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       <title>Today राजस्थान हिंदी समाचार News | Latest राजस्थान हिंदी समाचार News | Breaking राजस्थान हिंदी समाचार News in English | Latest राजस्थान हिंदी समाचार News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का राजस्थान हिंदी समाचार समाचार:Today राजस्थान हिंदी समाचार News ,Latest राजस्थान हिंदी समाचार News,Aaj Ka Samachar ,राजस्थान हिंदी समाचार समाचार ,Breaking राजस्थान हिंदी समाचार News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0</link>
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        <copyright>Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन 5 जिलों में जमकर बारिश होने की संभावना</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/weather-patterns-changed-in-the-state-possibility-of-heavy-rain-in-these-5-districts/</link><pubDate>September 7, 2023, 9:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-56.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में काफी समय से मौसम शुष्क है. राजस्थान के अजमेर, उदयपुर, कोटा, राजधानी जयपुर समेत संभाग के 20 जिलों में बीती रात में भारी बारिश दर्ज की गई है. आज का मौसम राजस्थान के कुछ पश्चिमी जिलों में मानसून सिस्टम का प्रभाव पड़ा. नागौर, जोध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में काफी समय से मौसम शुष्क है. राजस्थान के अजमेर, उदयपुर, कोटा, राजधानी जयपुर समेत संभाग के 20 जिलों में बीती रात में भारी बारिश दर्ज की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज का मौसम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान के कुछ पश्चिमी जिलों में मानसून सिस्टम का प्रभाव पड़ा. नागौर, जोधपुर, पाली और चुरु के अलावा कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है.‌ जबकि पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर के लोग अभी तेज गर्मी की मार झेल रहे हैं. बुधवार को बीकानेर का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, तो वहीं जैसलमेर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन 5 जिलों में तेज वर्षा की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक परिसंचरण तंत्र बन रहा है जो काफी प्रभावशाली है. वहीं पूरी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, मांडला, संबलपुर, उदयपुर और नॉर्थ ईस्ट की तरफ से बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है. इस सिस्टम के कारण राजस्थान के पांच जिलों चित्तौड़गढ़, झालावाड़, प्रतापगढ़, बारां और बांसवाड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है. यहां आज और कल‌ यानी 7 और 8 सितंबर को बारिश हो सकती है. राजस्थान में अब तक सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;8 सितंबर में कहां होगी बारिश ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;8 सितंबर को बारां, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, डूंगरपुर, करौली, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, टोंक, उदयपुर जिले में मौसम विभाग ने बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: टाइगर रिजर्व से आई गुड न्यूज, 3 शावकों के साथ दिखी बाघिन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/tourism/rajasthan-good-news-came-from-tiger-reserve-tigress-seen-with-3-cubs/</link><pubDate>July 16, 2023, 2:43 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-29-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व और कोटा संभाग के दूसरे टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कोट संभाग के बूंदी जिले में बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है।, ये तीनों नन्हें शावक अपनी मां के साथ जंगल में लगाए गए कैमरों में कैद हुए हैं। म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व और कोटा संभाग के दूसरे टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कोट संभाग के बूंदी जिले में बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है।, ये तीनों नन्हें शावक अपनी मां के साथ जंगल में लगाए गए कैमरों में कैद हुए हैं। महज दो-तीन सेकेंड के वीडियो में यह बाघिन के साथ जंगल में विचरण करते दिखाई दिए हैं। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ने विचरण कर रही बाघिन आरवीटीआर-2 ने पर्यावरण प्रेमियों और जिले वाशियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। यह बाघिन अपने 3 शावकों के साथ नजर आई है। आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल ने बाघिन का वीडियो और तस्वीरें ट्वीट की हैं।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;en&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;Much awaited good news now from Ramgarh Vishdhari as Begum seen with her new borns .. &lt;a href=&quot;https://t.co/Q3bxEUzJR1&quot;&gt;pic.twitter.com/Q3bxEUzJR1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Shikhar Agrawal (@Shikhar_IAS) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/Shikhar_IAS/status/1680454926739144705?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;July 16, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तीन शावकों का हुआ जन्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की बाघिन आरवीटीआर-2 ने 24 मई के आस-पास टाइगर रिजर्व में शावकों को जन्म देने का अनुमान लगाया जा रहा है। ये शावक एक माह से अधिक समय के हो गए हैं। बाघिन के यह शावक वर्तमान में बिल्कुल स्वस्थ हैं। बाघिन अभी बच्चों को अपने ठिकाने से बाहर नहीं लाई थी, इस कारण शावक कितने हैं, अभी इसका पता नहीं चल रहा था। लेकिन अब वीडियो सामने आने से इस बात की पुष्टि हुई कि बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कोटा कृषि महोत्सव में दिखे कमाल के स्टार्टअप, नीलगाय की समस्या दूर करने के भी उपाय</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/kota-agriculture-festival/</link><pubDate>January 25, 2023, 8:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/01/Kota-Agriculture-Festival-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के सहयोग से कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। इस महोत्सव में 75 स्टार्टअप्स आये हैं। इन स्टार्टअप्स में न सिर्फ नए-नए उपकरण शामिल किए गए हैं बल्कि लोगों का इनोवेशन भी झलक रहा हैं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोटा।&lt;/strong&gt; राजस्थान के कोटा शहर में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के सहयोग से कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। इस महोत्सव में 75 स्टार्टअप्स आये हैं। इन स्टार्टअप्स में न सिर्फ नए-नए उपकरण शामिल किए गए हैं बल्कि लोगों का इनोवेशन भी झलक रहा हैं। परंपरागत खेती को आधुनिकता के साथ कैसे समावेश किया जाता हैं, वो आपको कोटा के कृषि महोत्सव में देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में कोटा,बूंदी और आसपास के किसानों ने नई तकनीक की मदद से फसलों का उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए इसकी जानकारी लेने में रूचि दिखाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री ने किया था आव्हान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पीएम नरेंद्र मोदी ने पराली की समस्या का समाधान करने का आव्हान किया था, जिसके बाद बिहार के मुजफ्फरपुर से आए 21 वर्षीय आशुतोष और जिज्ञाशु ने मशरूम का ऐसा उन्नत किस्म का बीज तैयार किया जो पराली में बोये जाने के दस दिन बाद तैयार होता हैं। 100 वर्गफीट क्षेत्र में उगाए गए साधारण मशरूम से 10 हज़ार जबकि औषधीय उपयोग वाले मशरूम से 20 हज़ार प्रति फसल आय प्राप्त किया जा सकता हैं। उसके बाद पराली और मंदिर में उपयोग किये गए फूलों को मिलाकर उससे बायो सीएनजी बना सकते हैं। ऐसा करके आप अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पानी की कमी हो जाएगी दूर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं, राजसमंद के कृषि इंजीनियर पूरण सिंह राजपूत ने फलों के छिलकों से ऐसा जेल तैयार किया हैं, जो अपने भार से सौ गुना पानी सोखकर उसे धीरे- धीरे रिलीज़ करता हैं। ऐसा करने से मिट्टी में नमी बनी रहती हैं। ऐसे क्षेत्र जहाँ पानी की कमी हैं, उन इलाकों में यह काफी मददगार हैं। 5 किलों का एक बैग जेल पंद्रह सौ रूपये का पड़ता हैं, जो एक एकड़ में बोये हुए फसल के लिए पर्याप्त हैं। एक बार किसानों द्वारा इसका उपयोग करने से उन्हें दो से तीन बार कम पानी पिलाना पड़ता हैं। इससे न सिर्फ बचत होती हैं बल्कि श्रम भी कम करना पड़ता हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीलगायों से सुरक्षा का इंतजाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाराष्ट्र के अहमद नगर बेस्ड स्टार्टअप पेस्टामेटिक कंट्रोल्स के फाउंडर अविनाश ने एक विशेष वाइल्ड एनिमल रेपलेंट तैयार किया हैं। इसको पानी में मिलाकर खेतों की मेढ़ के पास छिड़क दिया जाता हैं, जिससे वन्यजीव फसलों को हानि नहीं पहुंचा पाते हैं। इससे सांप-बिच्छू आदि भी खेतों के अंदर नहीं प्रवेश कर पाते।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खेत से सीधे घर पहुंचा रहे अनाज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हनुमानगढ़ निवासी परीक्षित ने किसान ट्रीट नामक ऐप बनाया हैं। इससे वो किसानों की सहायता से लोगों की पसंद का अनाज सीधे उनके घरों तक पहुंचा रहे हैं। फिलहाल उनके साथ 12 हज़ार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। वहीं फसल को मंडी में बेचने में परेशानी न हो इसके लिए अपना गोदम नाम का ऐप भी हैं। यह ऐप किसानों को भण्डारण और भंडार में रखे गए अनाज पर ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता हैं।&lt;/p&gt;
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