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       <title>Today Parsadi Lal Meena News | Latest Parsadi Lal Meena News | Breaking Parsadi Lal Meena News in English | Latest Parsadi Lal Meena News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Parsadi Lal Meena समाचार:Today Parsadi Lal Meena News ,Latest Parsadi Lal Meena News,Aaj Ka Samachar ,Parsadi Lal Meena समाचार ,Breaking Parsadi Lal Meena News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>राजस्थान: प्रदेश के हेल्थ मिनिस्टर का बयान–&amp;#8217;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; बिल को किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-state-health-ministers-statement-right-to-health-bill-will-not-be-withdrawn-under-any-circumstances/</link><pubDate>March 28, 2023, 2:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-50.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में कई दिनों से &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; बिल का विरोध करने के लिए प्रदेश के सभी डॉक्टर्स सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है ऐसे में राज्य के हेल्थ मिनिस्टर ने सोमवार के दिन बिल को किसी भी सूरत में वापस न लेने की बात कही। परसादी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान में कई दिनों से &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; बिल का विरोध करने के लिए प्रदेश के सभी डॉक्टर्स सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है ऐसे में राज्य के हेल्थ मिनिस्टर ने सोमवार के दिन बिल को किसी भी सूरत में वापस न लेने की बात कही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परसादी लाल मीणा का बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि कुछ दिन पूर्व प्रदेश में &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; बिल विधानसभा में पारित हुआ था, बिल के विरोध में डॉक्टर्स बिल लागू होने के बाद और भड़क गए जिसके बाद बीते कल यानि सोमवार के दिन डॉक्टर्स प्रदेशभर में पैदल मार्च निकाल रहे थे इसी कड़ी में राज्य के हेल्थ मिनिस्टर परसादी लाल मीणा ने बयान देते हुए कहा कि सरकार किसी भी सूरत में राइट टू हेल्थ बिल को वापिस नही लेगी। उन्होंने कहा– हम बातचीत करने के लिए तैयार हैं। अगर बिल को लेकर कोई परेशानी है तो उसके लिए भी हम बैठक करने को तैयार है लेकिन हम किसी भी सूरत में बिल को वापस नहीं लेंगे। हेल्थ मिनिस्टर ने बिल का विरोध कर रहे डॉक्टर्स से कहा– इस बिल का विरोध करने से कोई मतलब नहीं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राज्य हेल्थ मिनिस्टर ने बिल का किया समर्थन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश के हेल्थ मिनिस्टर परसादी लाल मीणा ने बिल का समर्थन करते हुए कहा- &amp;#8216;राइट टू हेल्थ बिल&amp;#8217; को बहुत ही सोच समझकर लाया गया है। इस बिल से प्रदेशवासियों को लाभ मिल सकेगा। हेल्थ मंत्री ने कहा कि इस बिल को पास करने के पहले बिल को चुनिंदा कमिटी के पास भेजा गया था. उन्होंने कहा इस बिल से इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए मुफ्त में इलाज करना संभव हो सकेगा। अब हर किसी को &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; की पावर है. प्रदेश में कोई भी अस्पताल मरीजों का इलाज करने से मना नहीं कर सकेगा। परसादी लाल मीणा ने कहा कि अगर डॉक्टर्स ऐसे ही प्रदर्शन करते रहे तो जरुरत पड़ने पर हम अस्पतालों में इलाज के लिए और डॉक्टर्स भर्ती करेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;29 मार्च को अवकाश पर रहेंगे डॉक्टर्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि &amp;#8216;सर्विंग डॉक्टर्स एसोसिएशन&amp;#8217; ने राइट टू हेल्थ का विरोध करते हुए 29 मार्च को सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान किया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस बिल से किसी को भी फायदा नहीं होगा इसलिए इस बिल को वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने गहलोत सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस राज्य में जनता को काफी नुकसान हो रहा है, सरकार को यह बिल वापस ले लेना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: &amp;#8216;राइट टू हेल्थ बिल&amp;#8217; के विरोध में डॉक्टर्स धरने पर, अस्पातल में मरीजों की लगी कतारें</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-doctors-protest-against-right-to-health-bill-queues-of-patients-in-the-hospital/</link><pubDate>March 23, 2023, 5:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-41-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। प्रदेश में &amp;#8216;राइट टू हेल्थ बिल&amp;#8217; का विरोध चल रहा. ऐसे में डॉक्टर्स ने मरीजों का इलाज करना बंद कर दिया है, जिस वजह से अस्पताल में मरीजों की कतारें लग गई हैं. अस्पताल में लगी मरीजों की कतारें आपको बता दें कि &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; प्रदेश में &amp;#8216;राइट टू हेल्थ बिल&amp;#8217; का विरोध चल रहा. ऐसे में डॉक्टर्स ने मरीजों का इलाज करना बंद कर दिया है, जिस वजह से अस्पताल में मरीजों की कतारें लग गई हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अस्पताल में लगी मरीजों की कतारें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि &amp;#8216;राइट टू हेल्थ&amp;#8217; बिल का विरोध मुख्यमंत्री गहलोत के सत्ता में आने के बाद से हो रहा है. दरअसल 2019 चुनाव के दौरान गहलोत ने राइट टू हेल्थ बिल&amp;#8217; सत्ता में आने के बाद लागू कराने के बात की थी. गहलोत के चुनाव जीतने के बाद इसका विरोध शुरू तो हुआ था लेकिन अब इसपर एक्शन लेते हुए निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स ने सेवाएं देने से इंकार कर दिया है. जानकारी के मुताबिक बुधवार को आरएनटी के 500 रेजिमेंट्स हड़ताल पर रहें, उन्होंने मरीजों को सेवाएं देना बंद कर दिया, ऐसे में सीनियर फैकल्टीज को सेवाएं देनी पड़ी. वहीं रेजिमेंट्स की हड़ताल का असर भी साफ नजर आया. सुबह से दोपहर तक अस्पतालों में मरीजों की लम्बी कतारें नजर आईं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यवस्थाएं रहीं प्रभावित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि अस्पतालों में लंबी कतारों के बावजूद सिर्फ एमबी ओपीडी चिकित्सक मरीजों की जांच करता दिखाई दिया। खराब अर्रेंजमेंट्स के चलते तकरीबन 100 ऑपरेशन्स टाले गए. आइपीडी में रोज मरीज़ों को देखने वाले सिर्फ एक या दो डॉक्टर्स मौजूद थे. अधीक्षक डॉ आरएल सुमन के द्वारा बताया गया कि ओपीडी में डॉक्टर्स के ना होने से परेशानियां बढ़ी, वहीं एमरजेंसी में भी लंबी कतारें लगी रही.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राइट टू किल&amp;#8217; से किया संबोधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश के डॉक्टरों ने इस बिल को राइट टू किल नाम दिया है. दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि इस बिल के आने के बाद वह मरीजों का फ्री में इलाज करने को मजबूर हो जाएंगे जिससे सभी डॉक्टर्स और हॉस्पिटल्स को भुगतान करना होगा. डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच लम्बे समय से बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है.&lt;/p&gt;
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