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       <title>Today Jaipur bomb blast News | Latest Jaipur bomb blast News | Breaking Jaipur bomb blast News in English | Latest Jaipur bomb blast News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Jaipur bomb blast समाचार:Today Jaipur bomb blast News ,Latest Jaipur bomb blast News,Aaj Ka Samachar ,Jaipur bomb blast समाचार ,Breaking Jaipur bomb blast News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>जयपुर सीरियल ब्लास्ट में जिंदा बम मिलने के मामले में कोर्ट का फैसला, आतंकियों को मिली आजीवन कारावास की सजा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%87/courts-decision-in-the-case-of-finding-live-bombs-in-jaipur-serial-blasts-terrorists-sentenced-to-life-imprisonment/</link><pubDate>April 8, 2025, 10:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-08T155023.389.jpg</image><category>बड़ी खबरे</category><excerpt>जयपुर। राजधानी जयपुर में लगभग 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा मिले बम के मामले में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाईगई। कोर्ट ने 600 पेज का फैसला सुनाया है। 13 मई 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट किए गए थे। नौंवा बम...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजधानी जयपुर में लगभग 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा मिले बम के मामले में चारों आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाईगई। कोर्ट ने 600 पेज का फैसला सुनाया है। 13 मई 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट किए गए थे। नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास से बरामद किया गया था।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9वें बम को फटने से पहले किया डिफ्यूज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;बम फटने के 15 मिनट पहले ही इसे डिफ्यूज कर दिया गया था। इससे पहले मंगलवार को सजा को लेकर कोर्ट में जमकर बहस हुई थी। बहस के दौरान सरकारी वकील स्पेशल पीपी सागर तिवाड़ी ने आरोपियों को बाकी जीवनकाल तक जेल में रखने की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों का कृत्य गंभीर अपराध है। इनके साथ किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरती जा सकती है। वहीं, आरोपियों के वकील मिन्हाजुल हक ने बहस करते हुए कहा कि दोषी 15 साल से जेल की सजा काट रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8 मामलों में कोर्ट ने किया बरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;बाकी अन्य आठ मामलों में हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। ऐसे में काटी गई सजा के आधार पर कम से कम सजा दी जाए। इससे पहले शुक्रवार को जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की खास अदालत ने चारों को दोषी करार दिया था। अदालत ने जिंदा बम मामले में मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, शाहबाज अहमद और मोहम्मद सरवर आजमी को दोषी ठहराया था। चारों आतंकियों को इंडियन पेनल कोड की 4 धाराओं, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (यूएपीए) की 2, विस्फोटक पदार्थ कानून की 3 धाराओं में दोषी माना है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;राज्य सरकार की अपील कोर्ट में पेंडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान है। इनमें शाहबाज को छोड़कर अन्य को सीरियल ब्लास्ट के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। फांसी की सजा के मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: जयपुर बम ब्लास्ट मामले पर SC करेगी सुनवाई, पीड़ित परिवार ने दर्ज की थी याचिका</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-sc-to-hear-jaipur-bomb-blast-case-petition-filed-by-victims-family/</link><pubDate>May 12, 2023, 5:05 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-22-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर: 13 मई 2008 को जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में ४ दोषियों को बरी करने के राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़ितों के परिजनों द्वारा दायर अपील को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: 13 मई 2008 को जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में ४ दोषियों को बरी करने के राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़ितों के परिजनों द्वारा दायर अपील को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए बम ब्लास्ट केस में निचली अदालत के रिकॉर्ड को तलब करते हुए मामले की सुनवाई 17 मई को तय की है। कोर्ट ने इस मामले में पीड़ितों की ओर से दायर अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है। साथ ही इस मामले पर राजस्थान सरकार की अपील को भी अनुमति दे दी है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दोषियों को नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार करते हुए चारों दोषियों को भी नोटिस भेजा है। पीड़ित परिजनों और राज्य सरकार की दलीले सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस स्टेज पर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगा सकती है। इसलिए पहले वह ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को देखने के बाद ही निर्णय लेगी। पीठ ने दोषियों को जेल भेजने के मामले पर भी कहा कि दो​षियों को लगातार जेल में नहीं रखा जा सकता। दोषियों को फिलहाल जेल में रखने पर सहमत नहीं, क्योंकि वो बरी हो चुके है।&lt;br&gt;यह जानकारी दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितो की ओर से दायर अपील के साथ राजस्थान सरकार की अपील को भी आगामी सुनवाई में शामिल करते 17 मई की तारीख तय की।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या कहा याचिका में&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;याचिका दायर करने वालों में सीरियल बम ब्लास्ट में मृतक व्यक्ति की पत्नी राजेश्वरी देवी और एक और मृतक के पुत्र अभिनव तिवारी भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले के दोषियों को बरी कर गलती की है। शुक्रवार को भी अधिवक्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कानून की गलत व्याख्या करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी अभियुक्तों को बरी किया है। अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने और ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखने का अनुरोध किया।&lt;/p&gt;
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