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       <title>Today cm rajasthan News | Latest cm rajasthan News | Breaking cm rajasthan News in English | Latest cm rajasthan News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का cm rajasthan समाचार:Today cm rajasthan News ,Latest cm rajasthan News,Aaj Ka Samachar ,cm rajasthan समाचार ,Breaking cm rajasthan News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Rajasthan News : राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार, जानें क्या है मामला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-rajasthan-government-got-rebuke-from-supreme-court-know-what-is-the-matter/</link><pubDate>February 18, 2024, 6:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-7-8.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला। 10 लाख रुपए का लगा जुर्माना सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 लाख रुपए का लगा जुर्माना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही उच्च सदन ने राज्य सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लाखों का जुर्माना लगाया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लेबर कोर्ट के बहाली के निर्णय के बावजूद एक गरीब मजदूर को बार-बार मुकदमा दायर करने के लिए मजबूर किया गया, जिसको लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य सरकार की अपील को निरर्थक मुकदमेबाजी करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसके आचरण पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि न्यायाधीश अभय एस. ओका और न्यायाधीश उज्ज्ल भुइयां की बेंच ने राज्य सरकार द्वारा की गई अपील को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि चार सप्ताह के अंदर प्रतिवादी श्रमिक को 10 लाख रुपए के जुर्माने का भुगतान करें और छह सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में पालना रिपोर्ट दें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डबल बेंच में राजस्थान सरकार ने की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;2001 में लेबर कोर्ट ने प्रतिवादी मजदूर को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था। लेकिन इस निर्णय का अनुसरण नहीं किया गया और ऐसे में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की। हालांकि सिंगल बेंच में राज्य सरकार को सफलता नहीं मिल पाई, जिस वजह से राजस्थान सरकार ने डबल बेंच में अपील करना शुरू की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसे में राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। वहीं शीर्ष कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए कहा है कि यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि लेबर कोर्ट ने 2001 में आदेश दिया था लेकिन इसकी पालना करने के बजाय एक गरीब मजदूर को 22 साल तक मुकदमा लड़ने को राजस्थान सरकार मजबूर कर परेशान कर रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News : CS सुधांश पंत का अचानक कलक्ट्रेट दौरा, जानें क्यों जताई नाराजगी?</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-news-cs-sudhansh-pant-suddenly-visited-collectorate-know-why-he-expressed-his-displeasure/</link><pubDate>January 30, 2024, 7:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-7-5-300x196.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। भजनलाल की बीजेपी सरकार में प्रदेश भर के सरकारी कार्यालय में अधिकारी लगातार अचानक विजिट कर रहे है। जिससे कार्मिक कार्यालयों में लापरवाही नहीं बरते। लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ इस दौरान कार्रवाई भी की जा रही है। आज सुबह करीब दस ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भजनलाल की बीजेपी सरकार में प्रदेश भर के सरकारी कार्यालय में अधिकारी लगातार अचानक विजिट कर रहे है। जिससे कार्मिक कार्यालयों में लापरवाही नहीं बरते। लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ इस दौरान कार्रवाई भी की जा रही है। आज सुबह करीब दस बजे CS सुधांश पंत अचानक कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में सीएस के अचानक दौरे से हलचल मच गई। इस दौरान सीएस ने संभागीय आयुक्त कार्यालय का भी दौरा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फाइलों का अंबार देख सीएस हुए नाराज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;कलक्ट्रेट में जिला रसद कार्यालय और अन्य कार्यालयों में सीएस द्वारा निरीक्षण किया गया है। सीएस ने कार्यालयों में रखी फाइलों को खंगाला। इस दौरान सीएस कलक्ट्रेट और संभागीय आयुक्त कार्यालय में फाइलों का अंबार देखते ही नाराज हो गए। अधिकारियों से इस दौरान उन्होंने पूछा कि फाइलों को अंबार क्यों लगा पड़ा है। इसे लेकर सीएस ने बेहद नाराजगी जताई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निरीक्षण के दौरान अफसर दौड़ते हुए पहुंचे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;कई अफसर सीएस के अचानक निरीक्षण के दौरान दौड़ते हुए पहुंचे। सीएस के सामने सरकारी कार्यालयों में कार्मिक भागते दौड़ते नजर आए। अनुमान लगाया जा रहा है कि सीएस के अचानक निरीक्षण से अब लापरवाही बरतने वाले सरकारी कार्मिकों पर गाज गिर सकती है। क्योंकि पिछले दिनों जेडीए का सीएस ने अचानक निरीक्षण किया था। जहां लापरवाही बरतने वाले कई अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सुधांश पंथ एक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं जो वर्तमान में राजस्थान के मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Good News: गहलोत Cabinet से मिली प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति को हरी-झंडी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/good-news-green-hydrogen-policy-in-the-state-gets-green-signal-from-gehlot-cabinet/</link><pubDate>October 2, 2023, 11:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-02T171632.471-300x200.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर: रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट की स्वीकृति मुख्य सचिव एवं सक्षम समिति जारी करेगी। इस नीति से वर्ष 2030 तक राज्य...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट की स्वीकृति मुख्य सचिव एवं सक्षम समिति जारी करेगी। इस नीति से वर्ष 2030 तक राज्य में 2000 केटीपीए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। इसके अलावा रिफाइनरी एवं फर्टिलाइजर प्लांटों की मांग की पूर्ति के लिए एक ग्रीन हाइड्रोजन वैली की स्थापना करना उद्देश्य है। ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत भारत में राजस्थान द्वारा कम से कम एक गीगावॉट इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग के साथ न्यूनतम 20 फीसदी ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति हो तथा राज्य में नेचुरल गैस की उत्पादित ज्यादा हो.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भूमि आवंटन का सौगात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत अक्षय ऊर्जा प्लांट स्थापना के लिए भूमि का सौगात भू राजस्व 2007 के नियमानुसार किया जाएगा। वहीं बता दें कि रीको द्वारा भूमि औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित की जाएगी। इसके साथ प्रदेश के निजी भूमि पर भी प्लांट को बनाया जा सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीति में मिलने वाला प्रोत्साहन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य में &amp;#8220;राजस्थान इन्वेस्टमेंट एवं प्रमोशन स्कीम&amp;#8221; के अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन नीति को लाभ मिलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनुसंधान केंद्र के लिए अनुदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य में अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए कुल लागत का 30 फीसदी अनुदान मिलेगा। वहीं आपको बता दें कि आरवीएनएल के नेटवर्क पर बनने वाला प्रथम 500 केटीपीए तक अक्षय ऊर्जा संयंत्र को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।&lt;/p&gt;
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