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       <title>Today chandrayaan 3 latest news News | Latest chandrayaan 3 latest news News | Breaking chandrayaan 3 latest news News in English | Latest chandrayaan 3 latest news News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का chandrayaan 3 latest news समाचार:Today chandrayaan 3 latest news News ,Latest chandrayaan 3 latest news News,Aaj Ka Samachar ,chandrayaan 3 latest news समाचार ,Breaking chandrayaan 3 latest news News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>चंद्रयान-3 द्वारा Hop Test ने इसरो में जगाया होप, जानिए क्या है यह परीक्षण</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/hop-test-by-chandrayaan-3-raised-hope-in-isro-know-what-is-this-test/</link><pubDate>September 9, 2023, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-72.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया. इसरो के हॉप टेस्ट ने किया क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो के हॉप टेस्ट ने किया कमाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसरो ने दो हफ्ते की मेहनत करने के बाद एक प्रयोग करने का निर्णय लिया। इसरो ने विक्रम लैंडर को कमांड दिया और इसके परिणामस्वरूप विक्रम ने चांद की सतह पर खुद को 40 सेमी तक ऊंचा उठाया और फिर 30-40 सेमी दूर जाकर लैंड किया। इसरो ने इस प्रक्रिया को &amp;#8216;हॉप टेस्ट&amp;#8217; बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है इसरो का हॉप टेस्ट ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हॉप टेस्ट के माध्यम से इसरो ने चंद्रयान-3 के विक्रम पर हेलीकॉप्टर जैसा कंट्रोल बनाया फिर उसे वर्टिकली टेक-ऑफ करवाया गया और फिर उसकी वर्टिकल लैंडिंग करवाई गई। हॉप को आसान भाषा में अगर समझा जाए तो यह किसी व्यक्ति के प्री-वर्कआउट वार्मअप की तरह है. जिसमे व्यक्ति उछलता है और कुछ दूर जाकर लैंड करता है. इसरो द्वारा यह टेस्ट भी कुछ इस प्रकार ही थी जो सफल रहा. हालांकि यह आसान प्रक्रिया नहीं है और ऐसा इसलिए क्योंकि चांद पर पृथ्वी का 1/6 वां गुरुत्वाकर्षण है, जिसके कारण चांद की सतह पर ये प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहला हॉप टेस्ट किसने किया था ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के लिए बता दें कि नासा के सर्वेयर-6 ने चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, जिसके बाद सन 1969 में 17 नवंबर को सर्वेयर-6 के इंजन को पहली बार 2.5 सेकेंड के लिए फायर किया गया था, जिसकी वजह से सर्वेयर ने चांद की सतह पर 3 से 4 मीटर तक छलांग लगाई थी और फिर अपने ऑरिजिनल पॉजिशन से 2.4 मीटर पश्चिम में लैंड किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इसरो ने ट्वीट करते हुए कहा कि कमांड दिए जाने पर विक्रम लैंडर का इंजन फिर से शुरू हो गया और यह 40 सेमी तक ऊपर उठा। इसके बाद इसने फिर 30-40 सेमी दूर जाकर सॉफ्ट लैंड किया। इसरो ने बताया कि हमारा उद्देश्य भविष्य में लैंडर की वापसी और मानवीय मिशन के लिए ट्रायल करना था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>चंद्रयान-3 की सफलता पर पीएम मोदी ने किया ऐलान, 23 अगस्त को मनाया जाएगा नेशनल स्पेस डे</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/pm-modi-announced-on-the-success-of-chandrayaan-3-national-space-day-will-be-celebrated-on-august-23/</link><pubDate>August 26, 2023, 8:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-38-1-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 23 अगस्त को जब भारत ने चंद्रमा पर तिरंगा फहराया, उस दिन को हिंदुस्तान, नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाएगा. यह दिन हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा. बैंगलुरु पहुंचे प्रधानंमंत्री मोदी आ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 23 अगस्त को जब भारत ने चंद्रमा पर तिरंगा फहराया, उस दिन को हिंदुस्तान, नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाएगा. यह दिन हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैंगलुरु पहुंचे प्रधानंमंत्री मोदी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि चंद्रयान-3 की सफलता की चर्चा देश से लेकर पूरी दुनिया तक हो रही है. दुनिया के कोने-कोने से लोग इसरो को चंद्रयान-3 की सफलता के लिए बधाईयां दे रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो देशों की यात्रा ख़त्म करने के बाद शनिवार यानी आज स्वदेश लौट आये हैं. ग्रीस से लौटने के बाद प्रधानमंत्री बेंगलुरु पहुंचे और इसरो के कमांड सेंटर में वैज्ञानिकों से मुलाकात की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैज्ञानिकों को प्रधानमंत्री मोदी ने किया सलाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को सलाम किया और ढेर सारी शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि आपने जो साधना की है, वो देशवासियों को पता होना चाहिए. ये यात्रा आसान नहीं थी. मून लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल तक बना डाला. इस पर विक्रम लैंडर को उतारकर टेस्ट किया गया था. इतने सारे एग्जाम देकर मून लैंडर वहां तक गया है तो उसे सफलता मिलना ही तय था&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;23 अगस्त को मनाया जाएगा नेशनल स्पेस डे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु में टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में वैज्ञानिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हालांकि मैं दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस के दौरे पर था, लेकिन मेरा मन भारत में ही था. क्योंकि इसरो चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की तैयारी कर रहा था.’ पीएम मोदी ने कहा कि मैं चंद्रयान-3 की सफलता के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उनसे अतिशीघ्र मिलना और उन्हें सलाम करना चाहता था. मेरे मन में बेसब्री थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3 Landing: चंद्रमा की सतह पर किस रफ्तार से लैंड होगा चंद्रयान-3, जानें रोवर और लैंडर का काम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/world/chandrayaan-3-landing-at-what-speed-will-chandrayaan-3-land-on-the-surface-of-the-moon-know-the-work-of-rover-and-lander/</link><pubDate>August 23, 2023, 6:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-11-3-300x169.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>Chandrayaan 3 Landing: चंद्रयान 2 के विफल होने के चार साल बाद, चंद्रयान 3 बुधवार (23 अगस्त) को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर अपनी सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। ऐसे में भारत के साथ पूरी दुनिया के लिए आज बेहद ही अहम दिन है। 140 करोड़ देशवासियों के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chandrayaan 3 Landing&lt;/strong&gt;: चंद्रयान 2 के विफल होने के चार साल बाद, चंद्रयान 3 बुधवार (23 अगस्त) को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर अपनी सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। ऐसे में भारत के साथ पूरी दुनिया के लिए आज बेहद ही अहम दिन है। 140 करोड़ देशवासियों के साथ पूरी दुनिया की नजर भारत के इस महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर टिकी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुनिया का पहला देश बनेगा भारत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर सब कुछ ठीक रहा और आज चंद्रयान 3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग हो जाती है तो ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन जायेगा। वहीं अमेरिका, चीन और तत्कालीन सोवियत संघ के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा। चंद्रयान-2 के विफल होने के बाद चंद्रयान-3 मिशन को 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था। 5 अगस्त को चंद्रयान-3 चंद्रमा की ऑर्बिट चंद्रमा में प्रवेश किया था।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;iframe loading=&quot;lazy&quot; title=&quot;Chandrayaan 3 Landing: चंद्रमा की सतह पर किस रफ्तार से लैंड होगा चंद्रयान । Chandrayaan 3। ISRO।&quot; width=&quot;500&quot; height=&quot;281&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/qzLdTmbTOj8?feature=oembed&quot; frameborder=&quot;0&quot; allow=&quot;accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share&quot; referrerpolicy=&quot;strict-origin-when-cross-origin&quot; allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सॉफ्ट लैंडिंग VS हार्ड लैंडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1- सॉफ्ट लैंडिंग वह जगह है जहां अंतरिक्ष यान नियंत्रित तरीके से नीचे उतरता है। लैंडिंग के दौरान स्पीड कम होगी और अंतरिक्ष यान लगभग 0 की स्पीड से चांद की सतह को छुएगा।&lt;br&gt;2- हार्ड लैंडिंग एक क्रैश लैंडिंग है, जहां अंतरिक्ष यान सतह से टकराते ही नष्ट हो जाता है।&lt;br&gt;3- चार साल पहले चंद्रयान 2 सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान फेल हो गया था।&lt;br&gt;4- चंद्रयान 2 के मिशन के फेल होने के बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने आश्वासन दिया कि चंद्रयान 3 की सॉफ्ट लैंडिंग होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कितनी स्पीड में होगा अंतरिक्ष यान ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1- चंद्रयान-3, 30 किमी की ऊंचाई से 1.68 किमी प्रति घंटे की गति से उतरना शुरू होगा।&lt;br&gt;2- जब अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा तब इसकी स्पीड लगभग 0 हो जाएगी।&lt;br&gt;3- आज अंतरिक्ष यान का चंद्रमा की सतह को टच करने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।&lt;br&gt;4- जैसे-जैसे अंतरिक्ष यान चांद की ओर बढ़ता जाएगा वैसे ही यह हॉरिजॉन्टल को वर्टिकल डायरेक्शन में टर्न हो जाएगा।&lt;br&gt;5- यहीं पर चंद्रयान 2 को समस्या का सामना करना पड़ा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चंद्रयान 3: सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद क्या होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1- चंद्रयान -3 के सॉफ्ट लैंडिंग के बाद रोवर, लैंडर से अलग होगा और चांद की सतह पर उतरेगा। रोवर चांद की सतह का पूरा विश्लेषण करेगा।&lt;br&gt;2- लैंडर और रोवर चांद में एक दिन के लिए रहेंगे, चांद का एक दिन पृथ्वी पर 14 दिन के बराबर है।&lt;br&gt;3- लैंडर और रोवर चांद के आस-पास के जगह की अध्ययन करेंगे।&lt;br&gt;4- एक चंद्र दिवस वह समय होता है जब सूर्य चंद्रमा पर चमकता है।&lt;br&gt;5- जब तक सूरज चमकता रहेगा सभी सिस्टम ठीक से काम करेंगी।&lt;br&gt;6- जब सूर्य चंद्रमा पर डूबेगा, तो अंधेरा हो जाएगा और तापमान शून्य से 180 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाएगा।&lt;br&gt;7- इस दौरान अंतरिक्ष यान के चांद पर जीवित रहने की संभावना कम हो जाएगी।&lt;br&gt;8- अगर अंतरिक्ष यान इन चुनौतियों का सामना कर गया तो यह इसरो की एक और बड़ी उपलब्धि साबित होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चंद्रयान 3: अगर आज की लैंडिंग सफल नहीं हुई तो क्या होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;1- इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने पहले ही कहा था कि इस बार चूक की कोई संभावना नहीं है।&lt;br&gt;2- अगर विक्रम लैंडर के सभी इंजन और सेंसर काम करना बंद कर देते हैं, तब भी इसकी सॉफ्ट लैंडिंग होगी।&lt;br&gt;3- एस सोमनाथ ने कहा कि इसे इसी तरह डिजाइन किया गया है।&lt;br&gt;4- अगर विक्रम के दो इंजन इस बार भी काम नहीं करते हैं, तब भी यह लैंडिंग में सक्षम होगा।&lt;br&gt;5- अगर फिर भी नाममुकिन हुआ तो इसरो 27 अगस्त को दूसरी लैंडिंग का प्रयास करेगा।&lt;/p&gt;
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