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       <title>Today Air Pollution News | Latest Air Pollution News | Breaking Air Pollution News in English | Latest Air Pollution News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Air Pollution समाचार:Today Air Pollution News ,Latest Air Pollution News,Aaj Ka Samachar ,Air Pollution समाचार ,Breaking Air Pollution News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/air-pollution</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 7:12 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Health Tips: सावधान! बढ़ते प्रदूषण से खतरे में आपका सेहत, जानिए कैसे रखे ध्यान</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b8-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%ae-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95/</link><pubDate>November 11, 2023, 7:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-7-2.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देशभर में त्योहारी सीजन के धूम मची हुई है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही हवा जहरीले बन चुकी है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों के आते हैं उत्तर भारत में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। एयर पॉल्यूशन के कारण हवा में जहर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देशभर में त्योहारी सीजन के धूम मची हुई है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही हवा जहरीले बन चुकी है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों के आते हैं उत्तर भारत में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। एयर पॉल्यूशन के कारण हवा में जहरीले गैस जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और जहरीले कण घुल जाते हैं, इस कारण उत्तर भारत में रहने वाले लोगों को सांस लेने में मुश्किलें बढ़ने लगती है। इन दिनों की बात करें तो दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में वायु प्रदूषण का लेवल पिक पर है। इसके साथ ही इन जगहों में स्मोक छाया हुआ है। बताया जाता था कि एयर पॉल्यूशन से अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियां को बढ़ा देती है लेकिन नही अब एयर पॉल्यूशन के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी और ब्रोंकाइटिस सहित कई अन्य गंभीर बीमारी तक की चांसेस बढ़ गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लंग्स कैंसर होने का आशंका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हर वर्ष लगभग 76 लाख से अधिक लोग फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। और ऐसे में एयर पॉल्यूशन के लेवल में बढ़ोतरी से या आगरा हर वर्ष और अधिक बढ़ता ही जा रहा है। इस संबंध में हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि दूषित हवा में पाए जाने वाले पीएम 2.5 जब फेफड़ों के अंदर प्रवेश करते हैं तो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को बढ़ावा मिलता है। इस संबंध में हेल्थ एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण कैंसर के खतरे अधिक बढ़ जाते हैं। आज से 4 से 5 वर्ष पहले की बात करें तो उसे दौरान कहा जाता था कि लंग्स कैंसर सिर्फ स्मोकिंग और धूम्रपान करने वालों को ही होता है लेकिन पिछले कुछ सालों में वायु प्रदूषण भी इस बीमारी की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। वही बता दे की लंग्स कैंसर का खतरा जब बढ़ता है तो संकट के रूप में आपको महसूस होगा कि सीने में दर्द, सांस रुक-रुक कर लेना, और हमेशा बलगम बनते रहना, हर समय थकान महसूस करना, गर्दन और चेहरे पर सूजन आ जाना, दिल भारी रहना, वजन में अचानक कमी आना अगर की सब संकट आपको महसूस होता है तो आप जल्द ही डॉक्टर से सलाह ले।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य बीमारियों का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बढ़ते एयर पोल्यूशन के कारण कैंसर के साथ-साथ कार्डियोवैस्कुलर डिजीज की भी चांसेस बढ़ जाती है। डॉक्टर का कहना है कि जब-जब हवा में जहरीले और पोल्यूटेड कान ब्लड वेसल में पहुंचेगी तब तब ब्लड वेसल खराब होने का खतरा अधिक बढ़ेगा। इस कारण कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के भी खतरे बढ़ जाते हैं। वही हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि एयर पोल्यूशन के कारण एलर्जी हाइपरटेंशन निमोनिया अस्थमा प्रीमेच्योर डिलीवरी की भी दिक्कतें बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: सावधान! बढ़ते एयर पॉल्यूशन से खतरे में सेहत, रखना चाहिए इन बातों का ध्यान</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/health-tips-be-careful-health-is-in-danger-due-to-increasing-air-pollution-these-things-should-be-kept-in-mind/</link><pubDate>November 5, 2023, 8:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-1-300x167.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। देशभर में त्योहारी सीजन के धूम मची हुई है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही हवा जहरीली बन चुकी है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों के आते ही उत्तर भारत में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। एयर पॉल्यूशन के कारण हवा में जहरी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देशभर में त्योहारी सीजन के धूम मची हुई है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही हवा जहरीली बन चुकी है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों के आते ही उत्तर भारत में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। एयर पॉल्यूशन के कारण हवा में जहरीले गैस जैसे सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाय आक्साइड और जहरीले कण घुल जाते हैं। इस कारण उत्तर भारत में रहने वाले लोगों को सांस लेने में मुश्किलें बढ़ने लगती है। इन दिनों की बात करें तो दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में वायु प्रदूषण का लेवल पिक पर है। इसके साथ ही इन जगहों में स्मोक का परत छाया हुआ है। एयर पॉल्यूशन के कारण अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ती है लेकिन इसके साथ अब एयर पॉल्यूशन के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी और ब्रोंकाइटिस सहित कई अन्य गंभीर बीमारी तक की चांसेस बढ़ गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लंग्स कैंसर होने का आशंका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हर वर्ष लगभग 76 लाख से अधिक लोग फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। ऐसे में एयर पॉल्यूशन के लेवल में बढ़ोतरी से यह आकड़ा हर वर्ष और अधिक बढ़ता ही जा रहा है। इस संबंध में हेल्थ एक्सपर्ट बताते है कि दूषित हवा में पाए जाने वाले पीएम 2.5 जब फेफड़ों के अंदर प्रवेश करता है तो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को बढ़ावा मिलता है। इस संबंध में हेल्थ एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण कैंसर का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डॉक्टर से सलाह ले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज से 4 से 5 वर्ष पहले की बात करें तो उस दौरान कहा जाता था कि लंग्स कैंसर सिर्फ स्मोकिंग और धूम्रपान करने वालों को ही होता है लेकिन पिछले कुछ सालों में वायु प्रदूषण को भी इस बीमारी का वजह बताया गया है। वहीं बता दें कि लंग्स कैंसर का खतरा जब बढ़ता है तब सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, हमेशा बलगम बनान, हर समय थकान महसूस करना, गर्दन और चेहरे पर सूजन आ जाना, दिल भारी रहना, वजन में अचानक कमी आना लक्षण देखा जाता है। अगर इस तरह की लक्षण दिखें तो जल्द ही डॉक्टर से सलाह ले।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य बीमारियों का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बढ़ते एयर पॉल्यूशन के कारण कैंसर के साथ-साथ कार्डियोवैस्कुलर डिजीज की भी चांसेस बढ़ जाती है। डॉक्टर का कहना है कि जब-जब हवा में जहरीले और पोल्यूटेड होगी तब-तब ब्लड वेसल में जहरीली कण पहुंचेगी जिस कारण ब्लड वेसल खराब होने की चांसेस बढ़ सकती है। इसके साथ ही कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के भी खतरे बढ़ जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट कहते है कि एयर पॉल्यूशन के कारण एलर्जी, हाइपरटेंशन, निमोनिया, अस्थमा और प्रीमैच्योर डिलीवरी की भी दिक्कतें बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: जयपुर की हवा हुई जहरीली, AQI लेवल 241 के पार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-jaipurs-air-becomes-poisonous-aqi-level-crosses-241/</link><pubDate>November 4, 2023, 8:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-11-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। देश भर के कुछ राज्यों की हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है। ऐसे में राजस्थान की राजधानी जयपुर की वायु गुणवत्ता की शुद्धता की बात करें तो यहां भी दिल्ली और बाकी राज्यों के तरह ही वायु प्रदुषण का मामला देखा जा रहा है। वहीं जयपुर समेत अन्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर के कुछ राज्यों की हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुका है। ऐसे में राजस्थान की राजधानी जयपुर की वायु गुणवत्ता की शुद्धता की बात करें तो यहां भी दिल्ली और बाकी राज्यों के तरह ही वायु प्रदुषण का मामला देखा जा रहा है। वहीं जयपुर समेत अन्य शहरों में प्रदूषण का लेवल बढ़ने से जयपुर का AQI लेवल 237 तक दर्ज किया जा रहा है। यह लेवल खराब हवा की श्रेणी में बताया जा रहा है। प्रदूषण बढ़ने से जयपुर समेत आस-पास के इलाकों में स्मॉग की चादर लिपटा हुआ नजर आ रहा है। इस दृश्य को देख कर लोग सर्दी का असर समझ रहे थे लेकिन यह तो वायु प्रदुषण का असर नजर आ रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फेस्टिव सीजन में खतरनाक हुआ AQI&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देश भर में त्योहारों की धूम मची हुई है। ऐसे में दिवाली से पहले वायु प्रदुषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। राजधानी जयपुर का भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच चुका है। अनुमान है कि दिवाली पर पटाखों के कारण प्रदुषण का लेवल और अधिक बढ़ सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सबसे बुरे हालात मुरलीपुरा में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जयपुर में छह जगहों पर हवा की गुणवत्ता को मेजर किया जाता है। आज की बात करें तो इसमें सबसे बुरी स्थिति मुरलीपुरा की है। यहां का AQI लेवल 241 दर्ज किया गया है, जबकि सीतापुरा में AQI 237 है। जयपुर संभांग में भी AQI लेवल 200 से अधिक दर्ज की जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चार दिन में हालात हुआ खराब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले तीन दिन पहले के आंकड़े की बात करें तो जयपुर में AQI लेवल 200 के आसपास दर्ज किया जा रहा था। वहीं इससे पहले भी यह लेवल 180 से 200 के बीच में देखा जा रहा था, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता है। बता दें कि AQI लेवल बढ़ने से अस्थमा, सांस से जुड़ी समस्या का खतरा अधिक बढ़ जाता है और दिल के मरीजों को ऐसे हालात में खास कर परेशानी झेलना पड़ता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई जिलों में AQI 390 पहुंचा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान के भिवाड़ी में AQI 397 और हनुमानगढ़ में 393 पर पहुंच चुका है। इस कारण यहां प्रदूषण से हालात बहुत खराब बताया जा रहा है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में भिवाड़ी का नाम शामिल है। यही नहीं चूरू में 346 और भरतपुर में AQI लेवल 343 दर्ज किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज सुबह में जयपुर का हालात &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदर्श नगर AQI 203—खराब&lt;br&gt;मानसरोवर AQI 206—खराब&lt;br&gt;पुलिस कमिश्नरेट AQI 203—खराब&lt;br&gt;रीको सीतापुरा AQI 237—खराब&lt;br&gt;मुरलीपुरा AQI 241—खराब&lt;br&gt;शास्त्री नगर AQI 228—खराब&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वायुगुणवत्ता सूचकांक मानक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;0 -50 &amp;#8211; अच्छी&lt;br&gt;51 &amp;#8211; 100- संतोषजनक&lt;br&gt;101 -200- मॉडरेट यानि न थोड़ा खराब&lt;br&gt;201- 300- खराब&lt;br&gt;301- 400- बहुत खराब&lt;br&gt;401- 500- गंभीर&lt;br&gt;500 &amp;#8211; ऊपर- इमरजेंसी&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: खतरनाक प्रदूषण से करें बच्चों का बचाव, हो सकती हैं ये बिमारियां</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-protect-children-from-dangerous-pollution-these-diseases-may-occur/</link><pubDate>November 3, 2023, 9:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-10-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। देश भर में त्योहारी सीजन की धूम मची है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही देश भर में हवा दूषित हो गई है। बता दें कि दूषित हवा बच्चों के साथ-साथ बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बनता देखा जा रहा है। वहीं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में त्योहारी सीजन की धूम मची है। ऐसे में दीपावली के आतिशबाजी से पहले ही देश भर में हवा दूषित हो गई है। बता दें कि दूषित हवा बच्चों के साथ-साथ बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बनता देखा जा रहा है। वहीं अक्टूबर से नवंबर के महीने में हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब होने लगती है जिस कारण प्रदूषण का लेवल अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, राजस्थान जैसे तमाम शहरों में रहने वालों के लिए खतरनाक साबित होता है। हालांकि यह प्रदूषित हवा बच्चों और बुजुर्गों को अधिक नुकसान पहुंचता है। हवा में कई तरह की जहरीली गैस जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा अधिक बढ़ जाने से वायु प्रदूषण के साथ वायु दूषित भी हो रहा है। इस कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई तरह की बीमारियों का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूषित हवा के कारण बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया, कमजोर दिल, साइनस, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं का प्रकोप अधिक बढ़ता जा रहा है। दूषित हवा में सांस लेने से बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है। जिस कारण इन्हें कई तरह की बीमारियों से जूझना पड़ता हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक गैस बच्चों के फेफड़े को बुरी तरह से प्रभावित करता है। जिस कारण फेफड़ों की कार्य क्षमता कम हो जाती है। जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। बता दें कि प्रदूषित हवा के कारण अस्थमा जैसी तमाम सांस से जुड़ी बीमारी बढ़ जाती है, जो फेफरा की कार्यक्षमता को काफी कमजोर बना देती है। इस कारण बच्चों को अन्य बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना देता है। इस वजह से आप अपने बच्चों को प्रदूषित हवा में भेजने से परहेज करें। यदी आप उन्हें घर से बाहर निकालने तो मास्क का उपयोग जरूर कराएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निमोनिया का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हवा दूषित होने के कारण बच्चों में निमोनिया जैसी कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से बच्चों के फेफड़े खराब होने लगते हैं। इस कारण बच्चे निमोनिया का शिकार जल्द ही होने लगते हैं। प्रदूषित हवा बच्चों के विकास में भी बाधा साबित होते देखा जा रहा है। इसलिए आप अपने बच्चों को प्रदूषित हवा में जाने से परहेज करें और उनका पूर्ण रूप से ख्याल रखें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: भारत का ये क्षेत्र बना देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/this-region-of-india-became-the-third-most-polluted-city-in-the-country/</link><pubDate>May 16, 2023, 5:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-4-7-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार गुरुग्राम और रोहतक के बाद राजस्थान का बीकानेर जिला सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा. देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अनुसार बीकान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार गुरुग्राम और रोहतक के बाद राजस्थान का बीकानेर जिला सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अनुसार बीकानेर में रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 का आकड़ा पार गया है जो राजस्थान का एकमात्र जिला रहा. बता दें कि देश के मुख्य 10 प्रदूषित शहरों में से राजस्थान के चार शहर शामिल रहे जिनमें से बीकानेर, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ रहे. वहीं यहां आंधी-तूफान के कारण बीते 24 घंटे में हवा में पार्टिकुलेट मैटर- 10 रहा जो सबसे अधिक वायु प्रदूषक रहा था. जानकारी के अनुसार आंधी और धूल भरी हवा की वजह से प्रदेश के 33 जिलों में एक भी ऐसा जिला नहीं था जहां सांस लेने के लिए अच्छी हवा बची हो. मौसम विभाग ने जहां एक तरफ अलर्ट जारी किया वहीं चिकित्सा विभाग ने भी सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्य प्रदूषित शहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सबसे प्रदूषित शहर गुरुग्राम में 306 एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा वहीं गुरुग्राम में 306, रोहतक में भी 306, बीकानेर में 305, श्रीगंगानगर में 261, सिरसा में 271, दिल्ली में 259, नोएडा में 258, सोनीपत में 257 और सीकर में 245 एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बरसात से वायु प्रदूषण में कमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्तमान में प्रदेश में पश्चिमी उत्सर्जन गतिशील है। बाढ़ के बाद कुछ जिलों में वर्षा और बूंदों के कारण धूल कण गिर गए थे, जिससे अधिक वायु प्रदूषण से राहत मिली। 33 जिलों में से 30 में सीपीसीबी का वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग सिस्टम लगा हुआ है। 16 जिलों में एक्यूआई 100 से 150 के बीच रहा था जो मध्यम स्तर का था। पांच जिलों में यह 150 से 200 के बीच रहा था और पांच जिलों में 200 से अधिक था। केवल चार जिलों में एक्यूआई 50 से 100 के बीच था। किसी भी जिले में एक्यूआई 50 से कम नहीं था।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>