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       <title>Today ajab gajab News | Latest ajab gajab News | Breaking ajab gajab News in English | Latest ajab gajab News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का ajab gajab समाचार:Today ajab gajab News ,Latest ajab gajab News,Aaj Ka Samachar ,ajab gajab समाचार ,Breaking ajab gajab News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/ajab-gajab</link>
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        </image><item><title>Ajab Gajab: पत्नी बनी नागिन, बेटी संग मिलकर करवा चौथे के दिन पति को बनाया शिकार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/ajab-gajab-wife-became-a-serpent-made-her-husband-along-with-daughter-a-victim-on-the-fourth-day/</link><pubDate>October 21, 2024, 7:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/PIT.webp</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। बीकानेर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है। जहां एक पत्नी ने अपने ही पति को जान से मारने की योजना बनाई। इस योजना को अंजाम देने के लिए पत्नी ने करवा चौथ का दिन चुना। महिला ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर अपने पति को मारने की...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; बीकानेर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है। जहां एक पत्नी ने अपने ही पति को जान से मारने की योजना बनाई। इस योजना को अंजाम देने के लिए पत्नी ने करवा चौथ का दिन चुना। महिला ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर अपने पति को मारने की सोची।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति को लोहे की रॉड से पीटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महिला और उसकी बेटियों ने लोहे की रॉड से पति की जमकर पिटाई की। महिला और उसकी बेटियों ने मिलकर करवाचौथ पर दिन अपने पति की बेहरमी से पिटाई की। घरेलू विवाद के चलते महिला ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर अपने पति की लोहे री रॉड से पिटाई की। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसे देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उसकी पत्नी और बेटियों ने पति को बचने का मौका तक नहीं दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति को कई चोटे आई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पत्नी-बेटियों ने मिलकर पति को बेरहमी से पीटा। जिसमे वह बुरी तरह से घायल हो गया। पीड़ित पति ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई पुराना विवाद हो सकता है। इस हमले में पति को कई गंभीर चोटें आई है। फिलहाल पीड़ित का पीबीएम के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। पीड़ित पति इंद्रा कॉलोनी का निवासी है। पीड़ित पति की पहचान जितेंद्र सिंह के रुप में हुई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Shocked: डॉक्टरों के उड़े होश, मां के पेट से गायब हुआ बच्चा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/doctors-shocked-child-missing-from-mothers-womb/</link><pubDate>September 30, 2024, 3:17 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/ety-300x169.webp</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। भारत-पाक की सीमा पर स्थित बाड़मेर के एक निजी अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां डिलीवरी का एक केस देखकर डॉक्टरों की टीम के भी होश उड़ गए। डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया की महिला की बच्चेदानी से बच्चा ही गायब हो ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारत-पाक की सीमा पर स्थित बाड़मेर के एक निजी अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां डिलीवरी का एक केस देखकर डॉक्टरों की टीम के भी होश उड़ गए। डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया की महिला की बच्चेदानी से बच्चा ही गायब हो गया है। ऐसा केस करोड़ो डिलीवरी में से एक होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यदि गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है और बच्चा 8 महीने तक जिंदा रहता है, तो इसे एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी कहा जाता है। ऐसा ही एक केस बाड़मेर के चौहटन तहसील के बींजासर से सामने आया है। जहां की स्थानीय निवासी लीला देवी की अचानक तबियत बिगड़ने से उसे चौहटन के एक अस्पताल से जिला मुख्यालय के शिव अस्पताल लाया गया। जहां ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम के सामने एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का केस आया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लीला का ऑपरेशन किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा केस करोड़ो महिलाओं में से किसी एक के साथ होता है। ऐसे में अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मंजू बामनिया ने डॉक्टर स्नेहल कटुडिया और डॉक्टर हरीश सेजू की सहायता से लीला का ऑपरेशन किया। इस तरह के केस में मां की जान बचाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टरों की टीम ने बेहद बारीकी से ऑपरेशन को अंजाम देकर लीला की जान बचा ली। अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर मंजू बामनिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि अगर गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है और बच्चा 8 महीने तक जीवित रहता है, तो उसे एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों में से एक केस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस तरह के मामले भी लाखों में से किसी एक का होता हैं। इसी के एक अन्य प्रकार, जिसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है। यह डिलीवरी का बेहद दुर्लभ और असामान्य प्रकार है। लीला का केस भी इस तरह का था। जिसे समय रहते डॉक्टरों ने बचा लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी, लेकिन बाड़मेर के डॉक्टरों ने मेहनत कर मां की जान को बचा लिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Ajab Gajab: बच्चा किसी और का, पालन पोषण किसी और ने किया, मामले जानते ही होश उड़ जाएंगे</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/ajab-gajab-the-child-is-someone-elses-someone-else-brought-him-up-you-will-be-shocked-to-know-the-matter/</link><pubDate>July 10, 2024, 11:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/FLJ-300x169.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। शादी के बाद हर कपल की यह इच्छा होती है कि उन्हें माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हो। अपने बच्चे को इस संसार में देख उन्हें अत्यंत खुशी मिलती है। 9 महीने तक बच्चें को अपने गर्भ में पालती है और उसे इस संसार में लाने के लिए एक माँ के लिए ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; शादी के बाद हर कपल की यह इच्छा होती है कि उन्हें माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हो। अपने बच्चे को इस संसार में देख उन्हें अत्यंत खुशी मिलती है। 9 महीने तक बच्चें को अपने गर्भ में पालती है और उसे इस संसार में लाने के लिए एक माँ के लिए बड़ी गर्व की बात होती है। अमेरिका में भी एक दंपति माता-पिता बनने पर बहुत खुश था, लेकिन जरा सोचिए तब क्या होगा जब पिता को ये पता चले कि यह बेटा उसका नहीं किसी दूसरे का है। ऐसा ही एक मामला अमेरिका से सामने आ रहा है जिसमें बच्चा किसी और ने पाला है लेकिन असल में बच्चा है किसी और का।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए क्या है मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूनीलैंड वेबसाइट के रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला अमेरिका के ऊटाह में सॉल्ट लेक का बताया जा रहा है। जहां एक दंपति को बेटा होने की बहुत ख़ुशी थी। जब उनका बेटा 10 साल का हुआ, तब एक दिन पति-पत्नि ने मजाक ही मजाक में अपने परिवार के DNA जाँच करवाने को सोची। आप को बता दें कि दंपति वैनर और डोना जॉनसन का पहले से भी एक बेटा था, लेकिन उन्हें एक और बच्चें की इच्छा हुई। साल 2007 में आईवीएफ ट्रीटमेंट के जरिए उन्होंने एक और बच्चे की ख्वाहिश को पूरा करने की सोचा। जिसके बाद उन्हें एक बेटा प्राप्त हुआ, लेकिन जब 10 साल बाद उन्होंने ’23andMe’ नामक DNA की जाँच करवाई, तो परिणाम देखते ही पिता के होश उड़ गए। रिजल्ट से पता चला कि वह उसका बेटा नहीं है। माता-पिता और बच्चों में कोई रक्त संबंध नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हैरत कर देने वाली DNA रिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;DNA रिपोर्ट में दोनों भाइयों में कोई संबंध नहीं है ,लेकिन दोनों की मां डोना ही है। बस पिता को ही अलग करार दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक छोटे बेटे के पिता वैनर नहीं हैं। सच्चाई जानने के लिए उन्होंने दूसरी जगह से दोबारा टेस्ट करवाया फिर भी रिपोर्ट पहले जैसे ही आई। रिपोर्ट को देखते ही दंपति के होश उड़ गए और उन्होंने दुखी मन से अपने छोटे बेटेको भी यहीं बात बताई। छोटे बेटे को इस बात को स्वीकार करने में समय लगा। अंततः उसने अपनी समझदारी का परिचय देते हए पिता की बातों को समझा। इस बात से नाराज होकर कपल ने अस्पताल पर केस कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Eye Care Tips: क्या आप भी गलत तरीके से लगाते है काजल, आज ही जान लें सही तरीका</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/eye-care-tips-do-you-also-apply-kajal-in-the-wrong-way-know-the-right-way-today-itself/</link><pubDate>June 25, 2024, 7:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/download-3-3-300x175.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर : कहा जाता है कि जब कोई महिला काजल लगाती है तो उनकी सुंदरता में चार चांद लग जाता है। ऐसे में क्या आपको काजल लगाने का सही तरीका मालूम है। ऐसा तो नहीं कि आप सुंदर दिखने के चक्कर में अपने आंखो को काजल लगाने के गलत तरीकों से खराब कर रहे हैं। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर &lt;/strong&gt;: कहा जाता है कि जब कोई महिला काजल लगाती है तो उनकी सुंदरता में चार चांद लग जाता है। ऐसे में क्या आपको काजल लगाने का सही तरीका मालूम है। ऐसा तो नहीं कि आप सुंदर दिखने के चक्कर में अपने आंखो को काजल लगाने के गलत तरीकों से खराब कर रहे हैं। बता दें कि अक्सर महिलाओं को आई मेकअप करना बहुत शौक होता है और खासतौर पर काजल लगाने का. काजल न केवल उनकी आंखों की सुंदरता को बढ़ाता है बल्कि उनकी खूबसूरती में भी और निखार लाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गलत तरीका कर सकता है आपके आंख को ख़राब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कहा जाता है कि अगर आप काजल यूज करते है तो इससे आपकी आंखें बड़ी और खूबसूरत दिखती हैं, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है. यह एक आसान और प्रभावी तरीका है जिससे उनकी आंखों में चमक और गहराई आती है. इसलिए अक्सर महिलाएं अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए आंखों में काजल तो जरूर लगाती है। लेकिन कभी कभी वो अंजाने में कुछ गलतियां कर बैठती है, जिसका उन्हें पता तक नहीं होता और उनकी आंखें खराब हो जाती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केमिकल युक्त काजल लगाने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर आप केमिकल युक्त काजल का इस्तेमाल करते है तो आपकी आंखों में जलन भी हो सकती है, तो वहीं रोजाना काजल लगाने वालों को ड्राई आई की परेशानी, खुजली या जलन हो सकती है, इसलिए आपको अच्छी क्वालिटी का काजल खरीदना चाहिए और इसको सही तरीके से लगाना भी चाहिए. ऐसे में चलिए जानते हैं काजल लगाने के सही तरीकें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;काजल लगाने का सही तरीका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आंखों की सुरक्षा को देखते हुए हमेशा बेहतर क्वालिटी का काजल यूज करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;काजल खरीदने से पहले उसका एक्सपायरी डेट देखें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;काजल लगाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें. गंदी उगलियों से बैक्टीरिया बड़ी आसानी से आंखों में प्रवेश कर सकते हैं और इससे आपको इंफेक्शन हो सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आंखों की वॉटरलाइन में काजल लगाने से परहेज करें, इससे आखों में खुजली, जलन, ड्राई आइज की परेशानी होती है. इसलिए आइलिड्स के बाहरी किनारों पर ही काजल का यूज करें .&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कभी भी रात को काजल लगा कर नहीं सोएं, अगर आप ऐसा करते है तो आपको इंफेक्शन, इर्रिटेशन जैसी परेशानी हो सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सबसे अहम बात आप अपने मेकअप प्रोडक्ट्स को किसी और से शेयर करने से बचें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>LokSabha Election 2024 : राजस्थान के ऐसे 12 लोकसभा उम्मीदवार जो बने चर्चा का विषय, जानें क्या हैं इनमें ऐसा खास</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/lok-sabha-election-2024-12-lok-sabha-candidates-from-rajasthan-who-became-the-topic-of-discussion-know-what-is-so-special-about-them/</link><pubDate>April 2, 2024, 6:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-6-1-300x169.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने बिगुल बजा दिया है। प्रदेश में सभी 25 लोकसभा सीटों पर दो चरणों में वोटिंग होगी। पहले फेज में 12 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होगा। ऐसे में पहले चरण में होने वाले 12 सीटों पर मतदान को लेकर चर्चा खूब है। इन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने बिगुल बजा दिया है। प्रदेश में सभी 25 लोकसभा सीटों पर दो चरणों में वोटिंग होगी। पहले फेज में 12 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होगा। ऐसे में पहले चरण में होने वाले 12 सीटों पर मतदान को लेकर चर्चा खूब है। इन सीटों पर राजनीतिक दलों द्वारा घोषित उम्मीदवारों के अजब गजब संयोग सुनने को मिल रहे हैं। ऐसे में इन उम्मीदवारों की उम्र और शिक्षा को लेकर चर्चा अधिक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऐसा है उम्र और शिक्षा का आंकड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी और कांग्रेस से घोषित 12 सीटों पर उम्मीदवार के अलग-अलग किस्से हैं। तो आइए जानते हैं, क्या हैं ऐसा जो बन रहा है चर्चा का विषय। बात करें 12 सीटों पर घोषित बीजेपी-कांग्रेस उम्मीदवार की तो इन सभी उम्मीदवारों की उम्र और शिक्षा से कुछ ऐसे जानकारी सामने आ रही है, जो सभी को चौंका सकती है। अगर बात बीजेपी उम्मीदवारों की उम्र की करें तो सभी 12 बीजेपी उम्मीदवारों की औसत आयु 56.83 है. वहीं कांग्रेस उम्मीदवारों की उम्र का औसत बीजेपी के उम्मीदवारों के मुकाबले कम है. कांग्रेस के इन 12 उम्मीदवारों की औसत आयु 51.75 है. वहीं पहले फेज में सबसे कम और सबसे अधिक उम्र का उम्मीदवार कांग्रेस से ही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई उम्मीदवार कर चुके हैं LLB&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन 12 सीटों के उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इनमें 10वीं कक्षा से लेकर MBBS , MBA और लॉ ग्रेजुएट डिग्रीधारक भी चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं. करौली-धौलपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार भजनलाल जाटव सबसे कम पढ़ें है, वे दसवीं पास हैं. भरतपुर से बीजेपी के उम्मीदवार रामस्वरूप कोली भी हायर सैकेंडरी तक की पढ़ाई किए हैं. वहीं श्रीगंगानगर सीट से भाजपा की उम्मीदवार प्रियंका बैलाण स्नातक के साथ में MBA की डिग्री भी ले चुकी हैं. इसके अलावा नागौर से बीजेपी उम्मीदावर डॉ. ज्योति मिर्धा MBBS हैं. इन 12 लोकसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस-गठबंधन के उम्मीदवारों में कांग्रेस के 4 और भाजपा के तीन उम्मीदवार LLB पास हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें उम्मीदवारों की आयु का गणित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;12 सीटों के भाजपा उम्मीदवारों की औसत आयु 56.83 और कांग्रेस की उम्मीदवारों की औसत आयु 51.75 है. इसमें सबसे कम उम्र की उम्मीदवार कांग्रेस की भरतपुर से घोषित संजना जाटव है. इनकी उम्र महज 26 वर्ष है. वहीं बीजेपी में सबसे कम उम्र के उम्मीदवार की बात करें तो श्रीगंगानगर से घोषित उम्मीदवार प्रियंका बैलाण हैं. उनकी उम्र 34 वर्ष है. सबसे अधिक उम्र देखें तो कांग्रेस के झुंझुनूं से उम्मीदवार बृजेन्द्र ओला 73 वर्ष के हैं. सीकर से कांग्रेस और बीजेपी के दोनों उम्मीदवार क्रमश: अमराराम और सुमेधानंद सरस्वती की आयु 72-72 वर्ष है. बीकानेर से बीजेपी उम्मीदवार अर्जुन मेघवाल की उम्र 70 वर्ष है और दौसा से बीजेपी उम्मीदवार कन्हैयालाल की आयु 69 साल है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: एक ऐसा बावड़ी जिसका पानी कभी नहीं होता खत्म, श्रीयंत्र की आकृति</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/rajasthan-a-stepwell-whose-water-never-ends-the-shape-of-sriyantra/</link><pubDate>May 14, 2023, 12:23 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-11-4-300x169.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर में वैसे तो कई बावड़ियां हैं और इन बावड़ियों को लेकर खास मान्यताएं भी हैं। ऐसे में एक ऐसी बावड़ी है जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता है। यह बावड़ी श्री यंत्र और अष्ट कोणीय नुमा आकृति बनी है। इस अद्भुत बावड़ी की खासियत है कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बीकानेर&lt;/strong&gt;: राजस्थान के बीकानेर में वैसे तो कई बावड़ियां हैं और इन बावड़ियों को लेकर खास मान्यताएं भी हैं। ऐसे में एक ऐसी बावड़ी है जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता है। यह बावड़ी श्री यंत्र और अष्ट कोणीय नुमा आकृति बनी है। इस अद्भुत बावड़ी की खासियत है कि इस बावड़ी में श्री यंत्र की आकृति भी बनी हुई है जिसका काफी प्रभाव रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रघुनाथ सागर नाम से भी जाना जाता है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार इस इस बावड़ी में 35 सीढ़ियां है और 22 फुट गहरी है। बावड़ी के ऊपर ही पाँच छतरियाँ बनी हैं, जिनमें दो संगमरमर की हैं। उनमें रासलीला के चित्र अंकित है। बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर साधु-संत तप करते है। कहा जाता है कि इस बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर तप करने पर काफी प्रभाव और सिद्धि प्राप्त होती है।&lt;br&gt;यह बावड़ी को रघुनाथ सागर तालाब के नाम से जाना जाता है। इस तालाब का निर्माण 1696 में किया गया। इसे बीकानेर के प्रतिष्ठित मूँधड़ा परिवार की ओर से श्री गोपालजी के पौत्र रघुनाथ की पुण्य स्मृति में बनवाया गया। इसी कारण उस समय से यह रघुनाथसागर नाम से जाना जाता रहा है। क्योंकि मूँधड़ा जाति ने इसका निर्माण करवाया, इसलिए इसे मूँधड़ों का तालाब भी कहा जाता था। पहले यह फूलनाथ का तालाब नाम से प्रसिद्ध हुआ।&lt;/p&gt;
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