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       <title>Today bikaner latest news News | Latest bikaner latest news News | Breaking bikaner latest news News in English | Latest bikaner latest news News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का bikaner latest news समाचार:Today bikaner latest news News ,Latest bikaner latest news News,Aaj Ka Samachar ,bikaner latest news समाचार ,Breaking bikaner latest news News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर मिला पाकिस्तानी झंडा और गुब्बारा, मचा हड़कंप</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/pakistani-flag-and-balloon-found-on-india-pakistan-border-in-rajasthan-stir/</link><pubDate>August 15, 2023, 7:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-18-1.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर और बीकानेर जिले में भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी झंडा और गुबारें मिले है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सावधान हो गई हैं. भारत-पाक सीमा पर मिला पाकिस्तानी झंडा और गुब्बारा आपको बता दें कि श्रीगंगान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के श्रीगंगानगर और बीकानेर जिले में भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी झंडा और गुबारें मिले है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सावधान हो गई हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत-पाक सीमा पर मिला पाकिस्तानी झंडा और गुब्बारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि श्रीगंगानगर जिले के सिदूवाला क्षेत्र के गांव लालपुरा के एक खेत में मंगलवार सुबह यानी आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुब्बारे और पाकिस्तानी झंडा बरामद किया गया. जिसके बाद ग्रामीणों ने पकिस्तान का झंडा देख इसकी सूचना पुलिस को दी. जानकारी मिलने पर सदर पुलिस सूरतगढ़ मौके पर पहुंची और संदिग्ध सामान को अपने कब्जे में ले लिया और अब इसपर जांच चल रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;BSF के अधिकारी पहुंचे मौके पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस घटना के पूर्व भारत -पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास बीकानेर जिले के एक खेत में सोमवार को पाकिस्तानी झंडा व गुब्बारा मिला था. पुलिस ने बताया कि खेत में हरे और लाल गुबारों के पड़े होने की सूचना मिली थी. जिसके बाद बीएसफ की सीमा चौकी पर सूचना दी गई. घटना की खबर मिलते ही बीएसफ के जवान और अधिकारी तत्परता से मौके पर पहुंचे जिसके बाद पाकिस्तानी झंडा और गुब्बारों को उन्होंने बरामद किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी कई बार गुब्बारे देखने को मिले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पहले भी कई बार इस तरह के गुब्बारे देखने को मिले हैं. सीमा सुरक्षा बल और पुलिस की ओर से क्षेत्र के लोगों को इस प्रकार के संदिग्ध वस्तुओं के आने की सूचना तुरंत देने के लिए जागरुक किया हुआ है. पहले इस इलाके में मिले इस तरह के पाकिस्तानी गुब्बारों में इलेक्ट्रोनिक डिवाइस भी मिल चुके हैं. कई बार सीमा पार से संदिग्ध पक्षी भी मिल चुके हैं. लिहाज स्थानीय लोग इस तरह की संदिग्ध वस्तु दिखते ही तुरंत सक्रिय हो जाते हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान में हो रहा विरोध प्रदर्शन, खाजूवाला को अनूपगढ़ जिले में नहीं मिलाने की मांग</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/protests-going-on-in-rajasthan-demand-not-to-include-khajuwala-in-anupgarh-district/</link><pubDate>August 12, 2023, 5:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-4-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के खाजूवाला को अनूपगढ़ जिले में शामिल किया जा रहा है जिसको लेकर अब विरोध प्रदर्शन हो रहा है. जानकारी के अनुसार बीकानेर स्थित खाजूवाला पिछले 6 दिनों से बंद है. खाजूवाला को लेकर विरोध प्रदर्शन आपको बता दें कि बीकानेर के खाजूवाला को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान के खाजूवाला को अनूपगढ़ जिले में शामिल किया जा रहा है जिसको लेकर अब विरोध प्रदर्शन हो रहा है. जानकारी के अनुसार बीकानेर स्थित खाजूवाला पिछले 6 दिनों से बंद है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खाजूवाला को लेकर विरोध प्रदर्शन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि बीकानेर के खाजूवाला को लेकर राजस्थान में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. दरअसल खाजूवाला को अनूपगढ़ जिले में शामिल किया जा रहा है, विरोध भी इसी बात को लेकर हो रहा है. शुक्रवार को धरना स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और नमाज भी पढ़ी गई. आज भारी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचेंगे और रैली निकलकर चक्का जाम किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस तैनात है। लोगों के द्वारा नमाज और हनुमान चालीसा पढ़कर ये दिखाने की कोशिश की गई कि सभी धर्म के लोगों में एकता है. वह एकता के साथ एक जगह पर रहते हैं और उनकी मांग भी सामान्य है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यापारियों ने खाजूवाला को लेकर कही बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;खाजूवाला में व्यापारियों ने कहा कि बीकानेर के साथ ही खाजूवाला का विकास हुआ है और इस सरकार ने कई योजनाएं भी शुरू की, जिससे खाजूवाला को कई सौगात भी मिली। मगर सरकार की नए जिले में खाजूवाला को शामिल करने के निर्णय ने पिछले सारे कामों पर पानी फेर दिया है. वहीं व्यापार मंडल पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तब तक कस्बे की मेडिकल दूकान के साथ सारी दुकानें बंद रहेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों हो रहा विरोध ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल खाजूवाला से बीकानेर और अनूपगढ़ की दुरी में अधिक अंतर है. वहीं बीकानेर संभागीय मुख्यालय है और खाजूवाला के लोगों को काम के लिए बीकानेर सहज रहता है इसके अलावा पानी, बिजली समेत संभागीय मुख्यालय होने समेत अन्य संभागीय अधिकारियों का मुख्यालय भी निकनेर ही है. ऐसे में नए जिले के बजाय वे बीकानेर में ही जुड़े रहना चाहते हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: भारत का ये क्षेत्र बना देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/this-region-of-india-became-the-third-most-polluted-city-in-the-country/</link><pubDate>May 16, 2023, 5:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-4-7-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार गुरुग्राम और रोहतक के बाद राजस्थान का बीकानेर जिला सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा. देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अनुसार बीकान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार गुरुग्राम और रोहतक के बाद राजस्थान का बीकानेर जिला सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अनुसार बीकानेर में रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 का आकड़ा पार गया है जो राजस्थान का एकमात्र जिला रहा. बता दें कि देश के मुख्य 10 प्रदूषित शहरों में से राजस्थान के चार शहर शामिल रहे जिनमें से बीकानेर, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ रहे. वहीं यहां आंधी-तूफान के कारण बीते 24 घंटे में हवा में पार्टिकुलेट मैटर- 10 रहा जो सबसे अधिक वायु प्रदूषक रहा था. जानकारी के अनुसार आंधी और धूल भरी हवा की वजह से प्रदेश के 33 जिलों में एक भी ऐसा जिला नहीं था जहां सांस लेने के लिए अच्छी हवा बची हो. मौसम विभाग ने जहां एक तरफ अलर्ट जारी किया वहीं चिकित्सा विभाग ने भी सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्य प्रदूषित शहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सबसे प्रदूषित शहर गुरुग्राम में 306 एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा वहीं गुरुग्राम में 306, रोहतक में भी 306, बीकानेर में 305, श्रीगंगानगर में 261, सिरसा में 271, दिल्ली में 259, नोएडा में 258, सोनीपत में 257 और सीकर में 245 एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बरसात से वायु प्रदूषण में कमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्तमान में प्रदेश में पश्चिमी उत्सर्जन गतिशील है। बाढ़ के बाद कुछ जिलों में वर्षा और बूंदों के कारण धूल कण गिर गए थे, जिससे अधिक वायु प्रदूषण से राहत मिली। 33 जिलों में से 30 में सीपीसीबी का वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग सिस्टम लगा हुआ है। 16 जिलों में एक्यूआई 100 से 150 के बीच रहा था जो मध्यम स्तर का था। पांच जिलों में यह 150 से 200 के बीच रहा था और पांच जिलों में 200 से अधिक था। केवल चार जिलों में एक्यूआई 50 से 100 के बीच था। किसी भी जिले में एक्यूआई 50 से कम नहीं था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: एक ऐसा बावड़ी जिसका पानी कभी नहीं होता खत्म, श्रीयंत्र की आकृति</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/rajasthan-a-stepwell-whose-water-never-ends-the-shape-of-sriyantra/</link><pubDate>May 14, 2023, 12:23 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-11-4-300x169.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर में वैसे तो कई बावड़ियां हैं और इन बावड़ियों को लेकर खास मान्यताएं भी हैं। ऐसे में एक ऐसी बावड़ी है जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता है। यह बावड़ी श्री यंत्र और अष्ट कोणीय नुमा आकृति बनी है। इस अद्भुत बावड़ी की खासियत है कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बीकानेर&lt;/strong&gt;: राजस्थान के बीकानेर में वैसे तो कई बावड़ियां हैं और इन बावड़ियों को लेकर खास मान्यताएं भी हैं। ऐसे में एक ऐसी बावड़ी है जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता है। यह बावड़ी श्री यंत्र और अष्ट कोणीय नुमा आकृति बनी है। इस अद्भुत बावड़ी की खासियत है कि इस बावड़ी में श्री यंत्र की आकृति भी बनी हुई है जिसका काफी प्रभाव रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रघुनाथ सागर नाम से भी जाना जाता है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार इस इस बावड़ी में 35 सीढ़ियां है और 22 फुट गहरी है। बावड़ी के ऊपर ही पाँच छतरियाँ बनी हैं, जिनमें दो संगमरमर की हैं। उनमें रासलीला के चित्र अंकित है। बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर साधु-संत तप करते है। कहा जाता है कि इस बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर तप करने पर काफी प्रभाव और सिद्धि प्राप्त होती है।&lt;br&gt;यह बावड़ी को रघुनाथ सागर तालाब के नाम से जाना जाता है। इस तालाब का निर्माण 1696 में किया गया। इसे बीकानेर के प्रतिष्ठित मूँधड़ा परिवार की ओर से श्री गोपालजी के पौत्र रघुनाथ की पुण्य स्मृति में बनवाया गया। इसी कारण उस समय से यह रघुनाथसागर नाम से जाना जाता रहा है। क्योंकि मूँधड़ा जाति ने इसका निर्माण करवाया, इसलिए इसे मूँधड़ों का तालाब भी कहा जाता था। पहले यह फूलनाथ का तालाब नाम से प्रसिद्ध हुआ।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: आज बीकानेर स्थापना को पूरे हुए 536 साल इस मौके पर शहरों में मची धूम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/rajasthan-today-bikaner-completed-536-years-of-establishment-on-this-occasion-there-was-a-lot-of-excitement-in-the-cities/</link><pubDate>April 22, 2023, 7:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-2023-04-22T001830.107-300x185.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। आज बीकानेर दिवस है. शहर को 536 साल पूरे हो गए हैं. ऐसे में पूरा शहर शनिवार को जन्मदिन मना रहा है. आज बीकानेर का जन्मदिन आपको बता दें कि बीकानेर शहर की 536 जन्म महोत्सव के साथ अक्षय द्वितीय और अक्षय तृतीय दो दिन तक चलने वाले इस उत्सव के च...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; आज बीकानेर दिवस है. शहर को 536 साल पूरे हो गए हैं. ऐसे में पूरा शहर शनिवार को जन्मदिन मना रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज बीकानेर का जन्मदिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि बीकानेर शहर की 536 जन्म महोत्सव के साथ अक्षय द्वितीय और अक्षय तृतीय दो दिन तक चलने वाले इस उत्सव के चलते हर घर में गेहूं का खीचड़ा बन रहा है तो पीने के लिए इमली का पानी भी तैयार हो रही है। इसी इमली के पानी के सहारे लोग तेज धूप में भी घर की छत पर पतंगबाजी शुरू कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक आज से ज्यादा पतंगबाजी रविवार यानी कल होगी। एक अनुमान के मुताबिक बीकानेर में महज दो दिन में करीब दस करोड़ रुपए का पतंगों का व्यापार होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाजारों में उमड़ी भीड़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीकानेर शहर में इन दिनों पतंगों व मांझे के बाजार में जबर्दस्त भीड़ है। बीकानेर में सौ से अधिक दुकानों पर पतंगें बिक रही है। छोटी दुकानें अलग है जो हर मोहल्ले में खुली हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार बीकानेर में करीब दस करोड़ रुपए की पतंगों का व्यापार हो रहा है। इसमें मांझा भी शामिल है। बीकानेर में लखनऊ, बरेली,कानपुर समेत यूपी के कई शहरों में बनने वाली पतंगें और मांझा बिक रहा है। जयपुर में बनी पतंगें भी बीकानेर आ रही है जो बाकियों की तुलना में सस्ती है। इसके बाद भी लोग उत्तरप्रदेश की पतंगों को ज्यादा पसन्द करते हैं। इन सामान्य पतंगों की कीमत पांच रुपए से पचास रुपए तक की होती है। ऐसे में फैंसी पतंगों की कीमत ज्यादा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: प्रदेश के एकमात्र स्कूल में दाखिला लेने की अंतिम तारीख, जानिए डिटेल्स</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-last-date-for-admission-in-the-only-school-in-the-state-know-the-details/</link><pubDate>April 20, 2023, 10:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-2023-04-20T030505.145-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। प्रदेश की एकमात्र सादुल स्पोर्ट्स स्कूल में 12 खेलो में रिक्त सीटों पर आवासीय छात्रों के प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है. स्कूल के प्रधानाचार्य अजयपाल सिंह शेखावत ने बताया कि प्रवेश के लिए आवेदन 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक कार्यालय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;प्रदेश की एकमात्र सादुल स्पोर्ट्स स्कूल में 12 खेलो में रिक्त सीटों पर आवासीय छात्रों के प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है. स्कूल के प्रधानाचार्य अजयपाल सिंह शेखावत ने बताया कि प्रवेश के लिए आवेदन 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक कार्यालय दिवस के दौरान कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेंगे. तथा आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 मई को शाम 5 बजे तक रहेंगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सादुल स्पोर्ट्स स्कूल के रिक्त पदों पर आवेदन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शेखावत ने बताया कि आवेदन पत्र की राशि रुपए 150 है आवेदन पत्र को डाक से मंगवाने के लिए स्वयं का पता लिखा लिफाफा एवं 200 रुपए का रेखांकित पोस्टल ऑर्डर प्रधानाचार्य सादुल स्पोर्ट्स स्कूल के नाम से भेजें. उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए स्टूडेंट्स राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए. उन्होंने बताया कि कक्षा 9 से 12 में प्रवेश के लिए विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में राज्य स्तर से संबंधित खेल का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. वे बताते है कि इस स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक 244 सीटों पर प्रवेश मिलता है. उन्होंने बताया कि आवेदक छात्र की आयु 31 दिसंबर 2023 को कक्षा 6 में 12 वर्ष, कक्षा 7 में 13 वर्ष, कक्षा 8 में 14 वर्ष, कक्षा 9 में 16 वर्ष, कक्षा 10 में 17 वर्ष, कक्षा 11 में 18 वर्ष, कक्षा 12 में 19 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. शेखावत ने बताया कि गैर आवासीय छात्र भी विभागीय नियमानुसार प्रवेश कर सकते है. इसके लिए स्कूल की विवरणिका में विस्तृत रूप से दिखाया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन खेलों में होगा दाखिला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इस स्कूल में 12 खेलो में एडमिशन होगा. जिसमें बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, कब्बड्डी, खो-खो, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, कुश्ती सहित खेलो में एडमिशन होगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ऊंट ने अपने जबरे से मालिक का सर कुचल कर मार डाला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajathan-camel-news-death-from-camel-attack-pkdnh/</link><pubDate>February 7, 2023, 5:42 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/camel-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक ऊंट के सिर पर ताबड़तोड़ लाठी डंडे बरसा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि इन लोगों ने जानवर को तब तक पीटा, जब उसकी जान नहीं चली गई. लोगों की वार से [&amp;...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक ऊंट के सिर पर ताबड़तोड़ लाठी डंडे बरसा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि इन लोगों ने जानवर को तब तक पीटा, जब उसकी जान नहीं चली गई. लोगों की वार से ऊंट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. ये वीडियो राजस्थान का बताया जा रहा है. वीडियो देखकर लोगों को लगेगा कि इन्होंने इतनी बर्बरता के साथ पीट रहे हैं, लेकिन ये मामले की एक तरफा कहानी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या है सच&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि राजस्थान के बीकानेर जिले के पांचू में सोमवार शाम को एक ऊंट ने अपना आपा खो दिया. ऊंट ने अपने मालिक को गले से पकड़कर पहले हवा में उछाला फिर दूर उठाकर पटक दिया. बताया जा रहा है कि सोमवार को ऊंट ने अपने मालिक को मार डाला था, जिसके बाद ग्रामीणों ने ऊंट के सिर को पेड़ में फंसाकर उसको लाठियों से इतना पिटा कि उसकी मौत हो गई.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दरअसल सोमवार देर शाम नोखा के पांचू गांव के सोहन राम नायक को उसके ऊंट ने अपने जबड़े में पकड़कर जमीन पर कई बार पटका. अपने मालिक को पटकने के बाद उसने उसे अपने पैरों तले रौंद दिया. इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने ऊंट को एक पेड़ के बीच में बांध दिया फिर उसके ऊपर ताबरतोड़ लाठियों की बरसात कर दी. लाठी-डंडों की वार से ऊंट की मौत मौके पर ही हो गई. ग्रामीणों के हवाले से बताया जा रहा है कि ऊंट पागल हो चुका था और उससे ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;20 दिनों पहले ही खरीदा था ऊंट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मृतक के बुआ के लड़के ने बताया कि सोहनराम ने 20 दिन पहले ही यह ऊंट खरीदा था. ऊंट नया होने के कारण वो इस ऊंट के स्वभाव की पहचान नहीं कर पाया था. साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि ऊंट स्वभाव से हिंसक था. लोगों का कहना है कि सोहनराम ऊंटगाड़ी चलाकर ही अपने परिवार का गुजारा करता था. सोहनराम के 7 बच्चे हैं, जिनमें 5 बेटे और 2 बेटियां शामिल हैं. सोहन राम का सबसे बड़ा बेटा 18 साल का है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>