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       <title>Today Diwali Dussehra 2023 News | Latest Diwali Dussehra 2023 News | Breaking Diwali Dussehra 2023 News in English | Latest Diwali Dussehra 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Diwali Dussehra 2023 समाचार:Today Diwali Dussehra 2023 News ,Latest Diwali Dussehra 2023 News,Aaj Ka Samachar ,Diwali Dussehra 2023 समाचार ,Breaking Diwali Dussehra 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/diwali-dussehra-2023</link>
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        </image><item><title>Rajasthan Weather: दीपावली तक कैसा रहेगा मौसम, जानें मौसम विभाग का ताजा अपडेट</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-weather-how-will-the-weather-be-till-diwali-know-the-latest-update-of-meteorological-department/</link><pubDate>November 4, 2023, 3:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2-2.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। नवंबर की शुरूआत के साथ ही राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में गुलाबी सर्दी का एहसास होने लगा है। ऐसे में कई जिलों में सुबह और शाम के साथ-साथ रात में हल्की सर्दी पड़ने से लोग गर्म कपड़े भी निकालने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में सुबह एवं रात के सम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; नवंबर की शुरूआत के साथ ही राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में गुलाबी सर्दी का एहसास होने लगा है। ऐसे में कई जिलों में सुबह और शाम के साथ-साथ रात में हल्की सर्दी पड़ने से लोग गर्म कपड़े भी निकालने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में सुबह एवं रात के समय गाड़ी चालक टोपी, मफलर और गर्म कपडे भी पहने दिखाई दे रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हल्की ठंड महसूस होने लगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश में मंद-मंद सर्द हवा चलने से सिहरन का एहसास हो रहा है। रात का तापमान नीचे लुढ़कने के साथ हल्की ठंड भी महसूस होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बताया जा रहा है कि आगामी कुछ दिनों में प्रदेश का अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा जा सकता है। अनुमान है कि सर्दी अब धीरे-धीरे कुछ दिनों के अंदर ही परवान चढ़ने लगेगा। सुबह और शाम में अब लोगों को गर्म कपड़े की जरुरत भी पड़ने लगी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गर्मी में कमी नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ सुबह और रात में तापमान कम होने से ठंड का अहसास भी होता है। वहीं ठंड के साथ ही दिन का समय सूर्यदेव के तेवर से गर्मी में कमी नहीं हो रही है। राजधानी जयपुर समेत अधिकतर जिलों में धूप अभी भी तेज पड़ रही है। गुलाबी ठंड के कारण प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 13 से 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावली तक दिन में गर्मी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;IMD जयपुर के मुताबिक राजस्थान में दीपावली तक दिन में गर्मी का सिलसिला जारी रह सकता है। उत्तर भारत में दीपावली तक कोई बड़ा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की अनुमान नहीं है। ऐसे में प्रदेश में सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना रहने के साथ-साथ हल्की गुलाबी सर्दी बनी रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज का मौसम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में आज का अधिकतम पारा 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। हवा में 39 % नमी मौजूद है। अनुमान है कि हवा 10 km प्रति घंटा के हिसाब से चलेगी। वहीं कई जिलों में बादल छाए रहेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Dussehra 2023: दशहरे पर निभाई जाती है वर्षो पुरानी खास परम्परा, पैरों तले रौंदा जाता है रावण का अहंकार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/society/dussehra-2023-years-old-special-tradition-is-performed-on-dussehra-ravanas-ego-is-trampled-under-his-feet/</link><pubDate>October 24, 2023, 4:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2-9-300x196.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। देशभर में दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। आज (मंगलवार) बड़े धूम-धाम से देश भर में विजयादशमी का त्योहार मनाया जा रहा है। राजस्थान के कोटा के दशहरा मैदान में इस अवसर पर असत्य पर सत्य की विजय के रूप में विशाल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देशभर में दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। आज (मंगलवार) बड़े धूम-धाम से देश भर में विजयादशमी का त्योहार मनाया जा रहा है। राजस्थान के कोटा के दशहरा मैदान में इस अवसर पर असत्य पर सत्य की विजय के रूप में विशालकाय रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा तो वहीं शिक्षा नगरी कोटा में आज जेठी समुदाय के लोग मिट्टी से बने दशानन के अहंकार को पैरों तले रौंदेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयकारों के बीच रावण से लड़ते कुश्ती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राजस्थान में रावण के अहंकार को जेठी समाज पैरों तले रौंदने कि पौराणिक परम्परा को वर्षो से विधि-विधान तरीके से मनाते आ रहे है। कोटा में पौराणिक परम्परा के अनुसार किशोरपुरा और नांता इलाके स्थित जेठी समाज के अखाड़े में मिट्टी का रावण बनाकर दशहरे पर पहलवान जय श्री राम के नारे के साथ रावण से कुश्ती लड़ते हैं। वहीं रावण को कुश्ती में हरा कर वध करते हैं और इस मौके पर अखाड़े में मौजूद सभी छोटे- बड़े पहलवानों की ख़ुशी देखने योग्य होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;समाज की यह रियायतकालीन परम्परा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोटा किशोरपुरा समाज के ईश्वरलाल जेठी ने बताया है कि समाज की यह वर्षो पुरानी पौराणिक परम्परा है। इस अवसर पर नवरात्र के पहले दिन अखाड़े की मिट्टी को एक जगह जमा कर रावण का प्रतीकात्मक रूप से बनाया जाता है। बता दें कि इस प्रतीकात्मक रूप पर ज्वारे उगाए जाते हैं। नौ दिन तक परिसर में विशेष कार्यक्रम चलता है। इस अवसर पर गरबा का भी आयोजन होता है। नवरात्रि के नवमी पर माता लिम्ब्जा मंदिर में हवन पूजा के साथ फलों का भोग समर्पित किया जाता है। वहीं दशहरे पर अखाड़े के पहलवान दशानन से युद्ध करते हैं और इस दौरान रावण को पैरों तले रौंदकर उसके अहंकार को मिट्टी में मिलाते है। इसके पश्चात् प्रशाद बांटा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्वारे खुशहाली का प्रतीक है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में नवरात्रि के पहले दिन रावण रुपी प्रतिक पर ज्वारे उगाए जाते हैं। बता दें कि नवरात्रि के दौरान इन ज्वारों को खुशहाली का प्रतिक माना जाता है। बताया जाता है कि अगर ज्वारे हरे भरे उगते है तो घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है। रावण पुतला दहन से पहले ज्वारे भगवान को चढ़ाया जाता है और आपस में बांटा भी जाता है। इस दौरान लोग एक दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं भी देते है।&lt;/p&gt;
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