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       <title>Today diwali News | Latest diwali News | Breaking diwali News in English | Latest diwali News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का diwali समाचार:Today diwali News ,Latest diwali News,Aaj Ka Samachar ,diwali समाचार ,Breaking diwali News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/diwali</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 5:28 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Govardhan Puja:  बृज में उमड़ी भक्तों की भीड़, परिक्रमा के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/govardhan-puja-crowd-of-devotees-gathered-in-brij-devotees-came-from-far-and-wide-for-parikrama/</link><pubDate>November 2, 2024, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/CTG6.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। 2 नवंबर को पूरे भारत में गोवर्धन पूजा को मनाया जा रहा है। गोवर्धन पूजन के मौके पर भरतपुर में पर्व को लेकर लोगों में हर्षोउल्लास है। गोवर्धन पूजा के लिए घर-घर में गोवर्धन बनाया जा रहा है। साथ ही इसकी पूजा को लेकर तैयारी की जा रही है। गोवर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; 2 नवंबर को पूरे भारत में गोवर्धन पूजा को मनाया जा रहा है। गोवर्धन पूजन के मौके पर भरतपुर में पर्व को लेकर लोगों में हर्षोउल्लास है। गोवर्धन पूजा के लिए घर-घर में गोवर्धन बनाया जा रहा है। साथ ही इसकी पूजा को लेकर तैयारी की जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोवर्धन की खास तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बृज क्षेत्र में इस त्योहार को लेकर खास तैयारी की जाती है। जहां गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है और फिर लोग इकट्ठे होकर उसकी विधि-विधान से पूजा की जाती हैं। इस दिन छप्पन प्रकार के भोजन बनाए जाते हैं। सब्जी से बने अन्नकूट और कढ़ी से गोवर्धन भगवान को भोग लगाया जाता है। गोवर्धन, जिन्हें गिरिराज के नाम से भी जाना जाता है। इनकी परिक्रमा 7 कोस या 21 किमी की है। गिरिराज महाराज की 21 किमी में से डेढ़ किमी परिक्रमा राजस्थान के डीग जिले के पूछरी गांव में आती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परिक्रमा का तरीका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा के अवसर पर गिरिराज जी के दर्शन और परिक्रमा के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं यहां आते है। श्रद्धालु गिरिराज महाराज, कान्हा और राधा के जयकारे लगाते है। जयकारे लगाते हुए 21 किमी की यात्रा पूरी कर गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी करते हैं। भक्त इस परिक्रमा को कई तरीके से पूरी करते हैं। कभी पैदल चलकर, दुग्ध कलश के साथ, तो कभी नली से दूध प्रवाह के साथ। ऐसे में कई भक्त कठिन परिक्रमा दंडवत के जरिए पूरी करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रास्ते के प्रमुख स्थल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भक्तग अपनी पूरी परिक्रमा दंडवत ही पूरी करते हैं। गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। गोवर्धन पर्वत को योगेश्वर भगवान कृष्ण का साक्षात रुप माना गया है। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्थल गोविन्दकुंड, आन्यौर, श्रीनाथजी, पूंछरी का लौठा, मुकुट मुखारविंद, कुसुम सरोवर, दाऊजी महराज, जतिपुरा राधाकुंड, दानघाटी और मानसी गंगा आदि है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Weather: मौसम ने दिवाली खत्म होते ही बदला अपना मिजाज</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-weather-the-weather-changed-its-mood-as-soon-as-diwali-ended/</link><pubDate>November 13, 2023, 4:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2-9-300x184.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। देश भर का मौसम बदल रहा है। ऐसे में राजस्थान का भी मौसम दिवाली खत्म होते ही बदलना शुरू हो गया है। मौसम में परिवर्तन बारिश होने के बाद से महूसस किया जा रहा है. दिवाली के पहले से ही परिवर्तन होने के कारण ठंड की एंट्री के साथ अब घरो में लोग ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर का मौसम बदल रहा है। ऐसे में राजस्थान का भी मौसम दिवाली खत्म होते ही बदलना शुरू हो गया है। मौसम में परिवर्तन बारिश होने के बाद से महूसस किया जा रहा है. दिवाली के पहले से ही परिवर्तन होने के कारण ठंड की एंट्री के साथ अब घरो में लोग स्वेटर और जैकेट भी निकालना शुरू कर दिए है. राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई जिलों में न्यूनतम पारा और नीचे दर्ज किया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई इलाकों में हुई बारिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हल्की-हल्की बारिश प्रदेश के कई इलाकों में दर्ज की गई है. बाइक और खुली गाड़ियों में यात्रा करने के लिए लोगों ने जैकेट, शॉल का उपयोग करना शुरू भी कर दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्दी के साथ कोहरे का असर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आने वाले कुछ दिनों में मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में और गिरावट होने की संभावना है. लोगों को मौसम वैज्ञानिकों ने सर्द कपड़े पहनने का सलाह दी है. सर्दी के साथ कोहरे का असर राज्य के कई हिस्सों में नजर आने की उम्मीद है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान नीचे दर्ज किया जा रहा है। बता दें कि ऐसे में लोगों को सर्दी वाले कपड़े पहनने का समय आ चुका है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;AQI बदलने की आशंका &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भीसीकर, अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरु, झुंझुनू, सीकर जिलों में मौसम विभाग ने बारिश होने का अनुमान लगाया है. वहीं AQI में बड़ा बदलाव दिवाली के अवसर पर पटाखे जलाने के बाद देखने को मिल सकता है. बता दें कि प्रदूषण लेवल कुछ समय पहले ही कम हुआ तो लोगों ने शुद्ध हवा में सांस ली. वहीं दिवाली खत्म होते ही पॉल्यूशन लेवल और बढ़ सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Diwali 2023: दीपावली पर सिर्फ पटाखे जलाएं नहीं जमकर खाएं भी ! जानें कैसे</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/diwali-2023-dont-just-burn-crackers-on-diwali-also-eat-a-lot-know-how/</link><pubDate>November 12, 2023, 5:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-5-4-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। जोधपुरराइट्स पटाखे छोड़ने के साथ इस बार दिवाली पर पटाखे को खाना भी अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बात को सुन कर आपको आश्चर्य भी होगा कि ये कैसे हो सकता है? लेकिन आज हम आपको बताते है ऐसे ही मजेदार बातें तो चलिए शुरू करते है जोधपुर से यहां बाजार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;जोधपुरराइट्स पटाखे छोड़ने के साथ इस बार दिवाली पर पटाखे को खाना भी अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बात को सुन कर आपको आश्चर्य भी होगा कि ये कैसे हो सकता है? लेकिन आज हम आपको बताते है ऐसे ही मजेदार बातें तो चलिए शुरू करते है जोधपुर से यहां बाजार में कुछ पटाखे वाली मिठाई आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। जो चर्चे का विषय भी बना हुआ है। वहीं शहर में मिठाई का कारोबार भी जमकर हो रहा है। मिठाई निर्माता निखिल वैष्णव ने बताया है कि दिवाली पर पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ नई पटाखे वाली मिठाइयां ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विदेशों में भी बड़ी मात्रा में भेजी जा रही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देशी घी और ड्राई फ्रूट्स से यह पटाखा मिठाई बनाई गई है। मिष्ठान भंडार मालिक ने बताया है कि शहर की यह प्रमुख मिठाइयां देश के विभिन्न राज्यों समेत विदेशों में भी बड़ी मात्रा में सेलिंग की जा रही है। हर वर्ष के तौर पर इस साल भी दीपावली के पर्व पर करोड़ों रुपए के कारोबार की संभावना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटाखे जैसी मिठाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चकरी, कोटा, टंकी बम व लडालड समेत रंगीन मोमबत्ती वाली मिठाई पटाखा मिठाई में आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। ड्राई फ्रूट्स से बनी विशेष रूप से इन मिठाइयों को पटाखों का आकार और लेबल लगाकर सजाया गया है। बता दें कि इससे यह एकबारगी तो मिठाई नहीं बल्कि हूबहू पटाखे के सामान नजर आ रही है। 18 सौ रुपए से दो हजार रुपए के भाव से यह मिठाइयां बिक रही है। इसी तरह ग्राहक चॉकलेट मिठाई और केक भी पसंद कर रहे है। वहीं पहली बार मिल्क पाउडर, पंच मेवे से बनी मिल्की बाइट वैरायटी भी तैयार की गई है। इसके साथ संगम बरफी, फ्रूट पंच, काजू रॉकी रोड, ड्राई फ्रूट्स कचौरी, ड्राई फ्रूट्स बाइट्स समेत कई नई वैरायटियों वाली मिठाइयां जैसे कि दाल-बादाम की चक्की, बेसन की चक्की, रबड़ी के लड्डू, माखनबड़ा भी लोगों की पसंद बनी हुई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Diwali 2023: दिवाली पर बन रहा 700 साल बाद महासंयोग, जानिए पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/diwali-2023-a-great-coincidence-is-happening-on-diwali-after-700-years-know-the-best-time-for-worship/</link><pubDate>November 11, 2023, 9:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-11-8-300x200.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में रविवार को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर स्वाति नक्षत्र के साथ आयुष्मान और सौभाग्य योग के विशेष संयोग के दौरान दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर 5 राजयोग के साथ 8 शुभ संयोग भी बन रह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में रविवार को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर स्वाति नक्षत्र के साथ आयुष्मान और सौभाग्य योग के विशेष संयोग के दौरान दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर 5 राजयोग के साथ 8 शुभ संयोग भी बन रहेंगे। लक्ष्मी पूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या होने से स्थिरलग्न व स्थिर नवांश में होगा। इस दिन राजस्थान में प्रदोषकाल शाम 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। वहीं शाम 5 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक वृषभ लग्न रहेगा। वहीं मध्यरात्रि 12 बजकर 20 मिनट से रात 2 बजकर 36 मिनट तक सिंह लग्न रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्योतिषाचार्य के अनुसार &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया है कि स्वाति नक्षत्र का दीपोत्सव पर विशेष संयोग बन रहा है, इसकी शुरुआत शनिवार रात एक बजकर 47 मिनट पर होगा, जो रविवार को दिवाली के दिन रात 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस दौरान मां लक्ष्मी का पूजन श्रेष्ठ बताया गया है। बता दें कि दिवाली के दिन आयुष्मान और सौभाग्य योग का भी संयोग बन रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लक्ष्मी पूजन लेकर आएगा सुख-समृद्धि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया है कि रविवार को शाम 06:02 से 06:15 बजे तक लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है, इस समय प्रदोषकाल, स्थिर वृषलग्न तथा कुम्भ का नवांश भी दिखेगा। इस कारण वह बताते है कि इस सर्वश्रेष्ठ समय में लक्ष्मी पूजन करना सुख-समृद्धि का प्रतिक होगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शाम 06:02 से 06:15 बजे तक लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय बताया गया है। शाम 05:34 से रात 08:13 बजे तक प्रदोष काल रहेगा।&lt;br&gt;शाम 05:50 से 7:47 बजे तक वृषलग्न और&lt;br&gt;सिंह लग्न मध्यरात्रि 12:20 बजे से अंतरात्रि 02:36 बजे तक रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चौघड़िए के मुताबिक लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त &amp;#8211;&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;चौघड़िए -समय&lt;br&gt;लाभ और अमृत &amp;#8211; सुबह 9.29 से दोपहर 12.11 बजे तक&lt;br&gt;शुभ &amp;#8211; दोपहर 1.32 से 2.52 बजे तक&lt;br&gt;शुभ, अमृत और चर का चौघड़िया &amp;#8211; शाम 05:34 से रात 10:32 बजे तक, लाभ का चौघड़िया मध्यरात्रि 01:50 से अंतरात्रि 3:30 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;700 साल बाद बना ऐसा संयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल दीपावली पर ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि एक साथ 3 शुभ योग और 5 राजयोग का संयोग बन रहा है, इस साल के दिवाली पर गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नामक योग बन रहे है। शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु ग्रह स्थितियों के कारण इन राजयोगों का निर्माण हो रहा है। आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग भी लक्ष्मी पूजा के समय बनेंगे। शुभ योगों की ऐसी स्थिति पिछले 700 सालों में दीपावली पर नहीं बनी है। इतने शुभ संयोग बनने के कारण यह दिवाली सुख-समृद्धि से भरपूर होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गजकेसरी योग होगा लाभदायक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी योग को ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया है कि यह योग सम्मान और लाभ देने वाला माना जाता है। धन लाभ, संपत्ति और प्रतिष्ठा हर्ष योग बढ़ता है। स्थिरता और सफलता काहल योग देता है। वहीं, आर्थिक संपन्नता उभयचरी योग से बढ़ती है। शांति और शुभता दुर्धरा योग बढ़ाता है। वहीं दीपावली पर कई सालों बाद दुर्लभ संयोग भी देखने को मिल रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इनकी आराधना से होगा सुख-समृद्धि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य बताते है कि दीपावली की शाम को शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, मां सरस्वती और धन के देवता कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि दीपावली की रात में मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और अपनी कृपा बरसाती हैं। इस अवसर पर दीपावली के दिन श्रीसूक्त एवं विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी करना अच्छा माना जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: दिवाली पास, हवाई किराया अभी से आसमान पर…जाने कितनी होगी जेब ढीली</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/tourism/rajasthan-diwali-is-near-air-fares-are-sky-high-from-now-who-knows-how-much-will-be-left-in-your-pocket/</link><pubDate>October 29, 2023, 3:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-1-16-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। देश भर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में बता दें कि नवरात्रि से ही फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो गई है, जो दीपावली और छठ पर्व तक जारी रहेगी। ऐसे में राजस्थान देश का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल माना जाता है। बात करें अगर उदयपुर की तो ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में बता दें कि नवरात्रि से ही फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो गई है, जो दीपावली और छठ पर्व तक जारी रहेगी। ऐसे में राजस्थान देश का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल माना जाता है। बात करें अगर उदयपुर की तो यहां सबसे ज्यादा पर्यटक अक्टूबर से लेकर जनवरी महीने तक घूमने आते हैं। आपको बता दें कि उदयपुर एयरपोर्ट कमेटी ने पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उड़ानों के लिए विंटर शेड्यूल तैयार किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज से विंटर शेड्यूल जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान के उदयपुर महाराणा प्रताप डबोक एयरपोर्ट का आज से विंटर शेड्यूल शुरू हो रहा है। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इस एयरपोर्ट से नौ शहरों के लिए 22 उड़ानें मिलेगी। बता दें कि इस खास इंतजाम से विंटर सीजन में पर्यटकों को अच्छी सुविधा मिल सकेगी। वहीं दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए एयरलाइंस ने सभी विमान की किराए में दो गुना वृद्धि की अनुमान बताई है। वहीं उदयपुर एयरपोर्ट को कुछ और उड़ानें मिलने की उम्मीद भी एक उम्मीद ही रह गई ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कहां के लिए कितनी फ्लाइट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि झीलों की नगरी उदयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल है। देशभर से सबसे ज्यादा पर्यटक अक्टूबर से लेकर जनवरी महीने में उदयपुर आते हैं। वहीं हजारों की संख्या में पर्यटक दीपावली के बाद उदयपुर का दौरा करते हैं। दीपावली के 10 से 15 दिनों के बाद उदयपुर में बड़ी संख्या में पर्यटक देखने को मिलते हैं। बता दें कि दिल्ली, मुंबई, मध्य प्रदेश और गुजरात से आने वाले पर्यटक की संख्या अधिक होती है। पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उदयपुर एयरपोर्ट कमेटी पर्यटकों को फ्लाइट कनेक्टिविटी मिलने के कारण सुविधाजनक बताया है। अगर किराए की बात करें तो यात्रियों की संख्या के साथ-साथ उड़ान की किरायों में भी उछाल देखा जा रहा है। जैसे अगर उदयपुर से दिल्ली चलने वाली फ्लाइट का किराया सामान्य दिनों में 4000 से 4500 रुपए तक रहता है वहीं दीपावली के मौके पर यह किराया 7 से 8 हजार में तब्दील हो जाता है। इसी प्रकार बाकी जगहों के लिए भी किराए में बढ़ोतरी देखी जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्लाइट की सुविधा इन शहरों के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उदयपुर ट्रैवल एक्सपर्ट अशोक जोशी ने बताया है कि जैसे-जैसे उदयपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे हवाई किराया भी बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने बताया कि दीपावली और छठ पर्व तक यह किराया डेढ़ से दो गुना में तब्दील हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ने वाली है। इस कारण उदयपुर से दिल्ली के लिए 7 उड़ानें है, मुंबई के लिए 5, अहमदाबाद के लिए एक, एक राजकोट के लिए, सूरत के लिए एक, इंदौर के लिए एक, जयपुर के लिए 2 फ्लाइट मिली है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Weather Update : ये दिवाली स्वेटर के साथ, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हो रहा है सक्रिय</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-weather-update-this-diwali-with-sweater-western-disturbance-is-becoming-active/</link><pubDate>October 20, 2023, 4:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2-6-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में सर्दी का आगमन हो गया है। IMD ने बताया है कि दशहरा और दिवाली से पहले ही सर्दी दस्तक दे देगी. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जयपुर में न्यूनतम पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया है. जिस कारण रात और सुबह के समय लोगों को हल्की ठंड का एह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान में सर्दी का आगमन हो गया है। IMD ने बताया है कि दशहरा और दिवाली से पहले ही सर्दी दस्तक दे देगी. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जयपुर में न्यूनतम पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया है. जिस कारण रात और सुबह के समय लोगों को हल्की ठंड का एहसास होना शुरू हो गया है। वहीं उत्तर-पूर्वी राजस्थान में रात का तापमान 13 डिग्री तक पहुंच गया है. जोधपुर-बीकानेर और बाड़मेर सहित क्षेत्रों में पारा 20 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। जैसलमेर और कुछ इलाकों में भी कोहरा छाने लगा है तो दूसरी तरफ बॉर्डर इलाको में सर्दी का सितम शुरू हो गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने के आसार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;IMD के अनुसार आगामी दो दिनों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने के अनुमान है। जिस कारण बूंदाबांदी के रूप में कई जगहों पर हल्की बारिश भी होगी। हालांकि जयपुर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में आगामी कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि कुछ दिनों के अंदर फतेहपुर, सीकर, सिरोही, हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। वहीं सीकर अभी तक सबसे ठंडा जिला बताया गया है जहां 13 डिग्री के आस पास तापमान रिकॉर्ड किया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;श्रीगंगानगर, चूरू में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। चूरू में अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं जैसलमेर में अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब राजस्थान में इस सीजन में पारा 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हो रहा है . वहीं हनुमानगढ़ में 16.6, सिरोही में 16, फतेहपुर में 17.2 और पिलानी में तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस बताया गया है. बता दें कि गुरुवार को अलवर और सीकर जिले में सुबह की शुरुआत कोहरे के ही साथ हुई और कोहरे के साथ में सर्दी का सितम भी शुरू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रात का तापमान और लुढ़केगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;IMD ने कहा है कि उत्तर भारत में हुई बर्फबारी से अब आगामी दिनों में रात का तापमान और लुढ़कने वाला है। वहीं उत्तर-पश्चिम राज्यों में 21-22 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रीय होने जा रहा है। जिस कारण गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Weather : मौसम में बदलाव 21 अक्टूबर से इन जिलों में बारिश और दीवाली से पहले सर्दी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-weather-change-in-weather-rain-in-these-districts-from-october-21-and-winter-before-diwali/</link><pubDate>October 19, 2023, 3:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-1-7-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 21 अक्टूबर से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस राजस्थान के उत्तर पश्चिम एरिया में सक्रीय होने वाला है लेकिन अनुमान है कि इसकी स्पीड कम होगी जिस कारण बीकानेर और जोधपुर संभाग के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 21 अक्टूबर से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस राजस्थान के उत्तर पश्चिम एरिया में सक्रीय होने वाला है लेकिन अनुमान है कि इसकी स्पीड कम होगी जिस कारण बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश और सर्दी का सितम शुरू होगा। वहीं 21 अक्टूबर के आस-पास बादल छाय रहेंगे और अनुमान है कि हल्की बारिश भी होगी उसके बाद सर्दी बढ़ने की संभावना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिलों में सर्दी ने दी दस्तक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि पिछले दो दिन के अंदर बाड़मेर, जैसलमेर एरिया में बारिश हुई है। जिससे दिन का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया इस कारण यहां ठंडक बढ़ी। बता दें कि जैसलमेर का अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस बताया गया। वहीं श्रीगंगानगर, चूरू में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। जैसलमेर का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस नीचे बताया गया है। हालांकि बारिश के बाद रात का पारा लुढ़क गया और सीकर का न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जिस कारण इन जगहों पर हल्की ठंड की शुरुआत हो गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में इस साल पहली बार तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है. बता दें रात में गंगानगर का तापमान 16.5, हनुमानगढ़ में 16.6, सिरोही में 16, फतेहपुर में 17.2 और पिलानी में तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। गुरुवार को अलवर और सीकर जिले में सुबह की शुरुआत कोहरे से हुई और साथ में यहां सर्दी का असर भी दिखने लगा। IMD का कहना हैं कि उत्तर भारत में हुई बर्फबारी से अब आगामी दिनों में रात का पारा और गिरने वाला है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;IMD ने किया अलर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;IMD ने बताया कि उत्तर-पश्चिम राज्यों में 21-22 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा जिस कारण गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं इस साल राजस्थान में मानसून की शुरुआत जुलाई के महीने में हुई थी। हालांकि मानसून के ज्यादा दिनों तक नहीं रहने के कारण किसान को निराश भी होना पड़ा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>