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       <title>Today Banswara Lok Sabha Seat News | Latest Banswara Lok Sabha Seat News | Breaking Banswara Lok Sabha Seat News in English | Latest Banswara Lok Sabha Seat News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Banswara Lok Sabha Seat समाचार:Today Banswara Lok Sabha Seat News ,Latest Banswara Lok Sabha Seat News,Aaj Ka Samachar ,Banswara Lok Sabha Seat समाचार ,Breaking Banswara Lok Sabha Seat News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/banswara-lok-sabha-seat</link>
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        </image><item><title>Rajasthan Lok Sabha Election : कांग्रेस उम्मीदवार डामोर ने पार्टी के साथ किया खेला, अब बना यहां त्रिकोणीय मुकाबला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/election/rajasthan-lok-sabha-election-congress-candidate-damor-played-with-the-party-now-a-triangular-contest-is-being-formed-here/</link><pubDate>April 9, 2024, 8:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-8-2.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर: लोकसभा चुनाव के बीच राजस्थान के सभी 25 लोकसभा सीटों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार प्रसार में जुटी हुई हैं। राजस्थान में इस वर्ष दो फेज में आम चुनाव होंगे। इसके लिए नामांकन की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; लोकसभा चुनाव के बीच राजस्थान के सभी 25 लोकसभा सीटों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार प्रसार में जुटी हुई हैं। राजस्थान में इस वर्ष दो फेज में आम चुनाव होंगे। इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। वहीं बांसवाड़ा सीट से कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार अरविंद डामोर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ऐसा इसलिए हुआ है कि कांग्रेस उम्मीदवार ने बांसवाड़ा सीट से अपना नाम वापस नहीं लिया। बता दें कि पार्टी ने उन्हें 6 सालों के लिए हटा दिया है। मगर वे इस बार लोकसभा चुनाव कांग्रेस के निशान पर ही लड़ेंगे। तो आइए जानते हैं पार्टी ने ऐसा क्यों किया?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें किस वजह से पार्टी ने किया निष्कासित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। वहीं बांसवाड़ा सीट से अरविंद डामोर को उम्मीदवार बनाया गया। डामोर ने लोकसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इसके साथ भारतीय आदिवासी पार्टी की तरफ से इस सीट पर राजकुमार रोत को उम्मीदवार बनाया गया। इस बीच रविवार को दोनों पार्टी के बीच गठबंधन हुआ। गठबंधन का ऐलान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किया। लेकिन सोमवार को जब इस सीट से नाम वापस लेने की बात हुई तो अरविंद डामोर ने नामांकन पत्र वापस नहीं लिया। इस दौरान डामोर पार्टी से संपर्क दूर कर लिया। जिस वजह से पार्टी ने कठोर कदम उठाते हुए डामोर को पार्टी से 6 सालों के लिए निकाल दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निष्कासित होने के बाद भी लड़ेंगे कांग्रेस से&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस से निष्कासित होने पर डामोर ने कहा कि पार्टी ने निष्कासित कर दिया है, लेकिन चुनाव तो पार्टी की तरफ से ही लड़ेंगे। अभी भी पार्टी के प्रत्याशी ही रहेंगे। क्योंकि पार्टी निकालने से पहले ही डामोर को अपना चुनाव चिन्ह दे चुकी थी। ऐसे में पार्टी डामोर के लिए चुनाव प्रचार तो नहीं करेगी। लेकिन वोट उन्हें कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर ही मिलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बांसवाड़ा सीट पर मुकाबला बना त्रिकोणीय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। अब यहां बीजेपी के महेंद्रजीत सिंह मालवीया, कांग्रेस के अरविंद डामोर और भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोत के बीच रोमांचक टक्कर होती नजर आ रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Lok Sabha Election 2024: राजस्थान की इस सीट का किस्सा है खास, जानें कांग्रेस से लेकर बीजेपी सीट का रिवाज</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/lok-sabha-election-2024-the-story-of-this-seat-of-rajasthan-is-special-know-the-customs-of-congress-and-bjp-seats/</link><pubDate>February 3, 2024, 6:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-10-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर। देश भर में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टी कमर कस ली है। ऐसे में राजस्थान में भी कांग्रेस और बीजेपी लोकसाभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. यहां एक-एक सीट को सभी पार्टी द्वारा खंगाला जा रहा है. दोनों पार्टियां यहां ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;देश भर में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टी कमर कस ली है। ऐसे में राजस्थान में भी कांग्रेस और बीजेपी लोकसाभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. यहां एक-एक सीट को सभी पार्टी द्वारा खंगाला जा रहा है. दोनों पार्टियां यहां के वोटिंग गणित और विधानसभा चुनाव के परिणामों को देखकर अपनी रणनीति बनाने में लगी हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी सीट के बारे में बताएंगे जहां आजादी के बाद से कांग्रेस का लगभग एक ही रिवाज चलता आ रहा है. दरअसल, बता दें कि प्रत्याशी की घोषणा में बांसवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस का एक ही रिवाज चलता आ रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें रिवाज की पूर्ण किस्सा &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जाता है कि आजादी के बाद से कांग्रेस इस रिवाज को चला रहा है. रिवाज यह है कि लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस अपना उम्मीदवार का नाम तय करने से पहले जिला का नाम तय करती है. यानी बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर अगर पिछले चुनाव में डूंगरपुर जिले से कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव लड़ा, तो इस सीट पर अगले चुनाव में बांसवाड़ा जिले के किसी भी उम्मीदवार का नंबर आएगा. स्थानीय स्तर पर पहले तय होता है कि अब किस जिले का नंबर है. इसके बाद प्रत्याशी के नाम की घोषणा कांग्रेस आलाकमान करता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है कांग्रेस पार्टी का रिवाज?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रोचक बात यह है कि इस रिवाज के आगे हार या जीत मायने नहीं होती. चाहे बांसवाड़ा जिले के प्रत्याशी ने पिछले लोकसभा चुनाव में बड़ा बहुमत प्राप्त कर जीत हासिल की हो, लेकिन इस सीट पर अगले चुनाव में डूंगरपुर जिले के प्रत्याशी का नंबर आएगा. डूंगरपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वल्लभराम पाटीदार ने बताया है कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कमेटी की बैठक की गई है. बैठक में पर्यवेक्षक रामलाल जाट और विधायक रोहित बोहरा आए थे. इस बार प्रत्याशी के लिए बांसवाड़ा जिले का नंबर लोकसभा सीट के रिवाज के अनुसार बताया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;8 विधानसभाएं बांसवाड़ा लोकसभा में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस रिवाज को कायम रखते हुए उन्होंने बताया कि सभी ने इसपर सर्वसम्मति दी है. यह रिवाज आजादी के बाद से चलता आ रहा है. चुनाव के समय में बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर राजनीतिक पार्टियों का झुकाव आदिवासी मतदाता पर टिका रहता है. यह सीट जनजातीय बहुल सीट है. आठ विधानसभा सीटे इसमें आती हैं. सबसे अहम बात यह है कि वागड़ के दो जिले डूंगरपुर और बांसवाडा को मिलाकर यह बनती हैं. बता दें कि इसमें बांसवाड़ा जिले की पांच विधानसभा सीटें और डूंगरपुर जिले की तीन विधानसभा सीटें आती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर बार उम्मीदवार के साथ जिले बदले गए &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साल 2019-ताराचंद भगोरा (डूंगरपुर)&lt;br&gt;साल 2014-रेशमा मालविया (बांसवाड़ा)&lt;br&gt;साल 2009- ताराचंद भगोरा (डूंगरपुर)&lt;br&gt;साल 2004- प्रभुलाल रावत (बांसवाड़ा)&lt;br&gt;साल 1999- ताराचंद भगोरा (डूंगरपुर)&lt;br&gt;साल 1998-महेंद्रजीत सिंह मालवीय (बांसवाड़ा)&lt;br&gt;साल 1996- ताराचंद भगोरा (डूंगरपुर)&lt;/p&gt;
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