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       <title>Today Astrology Today In Hindi News | Latest Astrology Today In Hindi News | Breaking Astrology Today In Hindi News in English | Latest Astrology Today In Hindi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Astrology Today In Hindi समाचार:Today Astrology Today In Hindi News ,Latest Astrology Today In Hindi News,Aaj Ka Samachar ,Astrology Today In Hindi समाचार ,Breaking Astrology Today In Hindi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/astrology-today-in-hindi</link>
        <lastBuildDate>April 8, 2026, 5:44 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Khatu Shyam Mela : आज से शुरू होगा खाटू श्याम में मेला, इस बार भक्त करेंगे बाबा का खास दर्शन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/fair-will-start-in-khatu-shyam-from-today-this-time-devotees-will-have-special-darshan-of-baba/</link><pubDate>March 11, 2024, 2:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-15.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर में आज यानी 11 मार्च से फाल्गुनी लक्खी मेले का आयोजन होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन, पुलिस और मंदिर कमेटी की तैयारी लगातार चल रही है। खास बात यह है कि इस साल लग रहे मेले में भक्तों क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर में आज यानी 11 मार्च से फाल्गुनी लक्खी मेले का आयोजन होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन, पुलिस और मंदिर कमेटी की तैयारी लगातार चल रही है। खास बात यह है कि इस साल लग रहे मेले में भक्तों को लखदातारी खाटू नरेश के दरबार में दिल्ली के इंडिया गेट की झांकी देखने को मिलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सजावट के लिए बंगाल से बुलाए गए 125 कारीगर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज सोमवार यानी 11 मार्च से खाटू श्याम मंदिर में लक्खी मेले का आगाज होने जा रहा है। इस साल लगने वाले लक्खी मेले में भक्तों को कुछ अलग ही देखने को मिलेगा। इस बार भक्तों को लखदातारी खाटू नरेश के दरबार में दिल्ली के इंडिया गेट की झांकी का दीदार करने का मौका मिलेगा। वहीं मंदिर प्रांगण में भक्तों को भगवान गणेश, ऊं, राधा-कृष्ण, मां सरस्वती, माता वैष्णों आदि झांकियों के साथ-साथ फूल बंगले के भी दर्शन होंगे। श्री श्याम मंदिर कमेटी की तरफ से इस सजावट को लेकर बंगाल से 125 के आसपास कारीगर को बुलाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंदिर की सजावट 14 मार्च तक होगी पूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बंगाल से आए कारीगर पांच मार्च से दिन-रात मंदिर की सजावट में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर की पूरी सजावट 14 मार्च के आसपास पूरी हो जाएगी। मंदिर कमेटी की तरफ से अब तक चार धाम, भगवान श्री कृष्ण, शीश महल, फूल बंगला, एवं मयुर, गजराज, राज महल, तिरूपति मंदिर, श्याम बाबा की आराध्य देवी सिंह वाहिनी मां दुर्गा, चार धाम आदि झांकियों से बाबा का दरबार सजवाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बंगाल के कारीगरों को सजाने का है विशेष हुनर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बंगाल के कारीगरों को मंदिर आदि को सजाने का विशेष हुनर है। श्याम मंदिर को सजा रहे कारीगर ओडिसा का जगन्नाथ मंदिर, तिरूपति बालाजी मंदिर, माता वैष्णों देवी, चिंतापूर्णी मंदिर, मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर आदि को सजा चुके हैं ।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Basant Panchami 2024: बसंत पंचमी आज, मां सरस्वती को लगाए ये भोग</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/basant-panchami-2024-basant-panchami-today-offer-these-offerings-to-mother-saraswati/</link><pubDate>February 14, 2024, 2:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-18-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर । हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। ऐसे में आज देश भर में सरस्वती पूजा मनाया जा रहा है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा को समर्पित है। धार्म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर ।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। ऐसे में आज देश भर में सरस्वती पूजा मनाया जा रहा है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती भगवान ब्रह्मा के मुख से प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;माघ माह की शुक्ल पंचमी 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट पर प्रारंभ होगी। यह तिथि भी 14 फरवरी को 12:09 बजे समाप्त हो रही है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 14 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:01 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जरूर चढ़ाएं ये चीजें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंचमी के दिन पूजा के दौरान बच्चों को मां सरस्वती को पीले फूल, केसर लॉलीपॉप, चंदन, हल्दी और अक्षत चढ़ाना चाहिए। मां सरस्वती को बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐसे में पूजा के पास पेन और फोटोकॉपियर जैसी शैक्षणिक वस्तुएं भी होनी चाहिए। इससे साधक की बुद्धि बढ़ती है और उसकी याददाश्त भी बेहतर होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये वस्तुएं प्रदान करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बसंत पंचमी पूजा के दौरान मां सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति पर पीले वस्त्र भी चढ़ाने चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र पहनने से भी साधक पर मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों का आनंद लें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वसंती पंचमी के दिन मां सरस्वती को बूंदी का प्रसाद चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन मां सरस्वती को बूंदी का भोग लगाने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही देवी को मीठे पीले चावल और पीली मिठाई का भोग लगाया जाता है. इससे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद देती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Karva Chauth 2023: करवा चौथ कल, जाने पूजन का शुभ मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/karva-chauth-2023-karva-chauth-tomorrow-know-the-auspicious-time-for-worship/</link><pubDate>October 31, 2023, 9:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-11-2-225x300.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देश भर में त्योहारी मौसम की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में करवा चौथ व्रत की बात करें तो पूरे देश में करवा चौथ एक नवंबर यानी बुधवार को मनाया जाएगा। पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त बुधवार शाम 7:30 से 10:20 बजे तक बताया गया है। वहीं चांद अपनी अलौकिक सु...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में त्योहारी मौसम की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में करवा चौथ व्रत की बात करें तो पूरे देश में करवा चौथ एक नवंबर यानी बुधवार को मनाया जाएगा। पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त बुधवार शाम 7:30 से 10:20 बजे तक बताया गया है। वहीं चांद अपनी अलौकिक सुंदरता के साथ रात 8:26 बजे पर दिखाई देगा। इस त्योहार पर महिलाएं निर्जल और निराहार रहकर वर्त रखेंगी। सुहागिन महिलाएं रात को चांद देखने के बाद पूजा-अर्चना कर व्रत खोलेंगी। पौराणिक दृश्टिकोण से बताया जाता है कि सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना करने के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खास संयोग का अनुमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिष आचार्य बताते हैं कि इस साल करवा चौथ के अवसर पर खास संयोग बनने जा रहा है। मौके पर उन्होंने बताया कि करवा चौथ के व्रत के समय सर्वार्थ सिद्धि का संयोग बनेगा। इसके साथ ही ज्योतिष आचार्य बताते हैं कि करवा चौथ विशेष संयोग में होने के वजह से महिलाओं के लिए समृद्धि दायक साबित होने वाला है। उन्होंने बताया कि करवा चौथ के दिन सुबह 3:58 से शाम 4:34 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह राशि में रहेंगे कुछ ग्रह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इस साल करवा चौथ के शुभ अवसर पर 100 साल बाद तुला राशि में तीन ग्रहों को रहने का संयोग बन रहा है। प्रमुख ग्रहों में मंगल, सूर्य और बुध शामिल है। तमाम ज्योतिष के अनुसार बताया जा रहा है कि इस करवा चौथ के शुभ अवसर पर 100 साल बाद त्रिग्रही योग बनेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा पाठ के लिए महत्वपूर्ण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल करवा चौथ व्रत पर सूर्य और बुध ग्रह एकसाथ होने के वजह से पंच महापुरुष योग भी बनेगा। इस अवसर पर पूजा-पाठ करना पवित्र बताया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महिलाएं की तैयारी जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सभी महिलाएं करवा चौथ व्रत को लेकर तैयारी में जुटी हुई है। वहीं बाजारों में अधिक रौनक भी बढ़ते हुए देखा जा रहा है। महिलाएं की खरीदारी जमकर चल रही है। वहीं भोग के लिए मिठाई और लड्डू भी बनाया जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan : चंद्र ग्रहण के साये में मनेगी इस साल की शरद पूर्णिमा, जानिए ग्रहण से जुड़ी…</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/rajasthan-this-years-sharad-purnima-will-be-celebrated-under-the-shadow-of-lunar-eclipse-know-about-the-eclipse/</link><pubDate>October 27, 2023, 5:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-4-12-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। हिंदू धर्म में अश्विन शुक्ल पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नामों से जाना जाता है। वर्ष में 12 पूर्णिमा होते हैं जिसमें शरद पूर्णिमा को सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। इस पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। माना जाता है कि इस पू...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में अश्विन शुक्ल पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नामों से जाना जाता है। वर्ष में 12 पूर्णिमा होते हैं जिसमें शरद पूर्णिमा को सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। इस पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। माना जाता है कि इस पूर्णिमा पर ही भगवान कृष्ण लला ने ब्रजमंडल में गोपियों के साथ रासलीला रचाई थी। इसलिए शरद पूर्णिमा को &amp;#8220;रास पूर्णिमा&amp;#8221; भी कहते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस अवसर पर समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी। इस पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी के पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ में मां लक्ष्मी के आशीर्वाद के रूप में सुख-समृद्धि भी मिलती हैं । बात करें इस साल शरद पूर्णिमा की तो इस साल शरद पूर्णिमा पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने वाला है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनिवार को शरद पूर्णिमा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर ग्रहण का साया परने जा रहा है। इस साल शरद पूर्णिमा शनिवार को हैं। बात करें पूर्णिमा की तिथि की तो शनिवार को सुबह 4:17 पर पूर्णिमा शुरू होगी और इसकी समापन रविवार को दोपहर 1:53 पर होगा लेकिन शनिवार रात 1:14 बजे से मध्य रात्रि 2:28 तक चंद्र ग्रहण का साया बना रहेगा। शनिवार शाम 4:14 से चंद्र ग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद रहेंगे। बता दें कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर सभी मंदिरों में विशेष पूजा पाठ का आयोजन किया जाता है। वहीं लोग शरद पूर्णिमा के मौके पर घरों में खीर बनाकर चांदनी रात में आसमान के नीचे रखते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आचार्य शिवदयाल ने क्या बताया?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा को लेकर ज्योतिष आचार्य शिवदयाल शास्त्री ने बताया कि इस साल शरद पूर्णिमा पर खण्डग्रास चंद्रग्रहण उपछाया रात्रि 11:30 से शुरू होगी। शनिवार की रात के उपरांत 29 अक्टूबर की तिथि लगते हैं रात को 1: 14 से रात्रि 2:28 तक चंद्र ग्रहण रहेगा। शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर यह सूतक पूरे देश में मान्य होगा। उन्होंने बताया कि सूतक काल शनिवार शाम 4:14 पर शुरू हो जाएगा। इस दौरान रोगी, वृद्ध, बालक, बच्चे और गर्भवती महिलाएं को छोड़कर सूतक के समय भोजन, शयन, मूर्ति पूजन पर निषेध रहेगा। उन्होंने बताया कि अगर ग्रहण के दौरान दान, पूजन, हवन विशेष करते हैं तो विशेष फलदायी माना जाता है। ज्योतिष आचार्य ने यह भी स्पष्ट तौर पर बताया कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं को शांत भाव से ईश्वर और मां दुर्गा का भजन-कीर्तन करना अच्छा माना जाता हैं। वहीं ग्रहण समाप्ति के बाद अन्न अथवा वस्त्र दान करने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विशेषज्ञ मीना रानी का कहना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ ध्यान योगी विशेषज्ञ मीना रानी गौतम बताती हैं कि इस साल शरद पूर्णिमा शनिवार शाम 7:30 बजे से 9:15 के बीच में मेडिटेशन करना अच्छा माना जाएगा। इस अवधि के दौरान अगर कोई व्यक्ति ध्यान के माध्यम से चंद्रलोक की यात्रा करना चाहता है तो वह ऐसा करने में सफल होगा। माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में अगर कोई व्यक्ति सुई और धागा पिरोता है तो उसके घर में सुख-समृद्धि और शांति अवश्य आती है।&lt;/p&gt;
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