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       <title>Today भगवान शिव News | Latest भगवान शिव News | Breaking भगवान शिव News in English | Latest भगवान शिव News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का भगवान शिव समाचार:Today भगवान शिव News ,Latest भगवान शिव News,Aaj Ka Samachar ,भगवान शिव समाचार ,Breaking भगवान शिव News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>महामृत्युंजय मंत्र के क्या फायदे, सावन में क्यों करना चाहिए जाप</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/what-are-the-benefits-of-mahamrityunjaya-mantra-why-it-should-be-chanted-in-sawan/</link><pubDate>July 3, 2023, 12:12 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T043947.792.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>जयपुर। सावन 4 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत रहता है और सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है. सावन 4 जुलाई से शुरू आपको बता दें कि सावन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;सावन 4 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत रहता है और सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सावन 4 जुलाई से शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि सावन में भगवान शिव शंकर का सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है. यह मंत्र हमारे मन और शरीर दोनों को प्रभावित करता है. भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महामृत्युंजय मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ओम त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम&lt;br&gt;उर्वारुकमिव बंधनान मृत्योर मुक्षीय मामृतात्&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-4075&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964.png 790w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-300x169.png 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-768x432.png 768w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-150x84.png 150w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंत्र का अर्थ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ है कि आइए हम भगवान शिव की पूजा करें, जो पवित्र हैं और सभी प्राणियों का पोषण करते हैं. जिस तरह एक पका हुआ खीरा प्राकृतिक रूप से पौधे से निकलता है, उसी तरह हम सभी को मृत्यु से मुक्ति मिले और हमें हमारी अमर प्रकृति प्रदान की जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस मंत्र का प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मंत्र के जाप करने से मन शुद्ध हो जाता हो. इस मंत्र से परिवार को मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विपदाओं से बचता है. शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र के जाप करने से स्वास्थ स्वस्थ रहता है और अकाल मृत्यु नहीं होती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कब करें इस मंत्र का जाप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंत्र जाप के लिए सुबह- सुबह स्नान करने के बाद सबसे अच्छा समय माना जाता है. इसे ब्रह्म मुहूर्त( सुबह 4 बजे से 6 बजे) के दौरान करना शुभ माना जाता है. मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष माला का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि रुद्राक्ष स्वयं भगवान शिव का प्रतिनिधित्व करता है. दिन में कम से कम पांच बार मंत्र का जाप करें. मंत्र जाप से पहले आपका मन शांत होना चाहिए. मंत्र पढ़ते समय अपने सामने भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर रखें, अगर इससे आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख होना चाहिए.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महमूद गजनवी द्वारा लुटे गए मंदिर का हुआ जीर्णोद्धार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/nilkanth-temple-inauguration-in-rajasthan-mahmood-gajnavi-news-of-rajasthan-pkdnh/</link><pubDate>February 6, 2023, 12:39 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/yogiraj-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित ऐसे महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है, जो चर्चाओं में है. महादेव मंदिर जीर्णोद्धार कार्यक्रम करीब 10 दिनों तक चला. राजस्थान में चल रहे इस कार्यक्रम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ कई केंद्रीय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर: &lt;/strong&gt;राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित ऐसे महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है, जो चर्चाओं में है. महादेव मंदिर जीर्णोद्धार कार्यक्रम करीब 10 दिनों तक चला. राजस्थान में चल रहे इस कार्यक्रम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. साथ ही इस कार्यक्रम में देश के कई नामी संतों ने भाग लिया. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ-साथ कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए. इस कार्यक्रम में पाली सांसद पीपी चौधरी समेत कई नेताओं ने शिकरत की.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;देश के 50 से ज्यादा संत हुए शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रिय मंत्रियों के साथ-साथ देश के कई नामी संत भी शामिल हुए. करीब 50 से ज्यादा बड़े संत महात्मा राजस्थान के इस कार्यक्रम में पहुंचे. जिसमें पतंजली योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण, तुलछाराम महाराज ब्रह्मधाम आसोतरा, स्वामी निश्छलानंद सरस्वती, स्वामी अवधेशानंदगिरी, जगदगुरु रामनंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, के साथ तारातरा मठ के प्रतापपुरी महाराज समेत कई संत शामिल हुए.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महादेव मंदिर का इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जालोर के भीनमाल में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर का 1400 साल पुराना इतिहास है. बताया जाता है कि नागभट्ट प्रथम ने इसकी शिला रखी थी. जानकारियों के अनुसार करीब 730 ई. में अफगानी आक्रांता राजा शाह जुनैद ने भारत की सीमाओं पर आक्रमण किया था, तब नागभट्ट प्रथम ने उसे वापस खदेड़ा था. ऐसी जानकारी मिलती है कि भारत की सीमाओं से राजा शाह जुनैद को बाहर भगाने के लिए नागभट्ट उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान वो भीनमाल नाम के जगह पर रुके थे. बताया जाता है कि भीनमान का प्राचीन नाम श्रीमाल हुआ करता था. राजा नागभट्ट को भगवान शिव का सपना आया था. सपने में भगवान शिव ने उसे वहीं रुकने के लिए कहा था, जिसके बाद से नागभट्ट ने इस जगह पर नीलकंठ महादेव मंदिर की स्थापना की.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जालोर के इसी नीलकंठ महादेव मंदिर के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद से पूरे देश में में बहस छिड़ गई थी. योगी आदित्यनाथ ने जालोर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है. योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद से कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई थीं. राजस्थान के इस नीलकंठ महादेव मंदिर को विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने लूटा था. विदेशी आक्रांता द्वारा लूटने के करीब 1500 सालों के बाद नीलकंठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है.&lt;/p&gt;
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