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       <title>Today CM Ashok Gahlot News Today News | Latest CM Ashok Gahlot News Today News | Breaking CM Ashok Gahlot News Today News in English | Latest CM Ashok Gahlot News Today News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का CM Ashok Gahlot News Today समाचार:Today CM Ashok Gahlot News Today News ,Latest CM Ashok Gahlot News Today News,Aaj Ka Samachar ,CM Ashok Gahlot News Today समाचार ,Breaking CM Ashok Gahlot News Today News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Rajasthan: PM मोदी का तंज चुनाव से पहले गहलोत सरकार ने मान ली अपनी हार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-pm-modis-taunt-gehlot-government-accepted-its-defeat-before-the-elections/</link><pubDate>October 3, 2023, 4:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-03T093212.631.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, वैसे-वैसे राज्य में सियासी पारा तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसके साथ ही विपक्ष और सत्ता धारी के बीच लगातार जुबानी जंग भी तेज हो गई है. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी कल यानी 2 अक्टूबर को सात दिनों के अं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; राजस्थान में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, वैसे-वैसे राज्य में सियासी पारा तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसके साथ ही विपक्ष और सत्ता धारी के बीच लगातार जुबानी जंग भी तेज हो गई है. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी कल यानी 2 अक्टूबर को सात दिनों के अंदर राजस्थान के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने चित्तौगढ़ के सावंलिया सेठ का दर्शन किए उसके बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित भी किए. कार्यक्रम को सम्बोधित करने के दौरान PM मोदी ने राज्य सरकार पर जम कर तीखा हमला किया और गहलोत सरकार पर सवाल भी उठाया, इस दौरान उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने पहले ही स्वीकार कर लिया कि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने जा रही है. साथ ही कहा कि चुनाव में कमल ही खिलेगा और हर उम्मीदवार कमल का फूल होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोदी का गहलोत पर कटाक्ष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीते दिन यानी 2 अक्टूबर को मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए गहलोत सरकार को निशाना बनाया, उस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने चुनाव होने से पहले ही हार को स्वीकार कर लिया है, तभी तो राज्य सरकार ने कहा है कि अगर भाजपा राजस्थान का सत्ता संभालती है तो ऐसे में कांग्रेस द्वारा लागू किया हुआ जनहित योजना को बंद नहीं किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं मोदी ने भ्रष्टाचार, पेपर लीक, गुंदागर्दी जैसे तमाम संदिग्ध मामलों पर गहलोत सरकार पर हमला किए. कार्यक्रम के दौरान PM मोदी ने 7200 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया. इसके साथ मेवाड़ की सभी 26 सीटों पर इशारा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाइम लाइट में जोशी और कमल का फूल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि PM मोदी भजपा प्रदेशाध्यक्ष सी. पी. जोशी को हेलीपेड से सावंलिया सेठ मंदिर तक अपने कार में लेकर पहुंचे। इससे स्पष्ट हो गया कि राजस्थान में उन नेताओं को संदेश मिला जो संगठन और संगठन प्रमुख से खुद को बड़ा समझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इतिहास में पहली बार हुआ है राजस्थान में किसी नेता को प्रधानमंत्री खुद अपनी कार में लेकर सभास्थल पहुंचे। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान में इस साल चुनाव में पार्टी का कोई चेहरा नहीं होगा, कमल का फूल ही उम्मीदवार घोषित होगा। आपको बता दें कि मेवाड़ के लिए एक किस्सा बहुत प्रसिद्ध है, कहा जाता है कि जिसका मेवाड़ उसका सत्ता लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में यह मिथक टूट गया, क्योंकि उस समय 26 सीटों में 16 सीट भाजपा के झोली में गई थी , लेकिन सरकार कांग्रेस की बनी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेवाड़ का ज़िक्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह माना जाता रहा कि मेवाड़ की तरफ से ही जीत का रास्ता तय होता है। हालांकि, पिछले चुनाव में यह मिथक टूट गया, क्योंकि यहां 26 में से 16 सीट भाजपा ने जीती, लेकिन सरकार नहीं बन पाई। चित्तौड़गढ के सांसद सी.पी. जोशी मेवाड और राजस्थान के विकास के हर मुदृदे को संसद में उठाते रहे हैं। अब मेवाड़ की आवाज पूरे राजस्थान में गूंजेगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Good News: गहलोत Cabinet से मिली प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति को हरी-झंडी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/good-news-green-hydrogen-policy-in-the-state-gets-green-signal-from-gehlot-cabinet/</link><pubDate>October 2, 2023, 11:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-02T171632.471-300x200.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर: रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट की स्वीकृति मुख्य सचिव एवं सक्षम समिति जारी करेगी। इस नीति से वर्ष 2030 तक राज्य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट की स्वीकृति मुख्य सचिव एवं सक्षम समिति जारी करेगी। इस नीति से वर्ष 2030 तक राज्य में 2000 केटीपीए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। इसके अलावा रिफाइनरी एवं फर्टिलाइजर प्लांटों की मांग की पूर्ति के लिए एक ग्रीन हाइड्रोजन वैली की स्थापना करना उद्देश्य है। ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत भारत में राजस्थान द्वारा कम से कम एक गीगावॉट इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग के साथ न्यूनतम 20 फीसदी ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति हो तथा राज्य में नेचुरल गैस की उत्पादित ज्यादा हो.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भूमि आवंटन का सौगात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत अक्षय ऊर्जा प्लांट स्थापना के लिए भूमि का सौगात भू राजस्व 2007 के नियमानुसार किया जाएगा। वहीं बता दें कि रीको द्वारा भूमि औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित की जाएगी। इसके साथ प्रदेश के निजी भूमि पर भी प्लांट को बनाया जा सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीति में मिलने वाला प्रोत्साहन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य में &amp;#8220;राजस्थान इन्वेस्टमेंट एवं प्रमोशन स्कीम&amp;#8221; के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन नीति को लाभ मिलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनुसंधान केंद्र के लिए अनुदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य में अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए कुल लागत का 30 फीसदी अनुदान मिलेगा। वहीं आपको बता दें कि आरवीएनएल के नेटवर्क पर बनने वाला प्रथम 500 केटीपीए तक अक्षय ऊर्जा संयंत्र को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: CM गहलोत &amp;#8216;मिशन 2030&amp;#8217; के दौरे पर, जानें आज से जुड़ी जानकारी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-cm-gehlot-on-mission-2030-tour-know-information-related-to-today/</link><pubDate>September 28, 2023, 11:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-2023-09-28T164347.507-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। सीएम गहलोत का संवाद कार्यक्रम &amp;#8216;मिशन 2030&amp;#8217; यात्रा के दौरान भी जारी रहेगा। इस दौरान सीएम विभिन्न समुदाय से संवाद करेंगे और सरकार के मिशन और विज़न से रूबरू करवाएंगे। CM गहलोत आज राज्य के नीमराणा और डीडवाना दौरे पर है। दौरे के दौर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सीएम गहलोत का संवाद कार्यक्रम &amp;#8216;मिशन 2030&amp;#8217; यात्रा के दौरान भी जारी रहेगा। इस दौरान सीएम विभिन्न समुदाय से संवाद करेंगे और सरकार के मिशन और विज़न से रूबरू करवाएंगे। CM गहलोत आज राज्य के नीमराणा और डीडवाना दौरे पर है। दौरे के दौरान CM गहलोत आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों से मुलाकात भी करेंगे। मिशन 2030 के तहत राज्य सरकार अपनी मिशन और विज़न से लोगों को संबोधित भी करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज का कार्यक्रम-&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;CM गहलोत आज विभिन्न जगहों के दौरे पर है। आपको जारी हुए कार्यक्रम के अनुसार बता दे कि वे सुबह जयपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होते हुए सीधा नीमराणा के काठूवास जाएंगे। यहां पहुंचने के बाद स्वर्गीय विमला देवी एवं स्वर्गीय लेखराम की मूर्ति के उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद होंगे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दिव्यांगों के लिए स्कूटी वितरण समारोह में सिरकत करेंगे। आपको बता दें कि मंत्री टीकाराम का पैतृक गांव काठूवास ही है। सभी समारोह समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नीमराना से डीडवाना के लिए रवाना होंगे। डीडवाना पहुंच कर यहां के एक खेल स्टेडियम में आयोजित एक स्पोर्ट्स कार्यक्रम में स्कूली छात्रों, खिलाड़ियों समेत आमजनता से संवाद करेंगे। फिर शाम 6 बजे जयपुर के लिए रवाना होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिशन 2030 से जुड़ी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का &amp;#8216;मिशन-2030&amp;#8217; विचार है. इस मिशन के तहत 2030 तक राज्य को श्रेष्ठ और टॉप मॉडल प्रदेश बनाने के लिए विभिन्न समुदाय से सुझाव मांगा जा रहा है। वहीं बता दें कि सरकार 2030 मिशन को सफल बनाने के लिए ऐप एवं अलग-अलग माध्यमों से लोगों का सुझाव इकट्ठा कर रही है। जानकारी के अनुसार अब तक 74 लाख से अधिक सुझाव 45 लाख से अधिक जनता द्वारा मिली है.इस मिशन की शुरुआत 23 अगस्त को CM गहलोत द्वारा किया गया है. 2030 मिशन के तहत नागरिक अपना सुझाव देकर प्रदेश को देश का विकसित राज्य बनाने में योगदान कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Election 2023: उदयपुर के फेर में फंसी बीजेपी-कांग्रेस, इस बार कौन देगा किसको मात,तीन पार्टियों में होगा मुकाबला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/election/rajasthan-election-2023-bjp-congress-stuck-in-udaipur-this-time-who-will-defeat-whom-three-parties-will-compete/</link><pubDate>July 11, 2023, 5:29 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/महंगाई-राहत-शिविर-में-खूब-लगा-23-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हर एक विधानसभा सीट को लेकर जीत-हार का गुणा भाग शुरु हो गया है। राजस्थान की राजनीति में सबसे प्रमुख माने जाने वाले मेवाड़ की 28 सीटों की अगर बात करें, तो यह सभी की नजरों ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हर एक विधानसभा सीट को लेकर जीत-हार का गुणा भाग शुरु हो गया है। राजस्थान की राजनीति में सबसे प्रमुख माने जाने वाले मेवाड़ की 28 सीटों की अगर बात करें, तो यह सभी की नजरों में है। मेवाड़ की उदयपुर शहर विधानसभा सबसे महत्तवपूर्ण सीटों में से एक माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस सीट पर है भाजपा का कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उदयपुर शहर विधानसभा सीट पर भाजपा का कई वर्षो तक एक छत्र राज चलता आया है, वहीं ऐसा पहली बार है जब दोनों ही मुख्य पार्टियों के पास कोई चेहरा नहीं है। कांग्रेस तो कमजोर थी ही लेकिन गुलाब चंद कटारिया के जाने के बाद बीजेपी के पास भी कोई मजबूत कैंडिडेट नहीं बचा है। उदयपुर विधानसभा सीट राजस्थान की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। इस बार उदयपुर विधानसभा सीट के परिणाम किस पार्टी के पक्ष में होंगे, यह जनता को तय करना है। हम आपके लिये लाये हैं विस्तृत कवरेज, जिसमें आप विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की सूची, पार्टी प्रचार व अन्य खबरों के साथ-साथ जान सकेंगे यहां के विजेता, उपविजेता, वोट शेयर और बहुत कुछ। आइये जानते हैं इस सीट के बारे में…&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;iframe loading=&quot;lazy&quot; title=&quot;Rajasthan Election 2023: उदयपुर के फेर में फंसी BJP-Congress, इस बार कौन देगा किसको मात&quot; width=&quot;500&quot; height=&quot;281&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/Y5MDxEtwgAo?feature=oembed&quot; frameborder=&quot;0&quot; allow=&quot;accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share&quot; referrerpolicy=&quot;strict-origin-when-cross-origin&quot; allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;उदयपुर विधानसभा सीट राजस्थान के उदयपुर जिले में आती है। उदयपुर शहर विधानसभा के सीट पर हार जीत के इतिहास की बात करें तो यहां पिछले 4 विधानसभा चुनाव से बीजेपी का कब्जा रहा है। वर्ष 2003 से 2018 तक वर्तमान में असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया यहां से विधायक थे।&lt;br&gt;2018 में उदयपुर में कुल 47 प्रतिशत वोट पड़े और 2018 में भारतीय जनता पार्टी से गुलाबचंद कटारिया ने कांग्रेस के डॉ गिरिजा व्यास को 9307 वोटों के मार्जिन से हराया था। इससे पहले कांग्रेस के त्रिलोक पूर्बिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास विधायक रही। इन दोनों से पहले एक दो बार गुलाब चंद कटारिया विधायक रहे। यह कह सकते हैं कि उदयपुर शहर विधानसभा पर ज्यादातर बीजेपी का ही राज रहा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोनों पार्टियों के सामने चेहरे की कमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उदयपुर विधानसभा सीट में पिछले लंबे समय से कांग्रेस से कोई मजबूत नेता सामने नहीं आया। यही वजह है की कांग्रेस ने पिछले चुनाव में वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास को गुलाब चंद कटारिया के सामने उतारा था, लेकिन कटारिया के सामने गिरिजा व्यास को हार का सामना करना पड़ा। यहीं स्थिति अब बीजेपी के सामने भी खड़ी हो गई है। गुलाब चंद कटारिया के असम राज्यपाल बनने के बाद बीजेपी के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसे में बीजेपी इस सीट पर अपना पुराना वर्चस्व बनाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। वहीं गुलाब चंद कटारिया के जाने के बाद कांग्रेस इस मौके का फायदा उठा अपना परचम लहराने की तैयारी में जुटी हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस सीट का जातिगत समीकरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर बात करें इस सीट के जातिगत समीकरण की तो उदयपुर जिले की तीन सामान्य सीटों में से सबसे हॉट उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से आठ बार ब्राह्मण व चार बार जैन प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं। शहर में सर्वाधिक मतदाता ब्राहाण करीब 45 हजार, जैन 42 हजार और मुस्लिम 35 हजार हैं। वर्ष 1952 से 2008 तक हुए विधानसभा चुनावों में मेवाड़ की सामान्य वर्ग की सीटों पर राजपूत और ब्राह्मण प्रत्याशियों का दबदबा रहा है। उदयपुर शहर, बड़ीसादड़ी, कुंभलगढ़ व बेगूं विधानसभा सीटों पर जैन समाज के उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की। शहर विधानसभा क्षेत्र से 1952 से 67 तक लगातार चार चुनाव ब्राहाण प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के मोहनलाल सुखाडिय़ा, 1972 में भानु कुमार शास्त्री, 1985 में डॉ. गिरिजा व्यास तथा 1990 और 93 में शिव किशोर सनाढ्य निर्वाचित हुए थे। जैन उम्मीदवार के रूप में भाजपा के गुलाबचंद कटारिया 1977, 1980, 2003 और 2008 में जीते थे। 1998 में ब्राह्मण-जैन एकाधिकार में बदलाव आया जब कांग्रेस के ओबीसी उम्मीदवार त्रिलोक पूर्बिया ने भाजपा के ब्राह्मण प्रत्याशी मांगीलाल जोशी को हराया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यहां का मुख्य मुद्दा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बात करें यहां के मुद्दे की तो झीलों के शहर उदयपुर में पर्यटन और झीलों से जुड़े बड़े मुद्दे है। उदयपुर का सबसे बड़ा मुद्दा ट्रैफिक व्यवस्था है। पर्यटन शहर होने की वजह से सीजन में यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में चारो तरफ जाम की स्थिति बन जाती है। यह सिर्फ सीजन में नहीं अन्य दिनों में भी लोगों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अगर दूसरे मुद्दे की बात करें झीलों से जुड़ा हुआ है। उदयपुर शहर झीलों के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। ऐसे में झील से जुड़ा मुद्दा भी बड़ा है,मुद्दा यह है कि झीलों में अभी भी सीवरेज का पानी जा रहा है। जिससे गंदगी और जल प्रदूषण फैल रहा है, बड़ी बात यह है कि अभी दोनों ही पार्टियां में इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। सभी चुनाव में जीत के लिए जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं।&lt;/p&gt;
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