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       <title>Today lord shiva News | Latest lord shiva News | Breaking lord shiva News in English | Latest lord shiva News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का lord shiva समाचार:Today lord shiva News ,Latest lord shiva News,Aaj Ka Samachar ,lord shiva समाचार ,Breaking lord shiva News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>आज सावन का अंतिम सोमवार, जाने क्या करें उपाय</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/today-is-the-last-monday-of-sawan-know-what-to-do/</link><pubDate>August 28, 2023, 2:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-1-9.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। आज सावन का अंतिम सोमवार है. कई दुर्लभ शुभ संयोगों के कारण सावन का अंतिम सोमवार बेहद महत्तवपूर्ण है. आज मंदिरों में महादेव का विशेष पूजा-अर्चना के साथ विविद कार्यक्रम होंगे। वहीं बड़केश्वर मंदिर में अमरनाथ गुफा की तर्ज पर एकलिंग महादेव वि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; आज सावन का अंतिम सोमवार है. कई दुर्लभ शुभ संयोगों के कारण सावन का अंतिम सोमवार बेहद महत्तवपूर्ण है. आज मंदिरों में महादेव का विशेष पूजा-अर्चना के साथ विविद कार्यक्रम होंगे। वहीं बड़केश्वर मंदिर में अमरनाथ गुफा की तर्ज पर एकलिंग महादेव विराजेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज सावन का आखिरी सोमवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि सावन मास का अंतिम सोमवार बेहद खास माना जाता है. इसी दिन सावन का आखिरी प्रदोश व्रत होगा। इसके साथ ही सावन पुत्रदा एकादशी का पारण भी होगा। जानकारी के अनुसार इस सावन के आखिरी सोमवार व्रत पर पांच शुभ संयोग है. अंतिम सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग है। सावन महीने का आखिरी सोमवार और प्रदोष व्रत, सावन महीने का आखिरी सोमवार और प्रदोष व्रत सोमवार के दिन के साथ ही इस दिन सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण होने के कारण महादेव के भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राशियों में क्या प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार सिंह राशि में बुध और सूर्य के होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी इस दिन रहेगा। इस दिन व्रत रखने और अभिषेक करने से खास फल प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को सावन के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन सोम प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस तरह से करें पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोमवार यानी आज सुबह स्नान करने के बाद व्रत एंव पूजा करें. शुभ मूहूरत में भगवान की पूजा करें. सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं, फिर दूध से अभिषेक करें और एक बार शुद्ध जल शिवलिंग पर अर्पित करें। दीपक जलाएं। पूजन के दौरान मां पार्वती और नंदी जी को भी गंगाजल या दूध अर्पित करने के साथ ही पंचामृत से रुद्राभिषेक करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज हरियाली तीज, तीन शुभ योगों में मनाया जाएगा पर्व</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/hariyali-teej-today-the-festival-will-be-celebrated-in-three-auspicious-yogas/</link><pubDate>August 19, 2023, 6:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-13-3-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। आज हरियाली तीज है. पौराणिक कथा के अनुसार यह वह दिन है जब पार्वती देवी ने भगवान शिव की तपस्या में 107 जन्म व्यतीत किया था और 108 जन्म में भगवान शिव को पति के रूप में पाया था. आज हरियाली तीज आपको बता दें कि शनिवार यानी आज श्रावण शुक्ल तीज ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; आज हरियाली तीज है. पौराणिक कथा के अनुसार यह वह दिन है जब पार्वती देवी ने भगवान शिव की तपस्या में 107 जन्म व्यतीत किया था और 108 जन्म में भगवान शिव को पति के रूप में पाया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज हरियाली तीज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि शनिवार यानी आज श्रावण शुक्ल तीज मनाई जाएगी। इसे श्रावणी तीज भी कहा जाता है. तृतीया तिथि शुक्रवार रात 8:01 बजे शुरु हो गई थी जो शनिवार रात को 10:19 बजे समाप्त हो जाएगी। जानकारी के अनुसार हरियाली तीज पर 3 बुधादित्य योग, सिद्ध योग, और त्रिग्रही योग का संयोग बन रहा है। इस दिन कन्या राशि में मंगल, चद्रंमा और शुक्र की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा, इससे व्रत करने वाले को धन और उसके कार्य में लाभ पहुंचाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंह राशि वालो को क्या लाभ ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर सिंह राशि की बात करें तो बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य योग बनेगा। हरियाली तीज पर सुबह से लेकर रात 9:19 बजे तक सिद्ध योग रहेगा। इसके बाद साध्य योग बनेगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। जबकि इसके अतिरिक्त इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है, जो सुबह से लेकर देर रात 01:47 बजे तक रहेगा।रवि योग देर रात्रि 1:47 बजे से शुरू होगा और अगले दिन 20 अगस्त को सुबह 5:53 बजे खत्म होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज का दिन क्यों है खास ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक कथा के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था और भगवान शंकर ने देवी पार्वती को अपनी पत्नी के रुप के स्वीकार किया था. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए व्रत रख भगवान शंकर व माता पार्वती की पूजा करती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: आज सावन का तीसरा सोमवार, ताड़केश्वर मंदिर में जुटे श्रद्धालु</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-today-is-the-third-monday-of-sawan-devotees-gathered-in-tadkeshwar-temple/</link><pubDate>July 24, 2023, 3:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-93-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। 24 जुलाई यानी आज सावन का तीसरा सोमवार है. सावन के सभी सोमवार पर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. सावन में भगवान ताड़केश्वर को शहद, मोगरा, बिलाव पत्र, और...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; 24 जुलाई यानी आज सावन का तीसरा सोमवार है. सावन के सभी सोमवार पर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. सावन में भगवान ताड़केश्वर को शहद, मोगरा, बिलाव पत्र, और इत्र का अभिषेक किया जा रहा है. आज पूरे प्रदेश से भक्त बाबा ताड़केश्वर के दर्शन के लिए आ रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों मानते हैं सावन ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि हिंदू धार्मिक विश्वास के अनुसार, सावन महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था और उसमें से उठा विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया, जिसके कारण भगवान शिव को नीलकंठ कहा गया, इसे पीने के बाद भगवान शिव ने इस सृष्टि को बचाया. विष का प्रभाव इतना था कि भोलेनाथ का गला जलने लगा. इसके बाद सभी देवताओं ने मिलकर उन्हें ठंडा करने के लिए उसके ऊपर जल डाला. इसी कारण सावन महीने में शिव अभिषेक का विशेष महत्व है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों प्रिय है भगवान शिव को सावन का महीना ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सावन के महीने को भगवान शिव का बेहद प्रिय महीना भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि दक्ष पुत्री माता सती ने अपने जीवन को त्याग कर कई हजारो सालों तक श्रापित जीवन व्यतीत किया था. इसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर माता पार्वती के रूप में जन्म लिया। इस जन्म में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए सावन के महीने में ही कठोर तपस्या किया था जिसके बाद भगवान शंकर ने उनकी मनोकामना पूरी की और उन्हें अपनी पत्नी के रुप में स्वीकार किया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: सावन के महीने में कांवड़ चढ़ाने का शुभ मुहूर्त इस दिन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-this-is-the-auspicious-time-to-offer-kanwar-in-the-month-of-sawan/</link><pubDate>July 9, 2023, 2:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-08T191508.870-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। भगवान शंकर का बेहद पसंदीदा सावन महीने का भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस साल 4 जुलाई से सावन महीना शुरू हो चुका है. वहीं इस बार दो सावन मास होने से श्रद्धालुओं में काफी उत्साह बना हुआ है. जानकारी के अनुसार शिवालयों में 15 जुलाई को का...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भगवान शंकर का बेहद पसंदीदा सावन महीने का भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस साल 4 जुलाई से सावन महीना शुरू हो चुका है. वहीं इस बार दो सावन मास होने से श्रद्धालुओं में काफी उत्साह बना हुआ है. जानकारी के अनुसार शिवालयों में 15 जुलाई को कांवड़ चढ़ेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांवड़ यात्रा का दौर शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि सावन मास शुरू होने के साथ कांवड़ यात्रा का दौर आरंभ हो गया है. प्रदेश में अलग -अलग शहर, गांव से शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर रहे हैं. वहीं अगर कांवड़ चढ़ाने का शुभ मुहूर्त की बात करें तो मुहूर्त शनि प्रदोष मासिक शिवरात्रि 15 जुलाई को रहने वाला है. इस दिन त्रयोदशी रहेगी। इसी दिन कांवड़ से लाए हुए जल से भगवान शंकर को अभिषेक किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कहा लगेंगे कांवड़ शिविर ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अलवर में कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों के लिए जगह-जगह शिविर लगाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार इन शिवरों में कांवडियों के विश्राम, खाने-पीने के साथ-साथ भक्तिमय आयोजनों के माध्यम से मनोरंजन का विशेष इंतजाम किया गया है. 10 जुलाई के बाद ज्यादातर शिविर शुरू हो जाएंगे। अलवर शहर में तिजारा फाटक, टैल्को चौराहा, अटटा मंदिर, जेल का चौराहा, साठ फीट का रोड, रूपबास समेत अन्य स्थानों पर अलग-अलग संगठनों की तरफ से शिविर लगाए जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिव कांवड़ समिति ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिव कांवड़ सेवा समिति की तरफ से दो सौ फीट रोड पर फ्रंडस गार्डन में कांवड़ शिविर लगाया जाएगा। जिसमें कावडियों को विश्राम और खाने पीने, मेडिकल जैसी सुविधा दी जाएगी। प्रवक्ता विनोद गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिविर 15 जुलाई तक लगेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महामृत्युंजय मंत्र के क्या फायदे, सावन में क्यों करना चाहिए जाप</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/culture/what-are-the-benefits-of-mahamrityunjaya-mantra-why-it-should-be-chanted-in-sawan/</link><pubDate>July 3, 2023, 12:12 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T043947.792-300x169.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>जयपुर। सावन 4 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत रहता है और सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है. सावन 4 जुलाई से शुरू आपको बता दें कि सावन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;सावन 4 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत रहता है और सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सावन 4 जुलाई से शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि सावन में भगवान शिव शंकर का सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है. यह मंत्र हमारे मन और शरीर दोनों को प्रभावित करता है. भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महामृत्युंजय मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ओम त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम&lt;br&gt;उर्वारुकमिव बंधनान मृत्योर मुक्षीय मामृतात्&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-4075&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964.png 790w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-300x169.png 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-768x432.png 768w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-150x84.png 150w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-03T051220.964-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंत्र का अर्थ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ है कि आइए हम भगवान शिव की पूजा करें, जो पवित्र हैं और सभी प्राणियों का पोषण करते हैं. जिस तरह एक पका हुआ खीरा प्राकृतिक रूप से पौधे से निकलता है, उसी तरह हम सभी को मृत्यु से मुक्ति मिले और हमें हमारी अमर प्रकृति प्रदान की जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस मंत्र का प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मंत्र के जाप करने से मन शुद्ध हो जाता हो. इस मंत्र से परिवार को मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विपदाओं से बचता है. शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र के जाप करने से स्वास्थ स्वस्थ रहता है और अकाल मृत्यु नहीं होती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कब करें इस मंत्र का जाप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंत्र जाप के लिए सुबह- सुबह स्नान करने के बाद सबसे अच्छा समय माना जाता है. इसे ब्रह्म मुहूर्त( सुबह 4 बजे से 6 बजे) के दौरान करना शुभ माना जाता है. मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष माला का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि रुद्राक्ष स्वयं भगवान शिव का प्रतिनिधित्व करता है. दिन में कम से कम पांच बार मंत्र का जाप करें. मंत्र जाप से पहले आपका मन शांत होना चाहिए. मंत्र पढ़ते समय अपने सामने भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर रखें, अगर इससे आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख होना चाहिए.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: जन संघर्ष यात्रा खत्म कर महादेव के दर पर सचिन पायलट</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-sachin-pilot-at-mahadevs-door-after-ending-jan-sangharsh-yatra/</link><pubDate>May 16, 2023, 2:04 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-10-8-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक सचिन पायलट बीते 15 मई को जन संघर्ष यात्रा संपन्न किया था और यात्रा पूर्ण होने के पश्चात् पायलट ने जयपुर के ऐतिहासिक झारखंड महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की। प्रदेश की जनता के लिए किया प्रार्थना पायलट ने ट्वीट ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक सचिन पायलट बीते 15 मई को जन संघर्ष यात्रा संपन्न किया था और यात्रा पूर्ण होने के पश्चात् पायलट ने जयपुर के ऐतिहासिक झारखंड महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदेश की जनता के लिए किया प्रार्थना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पायलट ने ट्वीट कर लिखा की जनसंघर्ष यात्रा संपन्न होने के बाद कल जयपुर के ऐतिहासिक झारखंड महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जनता की सुख-समृद्धि व उन्नति के लिए प्रार्थना की।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;जनसंघर्ष यात्रा संपन्न होने के बाद कल जयपुर के ऐतिहासिक झारखंड महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जनता की सुख-समृद्धि व उन्नति के लिए प्रार्थना की।&lt;br&gt;&lt;br&gt;ॐ नमः शिवाय 🙏 &lt;a href=&quot;https://t.co/T2z7jzY8nw&quot;&gt;pic.twitter.com/T2z7jzY8nw&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Sachin Pilot (@SachinPilot) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/SachinPilot/status/1658456952379424770?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;May 16, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;दरअसल पायलट ने अपने ही सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले पर कार्रवाई ना करने को लेकर 11 मई से 15 मई तक जन संघर्ष यात्रा निकला था। उनके इस यात्रा में जनता का काफी समर्थन देखने को मिला और उस पूरी यात्रा के दौरान लोगो का हुजूम भी था। पायलट की यह पांच दिनों का यात्रा कल 15 मई को जयपुर में समाप्त हुआ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 दिन का दिया अल्टीमेटम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पायलट ने जयपुर में जनता को संबोधित करते हुए गहलोत सरकार पर हमलावर हो गए और खुली चुनौती दे डाली। पायलट ने कहा की अगर हमारी मांगों को इस महीने के अंत तक नहीं मांगी गई तो हम पूरे राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन करेंगे। पायलट को अपनी इस यात्रा में मिले अपार जनसमर्थन से उनका हौसला काफी बुलंद दिखा और उनके तेवर में भी काफी बदलाव देखने को मिला।&lt;/p&gt;
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