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       <title>Today सुप्रीम कोर्ट News | Latest सुप्रीम कोर्ट News | Breaking सुप्रीम कोर्ट News in English | Latest सुप्रीम कोर्ट News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का सुप्रीम कोर्ट समाचार:Today सुप्रीम कोर्ट News ,Latest सुप्रीम कोर्ट News,Aaj Ka Samachar ,सुप्रीम कोर्ट समाचार ,Breaking सुप्रीम कोर्ट News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f</link>
        <lastBuildDate>June 13, 2026, 3:31 pm</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Electoral Bond Controversy : SBI इलेक्टोरल बॉन्ड पर पूर्व CM गहलोत ने कसा मोदी सरकार पर तंज, बोले &amp;#8211; मोदी की गारंटी…</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/electoral-bond-controversy-former-cm-gehlot-took-a-dig-at-modi-government-on-sbi-electoral-bonds-said-modis-guarantee/</link><pubDate>March 12, 2024, 4:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-4-8.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में भारतीय स्टेट बैंक को बड़ा झटका दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आज यानी 12 मार्च शाम तक बांड्स से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी चुनाव आयोग के हवाले करने का निर्देश दिया है। ऐसे ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में भारतीय स्टेट बैंक को बड़ा झटका दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आज यानी 12 मार्च शाम तक बांड्स से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी चुनाव आयोग के हवाले करने का निर्देश दिया है। ऐसे में देश भर के नेताओं और मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। इस संबंध में राजस्थान क पूर्व CM अशोक गहलोत ने भी अपनी प्रतिक्रिया मीडिया के समक्ष साझा की हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व CM गहलोत ने कहा…&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार यानी 11 मार्च को जयपुर एयरपोर्ट पर प्रदेश के पूर्व मुखिया अशोक गहलोत ने मीडिया से अलग-अलग मुद्दों पर बात करते हुए केंद्र यानी मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इस कड़ी में उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड और मोदी की गारंटी को मुद्दा बनाते हुए राजनीतिक संदर्भ में जमकर बोले। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा SBI को इलेक्टोरल बॉन्ड के विवरण जमा करने के बारे में दिए गए निर्देश का स्वागत किया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज SBI को देनी है बांड्स की जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि SC ने SBI को जमकर फटकार लगाते हुए कहा है कि आज यानी 12 मार्च शाम तक इलेक्टॉरल बॉन्ड का विवरण सबमिट करें एवं 15 मार्च तक सभी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक करें. इस संबंध में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का SBI इलेक्टोरल बॉन्ड की आवश्यक जानकारी 12 मार्च तक जमा करने का आदेश स्वागत योग्य और लोकतंत्र संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है. इसके साथ उन्होंने काह कि इस मुद्दे पर SBI का समय मांगना उसके भरोसे और पारदर्शिता पर संदेह पैदा करता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोदी की गारंटी पर उठाए कई सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पूर्व CM ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश में घूम कर गारंटी की बात करते हैं. चुनाव के पूर्व उन्होंने राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने की बात कही थी. PM मोदी ने कहा था कि चुनाव होते ही मूल्यों की समीक्षा की जाएगी, लेकिन राजस्थान में यह गारंटी धरी रह गई. गहलोत ने पूछा कि 3 महीने होने के बावजूद अभी तक समीक्षा क्यों नहीं की गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें Electoral Bond हैं क्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;भारत सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना का एलान साल 2017 में की थी। इस योजना को केंद्र सरकार ने 29 जनवरी 2018 को कानूनन लागू कर दिया था। आसान भाषा में इसे अगर हम समझें तो इलेक्टोरल बॉन्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक वित्तीय जरिया है। यह एक वचन पत्र की तरह है जिसे भारत का कोई भी नागरिक या कंपनी भारतीय स्टेट बैंक की चुनिंदा शाखाओं से खरीद सकता है और अपनी पसंद के किसी भी राजनीतिक दल को गुमनाम तरीके से दान कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Diwali 2023: कृपया ध्यान दें! दीपावली पर इस बार भी नहीं कर पाएंगे आतिशबाजी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/diwali-2023-please-pay-attention-this-time-also-we-will-not-be-able-to-do-fireworks-on-diwali/</link><pubDate>November 11, 2023, 6:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-5-3-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। देश भर में प्रदूषण का दौर जारी है ऐसे में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगो की सांसे फूल रही है, हालांकि पिछले दिन हुई बारिश से थोड़ा प्रदुषण कम जरूर हुआ है लेकिन पाबंदियों के कारण आतिशबाजों के लिए इस बार की दिवाली निराशाजनक जरूर साबित ह...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में प्रदूषण का दौर जारी है ऐसे में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगो की सांसे फूल रही है, हालांकि पिछले दिन हुई बारिश से थोड़ा प्रदुषण कम जरूर हुआ है लेकिन पाबंदियों के कारण आतिशबाजों के लिए इस बार की दिवाली निराशाजनक जरूर साबित हो रहा है। इस बार दीपोत्सव पर भी अलवर जिले में लोग पटाखे नहीं चला पाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान (ग्रेप) की चतुर्थ स्टेज लगा हुआ है। इस वजह से अलवर समेत NCR में आने वाले शहर में भी आतिशबाजी चलाने व बेचने पर पूरी तरह से पावंदी लगा दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावली खुशियां मनाने का पर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अलवर जिले में प्रदूषण की समस्या के कारण पिछले कई सालों से पटाखे चलाने व बेचने पर निषेध है। बता दें कि दीपावली खुशियां मनाने का पर्व है। इस अवसर पर लोग आतिशबाजी कर खुशियां मनाते हैं, लेकिन लोग खुशियों के त्योहार पर पिछले कई सालों से पटाखे नहीं चला पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आतिशबाजी का प्रदूषण नहीं के बराबर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इन दिनों अलवर शहर का वैसे तो AQI 250 और भिवाड़ी का AQI 450 के पार पहुंच गया है लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें आतिशबाजी का प्रदूषण नहीं के बराबर दर्ज किया गया है। दीपावली पर आतिशबाजी काफी कम मात्रा में की जाती है। वहीं इन दिनों की बात करें तो इन दिनों आतिशबाजी नहीं है, फिर भी वायु में प्रदूषण का लेवल अधिक है। वहीं भिवाड़ी में भी आतिशबाजी नहीं है, फिर भी यहां कि AQI देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रेप की 4th स्टेज जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए इन दिनों अलवर समेत पूरे दिल्ली NCR में ग्रेप की 4th स्टेज लागू कर दी है। ग्रेप लागू के दौरान किसी भी प्रकार की आतिशबाजी करने पर पावंदी लगाई गई है। इस बार भी इस कारण अलवरवासी दीपावली पर पटाखे नहीं चला पाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाइसेंस भी नहीं मिला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आतिशबाजी पर रोक के कारण एनसीआर में प्रशासन की तरफ से इस बार भी फुटकर में पटाखे बेचने के लाइसेंस नहीं दिए गए हैं। बता दें कि सिर्फ स्थाई मेगजीन के लाइसेंस ही हैं, लेकिन इन व्यापारियों पर छोटे दुकानदारों को आतिशबाजी बेचने पर पावंदी लगा दी गई है। हालांकि दूसरी तरफ अलवर शहर में चोरी- छिपे कुछ जगहों पर बिना लाइसेंस के आतिशबाजी की बिक्री जारी है। अलवर सहित जिले के अन्य स्थानों पर पुलिस की तरफ से बिना लाइसेंस आतिशबाजी बेचने या एकत्र करने पर कार्रवाई भी की जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>B.ED Vs BTC: SC ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को बताया सही, केवल BTC डिप्लोमा धारक ही बन पाएंगे तृतीय श्रेणी अध्यापक</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/b-ed-vs-btc-sc-told-the-decision-of-rajasthan-high-court-is-correct-only-btc-diploma-holders-will-be-able-to-become-third-grade-teachers/</link><pubDate>August 11, 2023, 4:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-5-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अब केवल बीटीसी ( BTC ) डिप्लोमा धारक ही तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 में पात्र होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस से राजस्थान समेत पूरे देश में भी असर पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC ने अपने फैसले में क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशनकौल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने शुक्रवार 11 अगस्त की एसएलपी सहित मुकेश कुमार अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी ने सरकार का पक्ष रखा। डिप्लोमा घरियों की तरफ से अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के नोटिफिकेशन को वैध बताया। राजस्थान हाईकोर्ट के बीएड डिग्रीधारियों को कक्षा 1 से 5 तक के लिए पात्र मानने वाले नोटिफिकेशन को रद्द किया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही बताया। इसके साथ ही एनसीपीई और केंद्र सरकार की एसएलपी को ख़ारिज कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह था पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देशभर के बीटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बीएड अभ्यर्थियों को कोर्ट के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है। राजस्थान के भी लाखों बीएड पास कैंडिडेट्स पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद अब तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 के लिए केवल BTC डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे। इससे पहले एनसीपीई ने बीएड अभ्यर्थियों को भी लेवल-1 के लिए पात्र माना था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एनसीटीई ने 2018 में जारी किया था नोटिफिकेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;एनसीटीई ने 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बीएड डिग्रीधारकों को भी रीट लेवल-1 के लिए योग्य जाएगा। अगर बीएड डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। राजस्थान में रीट लेवल-1 में बीएड डिग्री धारकों को शामिल करने पर बीटीसी डिप्लोमाधारी आंदोलन पर उतर आए थे। इसके बाद यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाई कोर्ट के फैसले को SC में दी गई चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हाई कोर्ट में एनसीटीई के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई। वहीं बीएड वालों ने रीट लेवल-1 में शामिल करने के लिए अपील हाईकोर्ट से की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बीएड वालों को लेवल-1 से बाहर कर दिया था। राजस्थान हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीटीई और केंद्र सरकार ने बीएड वालों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Politics: गहलोत के मंत्री के बिगड़े बोल, गुढ़ा ने माता सीता पर दिया विवादित बयान</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-politics-bad-words-of-gehlots-minister-gudha-gave-controversial-statement-on-mata-sita/</link><pubDate>July 11, 2023, 4:28 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-11T092752.758-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर: सोमवार को शेखावटी में आने वाले गुढ़ागौड़जी में सीएम गहलोत के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के बोल बिगड़ गए। मंत्री गुढ़ा ने झुंझुनू में गुढ़ागौड़जी में एक सामाजिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भगवान राम और माता सीता पर एक विवादित बयान दिया था। उनके इस...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: सोमवार को शेखावटी में आने वाले गुढ़ागौड़जी में सीएम गहलोत के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के बोल बिगड़ गए। मंत्री गुढ़ा ने झुंझुनू में गुढ़ागौड़जी में एक सामाजिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भगवान राम और माता सीता पर एक विवादित बयान दिया था। उनके इस बयान पर मंगलवार को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में की गई बंगाल पंचायत चुनाव की बैठक में पार्टी का पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संबित पात्रा ने किया पलटवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दिल्ली में हुई बैठक में भाजपा प्रवक्ता ने सोमवार को गुढ़ागौड़जी में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के जरिए माता सीता पर दिए गए विवादित बयान को लेकर कहा कि यह काफी दुखद है, जिस प्रकार के शब्दों का चयन राजस्थान में सीएम गहलोत के मंत्री गुढ़ा ने अपनी जनसभा को संबोधित करते हुए माता सीता और भगवान राम के लिए कहा, वह काफी चिंताजनक है। संबित पात्रा ने आगे कहा कि मैं खुद उन शब्दों को दुबारा यहां प्रयोग नहीं कर सकता, क्योंकि यह बहुत निंदनीय है। लेकिन कांग्रेस के लिए यह कोई नई बात नहीं है। क्योंकि इनकी पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी का मानना यही है कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं है, वह कल्पनीय है। इस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट भी दिया था, तो जाहिर है इस तरह की मां सीता के ऊपर अभद्र टिप्पणी करना कांग्रेस के स्वभाव में है। उन्होंने अपने स्वभाव के अनरूप ही काम किया है, जो की निंदनीय है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार 10 जुलाई को झुंझनू में गुढ़ागौड़जी मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक कार्यक्रम में माता सीता और भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी किया था। उन्होंने कहा था कि माता सीता बहुत सुंदर थी। उनकी इसी सुंदरता के पीछे भगवान राम और रावण पागल थे। मंत्री गुढ़ा के इस विवादित बयान के बाद भाजपा भड़क गई है। साथ ही राजनीति में गुढा के इस बयान के बाद उनका काफी विरोध भी हो रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: समलैंगिक विवाह पर राजस्थान समेत इन राज्यों ने साफ किया रुख</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/rajasthan-these-states-including-rajasthan-have-clarified-their-stand-on-gay-marriage/</link><pubDate>May 11, 2023, 8:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-9-3-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। इन दिनों समलैंगिक विवाह का मुद्दा काफी सुर्खियों में है ऐसे में केंद्र सरकार ने 10 मई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान समेत आंध्र प्रदेश, असम ने इस शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए याचिकाकर्ताओं की दलीलों का विरोध किया है। समलैंगि...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; इन दिनों समलैंगिक विवाह का मुद्दा काफी सुर्खियों में है ऐसे में केंद्र सरकार ने 10 मई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान समेत आंध्र प्रदेश, असम ने इस शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए याचिकाकर्ताओं की दलीलों का विरोध किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;समलैंगिग विवाह का इन राज्यों द्वारा विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;केंद्र सरकार के पेशकश कर्ता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ को जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश मणिपुर जैसे राज्यों ने कहा है कि इस विषय पर बहुत व्यापक और विस्तृत चर्चा की जरुरत है और वह तत्काल प्रभाव से जवाब देने में सक्षम नहीं होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों को लिखा गया पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने 18 अप्रैल को दायर अपने हलफनामे में कहा था कि सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी गई थी और संबंधित याचिकाओं में उठाए गए मौलिक मुद्दे पर उनके विचार आमंत्रित किए थे। वहीं तुषार मेहता ने कहा कि मैंने पहले कहा था कि हमने राज्य सरकारों को पत्र लिखे हैं. जिनमें राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम समेत सिक्किम से अभी तक उत्तर मिले हैं. लेकिन मैं उसे पढ़ नहीं रहा हूं. मै इसे रिकॉर्ड पर ला रहा हूं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिकाकर्ताओं की मांग के खिलाफ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सॉलिसिटर जनरल ने बताया, &amp;#8220;राजस्थान ने इस मामले की जांच की है और हम याचिकाकर्ताओं की मांग का विरोध करते हैं।&amp;#8221; उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों ने इस मुद्दे को बहुत ही संवेदनशील बनाया है और वे इसका तुरंत जवाब नहीं दे सकते।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यापक चर्चा की आवश्यकता- मणिपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं मणिपुर ने इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता जताई है. समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी पर पीठ बुधवार को नौवें दिन सुनवाई कर रही थी. दलीलें पूरी नहीं होने की वजह से 11 मई को जारी रहेंगी। वहीं आंध्रप्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार समलैंगिक शादी के विरुद्ध है. उत्तर प्रदेश के सरकार ने कहा कि विषय संवेदनशील है और इसके किसी भी फैसले का समाज के अलग-अलग समुदायों पर गहरा असर पड़ेगा। इस विषय के लिए यूपी सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की है. वहीं महाराष्ट्र सरकार की भी यही राय है और असम सरकार ने कहा कि मामले की नए सिरे से व्याख्या की जरुरत है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>