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       <title>Today isro moon mission News | Latest isro moon mission News | Breaking isro moon mission News in English | Latest isro moon mission News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का isro moon mission समाचार:Today isro moon mission News ,Latest isro moon mission News,Aaj Ka Samachar ,isro moon mission समाचार ,Breaking isro moon mission News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/isro-moon-mission</link>
        <lastBuildDate>April 25, 2026, 12:14 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>चंद्रयान-3 द्वारा Hop Test ने इसरो में जगाया होप, जानिए क्या है यह परीक्षण</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/hop-test-by-chandrayaan-3-raised-hope-in-isro-know-what-is-this-test/</link><pubDate>September 9, 2023, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-72.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया. इसरो के हॉप टेस्ट ने किया क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;विक्रम लैंडर ने किसी हैलीकॉप्टर की तरह चांद पर उड़ते हुए एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की है.14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसरो ने हॉप टेस्ट के जरिए विक्रम को 40 सेमी तक उछाल गया और जमीन पर लैंड करने में सफल हो गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो के हॉप टेस्ट ने किया कमाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसरो ने दो हफ्ते की मेहनत करने के बाद एक प्रयोग करने का निर्णय लिया। इसरो ने विक्रम लैंडर को कमांड दिया और इसके परिणामस्वरूप विक्रम ने चांद की सतह पर खुद को 40 सेमी तक ऊंचा उठाया और फिर 30-40 सेमी दूर जाकर लैंड किया। इसरो ने इस प्रक्रिया को &amp;#8216;हॉप टेस्ट&amp;#8217; बताया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है इसरो का हॉप टेस्ट ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हॉप टेस्ट के माध्यम से इसरो ने चंद्रयान-3 के विक्रम पर हेलीकॉप्टर जैसा कंट्रोल बनाया फिर उसे वर्टिकली टेक-ऑफ करवाया गया और फिर उसकी वर्टिकल लैंडिंग करवाई गई। हॉप को आसान भाषा में अगर समझा जाए तो यह किसी व्यक्ति के प्री-वर्कआउट वार्मअप की तरह है. जिसमे व्यक्ति उछलता है और कुछ दूर जाकर लैंड करता है. इसरो द्वारा यह टेस्ट भी कुछ इस प्रकार ही थी जो सफल रहा. हालांकि यह आसान प्रक्रिया नहीं है और ऐसा इसलिए क्योंकि चांद पर पृथ्वी का 1/6 वां गुरुत्वाकर्षण है, जिसके कारण चांद की सतह पर ये प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहला हॉप टेस्ट किसने किया था ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के लिए बता दें कि नासा के सर्वेयर-6 ने चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, जिसके बाद सन 1969 में 17 नवंबर को सर्वेयर-6 के इंजन को पहली बार 2.5 सेकेंड के लिए फायर किया गया था, जिसकी वजह से सर्वेयर ने चांद की सतह पर 3 से 4 मीटर तक छलांग लगाई थी और फिर अपने ऑरिजिनल पॉजिशन से 2.4 मीटर पश्चिम में लैंड किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इसरो ने ट्वीट करते हुए कहा कि कमांड दिए जाने पर विक्रम लैंडर का इंजन फिर से शुरू हो गया और यह 40 सेमी तक ऊपर उठा। इसके बाद इसने फिर 30-40 सेमी दूर जाकर सॉफ्ट लैंड किया। इसरो ने बताया कि हमारा उद्देश्य भविष्य में लैंडर की वापसी और मानवीय मिशन के लिए ट्रायल करना था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3 Successful Landing: भारत ने रचा इतिहास, चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला बना पहला देश</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/world/chandrayaan-3-successful-landing-india-created-history-became-the-first-country-to-reach-the-south-pole-of-the-moon/</link><pubDate>August 23, 2023, 12:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-14-3-300x169.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>जयपुर: भारतीय अनुसंधान अंतरिक्ष संगठन ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। भारत का सबसे महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर सफलता पूर्वक लैंडिंग करने में कामयाब रहा। इसी के साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत विश्व में पहला...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: भारतीय अनुसंधान अंतरिक्ष संगठन ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। भारत का सबसे महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर सफलता पूर्वक लैंडिंग करने में कामयाब रहा। इसी के साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत विश्व में पहला देश बन गया है। साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिसने चांद तक का सफर किया। इसके पहले रूस, अमेरिका, और चीन चांद पर पहुंचने में सफलता हासिल की थी। अब भारत भी इन देशों के साथ खड़ा हो गया है और विश्व का चौथा देश बन गया जिसने चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;en&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;#WATCH&lt;/a&gt; | Indian Space Research Organisation’s (ISRO) third lunar mission Chandrayaan-3 makes soft-landing on the moon &lt;a href=&quot;https://t.co/vf4CUPYrsE&quot;&gt;pic.twitter.com/vf4CUPYrsE&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI (@ANI) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/ANI/status/1694327784414519458?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 23, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;14 दिन तक चांद की सतह पर रहेगा लैंडर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अब लैंडर विक्रम से रोवर प्रज्ञान बाहर आएगा। उसके बाद दोनों मिलकर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर परीक्षण करेंगे और पता करेंगे कि चांद के इस ध्रुव में पानी है या नहीं साथ ही खनिज की मौजूदगी का भी पता लगाएंगे। लैंडर विक्रम और रोवर चांद की सतह पर 14 दिनों तक काम करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3 Landing: 23 अगस्त इतिहास के उन पन्नों में है दर्ज, आज के दिन चांद से पृथ्वी की पहली तस्वीर सामने आई थी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/world/chandrayaan-3-landing-august-23-is-recorded-in-those-pages-of-history-on-this-day-the-first-picture-of-earth-from-the-moon-was-revealed/</link><pubDate>August 23, 2023, 11:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-12-2-300x169.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>Chandrayaan 3 Landing: चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच देगा। इसके साथ ही एक बार फिर 23 अगस्त की तारीख इतिहास के उन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो जाएगी, जो आने वाले भविष्य को उस स्वर्णिम काल ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chandrayaan 3 Landing&lt;/strong&gt;: चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच देगा। इसके साथ ही एक बार फिर 23 अगस्त की तारीख इतिहास के उन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो जाएगी, जो आने वाले भविष्य को उस स्वर्णिम काल की याद दिलाएगी जब चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार किसी देश ने कदम रखा है।&lt;br&gt;क्या आपको पता है चन्द्रमा से जुड़ा खास इतिहास, जब लोगो ने चंदा मामा से आई पृथ्वी की तस्वीर को पहली बार देखा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;57 साल पहले लोगों ने देखी चांद की पहली तस्वीर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल मून मिशन के क्षेत्र में देखा जाए तो 23 अगस्त का अपना विशेष महत्व है, आपको जानकर हैरानी होगी कि 23 अगस्त ही वो तारीख है जब 57 साल पहले 1966 में नासा के अपने मून मिशन से लुनार ऑर्बिटर वन ने चांद से पहली बार धरती की तस्वीर ली थी। हालांकि ये तस्वीर आंशिक तौर पर धुंधली और ब्लैक एंड व्हाइट थी, लेकिन मून मिशन के इतिहास में वह ऐसी सफलता थी। जिसने भविष्य के मून मिशनों की राह आसान कर दी।&lt;/p&gt;



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&lt;iframe loading=&quot;lazy&quot; title=&quot;Chandrayaan 3 Landing: 23 अगस्त इतिहास के उन पन्नों में है दर्ज । Chandrayaan 3।ISRO। NASA।&quot; width=&quot;500&quot; height=&quot;281&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/owaPjfu3b9g?feature=oembed&quot; frameborder=&quot;0&quot; allow=&quot;accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share&quot; referrerpolicy=&quot;strict-origin-when-cross-origin&quot; allowfullscreen&gt;&lt;/iframe&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या था नासा का लुनार ऑर्बिटर-1 मिशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लुनार ऑर्बिटर-1 नासा का वो पहला मून मिशन था जो सफलता पूर्वक चंद्रमा की ऑर्बिट तक पहुंचने में सफल रहा। नासा का यह मिशन 10 अगस्त 1966 को लांच हुआ था। जो एक सर्वेयर मिशन था। इसका उद्देश्य नासा के भविष्य में होने वाले अपोलों मिशनों के लिए सुरक्षित लैंडिंग स्थल तलाशना था। लुनार ऑर्बिटर-1 को इस तरह डिजाइन किया गया था, जिससे ये चांद की ज्यादा से ज्यादा तस्वीर ले सके।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लुनार ऑर्बिटर-1 ने ली थी 187 तस्वीरें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लुनार ऑर्बिटर -1 चंद्रमा की सतह से 58 किमी दूर तक गया था। इसमें अपना फोटोग्राफिक मिशन 18 से 29 अगस्त 1966 तक किया था और चांद के 50 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को कवर करते हुए हाई रिजॉल्यूशन की 42 और मध्य रिजॉल्यूशन की 187 तस्वीरें ली थीं। इन्हीं में दो तस्वीरें धरती की भी थीं जो चांद की ऑर्बिट से पहली बार ली गईं थीं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नासा से जारी की थी तस्वीर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चांद की ऑर्बिट से लुनार ऑर्बिटर-1 ने जो तस्वीर ली थी जिसे नासा न 25 अगस्त को जारी की थी। यह तस्वीर ऑर्बिटर-1 ने 23 अगस्त को ली थी, 24 अगस्त को यह नासा के स्पेन स्थित ग्राउंड स्टेशन पहुंची थी। 25 अगस्त को नासा ने मिशन की सफलता का ऐलान करते हुए सबसे पहले इसी तस्वीर को जारी किया था जो 26 अगस्त 1966 को पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3 Landing: चंद्रयान-3 को लेकर पूरी दुनिया हुई भारत की मुरीद, पाकिस्तानियों ने कहा- अल्लाह करे वो….</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/world/chandrayaan-3-landing-the-whole-world-became-a-follower-of-india-regarding-chandrayaan-3-pakistanis-said-may-allah-do-that/</link><pubDate>August 23, 2023, 6:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-10-4-300x169.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>Chandyaan-3: रूस के लूना-25 मून मिशन फेल हो जाने के बाद अब सारी दुनिया की निगाहें भारत के चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर टिकी हुई है। आज चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव सतह पर लैंड करेगा। फिलहाल चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह से 25 किमी की दूरी पर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chandyaan-3: &lt;/strong&gt;रूस के लूना-25 मून मिशन फेल हो जाने के बाद अब सारी दुनिया की निगाहें भारत के चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर टिकी हुई है। आज चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव सतह पर लैंड करेगा। फिलहाल चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह से 25 किमी की दूरी पर है, और आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। वहीं भारत के इस खास मिशन की पूरी दुनिया मुरीद हुई है। इसी बीच पाकिस्तानी यूट्यूबर शोएब चौधरी ने वहां की आवाम के बीच जाकर उनसे चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर प्रतिक्रिया जाननी चाही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पाकिस्तानी आवाम ने मांगी दुआएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाकिस्तानी आवाम ने भारत के चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अल्लाह करे भारत का चंद्रयान-3 सही सलामत लैंड कर जाए। उन्हें इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट में सफलता हासिल हो। वहीं एक दूसरे पाकिस्तानी शख्स ने कहा कि इस वक्त सारी दुनिया टेक्नोलॉजी के फील्ड में आगे बढ़ रही है। वहीं हम सिर्फ देख सकते है, हम कुछ नहीं कर सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पाकिस्तानी नेताओं के पास विजन नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाकिस्तानी शख्स अपने ही देश की आलोचना करते नजर आया, कहा- हम सिर्फ दूसरे देशों की असफलता पर खुशियां मनाते हैं और खुद कुछ भी नहीं करते हैं। दूसरे देश के लोग हम पर हंसते है। उन्हें पता है कि हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं। रूस के मून मिशन के फेल हो जाने पर पाकिस्तानी शख्स ने दुख जाहिर किया। वहीं भारत के चंद्रयान-3 पर कामयाबी की इच्छा जाहिर की। एक दूसरे शख्स ने कहा- हमारे देश के नेता का किसी भी तरह की विजन नहीं है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan-3: इतिहास रचने के करीब भारत, चांद के चौथी कक्षा में हुआ दाखिल, चंद्रयान-3 के लिए ये दिन बेहद अहम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/chandrayaan-3-india-close-to-creating-history-entered-the-fourth-orbit-of-the-moon-this-day-is-very-important-for-chandrayaan-3/</link><pubDate>August 14, 2023, 11:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-6-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: अंतरिक्ष में भारत एक और इतिहास रचने में सिर्फ चंद कदम दूर है। इसरो का चंद्रयान-3 मिशन मंजिल के और करीब पहुंच गया है। इसरो ने जानकरी दी कि चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा के एक और वृत्ताकार चरण को पूरा कर लिया है और अब वह चांद के ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: अंतरिक्ष में भारत एक और इतिहास रचने में सिर्फ चंद कदम दूर है। इसरो का चंद्रयान-3 मिशन मंजिल के और करीब पहुंच गया है। इसरो ने जानकरी दी कि चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा के एक और वृत्ताकार चरण को पूरा कर लिया है और अब वह चांद के और करीब वाली कक्षा में पहुंच गया है। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चंद्रयान-3 अब चांद के चौथे ऑर्बिट में प्रवेश कर गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि 14 अगस्त की सुबह करीब पौने बारह बजे चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को चालू किया गया था। जिसकी मदद से चंद्रयान-3 ने सफलता पूर्वक कक्षा बदली। बीते 5 अगस्त को चंद्रयान-3 ने पहली बार चांद की कक्षा में प्रवेश किया था और उसके बाद तीन बार कक्षा में बदलाव कर चांद के करीब आ चूका है। चंद्रयान-3 1900 किमी प्रति सेकेंड की रफ्तार से चांद से 150 किमी दूर कक्षा में यात्रा का कर रहा है। चंद्रयान का ऑर्बिट सर्कुलाइजेशन चरण चल रहा है और चंद्रयान-3 अब अंडाकार कक्षा से गोलाकार कक्षा में आना शुरू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;en&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;Chandrayaan-3 Mission: &lt;br&gt;Orbit circularisation phase commences&lt;br&gt;&lt;br&gt;Precise maneuvre performed today has achieved a near-circular orbit of 150 km x  177 km &lt;br&gt;&lt;br&gt;The next operation is planned for August 16, 2023, around 0830 Hrs. IST &lt;a href=&quot;https://t.co/LlU6oCcOOb&quot;&gt;pic.twitter.com/LlU6oCcOOb&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ISRO (@isro) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/isro/status/1690978432321269760?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 14, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;17 अगस्त की तारीख अहम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;16 अगस्त को चंद्रयान-3 एक और कक्षा कम करके चांद के बेहद करीब आएगा। वहीं 17 अगस्त का दिन इस मिशन के लिए अहम होगा क्योंकि इस दिन चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर से अलग किया जाएगा। इसके बाद 23 या 24 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर लैंड करेगा। जिस पर पूरी दुनिया की निगाह होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;14 दिन तक प्रयोग करेगा चांद चंद्रयान-3&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चंद्रयान-3 मिशन में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल शामिल हैं। लैंडर और रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिनों तक प्रयोग करेंगे। वहीं प्रोपल्शन मॉड्यूल चांद की कक्षा में ही रहकर चांद की सतह से आने वाले रेडिएशन का अध्ययन करेगा। इसके साथ ही इस मिशन के जरिए इसरो चांद की सतह पर पानी का पता लगाएगा और यह भी जानेगा कि चांद की सतह पर भूकंप कैसे आते हैं।&lt;/p&gt;
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