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       <title>Today govardhan puja News | Latest govardhan puja News | Breaking govardhan puja News in English | Latest govardhan puja News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का govardhan puja समाचार:Today govardhan puja News ,Latest govardhan puja News,Aaj Ka Samachar ,govardhan puja समाचार ,Breaking govardhan puja News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/govardhan-puja</link>
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        </image><item><title>Govardhan Puja:  बृज में उमड़ी भक्तों की भीड़, परिक्रमा के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/govardhan-puja-crowd-of-devotees-gathered-in-brij-devotees-came-from-far-and-wide-for-parikrama/</link><pubDate>November 2, 2024, 11:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/CTG6.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। 2 नवंबर को पूरे भारत में गोवर्धन पूजा को मनाया जा रहा है। गोवर्धन पूजन के मौके पर भरतपुर में पर्व को लेकर लोगों में हर्षोउल्लास है। गोवर्धन पूजा के लिए घर-घर में गोवर्धन बनाया जा रहा है। साथ ही इसकी पूजा को लेकर तैयारी की जा रही है। गोवर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; 2 नवंबर को पूरे भारत में गोवर्धन पूजा को मनाया जा रहा है। गोवर्धन पूजन के मौके पर भरतपुर में पर्व को लेकर लोगों में हर्षोउल्लास है। गोवर्धन पूजा के लिए घर-घर में गोवर्धन बनाया जा रहा है। साथ ही इसकी पूजा को लेकर तैयारी की जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोवर्धन की खास तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बृज क्षेत्र में इस त्योहार को लेकर खास तैयारी की जाती है। जहां गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है और फिर लोग इकट्ठे होकर उसकी विधि-विधान से पूजा की जाती हैं। इस दिन छप्पन प्रकार के भोजन बनाए जाते हैं। सब्जी से बने अन्नकूट और कढ़ी से गोवर्धन भगवान को भोग लगाया जाता है। गोवर्धन, जिन्हें गिरिराज के नाम से भी जाना जाता है। इनकी परिक्रमा 7 कोस या 21 किमी की है। गिरिराज महाराज की 21 किमी में से डेढ़ किमी परिक्रमा राजस्थान के डीग जिले के पूछरी गांव में आती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परिक्रमा का तरीका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा के अवसर पर गिरिराज जी के दर्शन और परिक्रमा के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं यहां आते है। श्रद्धालु गिरिराज महाराज, कान्हा और राधा के जयकारे लगाते है। जयकारे लगाते हुए 21 किमी की यात्रा पूरी कर गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी करते हैं। भक्त इस परिक्रमा को कई तरीके से पूरी करते हैं। कभी पैदल चलकर, दुग्ध कलश के साथ, तो कभी नली से दूध प्रवाह के साथ। ऐसे में कई भक्त कठिन परिक्रमा दंडवत के जरिए पूरी करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रास्ते के प्रमुख स्थल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भक्तग अपनी पूरी परिक्रमा दंडवत ही पूरी करते हैं। गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। गोवर्धन पर्वत को योगेश्वर भगवान कृष्ण का साक्षात रुप माना गया है। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्थल गोविन्दकुंड, आन्यौर, श्रीनाथजी, पूंछरी का लौठा, मुकुट मुखारविंद, कुसुम सरोवर, दाऊजी महराज, जतिपुरा राधाकुंड, दानघाटी और मानसी गंगा आदि है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Govardhan Puja 2023: गोवर्धन पूजा कब? जानें पूजा की श्रेष्ठ मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/govardhan-puja-2023-when-is-govardhan-puja-know-the-best-time-for-worship/</link><pubDate>November 13, 2023, 8:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-5-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ ल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपका भ्रम दूर करेंगे तो चलिए जानते है पूजा से जुड़ी तमाम जानकारी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिवाली पर्व के चौथे दिन गोवर्धन पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा पांच दिवसीय दिवाली पर्व के चौथे दिन की जाती है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। घरों में इस दिन गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और इसके साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा तैयार की जाती है। इसके बाद गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शाम के समय होती है और अन्नकूट और कढ़ी चावल का उन्हें भोग लगाया जाता है। इस साल लोगों में गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। तो आइए आपको बताते हैं कि गोवर्धन पूजा कब की जाएगी और इस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार 13 नवंबर दिन सोमवार को दोपहर 2:56 बजे से कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की आरंभ हो रही है और 14 नवंबर दिन मंगलवार को दोपहर 2:36 बजे समापन होगा। उदया तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के मुताबिक प्रातः काल 14 नवंबर को सुबह 6:43 बजे से 08:52 बजे के बीच शुभ गोवर्धन पूजा का मुहूर्त है। ऐसे में दो घंटे नौ मिनट तक गोवर्धन पूजा के लिए पूजा का मुहूर्त रहेगा। घर के आंगन में गोवर्धन पूजा पर गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। प्रकृति की पूजा भी गोवर्धन पूजा को कहा जाता है, स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसकी शुरुआत की थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह योग बन रहा है गोवर्धन पूजा पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार शुभ योग गोवर्धन पूजा के दिन बन रहे हैं। गोवर्धन पूजा पर प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक शोभन योग है। अतिगंड योग उसके बाद से शुरू हो जाएगा। अतिगंड योग को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि एक शुभ योग शोभन योग को माना जाता है। इसके अलावा सुबह से ही गोवर्धन पूजा के दिन अनुराधा नक्षत्र होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें गोवर्धन पूजा की विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुबह जल्दी उठकर गोवर्धन पूजा के दिन स्नानादि करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फिर गाय के गोबर से शुभ मुहूर्त में गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और इसके साथ ही गाय, बछड़े आदि की आकृति भी बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद विधिवत पूजा धूप-दीप आदि से करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दुग्ध से भगवान कृष्ण को स्नान कराने के बाद उनका पूजा-अर्चना करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद भगवान कृष्ण को अन्नकूट का प्रसाद अर्पित करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए गोवर्धन पूजा का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रकृति को समर्पित पर्व गोवर्धन पूजा को ही कहते है। माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था और अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। प्रकृति की सेवा और पूजा करने का संदेश लोगों को दिया था। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का यह दिन था। उस दौरन से से ही इस दिन पर लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करते है और इस अवसर पर सभी तरह की मौसमी सब्जियों से तैयार अन्नकूट का प्रसाद भगवान को चढ़ाते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
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