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       <title>Today go green News | Latest go green News | Breaking go green News in English | Latest go green News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का go green समाचार:Today go green News ,Latest go green News,Aaj Ka Samachar ,go green समाचार ,Breaking go green News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>राजस्थान मे अच्छी पहल, पर्यावरण को बचाने के लिए इस गांव ने किया अनूठा प्रयास</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/good-initiative-in-rajasthan-this-village-made-a-unique-effort-to-save-the-environment/</link><pubDate>August 19, 2023, 8:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-15-1.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के हनुमानगढ़ में पर्यावरण को बचाने के लिए सास- बहू ने खाली जगह पर सवा सौ पौधे लगा दिए. पर्यावरण को बचाने की पहल आपको बता दें कि अगर मन में पौधे लगाने की चाहत हो तो निश्चित रूप से सफलता मिल सकती है और इसके लिए आपको बड़े खेत की जर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान के हनुमानगढ़ में पर्यावरण को बचाने के लिए सास- बहू ने खाली जगह पर सवा सौ पौधे लगा दिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पर्यावरण को बचाने की पहल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि अगर मन में पौधे लगाने की चाहत हो तो निश्चित रूप से सफलता मिल सकती है और इसके लिए आपको बड़े खेत की जरूरत नहीं है. बल्कि आप अपने घर पर ही पौधे लगाकर छाया के साथ -साथ पर्यावरण सरंक्षण में भी भागीदार बन सकते हैं. ऐसा ही उदाहरण हनुमानगढ़ के गांव जांखड़ावाली में रामकुमार के घर देखने को मिला है. रामकुमार के घर के चोरों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस परिवार के सभी सदस्यों को पौधे लगाने का शौक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रामकुमार की पत्नी सुशीला देवी और उनके पुत्र कुसुम को पेड़-पौधे लगाने व उनके सरंक्षण का शौक है। साल 2015 से सास-बहू घर में ही फलदार केला, अमरूद, अंगूर, बेलपत्र व चंपा, मोगरेग, चमेली, गुडेल, शम्मी, चाईना पांम, लैला-मजनू, गुलाब जैसे मनमोहक पौधे लगाकर उनका विशेष ध्यान रखते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घर में ऐसे बनाए गमले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सास और बहू ने अनावश्यक वस्तु जैसे- टूटे मिट्टी के बर्तन, चीनी टाइल्स के टुकड़े, प्लास्टिक की बोतलों के टुकड़ो को जोड़कर गमले बनाए हैं. उन गमलों पर बेहतरीन चित्रकारी का रूप दिया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुसुम ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कुसुम ने बताया कि पेड़ छाया के साथ-साथ पर्यावरण को शुद्ध बनाता है. कुसुम ने कहा कि इस कार्य में ससुर राजकुमार शर्मा और पति रजत शर्मा भी समय मिलने पर हाथ बंटाते हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: इस संस्थान ने 30 साल के भीतर एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य किया पूरा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-this-institute-completes-the-target-of-planting-one-crore-saplings-within-30-years/</link><pubDate>May 25, 2023, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-5-15-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण- संवर्धन को समर्पित श्री कल्पतरु संगठन ने एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है जिसमें पौधों का वितरण और पेड़ों को बचाना शामिल है. कल्पतरु संस्थान ने 30 साल में लगाए 1 करोड़ पौधे आपको बता...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण- संवर्धन को समर्पित श्री कल्पतरु संगठन ने एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है जिसमें पौधों का वितरण और पेड़ों को बचाना शामिल है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कल्पतरु संस्थान ने 30 साल में लगाए 1 करोड़ पौधे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि जयपुर के दुर्गपुरा स्थित कृषि अनुसंधान में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने के लिए विश्व की प्रतिष्ठित संस्था वंडरलैंड के के प्रमुख मार्टिन मासलैंड भी जयपुर पहुंचे हैं. विष्णु लाम्बा जिन्हे ट्री मैन ऑफ इंडिया ने बताया कि इस कार्यक्रम में सेवा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री विजय पुराणिक, पुलिस अधियक्ष मनीष त्रिपाठी, संघ प्रचारक मूलचंद सोनी, जेडीए उपयुक्त आनंदीलाल वैष्णव समेत अनेक बड़े लोग शामिल हुए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सेव द बर्ड्स और ग्रीन लंग्स अभियानों का शुभारम्भ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस आयोजन पर पर्यावरण संरक्षण समेत अलग-अलग सामाजिक सरकारों के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले देशभर से आए हुए कुछ प्रकृति प्रेमियों को वृक्ष मित्र सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया. नीदरलैंड से आये मार्टिन मासलैंड ने इस अवसर पर ग्रीन लंग्स और सेव द बर्ड्स जैसे अभियानों का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर ग्रीन फ़ूड का उपयोग किया गया, जिसमें कैरी की छाछ, जौ का सत्तू और मोठे अनाज से बने पदार्थ शामिल रहे वहीं फोग का रायता भी शामिल रहा था. जिन्हे मिट्टी के सकोरे और पेड़ के पत्तों से बने पत्तल- दोने में सर्व किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किसको किया गया सम्मनित ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल महाराष्ट्र की रश्मि चेतन समेत अन्य लोगों को वृक्ष पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा राजस्थान से बागवानी किसान रोडू लाल जाट, महाराष्ट्र से रघुआत डोले, हिमांचल से विद्यानंद सिरके को वृक्ष मित्र पुरस्कार से नवाजा गया. इसमें कुल 22 राज्य शामिल रहे. वहीं 2047 तक श्री कल्पतरु संस्थान द्वारा लक्ष्य रखा गया है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
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