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       <title>Today Atal Bihari Vajpayee News | Latest Atal Bihari Vajpayee News | Breaking Atal Bihari Vajpayee News in English | Latest Atal Bihari Vajpayee News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Atal Bihari Vajpayee समाचार:Today Atal Bihari Vajpayee News ,Latest Atal Bihari Vajpayee News,Aaj Ka Samachar ,Atal Bihari Vajpayee समाचार ,Breaking Atal Bihari Vajpayee News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का बदला नाम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/big-decision-of-cm-bhajan-lal-name-of-parvati-kalisindh-chambal-link-project-changed/</link><pubDate>January 23, 2025, 10:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/cm.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का नाम बदलकर दिया है। बुधवार पार्वती-कालीसिंध-चंबल को रामजल सेतु लिंक परियोजना कर दिया है। पिछले साल 17 दिसंबर को संशोधित पी.के.सी परियोजना के ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का नाम बदलकर दिया है। बुधवार पार्वती-कालीसिंध-चंबल को रामजल सेतु लिंक परियोजना कर दिया है। पिछले साल 17 दिसंबर को संशोधित पी.के.सी परियोजना के मेमोरेंडम ऑफ असोसिएशन (एमओए) के मौके पर नाम बदला है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुल को एक छोर दूसरे से जोड़ा था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों का जल राम सेतु जल संकल्प कलश में डाला गया था। भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर रामजल सेतु लिंक परियोजना का नामकरण करने के बाद इसका पोस्टर जारी किया था। सीएम भजनलाल ने अपने बयान में कहा कि पिछले साल आज ही के दिन 500 साल के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजमान हुए थे। भगवान श्रीराम ने सत्य की जीत के लिए समुद्र पर पुल बनाकर एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;40 फीसदी आबादी को पानी मिलेगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनसे प्रेरणा लेते हुए नदियों को जोड़ने की यह महत्वाकांक्षी परियोजना है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और मध्य प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए लाई गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोड़ने के सपने को साकार करते हुए राम सेतु जल परियोजना के पूरा होने पर राज्य की 40 फीसदी आबादी को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी मिल पाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सहायक नदियों में भेजा जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस लिंक परियोजना में चंबल और इसकी सहायक नदियों कूल, कुन्नू, कालीसिंध, पार्वती, और मेज का अधिशेष वर्षा जल बनास, बाणगंगा, मोरेल, रूपारेल, पर्वतनी और गंभीर नदी बेसिनों में भेजा जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, सीएम गहलोत ने किया नमन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/former-prime-minister-atal-bihari-vajpayees-death-anniversary-today-cm-gehlot-paid-tribute/</link><pubDate>August 16, 2023, 5:33 am</pubDate><image></image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और देश के तमाम नेताओं ने आज दिल्ली में &amp;#8216;सदैव अटल&amp;#8217; स्मारक पर प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और देश के तमाम नेताओं ने आज दिल्ली में &amp;#8216;सदैव अटल&amp;#8217; स्मारक पर पूर्व प्रधानमंत्री अटक बिहारी वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित की।&lt;/p&gt;



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&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम गहलोत ने किया नमन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनको नमन किया है। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि लोकप्रिय राजनेता, विद्वान कवि और ओजस्वी वक्ता एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को पुण्यतिथि पर सादर नमन।&lt;/p&gt;



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</content></item><item><title>राजस्थान: आज के दिन मुस्कुराये थे बुद्ध, भारत ने लहराया था परचम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/buddha-smiled-on-this-day-india-hoisted-the-flag/</link><pubDate>May 18, 2023, 7:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-3-8-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के पोखरण टेस्टिंग रेंज में 18 मई 1974 को परमाणु परीक्षण हुआ था. आज के दिन देश का पहला परमाणु परिक्षण हुआ था. परिक्षण के सफल होने के बाद देश ने अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था. आज के दिन हुआ था परमाणु परीक्षण आपको बता दें कि ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के पोखरण टेस्टिंग रेंज में 18 मई 1974 को परमाणु परीक्षण हुआ था. आज के दिन देश का पहला परमाणु परिक्षण हुआ था. परिक्षण के सफल होने के बाद देश ने अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज के दिन हुआ था परमाणु परीक्षण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि भारत का पहला परमाणु परीक्षण 18 मई यानी गुरूवार के दिन 1974 में हुआ था. यह परीक्षण पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नेतृत्व में हुआ था. आज के दिन ही बुद्ध मुस्कुराये थे जिसकी वजह से इस मिशन का नाम &amp;#8216;स्माइलिंग बुद्धा &amp;#8216; रखा गया. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस मिशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा दिया था. 49 वर्ष पहले भारत ने दुनिया को परमाणु परीक्षण करके चौंका दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस ने मनाया जश्न&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज के दिन को महत्ता देते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं. वहीं एक कांग्रेस कार्यकर्त्ता ने कहा कि आज के दिन 1974 को जैसलमेर के पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण किया गया था. यह परमाणु परीक्षण करके तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने पूरे विश्व को चौंका दिया था और पूरे विश्व को चौंकाने के साथ यह एहसास दिला दिया था कि भारत भी परमाणु सम्पन्न देश बन चुका है. यह अपने आपमें ऐतिहासिक बात है और निश्चित तौर पर पूरे विश्व पटल पर इंदिरा गांधी की जो आयरन लेडी की छवि को और भी ज्यादा मजबूत किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑपरेशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा क्यों रखा गया ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 18 मई 1974 को बुद्ध पूर्णिमा था इसी दिन इस मिशन को अंजाम दिया गया यह एक कारण है कि इसे स्माइलिंग बुद्ध का नाम दिया गया था. भारत बुद्ध पूर्णिमा के दिन विश्व को शांति का सन्देश देना चाहता था यह दूसरा कारण है कि परमाणु परीक्षण के ऑपरेशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा का नाम दिया गया. किसी भी मिशन को अंजाम देने के लिए कोड शब्दों का प्रयोग किया जाता है. इस मिशन को जब अंजाम दिया जा रहा था तब वैज्ञानिकों ने इसे स्माइलिंग बुद्धा, इंडियन आर्मी ने हैप्पी कृष्णा और वहीं ऑफिसियल तौर पर इसे पोखराम- 1 कोडनेम दिया गया था. वैज्ञानिकों ने पहले परीक्षण के लिए जो कोड वर्ड का इस्तमाल किया था वो &amp;#8216; बुद्धा इज स्माइलिंग था&amp;#8217;. जब यह परीक्षण संपन्न हुआ था तब डॉक्टर रमन्ना ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को परमाणु परीक्षण की सूचना दी थी. उन्होंने फोन पर कहा था कि बुद्धा मुस्कुरा रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत पर लगाए थे प्रतिबन्ध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका समेत अन्य विकसित देशों ने मिलकर भारत पर कड़े प्रतिबन्ध लगाए थे. उनका मानना था कि भारत के परमाणु परीक्षण करने से विश्व में परमाणु बनाने का दौर शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार इस ऑपरेशन की तैयारी 7 दिसंबर 1972 को हुई थी जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने स्वदेशी न्युक्लीयर डिवाइस बनाने का आदेश दिया था. 1998 में स्माइलिंग बुद्धा के नाम से भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए. तीन को 11 मई 1998 और दो को 13 मई 1998 को किए गए थे. उस दौरान देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. जिन्होंने जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का नारा दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परमाणु सम्पन्न छठा देश बना भारत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दुनिया में भारत के पहले परमाणु परीक्षण करने से पूर्व पांच देश के पास परमाणु हथियार थे जिसमें अमेरिका समेत फ्रांस, चीन, सोवियत यूनियन (आज का रूस), यूनाइटेड किंगडम देश शामिल थे. यह सभी देश नहीं चाहते थे की इनके अलावा किसी और देश के पास परमाणु हथियार हो. जिससे उनका दबदबा पूरे देश में कायम रहे. जिसके बाद भारत ने खुफिया तरीके से स्माइलिंग बुद्धा मिशन को अंजाम दिया और छठा परमाणु सम्पन्नदेश उभर कर आया.&lt;/p&gt;
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