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       <title>Today high court News | Latest high court News | Breaking high court News in English | Latest high court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का high court समाचार:Today high court News ,Latest high court News,Aaj Ka Samachar ,high court समाचार ,Breaking high court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>High Court: राजस्थान कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्किंग वुमन 180 दिन की मैटरनिटी लीव की हकदार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/high-court-big-decision-of-rajasthan-court-working-women-are-entitled-to-180-days-maternity-leave/</link><pubDate>September 7, 2024, 6:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/MATERNITY.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिला को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्किंग वुमन 180 दिन के मातृत्व छुट्टी यानी मैटरनिटी लीव की हकदार है। मैटरनिटी लीव क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिला को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्किंग वुमन 180 दिन के मातृत्व छुट्टी यानी मैटरनिटी लीव की हकदार है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; मैटरनिटी लीव की बात कही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत ने रोडवेज में काम करने वाली महिला को 90 दिन की बजाय 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने की बात कही है। अदालत ने कहा कि यदि समय बीतने के कारण 90 दिनों का बढ़ा हुआ अवकाश देना संभव हो तो उसे इस अवधि का अतिरिक्त वेतन मुआवजे के तौर पर दिया जाए। न्यायधीश अनूप ढंड की बेंच ने यह आदेश मीनाक्षी चौधरी की याचिका को मंजूर करते हुए दिए है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व लाभ केवल संवैधानिक अधिकारों या नियोक्ता व कर्मचारी के बीच समझौते से प्राप्त नहीं होते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मैटरनिटी लीव में किया संशोधन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह एक महिला की पहचान और उसकी गरिमा का मौलिक पहलू है। अदालत ने कहा कि किसी भी महिला कर्मचारी को मैटरनिटी लीव देने में महिला के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। भेदभाव का आधार यह नहीं हो सकता कि वह आरएसआरटीसी में काम कर रही है। मैटरनिटी लीव को लेकर साल 2017 में संशोधन कर इसे 180 दिन का किया गया है। ऐसे में रोडवेज साल 1965 के विनियम का सहारा लेकर केवल 90 दिन की छुट्टी नहीं दे सकती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News: प्रचंड गर्मी के कारण हाईकोर्ट ने दिए पर्याप्त इंतजाम के आदेश, सीएम शर्मा आज लेंगे बैठक</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-due-to-extreme-heat-high-court-orders-adequate-arrangements-cm-sharma-will-hold-meeting-today/</link><pubDate>May 31, 2024, 4:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-5-13-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: इन दिनों राजस्थान में आसमान से आग की ओलावृष्टि हो रही है। पिछले कई दिनों से प्रदेश भीषण लू की चपेट में है। इसको देखते हुए गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को हीट वेव को लेकर पर्याप्त इंतजाम करने के आदेश दिए। इस वजह से प्रदेश म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर: &lt;/strong&gt;इन दिनों राजस्थान में आसमान से आग की ओलावृष्टि हो रही है। पिछले कई दिनों से प्रदेश भीषण लू की चपेट में है। इसको देखते हुए गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को हीट वेव को लेकर पर्याप्त इंतजाम करने के आदेश दिए। इस वजह से प्रदेश मुखिया भजनलाल शर्मा आज शुक्रवार को बैठक करेंगे, जहां प्रभारी सचिवों से बिजली और पानी के मौजूदा हालात पर फीडबैक लेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिजली, पानी और चिकित्सा को लेकर लेंगे फीडबैक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भीषण गर्मी व लू को देखते हुए बड़ी बैठक लेने वाले हैं। इस भीषण गर्मी व लू के इंतजामों व बिजली, पानी और चिकित्सा को लेकर प्रभारी सचिवों से फीडबैक लेंगे। मीटिंग में मुख्य सचिव सुधांश पंत समेत सभी विभागों के प्रमुख सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव भी मौजूद होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज 11 बजे होगी सचिवालय में मीटिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बैठक आज शुक्रवार को सचिवालय में सुबह 11 बजे होने वाली है, जिसमें सीएम शर्मा, प्रभारी सचिवों से मुलभुत सुविधा को लेकर रिपोर्ट लेंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार ने सभी प्रभारी सचिवों को जिलों में जाकर फीडबैक रिपोर्ट तैयार करने लिए आदेश दिया था। खास बात है कि वीरवार को हाईकोर्ट ने हीट वेव पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को इस मामले में इंतजाम करने के आदेश दिए और साथ ही भीषण लू व गर्मी से मारे गए युवकों को मुआवजा देने के लिए भी आदेश दिया। राजस्थान में हीट वेव से अब तक कई लोगों ने अपनी जान गवाएं है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में अब तक सिर्फ 5 लोगों की जान जाने की बात बताया गया है, जो कि विचार करने योग्य है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: CM गहलोत को क्यों मांगना पड़ा माफी, हाई कोर्ट को कहा यह मेरा सोच नहीं</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-why-did-cm-gehlot-have-to-apologize-told-the-high-court-that-this-is-not-my-thinking/</link><pubDate>October 3, 2023, 9:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-03T150618.451-300x180.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राज्य के न्यायपालिका में आज सीएम अशोक गहलोत ने माफ़ी मांगी। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले उन्होंने भ्रष्टाचार पर विवादित बयान दिया था. इसके लिए उनको राजस्थान हाईकोर्ट से नोटिस मिली जिसके लिए CM गहलोत को माफी मांगनी पड़ी। वहीं आज राजस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राज्य के न्यायपालिका में आज सीएम अशोक गहलोत ने माफ़ी मांगी। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले उन्होंने भ्रष्टाचार पर विवादित बयान दिया था. इसके लिए उनको राजस्थान हाईकोर्ट से नोटिस मिली जिसके लिए CM गहलोत को माफी मांगनी पड़ी। वहीं आज राजस्थान हाईकोर्ट में दर्ज की गई सीएम गहलोत के जवाब को रिकॉर्ड कर लिया गया है. हालांकि कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर तय की है। आपको बता दें कि सीजे एजी मसीह और जस्टिस एमएम श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह आदेश को आगे पूर्व न्यायिक अधिकारी को सौंपा गया है. वहीं सीएम गहलोत के वकील प्रतीक कासलीवाल ने जवाब में बोला कि इससे पूर्व कई न्यायाधीशों ने न जानें कितने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही है। आपको बता दें कि उनके वकील द्वारा यह भी कहा गया है कि कोर्ट द्वारा उनको खास टारगेट बनाया गया है, हालांकि यह विचार उनका खुद का नहीं है, यथार्थ न्यायपालिका के लिए उनका पूरा मान-सम्मान हमेशा से है। यदि इसके बाद भी उनके बयान से न्यायपालिका के सम्मान को आघात पहुंची है तो वे इसके लिए बिना कुछ सोचे समझे कोर्ट से माफ़ी मांगते है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेश किया गया दस्तावेज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि CM गहलोत का वकील प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि कोर्ट में पूर्व न्यायाधीशों के दिए गए बयानों के दस्तावेज समेत सीएम गहलोत के जवाब भी पेश किया गया। हालांकि कोर्ट अपनी अगली सुनवाई 7 नवंबर को करेगी। उस दिन स्पष्ट होगा कि CM गहलोत आरोपी है अथवा गैर आरोपी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम के किस बयान पर मचा था बवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम गहलोत द्वारा 30 अगस्त को एक बयान दिया गया था कि छोटी न्यायपालिका हो या बड़ी न्यायपालिका सबके हालात ठीक नहीं है। पहले भी मुख्यमंत्री की सिफारिश से हाईकोर्ट में जज का नियुक्ति किया जाता था. उन्होंने कहा कि &amp;#8220;मैं भी केंद्रीय मंत्री रहा हूं&amp;#8221; उस दौरान मेरे से किसी ने सिफारिश की होगी और मै उनकी सिफारिश का सम्मान करते हुए उन सभी को जज बना दिए होंगे। लेकिन आज भरी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात सुनते हैं तो अफसोस होता है। हालांकि इस बयान के बाद देश के वकीलों ने गहलोत सराकर के खिलाफ धरना भी दिया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: पेरोल को लेकर गरीब कैदियों को मिलेगी राहत, जानिए कोर्ट ने क्या कहा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/society/rajasthan-poor-prisoners-will-get-relief-regarding-parole-know-what-the-court-said/</link><pubDate>May 2, 2023, 11:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/सीएम-पद-को-लेकर-बंद-कमरे-में-हुईबात-को-लेकर-15-300x169.png</image><category>टेक</category><excerpt>जयपुर: आर्थिक कारणों से पेरोल का लाभ नहीं लेने वाले कैदियों को लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह उन कैदियों के संबंध में जानकारी करें। जो आर्थिक कारणों के चलते पेरोल का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसके ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: आर्थिक कारणों से पेरोल का लाभ नहीं लेने वाले कैदियों को लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह उन कैदियों के संबंध में जानकारी करें। जो आर्थिक कारणों के चलते पेरोल का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसके साथ ही अदालत ने ऐसे मामलों में जमानत देने की शर्त में शिथिलता देने को कहा है।&lt;br&gt;जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह साबिर हुसैन की आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता पर जमानत पेश करने की लगाई शर्त को हटाते हुए उसे सिर्फ व्यक्तिगत मुचलके पर ही पेरोल का लाभ देने के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने गृह सचिव को दिया आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;याचिका में अधिवक्ता विश्राम प्रजापति ने अदालत को बताया कि सांगानेर की खुली जेल में सजा काट रहे बिहार निवासी याचिकाकर्ता को राज्य सरकार ने 7 फरवरी को पेरोल का लाभ दिया था। इसके लिए याचिकाकर्ता को पचास हजार रुपये स्वयं का मुचलका और पचास हजार रूपये की दो तस्दीकशुदा जमानते पेश करने को कहा था. याचिका में कहा गया कि उसके आर्थिक हालात ऐसे हैं कि वह दो तस्दीकशुदा जमानते पेश नहीं कर सकता है।&lt;br&gt;ऐसे में इस शर्त को हटाया जाए। ताकि उसे पेरोल का लाभ मिल सके। वहीं राज्य सरकार की ओर से बिहार के गोपालगंज पुलिस की ओर से मिली रिपोर्ट को पेश किया गया। रिपोर्ट में भी बताया गया कि याचिकाकर्ता की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य है और वह राज्य सरकार की ओर से लगाई जमानत पेश करने की शर्त पूरी नहीं कर सकता है. जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने गृह सचिव को ऐसे कैदियों के संंबंध में जानकारी लेने के आदेश देते हुए ऐसे मामलों में जमानते देने की शर्त में शिथिलता देने को कहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: राइट टू हेल्थ बिल को लेकर आज हाईकोर्ट में होगी सुनवाई, जानिए पूरी खबर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-hearing-will-be-held-in-the-high-court-today-regarding-the-right-to-health-bill-know-the-full-news/</link><pubDate>March 31, 2023, 9:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-12-2-300x180.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में राइट टू हेल्थ का विरोध पिछले कई हफ्तों से चल रहा हैं. अब इस बिल के विरोध में चल रही डॉक्टर्स की हड़ताल के मामलें में हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। राइट टू हेल्थ बिल हाईकोर्ट में होगा पेश आपको बता दें कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान में राइट टू हेल्थ का विरोध पिछले कई हफ्तों से चल रहा हैं. अब इस बिल के विरोध में चल रही डॉक्टर्स की हड़ताल के मामलें में हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राइट टू हेल्थ बिल हाईकोर्ट में होगा पेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चल रही डॉक्टर्स की हड़ताल मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस प्रकरण में दायर की गई याचिका में विरोध कर रहे डॉक्टर्स से अपील की गई. जानकारी के मुताबिक इसकी सुनवाई हाईकोर्ट में सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस अनिल उपमन के बेंच में होगी. एडवोकेट में प्रमोद सिंह ने याचिका में मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा सचिव, नेशनल मेडिकल कमीशन के चेयरमैन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष, चिकित्सा शिक्षा सचिव, राजस्थान मेडिकल कौंसिल के रजिस्टर सहित विरोध कर रहे कई डॉक्टर्स को पक्षकार बनाया। वहीं एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा ने भी याचिका दायर की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार से इस बिल को लेकर हो सकती है बातचीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि राइट टू हेल्थ बिल को लेकर सरकार और डॉक्टर्स के बीच बातचीत हो सकती है. माना जा रहा है कि बातचीत होने के बाद डॉक्टर्स विरोध प्रदर्शन करना बंद कर सकते है. जानकारी के मुताबिक इस प्रकरण में पसीसी चीफ डटोसरा के आवास पर विरोध कर रहे डॉक्टर्स से बातचीत हुई है. पूरे मामले में एक कमेटी बनाई जा सकती है जिसमें तीन मंत्री के साथ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;राइट टू किल&amp;#8217; से किया संबोधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य के डॉक्टरों ने इस बिल को राइट टू हेल्थ को &amp;#8216;राइट टू किल&amp;#8217; नाम दिया है. दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि इस बिल के आने के बाद वह मरीजों का फ्री में इलाज करने को मजबूर हो जाएंगे जिससे सभी डॉक्टर्स और हॉस्पिटल्स को भुगतान करना होगा. डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है.&lt;/p&gt;
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