहा. जिंदगी की भी और नीट यूजी की भी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;720 में से आए 715 अंक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ये कहानी या कहें आप बीती, बीते दिन नीट यूजी के नतीजे सामने आए। इसके बाद कुछ ऐसी कहानी सामने आई जिसे जान कर आंखों से पानी निकलना लाजमी है। ठीक इसी तरह एक नीट क्वालिफाइड छात्र की कहानी है। तो चलिए जानते हैं इनके संघर्ष के बारे में। यह कहानी है नीट में धमाकेदार सफलता हासिल करने वाले मौलिक पटेल की. कैंसर जैसी बीमारी से जूझते हुए मौलिक ने पहले बीमारी पर जीत पायी और फिर नीट परीक्षा में. सुनकर यकीन नहीं होगा. मौलिक के 720 में से 715 अंक आए हैं. इसी के साथ उसने महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड में 94.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. अब मौलिक कैंसर मरीजों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए एंकोलॉजिस्ट बनना चाहता है. मौलिक का परिवार मुम्बई में घाटकोपर में रहता है.&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-large&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;1024&quot; height=&quot;768&quot; src=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-1024x768.jpeg&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-11921&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-300x225.jpeg 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-768x576.jpeg 768w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-1536x1152.jpeg 1536w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-150x113.jpeg 150w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-696x522.jpeg 696w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM-1068x801.jpeg 1068w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-06-at-7.12.21-PM.jpeg 1600w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूरीनेशन ब्लैडर के पास एक ट्यूमर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौलिक ने बताया मई 2022 में शरीर में बदलाव आने शुरू हो गए. कमजोरी महसूस करने लगा. यूरीनेशन के समय दर्द के अलावा बुखार भी रहने लगा. मैं इन सबको लक्षणों को सामान्य समझ रहा था. हॉस्टल में रहता था तो स्थिति के बारे में रूममेट ने परिवार को सूचना दी. डॉक्टरों को दिखाया. सोनोग्राफी और अन्य जांच के बाद पता चला कि यूरीनेशन ब्लैडर के पास एक ट्यूमर है, जो 10 सेंटीमीटर का था. सीटी स्कैन और बायोप्सी के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसे ‘सरकोमा’ है. जो कि एक तरह का कैंसर है. परिवार को झटका लगा क्योंकि मैं सिंगल चाइल्ड हूं और इतनी कम उम्र में कोई कैसे इतनी भयंकर बीमारी से पीड़ित हो सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2022 में लगा झटका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौलिक ने बताया मई 2022 में शरीर में बदलाव आने शुरू हो गए. कमजोरी महसूस करने लगा. यूरीनेशन के समय दर्द के अलावा बुखार भी रहने लगा. मैं इन सबको लक्षणों को सामान्य समझ रहा था. हॉस्टल में रहता था तो स्थिति के बारे में रूममेट ने परिवार को सूचना दी. डॉक्टरों को दिखाया. सोनोग्राफी और अन्य जांच के बाद पता चला कि यूरीनेशन ब्लैडर के पास एक ट्यूमर है, जो 10 सेंटीमीटर का था. सीटी स्कैन और बायोप्सी के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसे ‘सरकोमा’ है. जो कि एक तरह का कैंसर है. परिवार को झटका लगा क्योंकि मैं सिंगल चाइल्ड हूं और इतनी कम उम्र में कोई कैसे इतनी भयंकर बीमारी से पीड़ित हो सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अंकोलॉजिस्ट बनने का मिशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौलिक ने बताया मेरी जून 2022 में सर्जरी हुई थी. मुझे कैंसर का पता था लेकिन ये नहीं पता था कि इसका ऑपरेशन इतना बड़ा था. डॉक्टरों ने आशंका जताई कि यूरीनेरी ब्लैडर निकालना पड़ सकता है. सिर्फ इसी बात का डर था कि कहीं ऐसा नहीं हो जाए. लेकिन, ऑपरेशन में डॉक्टरों ने ब्लैडर नहीं निकाला. इसके बाद कीमोथैरेपी की शुरुआत हुई. जिसमें रोजाना 3-4 घंटे लगते थे. साइड इफेक्ट भी थे. कब्ज रहता था. सिर के बाल तक चले गए थे. अक्टूबर 2022 तक कीमोथैरेपी के तीन सेशन हो चुके थे. इसके बाद डॉक्टरों ने फिर से चैकअप किया, जिसमें चार सेंटीमीटर का ट्यूमर अब भी था. डॉक्टरों ने कीमोथैरेपी की डोज बदली, जो दिसंबर तक चली. इस दौरान मैंने अक्टूबर और नवंबर में एलन के टेस्ट भी दिए थे. जनवरी में डॉक्टरों ने फिर जांच की तो ट्यूमर फिर से बढ़कर 16 सेंटीमीटर का हो गया था. यूरीनेशन के दौरान दर्द हो रहा था. जनवरी 2023 में डॉक्टरों ने फिर से सर्जरी प्लान की. इसी दौरान 12वीं की परीक्षा में प्रेक्टिकल देने का समय आ गया लेकिन स्थिति सही नहीं थी इसलिए मैंने 12वीं बोर्ड एवं नीट परीक्षा दोनों ही नहीं दी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;31 रेडिएशन, हॉस्पिटल में पढ़ाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दूसरी सर्जरी में भी पूरा ट्यूमर नहीं निकला. डॉक्टरों ने दूसरी सर्जरी के बाद फरवरी में चैकअप किया तो सामने आया कि अब भी ट्यूमर 10 सेंटीमीटर का बचा हुआ था. डॉक्टरों ने निर्णय लिया कि इतने बड़े ट्यूमर पर रेडिएशन नहीं दे सकते इसलिए कीमोथैरेपी का बोला. कुल 31 रेडिएशन जुलाई 2023 तक हो चुके थे. नवंबर 2023 के दूसरे सप्ताह में फिर टेस्ट कराया तो साइज ज्यादा छोटा हो गया था. दिसंबर 2023 तक दवाइयां बंद हो चुकी थीं. इस पूरे इलाज के दौरान मैं रोजाना ऑनलाइन पढ़ाई करता था. हॉस्पिटल में कई बार तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ता था लेकिन, इस दौरान भी मैं जैसे-तैसे पढ़ाई नियमित करता रहता था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्टूडेंट्स के लिए बने प्रेरणा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;डॉ. बृजेश माहेश्वरी, निदेशक, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ने बताया हम मौलिक के हौसले को सेल्यूट करते हैं. उसके परिवार की हिम्मत भी बड़ी है. हिम्मत से हर काम संभव है, यह मौलिक ने बता दिया. मौलिक देशभर के स्टूडेंट्स के लिए एक उदाहरण है, जो लगातार जीतना सिखाता है. मौलिक को सफलता पर बधाई.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Kota Road Accident : कोटा में भीषण सड़क हादसा, DSP की मौत, महिला DSP हुई चोटिल</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/kota-road-accident-horrific-road-accident-in-kota-dsp-died-woman-dsp-injured/</link><pubDate>March 30, 2024, 7:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-9-8-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के कोटा में भीषण सड़क हादसे का मामला सामने आया है। कोटा के हैंगिग ब्रिज के नजदीक शंभूपुरा के निकट DSP की कार को ट्रोले ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में पुलिस अधिकारी DSP राजेंद्र सिंह की मौत मौके पर हो गई, जबकि...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान के कोटा में भीषण सड़क हादसे का मामला सामने आया है। कोटा के हैंगिग ब्रिज के नजदीक शंभूपुरा के निकट DSP की कार को ट्रोले ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में पुलिस अधिकारी DSP राजेंद्र सिंह की मौत मौके पर हो गई, जबकि उनकी पत्नी DSP अंजली सिंह गंभीर रूप से चोटिल है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 दिन पहले हुई थी पहली पोस्टिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आज शनिवार को यह हादसा हुआ है। हादसे में मौके पर ही DSP राजेंद्र सिंह की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल है. घायल महिला DSP को कोटा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कोटा सिटी SP डॉ अमृता दुहन समेत कई पुलिस ऑफिसर्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच चुके हैं। बता दें कि हादसे में जान गवाने वाले DSP राजेंद्र सिंह कोटा RAC सेकेंड बटालियन में तैनात थे। DSP राजेंद्र सिंह की पहली पोस्टिंग 15 दिन पहले ही कोटा आरएसी सेकेंड बटालियन में हुई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोटा SP ने हादसे को लेकर कहा…&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं DSP अंजली सिंह जो DSP राजेंद्र सिंह की पत्नी है, वह चित्तौड़गढ़ के निकट बेगू में CO के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ जब अंजली सिंह अपने DSP पति राजेंद्र सिंह को कोटा छोड़ने कार से आ रही थी, तभी कोटा हैंगिंग ब्रिज से पहले शंभूपुरा के नजदीक एक ट्रोले ने उनकी कार को जबरदस्त टक्कर मारी। कोटा सिटी SP ने इस हादसे पर कहा है कि हादसे के दौरान DSP राजेंद्र सिंह की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उनकी पत्नी DSP अंजली सिंह गंभीर रूप से घायल है। जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;/p&gt;
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