<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Aditya L1 News | Latest Aditya L1 News | Breaking Aditya L1 News in English | Latest Aditya L1 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Aditya L1 समाचार:Today Aditya L1 News ,Latest Aditya L1 News,Aaj Ka Samachar ,Aditya L1 समाचार ,Breaking Aditya L1 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/aditya-l1-2</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 4:10 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>श्रीहरिकोटा से आज Aditya L1 Mission को किया जाएगा लांच , सूर्य के रहस्यों का करेंगे खुलासा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/aditya-l1-mission-will-be-launched-from-sriharikota-today-will-reveal-the-secrets-of-the-sun/</link><pubDate>September 2, 2023, 6:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-17.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। आदित्य एल -1 को सूर्य के रहस्यों का पता लगाने के लिए भेजा जा रहा है. इस मिशन को आज सुबह 11:50 बजे आंध्रप्रदेश के श्री हरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। आदित्य एल -1 को आज किया जाएगा लॉन्च आपको बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद भारत स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;आदित्य एल -1 को सूर्य के रहस्यों का पता लगाने के लिए भेजा जा रहा है. इस मिशन को आज सुबह 11:50 बजे आंध्रप्रदेश के श्री हरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदित्य एल -1 को आज किया जाएगा लॉन्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद भारत सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए आदित्य एल-1 धरती से 15 लाख किमी दूर सूर्य की ओर भेज रहा है. आंध्र प्रदेश के श्री हरीकोटा से लांच करने के बाद इसे अंतरिक्ष में L1 प्वाइंट पर पहुंचना है. वहां से यह सूर्य के आसपास होने वाली घटनाओं के बारे में बताएगा. L1 प्वाइंट से सूर्य की दूरी 14 करोड़ 85 लाख किमी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे पहुंचेगा L1 प्वाइंट तक ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पहले फेज में आदित्य अल-1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV-C57) से लॉन्च किया जाएगा. इसरो इसे धरती की निचली कक्षा में स्थापित करेगा. जिसके बाद कुछ मैन्यूवर के माध्यम से आदित्य एल 1 के ऑर्बिट को बढ़ाया जाएगा. जिसके बाद एल-1 की तरफ बढ़ते हुए यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएगा. गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद इसका क्रूज स्टेप शुरू होगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदित्य एल-1 पर लगे 7 पेलोड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एल-1 के तरफ एक बड़ी हैलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. इसरो के मुताबिक सूर्य के सबसे बाहरी परतों की जानकारी जुटाने के लिए आदित्य एल-1 पर 7 पेलोड लगे हुए हैं. जिसमें से 4 पेलोड सूर्य के आसपास की जानकारी जुटाएंगाे तो वहीं बाकी के तीन पेलोड एल-1 प्वाइंट के आसपास रिसर्च कर जानकारी जुटाएंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कितना समय लगेगा ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सूर्य धरती से लगभग 15 किलोमीटर दूर है. दोनों के बीच लैग्रेंज प्वाइंट ही वो स्थान है जहां से बिना किसी रुकावट के सीधे सूर्य को देखा जा सकता है. इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया था कि इसे एल-1 प्वाइंट तक पहुंचने में 120 दिन यानी 4 महीने के वक्त लगेगा. इसरो के अनुसार इस मिशन में कुल 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आदित्य एल-1 के लॉन्चिंग की उल्टी गिनती आज से होगी शुरू, रिहर्सल हुआ पूरा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/countdown-for-the-launch-of-aditya-l-1-will-start-from-today-rehearsal-completed/</link><pubDate>September 1, 2023, 10:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-11-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर. चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य मिशन आदित्य-एल 1 लॉन्च करने के लिए तैयार है. इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया कि आदित्य-एल 1 के लॉन्चिंग की उल्टी गिनती आज से शुरू होगी. उन्होंने कहा कि 2 सितंबर को सुबह 11:50 बजे आंध्रप्रदेश के श्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर. &lt;/strong&gt;चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य मिशन आदित्य-एल 1 लॉन्च करने के लिए तैयार है. इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया कि आदित्य-एल 1 के लॉन्चिंग की उल्टी गिनती आज से शुरू होगी. उन्होंने कहा कि 2 सितंबर को सुबह 11:50 बजे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 लाख किलोमीटर की दूरी करेगा तय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना ( सूर्य की सबसे बाहरी परत) के दूरस्थ अवलोकन और एल-1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु) पर सौर हवा के यथास्थिति अवलोकन के लिए बनाया गया है. एल-1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लॉन्चिंग की रिहर्सल हुई पूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फेंस का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम अभी प्रक्षेपण के लिए तैयार हो रहे हैं, रॉकेट- उपग्रह भी तैयार है. और लॉन्चिंग की रिहरसल पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि आदित्य-एल 1 स्वादेशी तकनीक से बनाया गया है. इसके आलावा रोवर के सवाल पर सोमनाथ ने कहा कि सबकुछ ठीक चल रहा है. अच्छी तरह से डाटा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि 14 दिन में हमारा मिशन सफलता के साथ पूर्ण हो जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कब लॉन्च होगा भारत का पहना सूर्य मिशन&lt;/strong&gt; ?&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य-एल 1 शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा. इसको आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कहां देख सकेंगे रॉकेट लॉन्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसरो ने अपनी वेबसाइट पर आदित्य एल-1 के लॉन्च को श्रीहरिकोटा स्थित केंद्र से सीधा दर्शकों के दिखाने के लिए व्यू गैलरी की सीटें बुक करने का विकल्त दिया गया है. हालांकि इसके लिए सीमित सीटें ही थी जो कि रजिस्ट्रेशन होने पर ही भर गई. इतना ही नहीं इसरो की वेबसाइट isro.gov.in पर जाकर आदित्य एल-1 की ल़ंन्चिंग का सीधा प्रसारण देख सकते हैं और लाइव अपडेटस हासिल कर सकते हैं&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>