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       <title>Today Assembly Election News | Latest Assembly Election News | Breaking Assembly Election News in English | Latest Assembly Election News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Assembly Election समाचार:Today Assembly Election News ,Latest Assembly Election News,Aaj Ka Samachar ,Assembly Election समाचार ,Breaking Assembly Election News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/assembly-election</link>
        <lastBuildDate>June 15, 2026, 4:19 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Rajasthan Election: घर का सामान बेच तीतर सिंह ने भरा नामांकन, 32वीं बार उतरे चुनावी मैदान में</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/rajasthan-election-titar-singh-filed-nomination-by-selling-household-items-entered-the-electoral-fray-for-the-32nd-time/</link><pubDate>November 7, 2023, 11:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-10-4.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू है। प्रदेश भर में चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 30 अक्टूबर से शुरू होकर 6 नवंबर तक चली है। ऐसे में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की श्रीकरनपुर विधानसभा क्षेत्र से तीतर सिंह ने नामांकन भर...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू है। प्रदेश भर में चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 30 अक्टूबर से शुरू होकर 6 नवंबर तक चली है। ऐसे में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की श्रीकरनपुर विधानसभा क्षेत्र से तीतर सिंह ने नामांकन भरा है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि तीतर सिंह 32वीं बार चुनावी रणभेरी में उतरे हैं। तीतर सिंह का उम्र 78 वर्ष है और वह कहते हैं कि हार आदमी का हौसला तोड़ देती है लेकिन महज 78 साल के तीतर सिंह का हौसला तो पहाड़ों के चट्टान से भी ज्यादा मजबूत है। बता दें कि उनके जुनून के आगे हार का कद छोटा प्रतीत होता है। वहीं उन्हें लोकसभा चुनाव से लेकर सरपंच के चुनाव में महज 31 बार हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भी वह इस साल चुनावी मैदान में उतरे हैं। बता दें कि उन्होंने 32वीं बार करणपुर विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जमानत हर बार जप्त हुई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हर बार तीतर सिंह के जमानत जप्त हुई लेकिन उन पर चुनाव लड़ने का जोश हमेशा सवार रहा है। वह कहते हैं कि जनप्रतिनिधि बनकर वह गरीबों का कल्याण करना चाहते हैं और इसके साथ उनका कहना है कि इतने नामांकन भरने पर उनका नाम गिनीज बुक में रिकॉर्ड किया जाए। वहीं स्थानीय लोग तीतर सिंह को श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र का धरतीपकड़ भी कहने लगे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1985 में पहली बार चुनाव लड़े&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;तीतर सिंह श्रीकरनपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव 25 एफ गुलाबेवाला के स्थानीय निवासी हैं। उन्होंने पहली बार 1945 में विधानसभा चुनाव में पहला नामांकन भरा था। इसके पश्चात वह हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के साथ सरपंच और पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन पत्र भरते रहे हैं। वहीं अगर बात इनकी शिक्षा की करें तो इन्होंने केवल पांचवी तक की पढ़ाई की है लेकिन बढ़ते उम्र के साथ अब वह पढ़ना-लिखना भूल गए हैं लेकिन अपना हस्ताक्षर कर लेते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई बार बेची बकरियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि तीतर सिंह का परिवार जीविका उपार्जन के लिए दिहाड़ी मजदूरी कर काम चलता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार अपने नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए बकरियां और घर का सामान भी बेचना पड़ा। मौके पर तीतर सिंह ने बताया कि दो दर्जन बकरियां थी अब सिर्फ तीन बची हुई है। खास बात यह है कि इस साल के विधानसभा चुनाव में वह उधार और चंदा लेकर नामांकन दाखिल किए हैं। मौके पर तीतर सिंह बताते हैं कि बुजुर्ग होने के कारण उनके दोनों पुत्र ही उनका और उनकी पत्नी गुलाब कौर का सहारा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Election 2023 : चुनाव आयोग आगामी चुनाव को लेकर हुई सख्त,अनाब-शनाब पैसे खर्च करने पर लगी पाबंदी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/election/rajasthan-election-2023-election-commission-has-become-strict-regarding-the-upcoming-elections-there-is-a-ban-on-spending-money-illegally/</link><pubDate>October 16, 2023, 11:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-9-4-300x168.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर। भारत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार चुनाव आयोग काफी ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। चुनाव आयोग की सख्ती से उम्मीदवारों को काफी परेशानी होने वाली है। जी हां जहां पहले उम्मीदवार चुनाव में अनाब-शनाब पैसे खर्च करके कर...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;भारत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार चुनाव आयोग काफी ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। चुनाव आयोग की सख्ती से उम्मीदवारों को काफी परेशानी होने वाली है। जी हां जहां पहले उम्मीदवार चुनाव में अनाब-शनाब पैसे खर्च करके करोड़ों रुपये बहा देते थे। वहीं इस बार चुनाव आयोग ने ऐसे उम्मीदवारों के खर्चों पर लगाम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। चुनाव आयोग ने इस बार उम्मीदवारों के खर्चों की रेट लिस्ट तैयार की है। इस लिस्ट में चुनाव प्रचार के दौरान चाय, कॉफी, समोसा, रसगुल्ला, आइसक्रीम समेत प्रत्येक सामान के रेट तय किए गए हैं। अच्छी बात तो यह है कि चुनावी प्रचार के दौरान हुआ खर्च उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने प्रचार सामग्री और सभा में काम आने वाले सामान की भी कीमत निर्धारित कर दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खर्चे का आकलन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि चुनाव आयोग अपनी रेट लिस्ट के अनुसार ही उम्मीदवार के खर्चे का आकलन करेगा। दरअसल, चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये खर्च होते हैं इस बार ऐसा संभव नहीं हो सकेगा। इस बार चुनाव आयोग की तरफ से उम्मीदवारों के प्रत्येक खर्चे पर नजर रखी जाएगी। वहीं चुनाव आयोग की रेट लिस्ट में चाय 5 रुपये, फॉफी 13 रुपये, समोसा 12 रुपये, रसगुल्ला 210 प्रति किलो के हिसाब से खरीद सकता है। इसके अलावा अन्य सभी चीजों के रेट भी निर्धारित किए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निगरानी की व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि जिला निर्वाचन अधिकारी के तरफ से खर्चे की निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। सामान की भी रेट लिस्ट के अनुसार चुनावी सभा और कार्यक्रम में काम आने वाले सामान का किराया भी फिक्स किया गया है। एक प्लास्टिक की कुर्सी पांच रुपए, पाइप की कुर्सी तीन रुपये, वीआईपी कुर्सी 105 रुपये, लकड़ी की टेबल 53 रुपये, वीआईपी सोफा सेट का खर्चा 630 रुपये प्रत्येक दिन के हिसाब से जोड़ा जाएगा। इसके साथ खाद्य सामग्री पर नजर रखी जाएगी। इसमें आम 63 रुपये, केला 21 रुपये, सेव 84 रुपये, अंगूर 84 रुपये प्रति किलो के हिसाब से जोड़ा जाएगा। गन्ने का रस प्रति छोटा गिलास 10 रुपये, खाने के 71 रुपये प्रति प्लेट कीमत निर्धारित की गई है। आरओ के पानी की केन 20 लीटर की 20 रुपये, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम प्रिंट रेट पर खर्चे में जोड़े जाएंगे। इसके अलावा प्लास्टिक झंडा 2 रुपये, कपड़े के झंडे 11 रुपये, स्टीकर छोटा पांच रुपये, पोस्टर 11 रुपये, , कपड़ा और प्लास्टिक के 53 रुपये प्रति फिट, होर्डिंग 53 रुपये, पंपलेट 525 रुपये प्रति हजार के हिसाब से खर्चा उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यातायात में खर्च का ब्यौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके अलावा उम्मीदवार प्रतिदिन 5 सीटर कार का किराया 2625 से 3675 रुपये का खर्च कर सकता है। वहीं मिनी बस 20 सीटर 6300 रुपये, 35 सीटर बस का 8400 खर्चा किया जा सकता है। टेंपो 1260 रुपये, वीडियो वैन 5250 रुपये, वाहन चालक मजदूरी 630 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उम्मीदवार के खर्च में जोड़ा जाएगा। आपको बता दें कि चुनाव आयोग को खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य होता है। अगर उम्मीदवार खर्च का ब्योरा नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई भी हो सकता है। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में जिन उम्मीदवारों ने चुनावी खर्चे का ब्योरा नहीं दिया था, उनके खिलाफ चुनाव आयोग ने कार्रवाई की थी। चुनाव आयोग ने राजस्थान के 46 नेताओं को अयोग्य घोषित किया है और उन्हें चुनाव लड़ने पर रोक लगाई है।&lt;/p&gt;



&lt;h1 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h1&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Election 2023 : विप्र फाउंडेशन ने राजस्थान में मतदान तिथि बदलने की मांग क्यों शुरू कर दी, जानें वजह</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/rajasthan-election-2023-why-did-vipra-foundation-start-demanding-change-of-polling-date-in-rajasthan-know-the-reason/</link><pubDate>October 10, 2023, 4:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-1-1-300x196.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा कल (सोमवार) चुनाव आयोग द्वारा जारी कर दिया गया है। ऐसे में विप्र फाउंडेशन ने मतदान तिथि बदलने की मांग शुरू कर दी है। विप्र फाउंडेशन ने देवउठनी एकादशी ( 23 नवंबर) को देखते हुए यह मांग की है। व...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा कल (सोमवार) चुनाव आयोग द्वारा जारी कर दिया गया है। ऐसे में विप्र फाउंडेशन ने मतदान तिथि बदलने की मांग शुरू कर दी है। विप्र फाउंडेशन ने देवउठनी एकादशी ( 23 नवंबर) को देखते हुए यह मांग की है। वहीं राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग को असंस्कृत बताते हुए चुनाव आयोग से वोटिंग तिथि पर पुनर्विचार करने का विनती किया है। आपको बता दें कि विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा द्वारा देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को पत्र लिखा गया जिसमें मतदान तिथि में बदलाव की मांग की गई है. वहीं राजस्थान में लोगों का यह पर्व देव प्रबोधिनी एकादशी का अहम महत्व बताया जाता है , ऐसे में यह पर्व सनातन धर्म में भी सबसे उत्सवी माना जाता है। इस पर्व के चार माह बाद शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यो की शुभारंभ हो जाती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों लोग होंगे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि ओझा ने पत्र में आगे लिखा है कि राजस्थान में देवउठनी एकादशी पर हजारों शादियां होने की अनुमान हैं, जिनमें लाखों लोगों के पहुंचने की ख़बर आ रही है. वहीं शादी सीजन में मैरिज गार्डन, वाहनों आदि की डिमांड बढ़ जाती है। वहीं साथ में उन्होंने पत्र में लिखा कि चुनाव आयोग के कई मतदान केंद्र विवाह स्थलों पर ही बने हुए हैं उनकी बुकिंग अब रद्द होगी । इन सब के बीच शादी विवाह वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में उन्होंने चुनाव आयोग को आग्रह करते हुए पत्र में लिखा कि मतदान तिथि को बदलने की कोशिश करे। साथ में उन्होंने मीडिया से बात चित करते हुए कहा कि राजस्थान में चुनाव की तिथि जरूर बदला जाएगा क्योंकि जिस दिन प्रदेश में चुनाव होना है उस तिथि पर हजारों की संख्या में विवाह का आयोजन है. जिस कारण वोटिंग में परेशानी होने का पूरा अनुमान है , इसलिए मैं चुनाव आयोग को पत्र लिख चुका हूं, जिसमे वोटिंग तिथि में बदलाव की मांग की गई हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनाव तिथि का लेखा-जोखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य में इस साल 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. वहीं चुनाव की तिथि सामने आने से प्रदेश में आचार संहिता भी शुरू हो गया है. ऐसे में चुनाव आयोग ने कहा है कि राज्य में चुनाव के परिणाम भी 3 दिसंबर को घोषित किया जाएगा साथ में उन्होंने सभी अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा है राज्य में किसी तरह की कोई अनुशासनहीनता बर्दास्त नहीं किया जाएगा , इसलिए अलर्ट हो कर अपना कार्य शुरू कर दें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र की क्या है चुनावी माहौल, इन पार्टियों के बीच होगा तगड़ा मुकाबला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/election/rajasthan-what-is-the-election-atmosphere-of-jhadol-assembly-constituency-there-will-be-a-tough-fight-between-these-parties/</link><pubDate>July 13, 2023, 10:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-6-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर। झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र राजस्थान का एक विधानसभा क्षेत्र है। झाड़ोल राजस्थान के उदयपुर जिले और दक्षिण क्षेत्र में आता है। इसे ग्रामीण सीट की श्रेणी में रखा गया है. इस सीट पर कुल 2,44,090 मतदाता हैं, जिनमें 1,24,510 पुरुष मतदाता और 1,19,58...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र राजस्थान का एक विधानसभा क्षेत्र है। झाड़ोल राजस्थान के उदयपुर जिले और दक्षिण क्षेत्र में आता है। इसे ग्रामीण सीट की श्रेणी में रखा गया है. इस सीट पर कुल 2,44,090 मतदाता हैं, जिनमें 1,24,510 पुरुष मतदाता और 1,19,580 महिला मतदाता शामिल हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;झाड़ोल विधानसभा आदिवासी क्षेत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि उदयपुर की झाड़ोल विधानसभा संख्या 150 एक सुरक्षित अनुसूचित जनजाति सीट है. इस सीट पर कुल आबादी का 83.46 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति जबकि 1.87 प्रतिशत अनुसूचित जाति है. 2017 की वोटर लिस्ट के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 1,87,210 है और 279 पोलिंग बूथ हैं. झाड़ोल एक बेहद ही पिछड़ा क्षेत्र है. झाड़ोल में पानी की सबसे अधिक समस्या है. आकोदड़ा बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद गर्मी में ग्रमीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है. जिस क्षेत्र में बांध है, वहां के ग्रामीणों को पानी नहीं मिलता.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2008 में पहली बार हुआ चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि 2008 के झाड़ोल में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे. जिसमे बीजेपी के तरफ से रहें उम्मीदवार 41 वर्ष के बाबू लाल खराड़ी की 37 प्रतिशत से जीत हुई थी. जबकि आईएनसी से उम्मीदवार रहें हिरा लाल को 31. 51 प्रतिशत वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर आईएनडी स्वंत्र रही जिन्हे 11. 63 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ. वहीं चौथे स्थान पर बसपा रही। जिन्हें सिर्फ 2.69% प्रतिशत वोट हासिल हुए. 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार रहें हीर लाल दरांगी की 42. 13 प्रतिशत वोट से जीत हुई. वहीं भाजपा की तरफ से बाबू लाल खारड़ी ही उम्मीदवार रहे जिन्हे इस बार 39. 2 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ. अन्य पार्टियों की बात करें तो नोटा को 4.28 प्रतिशत, सीपीएम को 3. 18 प्रतिशत, धर्मेंद्र वढेरा को 2.42 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ. 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बाबू लाल ही उम्मीदवार रहें और उन्हें 44.52 प्रतिशत से जीत प्राप्त हुई. वहीं कांग्रेस जो 2013 झाड़ोल विधानसभा चुनाव में जीती थी. उसे 37.93 प्रतिशत वोट मिला जिसके बाद उसे हार का सामना करना पड़ा. वहीं दूसरी पार्टियों की बात करें तो सीपीएम को 5.34 प्रतिशत वोट, नोटा को 3.79 प्रतिशत वोट. आईएनडी इंडिपेंडेंट को 3.16 प्रतिशत वोटर बहुजन समाज पार्टी को 2.93% और आम आदमी पार्टी को 2.33 प्रतिशत वोट मिला&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आगामी विधानसभा चुनाव की स्थति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टियों के बीच जमकर मुकाबला होने वाला है. सवाल कई सारे है. क्या 2018 विधानसभा चुनाव में एंट्री करने के बाद झाड़ोल से आम आदमी पार्टी लड़ेगी? और क्या एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आने का सिलसिला जारी रहेगा? या ये सिलसिला आगामी विधानसभा चुनाव में खत्म हो जाएगा। ये तो आने वाला समय ही बताएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सुधांशु त्रिवेदी ने राजस्थान सरकार पर कसा तंज, कहा- अब तो पूरा राजस्थान कह रहा है कि गहलोत तेरी खैर नहीं</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/sudhanshu-trivedi-taunted-the-rajasthan-government-said-now-the-whole-of-rajasthan-is-saying-that-gehlot-is-not-well-for-you/</link><pubDate>June 24, 2023, 11:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-24T045551.348-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान के माध्यम से बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी 24 जून को राजस्थान पहुंचे। यहां आने के बाद उन्होंने जोधपुर का रुख किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। सुधांशु...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारतीय जनता पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान के माध्यम से बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी 24 जून को राजस्थान पहुंचे। यहां आने के बाद उन्होंने जोधपुर का रुख किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुधांशु त्रिवेदी पहुंचे जोधपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के 9 सालों के शासन की उपलब्धि के उपलक्ष्य में बीजेपी द्वारा सम्मलेन का आयोजन किया गया था. इसी महाजनसंपर्क अभियान में शामिल होने के लिए शनिवार को बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी राजस्थान के जोधपुर जिले में आएं. इस दौरान उन्होंने एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर जवाब देते हुए राज्य सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर अपनी सरकार बनाएगी। वहीं लोकसभा चुनावों में भी यहां की सभी सीटों पर बीजेपी का परचम लहराएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीक्रेट हाउस में पत्रकारों से की बातचीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि जोधपुर के सीक्रेट हाउस में डॉ. त्रिवेदी ने पत्रकारों से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में ही विकास हुआ है। यह वह दौर है जब गूगल और अमेजॉन जैसी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं। एक पत्रकार द्वारा मुफ्त सरकारी योजना पर सवाल पूछे पर उन्होंने कहा कि चुनावों के चलते गहलोत सरकार ऐसे वादे करती है, लेकिन कांग्रेस एक भी वादे को पूरा नहीं कर पाई।अब तो पूरा राजस्थान कह रहा है कि गहलोत तेरी खैर नहीं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत भी मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहें। बता दें कि सुबह 9.30 बजे डॉ. सुधांशु त्रिवेदी जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>