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       <title>Today Agriculture News News | Latest Agriculture News News | Breaking Agriculture News News in English | Latest Agriculture News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Agriculture News समाचार:Today Agriculture News News ,Latest Agriculture News News,Aaj Ka Samachar ,Agriculture News समाचार ,Breaking Agriculture News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/agriculture-news</link>
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        </image><item><title>राजस्थान: प्रदेश में दिखा Cyclone Mocha का असर, तापमान में आया उछाल</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-effect-of-cyclone-mocha-seen-in-the-state-rise-in-temperature/</link><pubDate>May 11, 2023, 5:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-7-2.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान मोचा की वजह से भारत के कई राज्यों में बारिश हो रही है। वहीं राजस्थान में तापमान लगातार उछाल मार रहा है। राजस्थान में बढ़ा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में तापमान बढ़ने के कारण गर्मी में इजाफा हु...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान मोचा की वजह से भारत के कई राज्यों में बारिश हो रही है। वहीं राजस्थान में तापमान लगातार उछाल मार रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान में बढ़ा तापमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में तापमान बढ़ने के कारण गर्मी में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में प्रदेश में गर्मी बढ़ने के आसार है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 मई को पारा 40 डिग्री के पार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बुधवार को राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार हो गया था। वहीं बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा। डूंगरपुर और धौलपुर में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। फलौदी और जैसलमेर में 42.4 डिग्री सेल्सियस, टोंक में 41.7 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 42.1 डिग्री , कोटा में 41.3 डिग्री, वहीं भीलवाड़ा में समेत अन्य क्षेत्रों में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक रहा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली में गर्मी का अलर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट के अनुसार आगामी दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। लेकिन अभी एक और हफ्ते तक लू और गर्मी नहीं चलने की उम्मीद जताई जा रही है. इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपाटमेंट के एक वैज्ञानिक ने जानकारी देते हुए बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में प्रभाव डालेगा। जिससे 13 मई को दिल्ली में धूल भरी आंधी चलने समेत बारिश की संभावना है. बारिश और आंधी के कारण गर्मी से राहत मिल सकती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों में बारिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौसम विभाग के अनुसार अंदमान ॲण्ड निकोबार आइलैंड्स पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं 13 और 14 मई को नागालैंड, मणिपुर, अरुणांचल प्रदेश समेत असम में तेज बारिश हो सकती है. इस दौरान 50 से 60 किमी की रफ़्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>अलवर के 55 हजार से अधिक किसानों को मिलने जा रहा मुआवजा, इतने रुपये हुए मंजूर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/more-than-55-thousand-farmers-of-alwar-are-going-to-get-compensation-so-much-money-has-been-approved/</link><pubDate>April 18, 2023, 10:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-85-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: अलवर जिले में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के चलते अपनी फसलों को लेकर परेशान हो रहे किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। जहां अलवर जिले भर में 55199 किसानों को कपास, ग्वार, तिल, बाजरा की फसलों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बदले भरपाई के लिए र...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: अलवर जिले में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के चलते अपनी फसलों को लेकर परेशान हो रहे किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। जहां अलवर जिले भर में 55199 किसानों को कपास, ग्वार, तिल, बाजरा की फसलों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बदले भरपाई के लिए राज्य सरकार ने करीब 7 महीनों के बाद चार करोड़ रुपए की राहत प्रदान की है। इस राशि का किसानों को वर्षो से इंतजार था।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;592&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarrajasthan.com/wp-content/uploads/2023/04/download-86-1.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1540&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-86-1.png 592w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-86-1-300x225.png 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-86-1-150x113.png 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 592px) 100vw, 592px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सहायक सांख्यिकी निदेशक कृषि डॉ. अरविंद सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार ने खरीफ की बाजरा, कपास आदि फसलों में ओलावृष्टि एवं बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए चार करोड़ रुपए भेजी गयी है। यह राशि पीड़ित किसानों के खातों में सीधी भेजी जा रहीं है। वर्ष 2022 में बाजरा, कपास, तिल आदि फसलें ओलावृष्टि के कारण खराब हो गई थी। जब किसानों को झटका लगा तो सरकार ने नुकसान का आंकलन करवाया। काफी समय से किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे थे, जो अब जाकर मंजूर हुआ है। अरविंद ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण जिले में लगभग 54861 हेक्टेयर में फसल मे खराब हुआ था। जिन किसानों ने बीमा कराया हुआ है उन किसानों को ही इसका लाभ करीब सात महीने बाद मिल रहा है। सरकार किसान की फसल में 33 प्रतिशत खराब होने तक नुकसान नहीं मानती और ऐसे किसानों को मुआवजे की कोई राहत भी नहीं मिलती है। वहीं 33 प्रतिशत से ज्यादा खराब होने पर प्रति हैक्टेयर के हिसाब से मुआवजे की गणना की जाती है, लेकिन यह राशि फसल खराब की तुलना में काफी कम रहती है। खरीफ की फसल मे हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की राशि किसानों के खातों में भेजी जा रही है। दूसरी सूची जैसे ही आएगी तो बाकी किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन किसानों को अभी भी है इंतजार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;जहां बेमौसम बारिश के चलते और ओलावृष्टि के वजह से रबी की फसलों पर भी असर पड़ा है। वहीं रबी की गेहूं , सरसों, जौ सहित अन्य फसलों में हुए भारी नुकसान का मुआवजा को लेकर अभी इन किसानों को थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि इसको लेकर अभी तक सरकार की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कोटा कृषि महोत्सव में दिखे कमाल के स्टार्टअप, नीलगाय की समस्या दूर करने के भी उपाय</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/kota-agriculture-festival/</link><pubDate>January 25, 2023, 8:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/01/Kota-Agriculture-Festival-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के सहयोग से कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। इस महोत्सव में 75 स्टार्टअप्स आये हैं। इन स्टार्टअप्स में न सिर्फ नए-नए उपकरण शामिल किए गए हैं बल्कि लोगों का इनोवेशन भी झलक रहा हैं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोटा।&lt;/strong&gt; राजस्थान के कोटा शहर में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के सहयोग से कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। इस महोत्सव में 75 स्टार्टअप्स आये हैं। इन स्टार्टअप्स में न सिर्फ नए-नए उपकरण शामिल किए गए हैं बल्कि लोगों का इनोवेशन भी झलक रहा हैं। परंपरागत खेती को आधुनिकता के साथ कैसे समावेश किया जाता हैं, वो आपको कोटा के कृषि महोत्सव में देखने को मिलेगा। इस महोत्सव में कोटा,बूंदी और आसपास के किसानों ने नई तकनीक की मदद से फसलों का उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए इसकी जानकारी लेने में रूचि दिखाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री ने किया था आव्हान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पीएम नरेंद्र मोदी ने पराली की समस्या का समाधान करने का आव्हान किया था, जिसके बाद बिहार के मुजफ्फरपुर से आए 21 वर्षीय आशुतोष और जिज्ञाशु ने मशरूम का ऐसा उन्नत किस्म का बीज तैयार किया जो पराली में बोये जाने के दस दिन बाद तैयार होता हैं। 100 वर्गफीट क्षेत्र में उगाए गए साधारण मशरूम से 10 हज़ार जबकि औषधीय उपयोग वाले मशरूम से 20 हज़ार प्रति फसल आय प्राप्त किया जा सकता हैं। उसके बाद पराली और मंदिर में उपयोग किये गए फूलों को मिलाकर उससे बायो सीएनजी बना सकते हैं। ऐसा करके आप अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पानी की कमी हो जाएगी दूर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं, राजसमंद के कृषि इंजीनियर पूरण सिंह राजपूत ने फलों के छिलकों से ऐसा जेल तैयार किया हैं, जो अपने भार से सौ गुना पानी सोखकर उसे धीरे- धीरे रिलीज़ करता हैं। ऐसा करने से मिट्टी में नमी बनी रहती हैं। ऐसे क्षेत्र जहाँ पानी की कमी हैं, उन इलाकों में यह काफी मददगार हैं। 5 किलों का एक बैग जेल पंद्रह सौ रूपये का पड़ता हैं, जो एक एकड़ में बोये हुए फसल के लिए पर्याप्त हैं। एक बार किसानों द्वारा इसका उपयोग करने से उन्हें दो से तीन बार कम पानी पिलाना पड़ता हैं। इससे न सिर्फ बचत होती हैं बल्कि श्रम भी कम करना पड़ता हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीलगायों से सुरक्षा का इंतजाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;महाराष्ट्र के अहमद नगर बेस्ड स्टार्टअप पेस्टामेटिक कंट्रोल्स के फाउंडर अविनाश ने एक विशेष वाइल्ड एनिमल रेपलेंट तैयार किया हैं। इसको पानी में मिलाकर खेतों की मेढ़ के पास छिड़क दिया जाता हैं, जिससे वन्यजीव फसलों को हानि नहीं पहुंचा पाते हैं। इससे सांप-बिच्छू आदि भी खेतों के अंदर नहीं प्रवेश कर पाते।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खेत से सीधे घर पहुंचा रहे अनाज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हनुमानगढ़ निवासी परीक्षित ने किसान ट्रीट नामक ऐप बनाया हैं। इससे वो किसानों की सहायता से लोगों की पसंद का अनाज सीधे उनके घरों तक पहुंचा रहे हैं। फिलहाल उनके साथ 12 हज़ार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। वहीं फसल को मंडी में बेचने में परेशानी न हो इसके लिए अपना गोदम नाम का ऐप भी हैं। यह ऐप किसानों को भण्डारण और भंडार में रखे गए अनाज पर ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता हैं।&lt;/p&gt;
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