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       <title>Today Festivals News in Hindi News | Latest Festivals News in Hindi News | Breaking Festivals News in Hindi News in English | Latest Festivals News in Hindi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Festivals News in Hindi समाचार:Today Festivals News in Hindi News ,Latest Festivals News in Hindi News,Aaj Ka Samachar ,Festivals News in Hindi समाचार ,Breaking Festivals News in Hindi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/festivals-news-in-hindi</link>
        <lastBuildDate>April 6, 2026, 5:22 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Skand Shashthi 2024: आज है स्कंद षष्ठी का व्रत, जाने इसका महत्व और पूजन विधि</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/skand-shashthi-2024-today-is-skand-shashthi-fast-know-its-importance-and-method-of-worship/</link><pubDate>July 11, 2024, 11:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/लस.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। भगवान शिव और देवी पार्वती के बेटे कार्तिकेय की पूजा हर महीने शुक्ल की षष्ठी तिथि को की जाती है। शास्त्रों के मुताबिक आषाढ़ के महीने में पड़ने वाली स्कंद षष्ठी का अधिक महत्व है। स्कंद षष्ठी जिसे षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस बा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भगवान शिव और देवी पार्वती के बेटे कार्तिकेय की पूजा हर महीने शुक्ल की षष्ठी तिथि को की जाती है। शास्त्रों के मुताबिक आषाढ़ के महीने में पड़ने वाली स्कंद षष्ठी का अधिक महत्व है। स्कंद षष्ठी जिसे षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस बार यह व्रत 11 जुलाई को रखा गया है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्कंद षष्ठी की पूजन विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दक्षिण भारत में पूजे जाने वाले मुख्य देवाताओं में से एक भगवान कार्तिकेय है। जो माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र है। भगवान स्कंद शक्ति के अद्धदेव माने जाते है। कार्तिकेय को सुब्रमण्यम, स्कंद और मुरुगन के नाम से भी जाना जाता है। भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापित कहा जाता है। स्कंद षष्ठी पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा- अर्चना की जाती है। इस दिन ब्रह्मा मुहूर्त में सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहनने चाहिए। पूजा स्थल पर भगवान कार्तिकेय को फल, फूल, मिठाई और जल अर्पित करना चाहिए। षष्ठी व्रत के दिन उपवास रखकर षष्ठी व्रत की कथा सुननी चाहिए। इस दिन मांस,शराब, प्याज और लहसुन से परहेज करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्कंद षष्ठी का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्कंद षष्ठी में पुराण के नारद-नारायण संवाद में संतान प्राप्ति और संतान पीड़ाओं जैसी समस्याओं को दूर करने वाले इस उपवास का विधान बताया गया है। इस उपवास को रखने से संतान और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। भगवान कार्तिकेय का यह उपवास करने से दुश्मनों पर जीत हासिल होती है। माना जाता है कि इस दिन उपवास करने से लोगों की जिंदगी से परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है। पुराणों के मुताबिक स्कंद षष्ठी की उपासना से च्यवन ऋषि को आखों की ज्योति की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Govardhan Puja 2023: गोवर्धन पूजा कब? जानें पूजा की श्रेष्ठ मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/govardhan-puja-2023-when-is-govardhan-puja-know-the-best-time-for-worship/</link><pubDate>November 13, 2023, 8:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-5-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ ल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपका भ्रम दूर करेंगे तो चलिए जानते है पूजा से जुड़ी तमाम जानकारी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिवाली पर्व के चौथे दिन गोवर्धन पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा पांच दिवसीय दिवाली पर्व के चौथे दिन की जाती है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। घरों में इस दिन गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और इसके साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा तैयार की जाती है। इसके बाद गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शाम के समय होती है और अन्नकूट और कढ़ी चावल का उन्हें भोग लगाया जाता है। इस साल लोगों में गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। तो आइए आपको बताते हैं कि गोवर्धन पूजा कब की जाएगी और इस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार 13 नवंबर दिन सोमवार को दोपहर 2:56 बजे से कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की आरंभ हो रही है और 14 नवंबर दिन मंगलवार को दोपहर 2:36 बजे समापन होगा। उदया तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के मुताबिक प्रातः काल 14 नवंबर को सुबह 6:43 बजे से 08:52 बजे के बीच शुभ गोवर्धन पूजा का मुहूर्त है। ऐसे में दो घंटे नौ मिनट तक गोवर्धन पूजा के लिए पूजा का मुहूर्त रहेगा। घर के आंगन में गोवर्धन पूजा पर गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। प्रकृति की पूजा भी गोवर्धन पूजा को कहा जाता है, स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसकी शुरुआत की थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह योग बन रहा है गोवर्धन पूजा पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार शुभ योग गोवर्धन पूजा के दिन बन रहे हैं। गोवर्धन पूजा पर प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक शोभन योग है। अतिगंड योग उसके बाद से शुरू हो जाएगा। अतिगंड योग को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि एक शुभ योग शोभन योग को माना जाता है। इसके अलावा सुबह से ही गोवर्धन पूजा के दिन अनुराधा नक्षत्र होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें गोवर्धन पूजा की विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुबह जल्दी उठकर गोवर्धन पूजा के दिन स्नानादि करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फिर गाय के गोबर से शुभ मुहूर्त में गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और इसके साथ ही गाय, बछड़े आदि की आकृति भी बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद विधिवत पूजा धूप-दीप आदि से करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दुग्ध से भगवान कृष्ण को स्नान कराने के बाद उनका पूजा-अर्चना करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद भगवान कृष्ण को अन्नकूट का प्रसाद अर्पित करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए गोवर्धन पूजा का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रकृति को समर्पित पर्व गोवर्धन पूजा को ही कहते है। माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था और अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। प्रकृति की सेवा और पूजा करने का संदेश लोगों को दिया था। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का यह दिन था। उस दौरन से से ही इस दिन पर लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करते है और इस अवसर पर सभी तरह की मौसमी सब्जियों से तैयार अन्नकूट का प्रसाद भगवान को चढ़ाते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Dhanteras 2023: धनतेरस आज, जानें खरीदारी के शुभ मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/dhanteras-2023-dhanteras-today-know-the-auspicious-time-for-shopping/</link><pubDate>November 10, 2023, 3:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-1-7-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देश भर में त्योहारों की धूम मची है। ऐसे में आज (शुक्रवार) पूरा देश धनतेरस मना रहा है। शुक्रवार से 125 वर्ष बाद दीपोत्सव पर्व की आरंभ पांच से अधिक महांसयोगों में होगी। इस अवसर पर लोग माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में त्योहारों की धूम मची है। ऐसे में आज (शुक्रवार) पूरा देश धनतेरस मना रहा है। शुक्रवार से 125 वर्ष बाद दीपोत्सव पर्व की आरंभ पांच से अधिक महांसयोगों में होगी। इस अवसर पर लोग माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना करते है। धनतेरस पर लोग आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, प्रॉपर्टी, सोने-चांदी के सिक्के और बर्तन की खरीदारी करेंगे। प्रसिद्ध ज्योतिष पं.दामोदर प्रसाद शर्मा बताते है पर्व की महत्ता के लिए हस्त नक्षत्र, अमृत, प्रीति योग के साथ ही ग्रहों का विशेष महासंयोग खास होगा। दोपहर 12.36 बजे से लेकर शनिवार दोपहर 1.58 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी। वहीं प्रदोष काल में यम के निमित्त दीप दान शाम 5.35 बजे बाद होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;धनतेरस शुक्रवार को मनाई जा रही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ज्यार्तिविद पं.घनश्यामलाल स्वर्णकार के अनुसार दीपोत्सव पर्व प्रदोषकाल शाम 5.35 से रात 8.13 बजे के बीच में मनाने की पौराणिक परंपरा है। अत: शुक्रवार यानी आज धनतेरस मनाया जा रहा है। धनतेरस पर अबूझ मुहूर्त बनने से वाहन, बर्तन, चांदी के आभूषण समेत अन्य खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना गया है। धातु के बर्तन एवं सोने-चांदी आदि के आभूषण अपराह्न काल में खरीदना विशेष फलदायी रहेगा। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरी की जयंती शनिवार को रहेगी। शनिवार को त्रयोदशी तिथि रहने से भी इस दिन खरीदारी कर सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी जानें &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऐसे रहेंगे चौघड़िये-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;चर का &amp;#8211; बर्तन, वाहन क्रय, प्रापर्टी &amp;#8211; सुबह 6.46 से 8.08 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अमृत का लाभ &amp;#8211; इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन, स्वर्ण आभूषण- सुबह 8.08 से 10.50 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शुभ का- कपडे, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चांदी के सिक्के, स्वर्ण आभूषण, बर्तन- दोपहर 12.11 से दोपहर 1.32 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;चर का &amp;#8211; बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चांदी के सिक्के, स्वर्ण आभूषण,&lt;br&gt;बर्तन &amp;#8211; शाम 4.14 से शाम 5.35 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शाम 5.35 से रात 8.13 बजे तक प्रदोष काल&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;br&gt;&lt;strong&gt;इस समय के बीच आप खरीदारी और दीपदान करते है तो श्रेष्ठ माना जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लाभ का -इलेक्ट्रॉनिक सामान, प्रॉपर्टी, चांदी के सिक्के, स्वर्ण आभूषण, बर्तन- शाम 8.53 बजे से रात 10.31 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजन मुहूर्त &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धनतेरस का शुभ पूजन मुहूर्त शाम 5:47 से लेकर शाम 7:43 तक रहेगा। इसकी अवधि 1 घंटा 56 मिनट होगी।&lt;/p&gt;
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