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       <title>Today plastic industries News | Latest plastic industries News | Breaking plastic industries News in English | Latest plastic industries News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का plastic industries समाचार:Today plastic industries News ,Latest plastic industries News,Aaj Ka Samachar ,plastic industries समाचार ,Breaking plastic industries News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Rajasthan: प्लास्टिक का नतीजा पर्यावरण हो रहा अशुद्ध … सरकार ने सख्त किए नियम तो थैलियों की हुई तस्करी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af/</link><pubDate>September 26, 2023, 11:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-2023-09-26T171240.818.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। आज विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस है. ऐसे में जयपुर स्थित हिंगोनिया गौशाला से एक हैरान करने वाली ख़बर सामने आई है, जहां हर महीने दर्जनों गायों की मौत हो रही है। गायों की मरने का कारण उनके पेट से बड़ी मात्रा में पॉलीथिन का निकलना बतया जा रहा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;। आज विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस है. ऐसे में जयपुर स्थित हिंगोनिया गौशाला से एक हैरान करने वाली ख़बर सामने आई है, जहां हर महीने दर्जनों गायों की मौत हो रही है। गायों की मरने का कारण उनके पेट से बड़ी मात्रा में पॉलीथिन का निकलना बतया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राज्यों में पॉलीथिन तस्करी कहां से?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य में 38 पॉलीथिन फैक्ट्रियां को बंद कर दी गई, फिर भी गायों की मृत्यु दर कम नहीं हो रही है. जानकारी के मुताबिक ख़बर मिली है कि क्षेत्र में अब तस्करी के जरिए पॉलीथिन आ रही है. आज विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर यह ख़बर बहुत डरा रही है. आपको बता दें कि पर्यावरण के लिए सबसे हानिकारक कुछ है तो वह &amp;#8220;पॉलीथिन&amp;#8221; ही है। यह बातें छोटे-छोटे बच्चों से लेकर सभी युवा तक को पता है, लेकिन क्या उसके बाद भी पॉलीथिन का उपयोग जारी है। राज्य में पिछले कई सालो में निगमों और निकायों के द्वारा करीब लाखों किलो से भी ज्यादा पॉलीथिन को जब्त किया जा चुका है। इस वर्ष इसकी संख्या में और अधिक उछाल देखने को मिला है. किन्तु इस औसतन को देखते हुए भी पॉलीथिन का प्रयोग जारी है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियत्रंण मंडल से ख़बर मिली है कि राज्य में कई पॉलीथिन बनाने वाली कंपनी को बंद कर दिया गया है. वहीं उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में राज्य सरकार ने 38 फैक्ट्रियों को और बंद करबाया है और वहीं कुछ कंपनी को तो पूरी तरह से सील करवा दिया गया है। लेकिन राज्य में अभी भी पॉलीथिन की तस्करी जारी है। वहीं विभाग के अफसरों द्वारा ख़बर मिली है कि यूपी, बिहार, पंजाब, एमपी और आसपास के कई राज्यों से अवैध तरीके से राज्य में पॉलीथिन की सप्लाई जारी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पॉलीथिन से कई गुना ज्यादा नुकसान…&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पॉलीथिन एक ऐसी चीज है जो जलती नहीं है, अगर मिट्टी में दब जाती है तो कई वर्षो तक वैसे के वैसे ही रहती है. यह बात सभी लोगों को पता है फिर भी लोग पॉलीथिन का इस्तेमाल करना नहीं छोड़ रहे है. पर्यावरण के संरक्षण में हमारी भूमिका अहम होती है. किन्तु यह ख़बर से बात साफ है कि हमलोग पर्यावरण के विनाश का जिम्मेदार खुद है. पॉलीथिन के इस्तेमाल से एक नहीं कई नुकसान हो रहे हैं। बता दें कि पहला नुकसान पर्यावरण है, जो हमेशा के लिए विनाश का कारण बन चुका है. और दूसरा कारण बहुत गंभीर है जो पहले से भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है, जिसमे हर वर्ष हजारों गायों की मौत का कारण पॉलीथिन खाने से बताई जाती है। वहीं एक डेटा के माध्यम से बता दें कि साल 2012 की पशु गणना और साल 2019 की पशु गणना की रिजल्ट देखे तो इसमें एक लाख 29 हजार 500 से भी ज्यादा गायें कम हो गई है। गायों का कम होने का कारण पॉलीथिन खाना से बतया जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: प्रदेश में बढ़ती प्लास्टिक फैक्ट्रीज से गिलास इंडस्ट्रीज को खतरा….</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-threat-to-glass-industries-due-to-increasing-plastic-factories-in-the-state/</link><pubDate>March 27, 2023, 5:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-48-300x235.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में गिलास और सिरेमिक उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश जारी है ऐसे में इंडस्ट्रीज को और बढ़ावा देने के लिए संजय अग्रवाल समेत अन्य बड़े बिजनेसमैन ने सरकार को पॉलिसी के अंतर्गत बदलाव करने को कहा. गिलास इंडसट्री को प्रदेश में बढ़ावा आपको ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में गिलास और सिरेमिक उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश जारी है ऐसे में इंडस्ट्रीज को और बढ़ावा देने के लिए संजय अग्रवाल समेत अन्य बड़े बिजनेसमैन ने सरकार को पॉलिसी के अंतर्गत बदलाव करने को कहा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गिलास इंडसट्री को प्रदेश में बढ़ावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि राजस्थान में बढ़ती प्लास्टिक फैक्ट्रीज के कारण गिलास इंडस्ट्रीज को नुकसान हो रहा है. ऐसे में गिलास इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में चित्तौरगढ़ के सोनियाना, नीमराना के पास घिलोथ समेत बीकानेर के गजनेर में स्थापना की जाएगी। जानकारी के मुताबिक असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड नए गिलास फैक्ट्री के स्थापना के लिए 1,400 करोड़ रूपए निवेश करेगी। यह फैक्ट्री चित्तौरगढ़ के सोनियाना में स्थापित किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संजय अग्रवाल ने इसकी महत्ता को किया साझा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि ऑल इंडिया ग्लास मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन के प्रेजिडेंट संजय अग्रवाल ने बताया कि सेंट गोबेन, जयपुर टफ, बोरोसिल, पैरीवेयर समेत अन्य बड़ी गिलास कंपनियां काफी समय से ग्लॉस इंडस्ट्री में योगदान दे रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार को गिलास इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने लिए पॉलिसी में बदलाव करना चाहिए। संजय अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान सरकार ने प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है इससे न सिर्फ, इंडस्ट्रीज का अपितु पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक को पहले ही बैन कर दिया है लेकिन अगर राजस्थान में इसे लागू ही नहीं किया जाएगा तो इससे क्या फायदा होगा। अग्रवाल ने प्लास्टिक का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक उपयोग करने की खुली छूट दे रखी है. प्लास्टिक इंसानों के लिए कभी भी अच्छी नहीं हो सकती, सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एशिया का सबसे बड़ा गिलास इंडस्ट्री जयपुर में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि एशिया की सबसे बड़ा गिलास इंडस्ट्री जो की जयपुर में है उसके संस्थापक निर्मल मुंडारा है. उन्होंने कहा- हमारे पास इस इंडस्ट्री को बढ़वा देने के लिए अधिक क्षमता तो है लेकिन सरकार को पर्यावरण को बचाने के लिए पॉलिसीस में बदलाव की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि न सिर्फ पर्यावरण बल्कि गिलास इंडस्ट्रीज को आगे बढ़ाने के लिए सोचने की जरुरत है.&lt;/p&gt;
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