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       <title>Today National News In Hindi News | Latest National News In Hindi News | Breaking National News In Hindi News in English | Latest National News In Hindi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का National News In Hindi समाचार:Today National News In Hindi News ,Latest National News In Hindi News,Aaj Ka Samachar ,National News In Hindi समाचार ,Breaking National News In Hindi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 25, 2026, 5:51 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Rajasthan News: 23 साल में First Time, आखिर किस कारण क्रैश हुआ लड़ाकू विमान Tejas, जानिए इसकी खूबियां</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-for-the-first-time-in-23-years-why-did-tejas-fighter-plane-crash-know-its-features/</link><pubDate>March 13, 2024, 6:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-7-6.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। भारतीय वायुसेना का एक तेजस विमान मंगलवार यानी 11 मार्च को जैसलमेर के पास क्रैश हो गया। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह विमान ऑपरेशनल ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरा था। हालांकि अभी तक के 23 सालों के रिकॉर्ड में ऐसा पहली बार देखने को मिला। 20...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारतीय वायुसेना का एक तेजस विमान मंगलवार यानी 11 मार्च को जैसलमेर के पास क्रैश हो गया। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह विमान ऑपरेशनल ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरा था। हालांकि अभी तक के 23 सालों के रिकॉर्ड में ऐसा पहली बार देखने को मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2001 में भी हुआ था दुर्घटनाग्रस्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंगलवार उड़ान के दौरान भारतीय वायुसेना का LCA तेजस ऑपरेशनल ट्रेनिंग के कड़ी में राजस्थान के जैसलमेर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बता दें कि ये एयरक्राफ्ट क्रैश भारत शक्ति अभ्यास के दौरान हुआ। हालांकि इस भीषण हादसे में पायलट की जान बच गई। पायलट ने तेजस के क्रैश होने के पहले ही खुद को एयरक्राफ्ट से एक्सिस्ट कर लिया था। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी को इस हादसे की पड़ताल करने का आदेश दिया गया है। यह विमान आज से 23 वर्ष पहले 2001 में परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें तेजस से जुड़ी कुछ अहम जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। वहीं तेजस का सफर अब तक के रिकॉर्ड में काफी शानदार रहा है। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) प्रोजेक्ट के तहत 1983 में तेजस बनाने का कार्य शुरू हुआ था। बता दें कि तेजस ने 4 जनवरी 2001 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। इस स्वदेशी लड़ाकू विमान को वैज्ञानिक डॉ. कोटा हरिनारायण और उनकी टीम ने आगे बढ़ाया था। साल 2003 में मौजूदा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विमान का नाम तेजस रखा था। पिछले कुछ सालों की बात करें तो पिछले कई सालों में तेजस की चमक में वृद्धि देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साल 2017 में HAL को मिला था तेजस का ऑर्डर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तेजस फाइटर जेट बनाने की प्रक्रिया नौसेना के विमानवाहक पोतों के लिए शुरू की गई। 2016 में, पहले दो तेजस विमानों को वायु सेना के स्क्वाड्रन में लाया गया। तेजस को 2021 में आधिकारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया। रक्षा मंत्रालय ने साल 2017 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 83 तेजस विमानों का ऑर्डर दिया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इसरो की वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन, चंद्रयान-3 मिशन में निभाया महत्वपूर्व भागीदारी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/isro-scientist-n-valarmathi-passes-away-played-important-role-in-chandrayaan-3-mission/</link><pubDate>September 4, 2023, 5:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-34-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। भारत के चंद्रयान-3 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वैज्ञानिक एन वलारमथी का शनिवार शाम को निधन हो गया. इसरो वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन एन वलारमथी को शनिवार शाम को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ा जिसके...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारत के चंद्रयान-3 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वैज्ञानिक एन वलारमथी का शनिवार शाम को निधन हो गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एन वलारमथी को शनिवार शाम को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ा जिसके कारण उनकी मौत हो गई. 14 जुलाई को लॉन्च किया गया बेहद सफल चंद्रयान-3 उनके लिए अंतिम उल्टी गिनती साबित हुआ. इस मिशन लॉन्चिंग के लिए काउंटडाउन की पीछे की वे आवाज थीं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि कई लोगों के पीछे की आवाज एन वलारमथी जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसरो के पूर्व निदेशक वेंकटकृष्णन ने जताया दुःख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उनके निधन पर शोक व्यक्त लरते हुए इसरो के पूर्व निदेशक पीवी वेंकटकृष्णन ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि वलारमथी मैडम की आवाज श्रीहरिकोटा से इसरो के भविष्य के मिशनों की उलटी गिनती के लिए अब नहीं होगी. चंद्रयान-3 उनकी अंतिम उलटी गिनती की घोषणा थी. एक अप्रत्याशित निधन. बहुत दुख महसूस हो रहा है, प्रणाम! वहीं उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी लॉन्चों के लिए उल्टी गिनती की घोषणाएं करती थीं वलारमथी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार वलारमथी ने इसरो की प्री-लांच उलटी गिनती घोषणाएं की थी. उन्होंने आखिरी घोषणा 30 जुलाई को की थी जब PSLV-56 रॉकेट एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन के हिस्से के रूप में 7 सिंगापुरी उपग्रहों को लेकर रवाना हुआ था. बता दें, वह पिछले 6 सालों से सभी लॉन्चों के लिए उलटी गिनती की घोषणाएं कर रही थीं. बताया गया कि वह कुछ समय से अस्वस्थ थीं. 50 साल की उम्र में, शनिवार शाम को हृदय गति रुकने से चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>चंद्रयान-3 पर नहीं होगा लूना-25 के क्रैश होने का असर- पूर्व ISRO चीफ माधवन नायर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/chandrayaan-3-will-not-be-affected-by-the-crash-of-luna-25-former-isro-chief-madhavan-nair/</link><pubDate>August 22, 2023, 2:17 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-1-8-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। इसरो के पूर्व अध्यक्ष माधवन नायर ने जानकारी देते हुए इस बात को खारिज किया कि रूस चद्रंमा पर पहुंचने की दौड़ में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि लूना-25 का दुघर्टनाग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है. लूना के क्रैश का चंद्रयान-3 पर प्रभाव नहीं रूस क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; इसरो के पूर्व अध्यक्ष माधवन नायर ने जानकारी देते हुए इस बात को खारिज किया कि रूस चद्रंमा पर पहुंचने की दौड़ में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि लूना-25 का दुघर्टनाग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लूना के क्रैश का चंद्रयान-3 पर प्रभाव नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि अनियंत्रित कक्षा में प्रवेश करने के बाद लूना-25 यान चंद्रमा पर दुघर्टनाग्रस्त हो गया. रूस के चंद्र मिशन की नाकामी के बाद भारत के शीर्ष वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 पर लूना-25 के क्रैश होने का कोई असर नहीं होने की बात कही.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व ISRO चीफ माधवन नायर ने दी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व ISRO चीफ माधवन नायर ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन पूरी तरह से आत्मनिर्भर है और हम रूस पर निर्भर नहीं हैं. अभी रूस के साथ भारत का अंतरिक्ष सहयोग मानव को अंतरिक्ष में भेजने के गगनयान अंतरिक्ष अभियान के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियोम को प्रशिक्षण देने तक सीमित है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिवन चंद्रयान-2 मिशन के रहें प्रमुख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सिवन ने 2019 में चंद्रयान-2 मिशन को भेजे जाने के समय इसरो के प्रमुख रहे हैं. जब उनसे एक सवाल में पूछा गया कि रूसी मिशन की नाकामी के बाद क्या इसरो साफ्ट लैंडिग से पहले अतिरिक्त दबाव में हैं, तो इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है. यह (साफ्ट लैंडिग) योजना के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार चंद्रयान-2 के उलट यह सतह पर उतरने में सफल रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रूस चंद्रमा पर पहुंचने की दौड़ में शामिल नहीं- नायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व इसरो चीफ माधवन नायर ने इस चर्चा को खारिज कर दिया कि भारत और रूस चंद्रमा पर पहुंचने की दौड़ में शामिल हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>लोकसभा चुनाव की जंग के लिए मल्लिकार्जुन खरगे की नई टीम का ऐलान, CWC में सचिन पायलट को मिली जगह</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/mallikarjun-kharges-new-team-announced-for-the-battle-of-lok-sabha-elections-sachin-pilot-got-place-in-cwc/</link><pubDate>August 20, 2023, 10:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-23-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: अगले साल होने वाले लोकसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की नई टीम का आज ऐलान किया है। खरगे की इस टीम में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: अगले साल होने वाले लोकसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की नई टीम का आज ऐलान किया है। खरगे की इस टीम में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी समेत 39 नेताओं को जगह मिली है। साथ ही राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की नई टीम में शामिल किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
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&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पायलट ने CMC में शामिल किये जाने पर जताया आभार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की नई टीम में शामिल किए जाने पर सचिन पायलट की प्रतिक्रिया सामने आई है। पायलट ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य बनाए जाने पर मैं आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी, CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी एवं पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी का आभार व्यक्त करता हूं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;हम सभी कांग्रेस की रीति-नीति व विचारधारा को सशक्त करते हुए उसे और अधिक मजबूती से जन-जन तक पहुचाएंगे।&lt;/p&gt;



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&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>Aditya-L 1 : चांद के बाद अब सूर्य के सफर पर भारत, ISRO लांच करने जा रहा है अपना खास मिशन आदित्य एल-1</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/aditya-l-1-after-the-moon-india-is-now-on-the-journey-to-the-sun-isro-is-going-to-launch-its-special-mission-aditya-l-1/</link><pubDate>August 14, 2023, 12:57 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-7-5-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर: मिशन चंद्रयान के बाद अब एक कदम भारत और आगे बढ़ते हुए सूर्य के सफर पर निकलने वाला है। इसरो सूर्य को नमस्कार करने के लिए समय सारणी का ऐलान कर दिया है। सूरज के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए इसरो ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सूरज का ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: मिशन चंद्रयान के बाद अब एक कदम भारत और आगे बढ़ते हुए सूर्य के सफर पर निकलने वाला है। इसरो सूर्य को नमस्कार करने के लिए समय सारणी का ऐलान कर दिया है। सूरज के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए इसरो ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सूरज का अध्ययन करने वाले सैटेलाइट का इसरो ने पहली तस्वीर जारी किया है। भारत का सूरज की तरफ यह पहला कदम होगा। यह सैटेलाइट प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा पहुंच चूका है। इसरो में सूरज के बारे में अध्ययन करने वाले इस मिशन को आदित्य-एल 1 नाम दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;en&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;PSLV-C57/Aditya-L1 Mission:&lt;br&gt;&lt;br&gt;Aditya-L1, the first space-based Indian observatory to study the Sun ☀️, is getting ready for the launch. &lt;br&gt;&lt;br&gt;The satellite realised at the U R Rao Satellite Centre (URSC), Bengaluru has arrived at SDSC-SHAR, Sriharikota. &lt;br&gt;&lt;br&gt;More pics… &lt;a href=&quot;https://t.co/JSJiOBSHp1&quot;&gt;pic.twitter.com/JSJiOBSHp1&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ISRO (@isro) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/isro/status/1690935417342967808?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 14, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हालो ऑर्बिट में स्थापित होगा सैटेलाइट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सूर्य के अध्ययन के लिए भेजा जाना वाला यह इसरो का पहला मिशन है। आदित्य एल1 को सूर्य-पृथ्वी सिस्टम के लैंग्रेज पॉइंट के करीब हालो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। पृथ्वी से सूर्य की दूरी करीब 151.55 मिलियन किमी है। इसरो ने बताया कि एल1 पॉइंट के नजदीक हालो ऑर्बिट में सैटेलाइट को स्थापित करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि यहां से लगातार सूर्य पर नजर रखी जा सकती है और यहां सूर्य ग्रहण का भी असर नहीं होता। इससे सूरज की गतिविधियों और इनके अंतरिक्ष के मौसम पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण करने में बहुत फायदा होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूरज की गतिविधियों पर रखेगा नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य एल1 के साथ सात पैलोड भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। ये पैलोड सूरज की फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर और सबसे बाहरी परत का अध्ययन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और पार्टिकल और मैग्नेटिक फील्ड डिटेक्टर्स की मदद से करेंगे। इनमें से 4 पैलोड लगातार सूर्य पर नजर रखेंगे और बाकी 3 पैलोड परिस्थितियों के हिसाब से मैग्नेटिक फील्ड और पार्टिकल का अध्ययन करेंगे। इसरो ने बताया कि आदित्य एल1 के पैलोड सूरज की कोरोनल हीटिंग, प्री फ्लेयर, कोरोनल मास इजेक्शन,और फ्लेयर गतिविधियों के बारे में और सूरज में होने वाली गतिविधियों के अंतरिक्ष के मौसम पर पड़ने वाले असर के बारे में अहम जानकारी देंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदित्य एल1 मिशन के उद्देश्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आदित्य एल1 मिशन के उद्देश्यों की बात करें तो यह सौर मंडल के ऊपरी वायुमंडल में गतिशीलता का अध्ययन करेगा। साथ ही क्रोमोस्फेरिक और कोरोनल हिटिंग, आयनित प्लाज्मा की भौतकता आदि का अध्ययन करेगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>