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       <title>Today GK News | Latest GK News | Breaking GK News in English | Latest GK News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का GK समाचार:Today GK News ,Latest GK News,Aaj Ka Samachar ,GK समाचार ,Breaking GK News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Right: जानें कौन है महाराणा प्रताप के वंशज, जिसके पास है संपत्ति के असल अधिकार?</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/right-know-who-is-the-descendant-of-maharana-pratap-who-has-the-real-rights-to-the-property/</link><pubDate>November 27, 2024, 7:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/rig.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में वीरता, साहस के प्रतीक के रुप में दर्ज है। महराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। राजस्थान के मेवाड़ के राणा थे। महाराणा प्रताप एक ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लंबे समय तक सं...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में वीरता, साहस के प्रतीक के रुप में दर्ज है। महराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। राजस्थान के मेवाड़ के राणा थे। महाराणा प्रताप एक ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजघराने के सदस्यों के बीच विवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महराणा प्रताप के वंशज आज भी उदयपुर में रहते हैं। जो उनकी विरासत को संजोए हुए हैं, लेकिन इस विरासत के साथ ही एक लंबा विवाद भी जुड़ा हुआ है, जो संपत्ति को लेकर वर्तमान में भी उपज रहा है। महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच संपत्ति को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है। संपत्ति विवाद के कारण ही राजघराने के सदस्यों के बीच संबंध खराब हो गए हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर महाराणा प्रताप के वंशज कौन हैं और उनकी संपत्ति किसके पास है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विश्वराज सिंह महाराणा प्रताप के पोते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाराणा प्रताप के बाद उनके परिवार और वंशजों का योगदान भी खास रहा है। वो हमेशा मेवाड़ के शाही परिवार के सदस्य रहे हैं। उनके वंशज आज भी भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा समय में महाराणा प्रताप के वंशजों के रूप में उनके परिवार के खास व्यक्ति विश्वराज सिंह मेवाड़ हैं, जो महलों जायदादों और ऐतिहासिक धरोहर के मालिक हैं। विश्वराज सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप के पोते महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे हैं, जिनका हाल ही में निधन हुआ था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महेंद्र सिंह के बाद बेटे ने जिम्मेदारी संभाली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके निधन के बाद उनके बेटे ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। सिटी पैलेस की शानदार वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे एक खास पर्यटन स्थल बनाने में सहयोग करता है। इसके अतिरिक्त मेवाड़ के अन्य महल, किलों और जमीन-जायदाद पर भी महाराणा प्रताप के वंशजों का ही हक है। महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच संपत्ति का विवाद कई वजहों से है। दरअसल उदयपुर राजघराने काफी बड़ी संपत्ति के मालिक है, जिसमें महल जमीन और अन्य प्रकार की कई संपत्तियां शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी संपत्ति में हिस्सेदारी चाहते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में महाराणा प्रताप के कई वंशज हैं और सभी अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं। इसी संपत्ति को लेकर विवाद के कारण परिवार के सदस्यों के बीच लड़ाई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Development: इन चार महीनों में दोगुना तेजी से होता है बच्चों का विकास, काफी कम लोग जानते हैं ये बात</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/development-children-develop-twice-as-fast-in-these-four-months-very-few-people-know-this/</link><pubDate>August 3, 2024, 8:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/dth-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>बच्चे धीरे-धीरे खेलते-कूदते बढ़ते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जिसमें बच्चे दोगुना तेजी से बढ़ते हैं. बढ़ना निरंतर प्रक्रिया है बच्चों का बढ़ना प्रकृति के अनुसार एक निरंतर होने वाली प्रक्रिया है, जो आनुवंशिकी, प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;बच्चे धीरे-धीरे खेलते-कूदते बढ़ते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जिसमें बच्चे दोगुना तेजी से बढ़ते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बढ़ना निरंतर प्रक्रिया है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बच्चों का बढ़ना प्रकृति के अनुसार एक निरंतर होने वाली प्रक्रिया है, जो आनुवंशिकी, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है.ऐसे में क्या आप जानते है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जब बच्चों का विकास दोगुनी तेजी से होता है.ऐसा कहा जाता है वसंत और गर्मियों में बच्चों का विकास तेजी से होता है. ये महीने बच्चों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रोशनी विकास के लिए जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साथ ही इस मौसम में शरीर को सूरज की पर्याप्त रोशनी मिलती है. जिससे शरीर में विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलती हैं. जो बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य के विकास में जरूरी भूमिका निभाता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस धातु से बना है आदित्य L-1 सैटेलाइट, सूर्य की तपिश का इसपर नहीं होगा कोई असर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/aditya-l-1-satellite-is-made-of-this-metal-suns-heat-will-not-affect-it/</link><pubDate>September 2, 2023, 8:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-22-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने के बाद इसरो ने अब सूर्य पर रिसर्च करने के लिए आदित्य मिशन को भेज दिया है. आज आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से आदित्य L-1 को लांच किया गया. इसरो ने सूर्य पर भेजा आदित्य आदित्य L-1 सूर्य पर लैंड नहीं करेगा। आद...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने के बाद इसरो ने अब सूर्य पर रिसर्च करने के लिए आदित्य मिशन को भेज दिया है. आज आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से आदित्य L-1 को लांच किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो ने सूर्य पर भेजा आदित्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य L-1 सूर्य पर लैंड नहीं करेगा। आदित्य कई लाख किलोमीटर की दूरी से ही सूर्य का अध्यन करेगा। अगर चेतावनी की बात यह है कि जिस जगह पर आदित्य मिशन सूर्य का अध्यन करेगा उस जगह पर भी असहनीय गर्मी होगी। जहां कोई भी आम धातु आसानी से पिघल जाएगा. लेकिन आदित्य L-1 को उम्दा मटेरियल से बनाया गया है. जिस वजह से वह अधिकतम गर्मी को भी झेल लेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो का पहला सूर्य मिशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य मिशन सूर्य पर जाने वाला इसरो का पहला मिशन है. इससे पूर्व नासा समेत कई अन्य स्पेस एजेंसियो ने अपना अंतरिक्ष यान मिशन के लिए सूर्य पर भेजा है. मगर इनमें से से कई मिशन सफल भी हुए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत में ही किया गया डिजाइन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य एल-1 को भारत में ही डिजाइन किया गया है. इसमें मौजूद 7 पेलोड में से 6 भारत में ही बने हैं. यह सूरज के नजदीक नहीं जाएगा, मगर लैग्रेंजियन पॉइंट पर रहकर सूरज पर रिसर्च करेगा। यह किस धातु का बना है इसरो ने इसकी जानकारी नहीं दी है. बता दें कि स्पेस एजेंसी ने मिशन से जुड़ी कई जानकारियां सीक्रेट रखी है. इसरो के इस मिशन पर हर देशवासी ही नहीं बल्कि पूरे देश की नजर इस मिशन पर है.&lt;/p&gt;
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