<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today maa durga News | Latest maa durga News | Breaking maa durga News in English | Latest maa durga News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का maa durga समाचार:Today maa durga News ,Latest maa durga News,Aaj Ka Samachar ,maa durga समाचार ,Breaking maa durga News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/maa-durga</link>
        <lastBuildDate>April 16, 2026, 10:41 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Chaitra Navratri 2024: आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, इस समय करें कलश स्थापना और पूजा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/chaitra-navratri-2024-chaitra-navratri-starts-from-today-establish-kalashthapana-and-worship-at-this-time/</link><pubDate>April 9, 2024, 2:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-12.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: भारत त्योहारों का देश है। यहां हर रोज हम कोई न कोई त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में आज मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही हैं। इस त्योहार का हिंदू धर्म में अपना एक अलग ही महत्व है। ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन मां के प्रथम ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; भारत त्योहारों का देश है। यहां हर रोज हम कोई न कोई त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में आज मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही हैं। इस त्योहार का हिंदू धर्म में अपना एक अलग ही महत्व है। ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन मां के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा होती है। इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद शुभ योग बन रहा है। तो ऐसे में आईए जानते हैं कलश स्थापना से पूजा तक का शुभ मुहूर्त।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवरात्रि का समापन 17 को&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद अमृत सिद्धि योग, अश्विनी नक्षत्र योग समेत अन्य संयोग बन रहे हैं। तमाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज 9 अप्रैल के दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। ऐसे में आज सुबह 7:32 बजे से यह दोनों संयोग शुरू होंगे, जो अगले दिन बुधवार सुबह 5:06 तक रहेंगे। आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। नवरात्रि पूरे 9 दिन चलेंगे, इसका समापन 17 अप्रैल को होगा। 17 अप्रैल को देश भर में रामनवमी मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी प्रकार की मनोकामना होती है पूर्ण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि चैत्र नवरात्रि पूरी तरह से मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है। ऐसे में लोग श्रद्धा पूर्वक 9 दिनों तक उपवास रख मां के चरणों में जाते हैं। शास्त्रों का मानना है कि इन नौ दिनों में देवी की विधिवत पूजा पाठ करने से सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती है। सभी प्रकार की कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है। इन दिनों मां का नाम लेने से बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। ऐसे में माता के भक्त नवरात्रि के दौरान पूरे 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। नवरात्रि के आठवें दिन यानी अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं। इस बार अष्टमी तिथि 16 अप्रैल को है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ मुहूर्त में बन रहे ये संयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भक्त नवरात्रि के नौवे दिन महानवमी पर कन्या पूजन के साथ माता की विदाई करते हैं। ऐसे में इस साल चैत्र नवरात्रि पर 30 सालों बाद शुभ संयोग बनने जा रहा है। तमाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद कई तरह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। शुभ मुहूर्त मंगलवार सुबह 7:32 से शुरू हो कर बुधवार सुबह 5:06 तक रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कलशस्थापना का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के बाद ही नवरात्रि के व्रत शुरू होते हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पहला शुभ मुहूर्त:&lt;/strong&gt; आज सुबह 6:11 से लेकर सुबह 10:23 तक। इस दौरान आप कलश स्थापना कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरा शुभ मुहूर्त:&lt;/strong&gt; कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त का संयोग भी बन रहा है। जो आज सुबह 11:57 से लेकर दोपहर 12:48 तक रहेगा, इस बीच आप माता के समीप घटस्थापना कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कलश स्थापना के लिए यह सामग्री है जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर आप चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए सोच रहे हैं, तो आपको कुछ आवश्यक सामग्री की जरूरत होगी। कलश स्थापना के लिए लकड़ी की एक छोटी चौकी, मिट्टी का घड़ा, साफ सुथरा जगह की मिट्टी, सात तरह के अनाज (सतंझा), कलश, सुपारी, आम के पत्ते, अक्षत (चावल), नारियल, लाल कपड़ा, लाल फूल व माला, गंगाजल, तिल, जौं जैसे जरूरी सामान चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan : फेस्टिव सीजन को लेकर दुल्हन की तरह सजी पिंक सिटी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/rajasthan-pink-city-decorated-like-a-bride-for-the-festive-season/</link><pubDate>October 11, 2023, 8:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-12-300x200.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर। फेस्टिव सीजन को लेकर पूरे देश भर में जोरों-शोरों से तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में राजस्थान का गुलाबी नगर भी किसी से कम तैयार नहीं हैं। राजधानी जयपुर में त्यौहार शुरू होने से पहले बाजार दुल्हन की तरह सज चुकी है। त्यौहारी सीजन की बात करें ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; फेस्टिव सीजन को लेकर पूरे देश भर में जोरों-शोरों से तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में राजस्थान का गुलाबी नगर भी किसी से कम तैयार नहीं हैं। राजधानी जयपुर में त्यौहार शुरू होने से पहले बाजार दुल्हन की तरह सज चुकी है। त्यौहारी सीजन की बात करें तो लोगों को पहले दशहरा से ही फेस्टिव सीजन में आंनद लेने का मौका मिलने वाला हैं। ऐसे में इस खास सीजन को लेकर जयपुर की सभी रिटेल बाजार और होलसेल बाजार को बड़ी खूबशूरती के साथ सजाया गया हैं। हालांकि फेस्टिव सीजन में लोग खरीदारी के लिए सही संयोग का इन्तजार करते है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरीदारी के विशेष संयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि इस शारदीय नवरात्री में खरीदारी के लिए विशेष संयोग दिख रहे हैं. नवरात्रि की शुरुआत इस साल 15 अक्टूबर को होने जा रही हैं और दशहरा 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि नवरात्रि में विशेष संयोग को देखते हुए जयपुर की सभी रिटेल और होलसेल बाजार सज चुकी है। इस नवरात्र में खरीदारी की विशेष संयोग को देखते हुए अनुमान हैं कि बाजारों में जमकर ग्राहकों की भीड़ उमड़ेगी। जिसको लेकर दुकानदार पूरी तरह से तैयारी में जुट गई है. अनुमान है कि इस फेस्टिव सीजन में व्यापारियों की व्यापार पहले के अपेक्षा 30 फीसदी बढ़ सकती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरीदारी की शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नवरात्री के तीसरे दिन (17 अक्टूबर) रात 8:31 से मध्यरात्रि 1:27 तक आप खरीदारी कर सकते हैं। वहीं 18 अक्टूबर को सुबह 6 :30 से रात 9 बजे तक, 19 को रात 9 बजे, 20 को रात 8 बजे तक, 21 को शाम 7:54 बजे से रात 09:54 बजे तक, 22 अक्टूबर को शाम 6:44 बजे तक, 23 अक्टूबर को सुबह 6:35 से शाम 5:14 बजे तक और 24 अक्टूबर (दशहरा) को दोपहर 3:28 बजे तक खरीदारी&lt;br&gt;करने के लिए विशेष संयोग बन रहे हैं. हिन्दू धर्म में माना जाता है कि विशेष संयोग बनने पर अगर खरीदारी की जाती है तो ऐसे में जीवन सुख-समृद्धि से भरपूर बन जाता है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>