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       <title>Today Ekadashi News | Latest Ekadashi News | Breaking Ekadashi News in English | Latest Ekadashi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Ekadashi समाचार:Today Ekadashi News ,Latest Ekadashi News,Aaj Ka Samachar ,Ekadashi समाचार ,Breaking Ekadashi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Mohini Ekadashi 2024 : मोहिनी एकादशी पर करें ये तीन उपाय, दूर होगी सभी परेशानी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/mohini-ekadashi-2024-do-these-three-measures-on-mohini-ekadashi-all-problems-will-go-away/</link><pubDate>May 17, 2024, 4:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-7-7.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का अपना एक अलग महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, जो भक्त इस पवित्र तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा-पाठ करता है, उसके जीवन से सभी परेशानी दूर हो जाती है। साथ ही युवकों के जीवन में कभी धन-धान्य की कमी न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का अपना एक अलग महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, जो भक्त इस पवित्र तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा-पाठ करता है, उसके जीवन से सभी परेशानी दूर हो जाती है। साथ ही युवकों के जीवन में कभी धन-धान्य की कमी नहीं आती है. बता दें कि वैशाख मास के शुल्क पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी मनाया जाता है. इस साल 19 मई को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी. माना जाता है कि अगर इस तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा-पाठ की जाएं तो जीवन से सभी प्रकार की कष्ट और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है और साथ में भक्तों की जीवन में सुख-समृद्धि में आती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोहिनी एकादशी पर करें ये उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;जीवन से खत्म हो जाएंगे सारे कष्ट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;अगर आप मोहिनी एकादशी पर तुलसी के सामने घी का दीपक जलाते और तुलसी माता के मंत्रों का जाप करते है तो इससे आपकी जिंदगी में खुशियां आएगी। साथ ही इस तिथि पर तुलसी माता की 11 परिक्रमा करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है.&lt;/p&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot; start=&quot;2&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;विवाह में आ रही परेशानी होगी दूर&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;जिन लोगों के विवाह में परेशानी आ रही है. उन लोगों को मोहिनी एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए. इस तिथि पर भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति ऐसा करता है, उसकी विवाह में आ रही सभी परेशानीखत्म हो जाती हैं और जल्द ही शादी हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot; start=&quot;3&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;अगर जीवन में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो करें ये उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;अगर आप अपने जीवन में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो मोहिनी एकादशी के शुभ तिथि पर आप अपने घर पर आए किसी भी लोगों को भूखा न जाने दें. उन्हें कुछ न कुछ जरूर खिलाएं। ऐसा करने से भक्तों के परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज है देवशयनी एकादशी, जाने इस दिन क्यों वर्जित होता है चावल</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/today-is-devshayani-ekadashi-know-why-rice-is-prohibited-on-this-day/</link><pubDate>June 29, 2023, 9:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021509.646-300x169.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>जयपुर। 29 जून को देवशयनी एकादशी है. आज सृष्टि के पालनहार भगवान वासुदेव देवशयनी एकादशी से क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन हो जाएंगे। आज के दिन मनोकामना मांगने से भगवान हरी उन्हें पूरी कर देते हैं। आज है देवशयनी एकादशी आपको बता दें कि गुरूवार य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;29 जून को देवशयनी एकादशी है. आज सृष्टि के पालनहार भगवान वासुदेव देवशयनी एकादशी से क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन हो जाएंगे। आज के दिन मनोकामना मांगने से भगवान हरी उन्हें पूरी कर देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज है देवशयनी एकादशी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि गुरूवार यानी आज देवशयनी एकादशी है. आज के दिन देवशयनी एकादशी व्रत रखने से सारी मुरादों की पूर्ति हो जाती है. वहीं 30 जून से चातुर्मास शुरू हो जाएगा जिसके बाद सभी शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। चातुर्मास लगने के बाद ध्यान योग साधन के कार्यक्रम होंगे। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु के योग निद्रा में जाने पर देवउठनी एकादशी तक भगवान शिव धरती का कार्य भार संभालते हैं. यही कारण है कि इन महीनों में भगवान शिव की विशेष पूजा आराधना होती है. धर्म शास्त्रों के दौरान चातुर्मास को कर राशि वालों को संत सेवा जरूर करना चाहिए। वहीं इन महीनों में किए गए तप, दान, सेवा का फल जरूर प्राप्त होता है. शस्त्रों के अनुसार देवशयनी एकादशी का व्रत महिला और पुरुष दोनों को करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-3895&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707.png 790w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707-300x169.png 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707-768x432.png 768w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707-150x84.png 150w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-29T021927.707-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित क्यों ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिन्दू मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि चावल में जल तत्व की मात्रा अधिक होती है. जल पर चन्द्रमा का प्रभाव ज्यादा होता है. ऐसे में चावल खाने से शरीर में जल की मात्रा अधिक हो जाती है जिससे मन विचलित और चंचल हो जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है देवशयनी एकादशी की पूजा विधि ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के माध्यम से भगवान नारायण यानी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करना चाहिए। इसके बाद पीले पुष्प, धूप और दीपक से पूजा अर्चना करने के साथ आरती करनी चाहिए। अगर प्रसाद की बात करें तो देसी घी से बनी मिठाइयां अथवा खीर बना कर भगवान को चढ़ाना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: निर्जला एकादशी से पूर्ण होंगी सारी मनोकामनाएं, जानिए क्या है महत्व ?</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/rajasthan-all-wishes-will-be-fulfilled-by-nirjala-ekadashi-know-what-is-its-importance/</link><pubDate>May 25, 2023, 11:17 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-8-12-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। निर्जला एकादशी का पर्व 31 मई को मनाया जाता है. एकादशी त्यौहार भगवान विष्णु को समर्पित है. 12 महीने में कुल 24 बार एकादशी तिथि आती है. इस दिन मेवाड़ में पतंगे उड़ाने की परंपरा है. इस त्यौहार को लेकर बाजार में पतंगों की दुकानें सज गई हैं. क्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; निर्जला एकादशी का पर्व 31 मई को मनाया जाता है. एकादशी त्यौहार भगवान विष्णु को समर्पित है. 12 महीने में कुल 24 बार एकादशी तिथि आती है. इस दिन मेवाड़ में पतंगे उड़ाने की परंपरा है. इस त्यौहार को लेकर बाजार में पतंगों की दुकानें सज गई हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है निर्जला एकादशी ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि निर्जला एकादशी का पर्व 31 मई को मनाया जायेगा। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से दीर्घ आयु और मोक्ष की प्राप्ति होती है. एकादशी के दिन भगवान विष्णु के मन्त्र का जाप करने के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या रहेगा शुभ समय ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिन्दू पांचवहंग के अनुसार एकादशी तिथि 30 मई दोपहर 1 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगी और 31 मई को दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन सर्वार्थ सीधी का योग सुबह 5 बजकर 24 मिनट से सुबह 8 बजकर 10 मिनट तक किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेवाड़ में होगी पतंगबाजी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेवाड़ में इस दिन पतंगें उडानें की परम्परा है। इसको लेकर बाजार में पतंगों की दुकानें सज गई हैं। वही पतंगबाजों, बच्चों व बड़ों में पर्व को लेकर उत्साह दिखने लगा है। जानकारी के अनुसार पर्व की तैयारी में अभी से युवा और उनके परिजन जुटे हुए है। शहर के आसपास मनाये जाने वाले इस पर्व पर विशेष रूप से शहर के परकोटे में खूब पतंगबाजी होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस दिन कैसे करे पूजा ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सबसे पहले सुबह उठकर नहाना चाहिए। फिर घर में दीपक प्रज्जवलित करना चाहिए। उसके बाद भगवान विष्णु को गंगा जल से अभिषेक कर उन्हें फूल और तुलसी की पत्तियां चढ़ाना चाहिए। भगवान विष्णु को उसके बाद सात्विक चीजों का भोग लगाना चाहिए। भोग लगाने के बाद -आरती करनी चाहिए और निर्जला एकादशी व्रत कथा पढ़नी चाहिए। अंतिम में भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए।&lt;/p&gt;
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