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       <title>Today health news News | Latest health news News | Breaking health news News in English | Latest health news News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का health news समाचार:Today health news News ,Latest health news News,Aaj Ka Samachar ,health news समाचार ,Breaking health news News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Shocked: डॉक्टरों के उड़े होश, मां के पेट से गायब हुआ बच्चा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/ajab-gajab/doctors-shocked-child-missing-from-mothers-womb/</link><pubDate>September 30, 2024, 3:17 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/ety.webp</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>जयपुर। भारत-पाक की सीमा पर स्थित बाड़मेर के एक निजी अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां डिलीवरी का एक केस देखकर डॉक्टरों की टीम के भी होश उड़ गए। डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया की महिला की बच्चेदानी से बच्चा ही गायब हो ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारत-पाक की सीमा पर स्थित बाड़मेर के एक निजी अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां डिलीवरी का एक केस देखकर डॉक्टरों की टीम के भी होश उड़ गए। डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया की महिला की बच्चेदानी से बच्चा ही गायब हो गया है। ऐसा केस करोड़ो डिलीवरी में से एक होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यदि गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है और बच्चा 8 महीने तक जिंदा रहता है, तो इसे एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी कहा जाता है। ऐसा ही एक केस बाड़मेर के चौहटन तहसील के बींजासर से सामने आया है। जहां की स्थानीय निवासी लीला देवी की अचानक तबियत बिगड़ने से उसे चौहटन के एक अस्पताल से जिला मुख्यालय के शिव अस्पताल लाया गया। जहां ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम के सामने एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का केस आया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लीला का ऑपरेशन किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसा केस करोड़ो महिलाओं में से किसी एक के साथ होता है। ऐसे में अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मंजू बामनिया ने डॉक्टर स्नेहल कटुडिया और डॉक्टर हरीश सेजू की सहायता से लीला का ऑपरेशन किया। इस तरह के केस में मां की जान बचाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टरों की टीम ने बेहद बारीकी से ऑपरेशन को अंजाम देकर लीला की जान बचा ली। अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर मंजू बामनिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि अगर गर्भाशय के बाहर बच्चा ठहरता है और बच्चा 8 महीने तक जीवित रहता है, तो उसे एब्डोमिनल प्रेग्नेंसी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों में से एक केस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस तरह के मामले भी लाखों में से किसी एक का होता हैं। इसी के एक अन्य प्रकार, जिसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है। यह डिलीवरी का बेहद दुर्लभ और असामान्य प्रकार है। लीला का केस भी इस तरह का था। जिसे समय रहते डॉक्टरों ने बचा लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी, लेकिन बाड़मेर के डॉक्टरों ने मेहनत कर मां की जान को बचा लिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Campaign: राजस्थान में सफल हुआ अभियान, 586 ग्राम पंचायतें हुई टीबी मुक्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/campaign-campaign-successful-in-rajasthan-586-gram-panchayats-became-tb-free/</link><pubDate>July 27, 2024, 4:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/ूबहब-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान की 586 ग्राम पंचायतो को टीबी मुक्त घोषित कर दिया हैं। यह जानकारी शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने को लेकर विभाग तेजी से काम में लगा हुआ ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान की 586 ग्राम पंचायतो को टीबी मुक्त घोषित कर दिया हैं। यह जानकारी शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने को लेकर विभाग तेजी से काम में लगा हुआ है। विभाग की लगातार कोशिशों से सरकार के केन्द्रीय क्षय अनुभाग ने राज्य की 586 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रदेश को मिली इस उपलब्धि पर राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का कहना है कि राज्य के लिए यह महत्वपूर्ण बात है। चिकित्सा विभाग के माध्यम से टीबी के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं योजनाएं उपलब्ध कराते हुए यह सफलता प्राप्त की गई है। उनका आगे कहना है कि प्रदेश में आगे भी टीबी मुक्त राजस्थान अभियान को प्रतिबद्धता के साथ संचालित किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;टीबी मुक्त अभियान की शुरूआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह का कहना है कि 24 मार्च 2023 को वाराणसी में आयोजित ‘विश्व टीबी दिवस&amp;#8217; समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने टीबी उन्मूलन प्रयासों के लिए ‘टीबी मुक्त पंचायत&amp;#8217; अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य पंचायती राज सदस्यों को टीबी रोग कार्यक्रम, रोगियों की मदद करना और उन्हें संबल प्रदान करना था। साथ ही जिलों की पंचायत को टीबी मुक्त करने की दिशा में लागातार प्रयास करना है। पीएम के जरिए चलाए गए इस अभियान के तहत राजस्थान का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: राजस्थान में बढ़ रहा &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; का खतरा, सात सौ के पार पहुंची ओपीडी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/society/rajasthan-risk-of-eye-flu-increasing-in-rajasthan-opd-reached-beyond-seven-hundred/</link><pubDate>July 28, 2023, 11:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-15-1-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयुपर: इस समय &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; का खतरा पूरे देश में बना हुआ है और यह धीरे धीरे देश के दूसरे राज्यों में भी फैल रहा है। अब इसका कहर राजस्थान में भी दिखने लगा है। राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में इन दिनों आंखों की वायरल बीमारी &amp;#8216;आई फ्...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयुपर&lt;/strong&gt;: इस समय &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; का खतरा पूरे देश में बना हुआ है और यह धीरे धीरे देश के दूसरे राज्यों में भी फैल रहा है। अब इसका कहर राजस्थान में भी दिखने लगा है। राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में इन दिनों आंखों की वायरल बीमारी &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; कहर बरपा रही है &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; के चलते बाड़मेर के मेडिकल कॉलेज राजकीय अस्पताल में मरीजों की ओपीडी 700 के पार पहुंच गई है। अस्पताल के नेत्र विभाग के बाहर &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; से ग्रसित मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो हजार लोग &amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; की चपेट में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बारिश के मौसम के चलते यह वायरल बीमारी फैल रही है। राजकीय अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 700 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। तो वहीं शहर में अब तक करीब दो हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को भीड़भाड़ के इलाके से दूर रहने को कहा है और आंखों पर चश्मा लगाने की सलाह दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;आई फ्लू&amp;#8217; के लक्षण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बाड़मेर के राजकीय मेडिकल अस्पताल में कार्यरत नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शक्ति राजपुरोहित कहना है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण आंखें लाल होना, आंखों में खुजली आना, सूजन आना जैसे सामान्य लक्षण सामने आ रहे हैं। वहीं, बच्चों में इस बीमारी के चलते बुखार की शिकायत हो सकती है। इससे बचाव के लिए आसपास साफ-सफाई आंखों को साफ पानी से धोने साफ कपड़ा एवं आंखों पर चश्मा लगाने और आंखों को न मसलने की सलाह दी जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसका असर 4 से 6 दिन रहता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं डॉक्टर शक्ति राजपुरोहित का कहना है कि इस फ्लू का असर 4 से 6 दिन तक रहता है। इस अवधि के दौरान मरीज को छोटे बच्चों व बुजुर्गों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News: राजस्थान में 60 PHC होंगी CHC में अपग्रेड, 883 अतिरिक्त पदों का भी सृजन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-news-60-phcs-will-be-upgraded-to-chc-in-rajasthan-883-additional-posts-will-also-be-created/</link><pubDate>June 2, 2023, 12:00 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-4-2-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में महज कुछ ही महीने शेष है। गहलोत सरकार काफी एक्टिव नजर आ रही है। प्रदेश के 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (Primary Health Care) को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (Community Health Center) में अपग्रेड कि...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में महज कुछ ही महीने शेष है। गहलोत सरकार काफी एक्टिव नजर आ रही है। प्रदेश के 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (Primary Health Care) को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (Community Health Center) में अपग्रेड किया जाएगा। इनके लिए 883 अतिरिक्त केन्द्रों का भी सृजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन PHC को किया जाएगा अपग्रेड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रस्ताव के मुताबिक नागौर में छह, जोधपुर में पांच, जयपुर, बारां और बाड़मेर में चार-चार , बीकानेर, सीकर और भरतपुर में तीन-तीन, झुंझनू, अलवर, पाली, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, भिड़वाड़ा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, टोंक में एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बदला जायेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;883 नए पदों का होगा सृजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके साथ ही जूनियर स्पेशलिस्ट के 120, वरिष्ठ चिकित्साधिरकारी के 58, चिकित्साधिरकारी के 50, नर्स श्रेणी प्रथम के 9, नर्स श्रेणी द्वितीय के 280, फॉर्मासिस्ट के 7, सहायता रेडियोग्राफर के 60, कनिष्ट और वरिष्ठ सहायक के 60, वार्ड बॉय के 157 तथा सफाई कर्मचारी के 82 पदों सहित कुल 883 नविन पदों का सृजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के बजट में प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए इस संबंध में घोषणा की थी।&lt;/p&gt;
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