<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today चित्तौड़गढ़ News | Latest चित्तौड़गढ़ News | Breaking चित्तौड़गढ़ News in English | Latest चित्तौड़गढ़ News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का चित्तौड़गढ़ समाचार:Today चित्तौड़गढ़ News ,Latest चित्तौड़गढ़ News,Aaj Ka Samachar ,चित्तौड़गढ़ समाचार ,Breaking चित्तौड़गढ़ News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8c%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc</link>
        <lastBuildDate>April 26, 2026, 1:57 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Rajasthan Monsoon : मानसून से पहले राजस्थान में मौसम का बदला मूड, आंधी-तूफान व बारिश का लगा झटका</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-monsoon-before-the-monsoon-the-mood-of-the-weather-changed-in-rajasthan-there-was-a-shock-of-storm-and-rain/</link><pubDate>June 12, 2024, 3:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/download-1-7.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में कुछ दिनों से मौसम के मूड बिगड़े हुए हैं। मानसून से पहले मौसम ने तांडव शुरू कर दिया है. मंगलवार को उदयपुर में तेज बारिश रिकॉर्ड हुई. इसके साथ ही चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, जोधपुर और माउंट आबू में बारिश से पहले आंधी ने काफी नुकसान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; राजस्थान में कुछ दिनों से मौसम के मूड बिगड़े हुए हैं। मानसून से पहले मौसम ने तांडव शुरू कर दिया है. मंगलवार को उदयपुर में तेज बारिश रिकॉर्ड हुई. इसके साथ ही चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, जोधपुर और माउंट आबू में बारिश से पहले आंधी ने काफी नुकसान पहुंचाया है। आंधी-तूफान की वजह से बिजली के पोल गिर गए. कई लोगों के घरों और दुकानों को भी नुकसान पंहुचा है। मौसम विभाग ने आज बुधवार को भी बीकानेर और जोधपुर संभाग सहित राज्य के एक दर्जन जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार आंधी तूफान के बीच अभी भी राज्य के कई इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं। मंगलवार को चूरू में पारा 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया. वहां का पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. आज और कल राज्य के उत्तरी इलाकों में अधिकतम पारा में 1-2 डिग्री बढ़ोतरी होने की आशंका है. इस बीच बीकानेर और भरतपुर संभाग में अधिकतम पारा 44 से 45 डिग्री तक दर्ज हो सकता है. कुछ हिस्सों में हीटवेव की भी संभावना है. 20 जून के बाद राजस्थान में मानसून की एंट्री कभी भी हो सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन शहरों का तापमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;श्रीगंगानगर- 45.1 (डिग्री सेल्सियस)&lt;br&gt;फलौदी- 43.2&lt;br&gt;बाड़मेर- 44.0&lt;br&gt;सीकर- 42.5&lt;br&gt;बीकानेर- 44.8&lt;br&gt;फतेहपुर- 44.8&lt;br&gt;पिलानी- 44.7&lt;br&gt;जैसलमेर- 43.5&lt;br&gt;जयपुर- 43.5&lt;br&gt;संगरिया- 44.3&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई इलाकों में मौसम सुहावना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम विभाग के मुताबिक, उदयपुर जिले में बीते दिन मंगलवार को तेज बारिश हुई. इससे प्रदेश के कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया. यहां मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा पेड़ बस पर गिर गया. गनीमत रही कि बस में कोई नहीं था। जोधपुर में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. कई अन्य जगहों में भी आंधी से काफी नुकसान पंहुचा है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News : इस युवा वैज्ञानिक का PM सूर्योदय योजना के पीछे है योगदान, जानें पूरी कहानी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-this-young-scientists-contribution-is-behind-pm-suryoday-yojana-know-the-whole-story/</link><pubDate>January 30, 2024, 8:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-8-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी को PM मोदी के मौजूदगी में संपन्न हुआ। ऐसे में वहां से PM मोदी जब लौटे तब उनके द्वारा प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की घोषणा की गई. जिसके बाद इस योजना की चर्चाएं जोरों सोरो से चल रही ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी को PM मोदी के मौजूदगी में संपन्न हुआ। ऐसे में वहां से PM मोदी जब लौटे तब उनके द्वारा प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की घोषणा की गई. जिसके बाद इस योजना की चर्चाएं जोरों सोरो से चल रही है. क्योंकि इस योजना के तहत 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. उदयपुर संभाग के चित्तौड़गढ़ जिले के रहने वाले युवा वैज्ञानिक नितेश तिवारी का रिसर्च भी इस योजना में शामिल है. तो ऐसे में जानते है, इसके पीछे की पूरी कहानी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;युवा वैज्ञानिकों में नितेश हुए थे चयनित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले साल बड़े चैलेंज की समस्याओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने युवा वैज्ञानिकों की भर्ती निकाली थी. देशभर के युवाओं ने इसमें भर्ती के लिए आवेदन किया था. बता दें कि हजारों युवाओं की संख्या में से सिर्फ 8 युवाओं का ही चयन हुआ है. रोचक बात यह है कि इन 8 युवाओं में चित्तौड़गढ़ जिले के रहने वाले नितेश तिवारी का नाम भी शामिल हैं. पूरे राजस्थान से सिर्फ नितेश तिवारी का नाम ही लिस्ट में आया था. दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में नितेश अभी बीटेक कर रहे हैं. वो कंप्यूटर साइंस के दूसरे वर्ष के छात्र हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्लोबल वार्मिंग था रिसर्च का टॉपिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नितेश ने बताया कि 3 माह के लिए हमारा अपॉइंटमेंट हुए था. इस दौरान सरकार हमें 10 हजार रुपए प्रतिमाह की स्कॉलरशिप के साथ-साथ अन्य खर्चे दे रही थी. हमे अलग-अलग विषयों पर तीन माह में रिसर्च कर कॉपी सबमिट करना था और उससे कैसे निपटा जा सके उसके लिए हमे सुझाव भी देने थे. इस दौरान नितेश ने बताया कि मुझे टॉपिक मिला था ग्लोबल वार्मिंग. इसके लिए हमने रिसर्च शुरू की. इस रिसर्च के लिए हमने कई सरकारी वेबसाइट से आंकड़े जुटाए. नेशनल थर्मल पावर प्लांट भी विजिट की. अपनी रिसर्च 3 माह में पूरी की. नितेश का कहना है कि मैंने सुझाव दिए और इन सुझावों को सभी आईएएस अधिकारियों ने माना। वहीं केंद्र इस पर पहले से ही विचार कर रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुझाव पर ही बनी योजना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि नितेश से जब मीडिया ने इसके पीछे की सफलता पूछी तब उसने बताया कि अपनी रिसर्च की फाइंडिंग के डॉक्यूमेंट्स केंद्र को पेश किए जिसमें सुझाव था कि एनर्जी जनरेट से निकलने वाली जहरीली गैसों से कैसे निजात पाया जा सकता हैं. इसमें सुझाव के तौर पर बतलाया गया है कि लगभग 71 प्रतिशत बिजली थर्मल पावर प्लांट से भारत में बनती है. जहरीली गैस इससे उत्सर्जित होती हैं, जो बेहद ही नुकसानदायक है. सुझाव में यह भी बताया गया कि थर्मल पावर प्लांट को रिन्यूएबल पावर प्लांट में बदलने पर विचार करना जरुरी है। दूसरा सुझाव के रूप में यह दिया गया कि जहरीली गैसों को सीधे वातावरण में उत्सर्जित करने की बदले उसे कम हानिकारक पदार्थों में बदलना जरूरी है. बड़े सोलर एनर्जी प्लांट की जगह रूफ टॉप सोलर सिस्टम पर विचार करना चाहिए. इन्हीं सुझावों से पर्यावरण को फायदा मिल सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Election: रिकॉर्डतोड़ वोटिंग में आगे रही महिलाएं, 6 जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-election-women-ahead-in-record-breaking-voting-more-than-80-percent-voting-in-6-districts/</link><pubDate>November 27, 2023, 11:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-1-300x202.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर शनिवार को मतदान संपन्न हो गया। प्रदेश में इस बार 75.45% फीसदी से अधिक वोटिंग हुई। शनिवार को हुई वोटिंग के फाइनल आंकड़े रविवार रात जारी किये गए। जिसमें 74.62 फीसदी वोटिंग EVM से जबकि 0.83% पोस्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 199 पर शनिवार को मतदान संपन्न हो गया। प्रदेश में इस बार 75.45% फीसदी से अधिक वोटिंग हुई। शनिवार को हुई वोटिंग के फाइनल आंकड़े रविवार रात जारी किये गए। जिसमें 74.62 फीसदी वोटिंग EVM से जबकि 0.83% पोस्टल बैलट से हुआ है। 2018 की तुलना में इस बार के विधानसभा चुनाव में 0.73 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;महिलाएं रहीं आगे&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान विधानसभा चुनाव में पुरुषों से आगे महिलाएं रही हैं। पुरुषों का मतदान प्रतिशत 74.53 रहा जबकि महिलाओं का 74.72% रहा है। यदि 2018 की बात करें तो उस दौरान पुरुष वोटरों का मतदान प्रतिशत 74.71 और महिलाओं का 74.67 रहा था। बता दें कि प्रदेश में कुल 5,25,48,105 वोटर हैं। इसमें से पुरुष वोटर 2,73,48,999 जबकि महिला वोटर्स की संख्या 2,51,98,492 है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सबसे ज्यादा कुशलगढ़ में वोटिंग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश के 6 ऐसे जिले हैं जहां पर 80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई। इसमें बांसवाड़ा, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, झालावाड़ और प्रतापगढ़ का नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा वोटिंग बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में 88.13 प्रतिशत हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इन जगहों पर 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बांसवाड़ा- 83%&lt;br&gt;चित्तौड़गढ़- 80.41%&lt;br&gt;हनुमानगढ़- 82.52%&lt;br&gt;जैसलमेर- 82.32%&lt;br&gt;झालावाड़-80.72%&lt;br&gt;प्रतापगढ़-82.07%&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;1967 में हुई थी सबसे ज्यादा वोटिंग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश के बीते 15 विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोटिंग 1967 में हुई थी। 184 सीटों के लिए हुए मतदान में 80 लाख 79 हजार वोटरों ने अपने मत का प्रयोग किया था। मतदान प्रतिशत 87.93 रहा। कांग्रेस ने इस चुनाव में 89 सीटें जीती थी जबकि भारतीय जनसंघ( अब बीजेपी) के खाते में 22 सीटें आई थी। वहीं स्वतंत्र पार्टी ने 48 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पिछले 4 चुनावों का ट्रेंड&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2003- 67.18% वोटिंग- बीजेपी&lt;br&gt;2008- 66.25% वोटिंग- कांग्रेस जीती&lt;br&gt;2013- 75.04% वोटिंग- बीजेपी जीती&lt;br&gt;2018- 74.06 % वोटिंग- कांग्रेस जीती&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;इन पार्टियों के पास इतनी सीटें&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस- 107&lt;br&gt;बीजेपी- 70&lt;br&gt;निर्दलीय- 13&lt;br&gt;अन्य- 08&lt;br&gt;रिक्त- 02&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>