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       <title>Today Chandrayaan 3 Launch Live News | Latest Chandrayaan 3 Launch Live News | Breaking Chandrayaan 3 Launch Live News in English | Latest Chandrayaan 3 Launch Live News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chandrayaan 3 Launch Live समाचार:Today Chandrayaan 3 Launch Live News ,Latest Chandrayaan 3 Launch Live News,Aaj Ka Samachar ,Chandrayaan 3 Launch Live समाचार ,Breaking Chandrayaan 3 Launch Live News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/chandrayaan-3-launch-live</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 4:12 am</lastBuildDate>
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            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
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        </image><item><title>चंद्रयान-3 द्वारा Hop Test ने इसरो में जगाया होप, जानिए क्या है यह परीक्षण</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/hop-test-by-chandrayaan-3-raised-hope-in-isro-know-what-is-this-test/</link><pubDate>September 9, 2023, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-72.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया. इसरो के हॉप टेस्ट ने किया क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो के हॉप टेस्ट ने किया कमाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसरो ने दो हफ्ते की मेहनत करने के बाद एक प्रयोग करने का निर्णय लिया। इसरो ने विक्रम लैंडर को कमांड दिया और इसके परिणामस्वरूप विक्रम ने चांद की सतह पर खुद को 40 सेमी तक ऊंचा उठाया और फिर 30-40 सेमी दूर जाकर लैंड किया। इसरो ने इस प्रक्रिया को &amp;#8216;हॉप टेस्ट&amp;#8217; बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है इसरो का हॉप टेस्ट ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हॉप टेस्ट के माध्यम से इसरो ने चंद्रयान-3 के विक्रम पर हेलीकॉप्टर जैसा कंट्रोल बनाया फिर उसे वर्टिकली टेक-ऑफ करवाया गया और फिर उसकी वर्टिकल लैंडिंग करवाई गई। हॉप को आसान भाषा में अगर समझा जाए तो यह किसी व्यक्ति के प्री-वर्कआउट वार्मअप की तरह है. जिसमे व्यक्ति उछलता है और कुछ दूर जाकर लैंड करता है. इसरो द्वारा यह टेस्ट भी कुछ इस प्रकार ही थी जो सफल रहा. हालांकि यह आसान प्रक्रिया नहीं है और ऐसा इसलिए क्योंकि चांद पर पृथ्वी का 1/6 वां गुरुत्वाकर्षण है, जिसके कारण चांद की सतह पर ये प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहला हॉप टेस्ट किसने किया था ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के लिए बता दें कि नासा के सर्वेयर-6 ने चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, जिसके बाद सन 1969 में 17 नवंबर को सर्वेयर-6 के इंजन को पहली बार 2.5 सेकेंड के लिए फायर किया गया था, जिसकी वजह से सर्वेयर ने चांद की सतह पर 3 से 4 मीटर तक छलांग लगाई थी और फिर अपने ऑरिजिनल पॉजिशन से 2.4 मीटर पश्चिम में लैंड किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इसरो ने ट्वीट करते हुए कहा कि कमांड दिए जाने पर विक्रम लैंडर का इंजन फिर से शुरू हो गया और यह 40 सेमी तक ऊपर उठा। इसके बाद इसने फिर 30-40 सेमी दूर जाकर सॉफ्ट लैंड किया। इसरो ने बताया कि हमारा उद्देश्य भविष्य में लैंडर की वापसी और मानवीय मिशन के लिए ट्रायल करना था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान के वैभव चंद्रयान- 3 टीम में, पिता बोले- बेटे की उपलब्धि से सीना चौड़ा हो गया</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/vaibhav-chandrayaan-of-rajasthan-in-3rd-team-father-said-sons-achievement-widened-his-chest/</link><pubDate>July 15, 2023, 11:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-21-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की तरफ से निर्मित और संचालित चंद्रयान- 3 लॉन्चिंग टीम का शाहपुरा के वैभव उपाध्याय हिस्सा बने। शाहपुरा के वैभव बने चंद्रयान का हिस्सा आपको बता दें कि ईसरो की तरफ से निर्मित और संचालित चंद्रयान- 3 लॉन्चिंग टी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की तरफ से निर्मित और संचालित चंद्रयान- 3 लॉन्चिंग टीम का शाहपुरा के वैभव उपाध्याय हिस्सा बने।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शाहपुरा के वैभव बने चंद्रयान का हिस्सा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ईसरो की तरफ से निर्मित और संचालित चंद्रयान- 3 लॉन्चिंग टीम का शहपुरा के वैभव उपाध्याय हिस्सा बने हैं. जानकारी के अनुसार वे उड़ीसा में हरिकोटा में चंद्रयान टीम में शामिल थे. सफलता पूर्वक लॉन्चिंग के बाद शाहपुरा में उत्साह की लहर दौड़ गई. वैभव के घर वालों को आस -पास के लोगों ने शुभकामनाएं दी. इस दौरान परिजनों ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की. वैभव टीम में प्रोजेक्ट मैनेजर और अल्टीमीटर डिजाइनिंग इंचार्ज के रूप में शामिल रहे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोपहर 2:35 बजे स्टेशन से लांच हुआ चंद्रयान-3&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार शाहपुरा में वार्ड 26 निवासी सत्यनारायण उपाध्याय का बेटा वैभव चन्द्रयान टीम में शामिल थे। उड़ीसा के हरिकोटा में दोपहर 2:35 पर स्टेशन से लांच हुआ चन्द्रयान के समय वैभव भी वैज्ञानिकों की टीम के साथ वहां मौजूद रहे। अगस्त में चन्द्रयान-3 चन्द्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा। समाज व अन्य लोगों ने वैभव के घर जाकर उनके पिता सत्यनारायण और माता को बधाई दी। मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शाहपुरा के लोग हुए प्रफुल्लित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घर के बाहर आतिशबाजी भी हुई. वैभव की गौरवमयी उपलब्धि से शाहपुरा के लोग प्रफुल्लित थे. इस दौरान वैभव के पिता ने कहा कि बेटे की उपलब्धि ]से उनका सीना चौड़ा हो गया। वैभव बचपन से मेधावी रहा। उसका सपना ईसरो से जुड़ना रहा। वैज्ञानिक बनकर देश के लिए कुछ करना चाहता था। उसका सपना साकार हो रहा है। उनका कहना था कि उपलिब्ध पर बेटे वैभव पर गर्व है। जानकारी के अनुसार वैभव इससे पूर्व दो बार चंद्रयान का हिस्सा रह चुके हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3: चांद के सफर पर निकला भारत, अगस्त में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/chandrayaan-3-india-set-out-on-a-journey-to-the-moon-will-land-on-this-south-pole-of-the-moon-in-august/</link><pubDate>July 14, 2023, 9:59 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-10-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO) के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हो गई है। एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए शुक्रवार दोपहर 02:35 बजे इसे सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा बैंगलूर से चंद्रमा के लिए प्रक्षेपित किया गया। इसरो की ओर से कहा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO) के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हो गई है। एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए शुक्रवार दोपहर 02:35 बजे इसे सतीश धवन स्पेस सेंटर श्रीहरिकोटा बैंगलूर से चंद्रमा के लिए प्रक्षेपित किया गया। इसरो की ओर से कहा गया कि चंद्रयान-3 मिशन के जरिए अपने चंद्रमा मॉड्यूल द्वारा सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करके और घूमकर अंतरिक्ष एजेंसी नई सीमाओं को पार करेगी। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने 23 या 24 अगस्त तक चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग होने की संभावना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगस्त में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर करेगा लैंड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चंद्रयान-3 शुक्रवार 14 जुलाई को दोपहर 02:35 बजे लॉन्च किया गया। पृथ्वी से चंद्रमा की दुरी 384,400 किलोमीटर है। यानि चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर पहुंचने की संभावित तिथि 23-24 अगस्त है। यानि चंद्रयान-3 को चांद की यात्रा पूरी करने में लगभग 40-41 दिनों का समय लगेगा। इस मिशन का पहला टारगेट चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग है। ये मिशन का सबसे जटिल हिस्सा भी है। दूसरा टारगेट रोवर का चंद्रमा की सतह पर चहलकदमी करना और तीसरा लक्ष्य रोवर से जुटाई जानकारी के आधार पर चंद्रमा के रहस्यों से परदा उठाना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पृथ्वी से चांद की कक्षा का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;क्रॉयोजनिक इंजन चंद्रयान-3 को पृथ्वी के बाहरी ऑर्बिट में स्थापित करेगा। इसके बाद इसके सौर पैनर खुलेंगे और चंद्रयान पृथ्वी के चक्कर लगाना शुरू कर देगा। धीरे-धीरे चांद अपनी कक्षा को बढ़ाएगा और चांद की कक्षा में प्रवेश करेगा। चंद्रमा के 100 किमी की कक्षा में आने के बाद लैंडर को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग किया जाएगा और इसके बाद लैंडर की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;लैंडर के सफलतापूर्वक लैंड होने के बाद रोवर जिसमें 6 पहिए लगे हैं, इसमें से बाहर आएगा और चंद्रमा की सतह पर चलेगा। यहां ये जानना जरूरी है कि इसके पूर्व में भेजे गए मून मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर ने चंद्रमा की सतह से 2 किमी पहले ही अपना संपर्क खो दिया था।&lt;/p&gt;
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