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       <title>Today Rajasthan High Court News | Latest Rajasthan High Court News | Breaking Rajasthan High Court News in English | Latest Rajasthan High Court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Rajasthan High Court समाचार:Today Rajasthan High Court News ,Latest Rajasthan High Court News,Aaj Ka Samachar ,Rajasthan High Court समाचार ,Breaking Rajasthan High Court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/rajasthan-high-court</link>
        <lastBuildDate>April 20, 2026, 8:52 am</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>PTI: पीटीआई परीक्षा मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, कर्मचारियों को जारी किया नोटिस</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/pti-high-court-seeks-response-from-government-in-pti-exam-case-issues-notice-to-employees/</link><pubDate>December 4, 2024, 7:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/90l-1.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश समीर जैन की बेंच ने सुनवाई करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है। पीटीआई में नियुक्ति के बाद एसओजी से जांच को लेकर जवाब मांगा है। इस मामले में माध्यम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश समीर जैन की बेंच ने सुनवाई करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है। पीटीआई में नियुक्ति के बाद एसओजी से जांच को लेकर जवाब मांगा है। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, शिक्षा सचिव, कर्मचारी चयन बोर्ड और जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेजा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्मचारियों को नोटिस जारी किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस संदर्भ में एसओजी जांच पर याचिकाकर्ता ममता जाट ने सवाल उठाए थे। याचिका दायर करने वाले व्यक्ति का कहना था कि नियुक्ति के बाद सीसीए नियम के तहत कार्रवाई हो सकती है, लेकिन एसओजी को जांच कैसे दी गई। बोर्ड ने दस्तावेजों की जांच के बाद नियुक्ति दी थी। ऐसे में एसओजी के पास वेरिफिकेशन का अधिकार नहीं है। पीटीआई भर्ती-2022 प्रकरण में 52 अभ्यर्थियों को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने नोटिस जारी किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिना काउंसिलिंग के दाखिला लेने का आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बोर्ड को इन सभी की डिग्रियों पर संदेह है, जिसके चलते नोटिस जारी कर अभ्यर्थियों से जवाब मांगा था। इन सभी अभ्यर्थियों की डिग्री ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की है। इनमे से 19 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन पर बिना काउंसिलिंग के सीधे बीपीएड कोर्स में दाखिला लेने का आरोप है। बाकी बचे 33 अभ्यर्थियों ने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने की बात कही है, लेकिन यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में उनका कोई जिक्र नहीं है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: राजस्थान कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्किंग वुमन 180 दिन की मैटरनिटी लीव की हकदार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/high-court-big-decision-of-rajasthan-court-working-women-are-entitled-to-180-days-maternity-leave/</link><pubDate>September 7, 2024, 6:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/MATERNITY-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिला को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्किंग वुमन 180 दिन के मातृत्व छुट्टी यानी मैटरनिटी लीव की हकदार है। मैटरनिटी लीव क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिला को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्किंग वुमन 180 दिन के मातृत्व छुट्टी यानी मैटरनिटी लीव की हकदार है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; मैटरनिटी लीव की बात कही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत ने रोडवेज में काम करने वाली महिला को 90 दिन की बजाय 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने की बात कही है। अदालत ने कहा कि यदि समय बीतने के कारण 90 दिनों का बढ़ा हुआ अवकाश देना संभव हो तो उसे इस अवधि का अतिरिक्त वेतन मुआवजे के तौर पर दिया जाए। न्यायधीश अनूप ढंड की बेंच ने यह आदेश मीनाक्षी चौधरी की याचिका को मंजूर करते हुए दिए है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मातृत्व लाभ केवल संवैधानिक अधिकारों या नियोक्ता व कर्मचारी के बीच समझौते से प्राप्त नहीं होते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मैटरनिटी लीव में किया संशोधन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह एक महिला की पहचान और उसकी गरिमा का मौलिक पहलू है। अदालत ने कहा कि किसी भी महिला कर्मचारी को मैटरनिटी लीव देने में महिला के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। भेदभाव का आधार यह नहीं हो सकता कि वह आरएसआरटीसी में काम कर रही है। मैटरनिटी लीव को लेकर साल 2017 में संशोधन कर इसे 180 दिन का किया गया है। ऐसे में रोडवेज साल 1965 के विनियम का सहारा लेकर केवल 90 दिन की छुट्टी नहीं दे सकती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Murder Case: कन्हैयालाल मर्डर केस में आरोपी जावेद को जमानत मिलने से गरमाई सियासत</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/murder-case-politics-heats-up-after-accused-javed-gets-bail-in-kanhaiyalal-murder-case/</link><pubDate>September 6, 2024, 8:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/crime-1-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर। उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल मर्डर केस के एक आरोपी जावेद को कोर्ट से जमानत मिल गई। जावेद को जमानत मिलने के बाद राजस्थान में राजनीतिक सिसायत गरमा गई है। आरोपों का दौर जारी है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल मर्डर केस के एक आरोपी जावेद को कोर्ट से जमानत मिल गई। जावेद को जमानत मिलने के बाद राजस्थान में राजनीतिक सिसायत गरमा गई है। आरोपों का दौर जारी है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार आरोपियों को बचा रही है, लेकिन हम पूरी ताकत से कन्हैयालाल के परिवार के समर्थन में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एक्स पर पोस्ट कर की टिप्पणी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद जावेद को जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायधीश पंकज भंडारी और न्यायधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने 2 लाख रुपये के जमानत मुचलके और 1 लाख रुपये की राशि पर यह जमानत मंजूर की गई है। इस मामले में कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- 26 महीने हो चुके हैं, कन्हैया लाल जी को इंसाफ कब मिलेगा?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हम कन्हैयालाल परिवार के साथ है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ट्वीट कर लिखा- 28 जून, 2022 का वो दिन हम भूल नहीं सकते, जब नफ़रत की आग में उदयपुर में कन्हैया लाल जी की बर्बरता से हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस सरकार ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू की, लेकिन तब केस को मोदी सरकार की एजेंसी NIA ने ले लिया। डोटासरा ने आगे लिखा कि मोदी सरकार की कमजोर पैरवी के कारण अदालत से एक आरोपी जावेद को ज़मानत मिल गई। भाजपा सरकार भले ही आरोपियों को बचा रही है, लेकिन न्याय की लड़ाई में हम कन्हैयालाल जी के परिवार के साथ डटकर खड़े हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>अशोक गहलोत ने अपने वकालत के दिन याद कर हुए भावुक, जोधपुर बेंच का जिक्र कर लिखा कुछ ऐसा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/ashok-gehlot-became-emotional-remembering-his-advocacy-days-wrote-something-like-this-while-mentioning-jodhpur-bench/</link><pubDate>August 25, 2024, 8:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-6-1-300x185.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट के 75 साल पूरे होने के मौके पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है. अशोक गहलोत ने अपने वकालत के दिनों को भी याद किया. राजस्थान हाई कोर्ट के 75 साल पूरे होने के मौके पर आज (25 अगस्त) जो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर &lt;/strong&gt;: राजस्थान हाईकोर्ट के 75 साल पूरे होने के मौके पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है. अशोक गहलोत ने अपने वकालत के दिनों को भी याद किया. राजस्थान हाई कोर्ट के 75 साल पूरे होने के मौके पर आज (25 अगस्त) जोधपुर में एक प्लैटिनम समारोह का आयोजन किया गया है, जिसे पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गहलोत ने ट्वीट कर दी बधाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, प्रदेश के पूर्व सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर ट्वीट किया कि &amp;#8220;राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के 75 वर्ष पूर्ण होने पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई। यह मेरे लिए भी गर्व का विषय है कि एक वकील के तौर पर मेरा अल्प समय के लिए इस न्यायालय के साथ जुड़ाव रहा। हमारी सरकार ने हाईकोर्ट के नए भवन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हाईकोर्ट की एक ऐतिहासिक अहमियत है। मैं इस कार्यक्रम के लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं।&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के 75 वर्ष पूर्ण होने पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई।&lt;br&gt;&lt;br&gt;यह मेरे लिए भी गर्व का विषय है कि एक वकील के तौर पर मेरा अल्प समय के लिए इस न्यायालय के साथ जुड़ाव रहा। हमारी सरकार ने हाईकोर्ट के नए भवन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस…&lt;/p&gt;&amp;mdash; Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/ashokgehlot51/status/1827547529929748869?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 25, 2024&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये लोग होंगे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राजस्थान उच्च न्यायालय की प्लैटिनम जुबली समापन समारोह में प्रदेश के मुखिया भजन लाल शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायाधीश संदीप मेहता, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, न्यायाधीश पंकज मित्थल और केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीसीपी राजर्षि वर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही अन्य को ​भी प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी के दिल्ली से हवाई यात्रा के दौरान कोई अन्य हवाई जहाज या हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भरेंगे.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News: 75वां स्थापना दिवस, राजस्थान हाईकोर्ट ने किया रन फॉर लीगल एड आयोजन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-news-75th-foundation-day-rajasthan-high-court-organized-run-for-legal-aid/</link><pubDate>February 19, 2024, 6:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-8-12-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट स्थापना की प्लेटिनम जुबली यानी 75वां स्थापना दिवस रविवार 18 फरवरी को मनाया गया। इस मौके पर शहर में दो किमी की रन फॉर लीगल एड मैराथन आयोजित हुई। इस मैराथन दौर को जिला एवं सेशन जज द्वारा हरी झंडी दिखाया गया। अन्य कर्मचारी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;राजस्थान हाईकोर्ट स्थापना की प्लेटिनम जुबली यानी 75वां स्थापना दिवस रविवार 18 फरवरी को मनाया गया। इस मौके पर शहर में दो किमी की रन फॉर लीगल एड मैराथन आयोजित हुई। इस मैराथन दौर को जिला एवं सेशन जज द्वारा हरी झंडी दिखाया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य कर्मचारी भी रहे मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रविवार को आयोजित की गई राजस्थान हाईकोर्ट स्थापना की प्लेटिनम जुबली में जज और वकील सहित अन्य कर्मचारी भी हिस्सा लिए। यह मैराथन दौर राण फॉर लीगल मैराथन नगर परिषद शुरू होकर दो नंबर रोड होते हुए कलेक्टोरेट परिसर में समाप्त हुई। इस शुभ अवसर पर जिला जज देवेंद्र दीक्षित ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट की 75वीं स्थापना दिवस पर उच्च न्यायालय और राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण की सपोर्ट से रन फॉर लीगल एड का आयोजन हुआ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जागरूकता रथ भी हुआ रवाना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर दौड़ के साथ जागरूकता रथ भी रवाना किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में जज, वकील और कोर्ट कर्मचारी आयोजन स्थल पर मौजूद रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;संदेश देने हेतु प्रतियोगिता आरंभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मौके पर दौर प्रतियोगिता भी हुई। जिसमें सभी वर्गों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय आये प्रतिभागियों को जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय एवं उपस्थित अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। ’एसेस जस्टिस फॉर ऑल का संदेश जिला एवं सेशन न्यायाधीश दौसा एवं न्यायिक अधिकारियों ने दिया। बता दें कि दौड़ प्रतियोगिता शुरू होने से पहले एयर बैलून भी लांच किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News : राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार, जानें क्या है मामला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-rajasthan-government-got-rebuke-from-supreme-court-know-what-is-the-matter/</link><pubDate>February 18, 2024, 6:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-7-8-300x197.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला। 10 लाख रुपए का लगा जुर्माना सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 लाख रुपए का लगा जुर्माना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही उच्च सदन ने राज्य सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लाखों का जुर्माना लगाया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लेबर कोर्ट के बहाली के निर्णय के बावजूद एक गरीब मजदूर को बार-बार मुकदमा दायर करने के लिए मजबूर किया गया, जिसको लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य सरकार की अपील को निरर्थक मुकदमेबाजी करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसके आचरण पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि न्यायाधीश अभय एस. ओका और न्यायाधीश उज्ज्ल भुइयां की बेंच ने राज्य सरकार द्वारा की गई अपील को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि चार सप्ताह के अंदर प्रतिवादी श्रमिक को 10 लाख रुपए के जुर्माने का भुगतान करें और छह सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में पालना रिपोर्ट दें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डबल बेंच में राजस्थान सरकार ने की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2001 में लेबर कोर्ट ने प्रतिवादी मजदूर को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था। लेकिन इस निर्णय का अनुसरण नहीं किया गया और ऐसे में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की। हालांकि सिंगल बेंच में राज्य सरकार को सफलता नहीं मिल पाई, जिस वजह से राजस्थान सरकार ने डबल बेंच में अपील करना शुरू की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। वहीं शीर्ष कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए कहा है कि यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि लेबर कोर्ट ने 2001 में आदेश दिया था लेकिन इसकी पालना करने के बजाय एक गरीब मजदूर को 22 साल तक मुकदमा लड़ने को राजस्थान सरकार मजबूर कर परेशान कर रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: CM गहलोत को क्यों मांगना पड़ा माफी, हाई कोर्ट को कहा यह मेरा सोच नहीं</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-why-did-cm-gehlot-have-to-apologize-told-the-high-court-that-this-is-not-my-thinking/</link><pubDate>October 3, 2023, 9:37 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-03T150618.451-300x180.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राज्य के न्यायपालिका में आज सीएम अशोक गहलोत ने माफ़ी मांगी। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले उन्होंने भ्रष्टाचार पर विवादित बयान दिया था. इसके लिए उनको राजस्थान हाईकोर्ट से नोटिस मिली जिसके लिए CM गहलोत को माफी मांगनी पड़ी। वहीं आज राजस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राज्य के न्यायपालिका में आज सीएम अशोक गहलोत ने माफ़ी मांगी। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले उन्होंने भ्रष्टाचार पर विवादित बयान दिया था. इसके लिए उनको राजस्थान हाईकोर्ट से नोटिस मिली जिसके लिए CM गहलोत को माफी मांगनी पड़ी। वहीं आज राजस्थान हाईकोर्ट में दर्ज की गई सीएम गहलोत के जवाब को रिकॉर्ड कर लिया गया है. हालांकि कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर तय की है। आपको बता दें कि सीजे एजी मसीह और जस्टिस एमएम श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह आदेश को आगे पूर्व न्यायिक अधिकारी को सौंपा गया है. वहीं सीएम गहलोत के वकील प्रतीक कासलीवाल ने जवाब में बोला कि इससे पूर्व कई न्यायाधीशों ने न जानें कितने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही है। आपको बता दें कि उनके वकील द्वारा यह भी कहा गया है कि कोर्ट द्वारा उनको खास टारगेट बनाया गया है, हालांकि यह विचार उनका खुद का नहीं है, यथार्थ न्यायपालिका के लिए उनका पूरा मान-सम्मान हमेशा से है। यदि इसके बाद भी उनके बयान से न्यायपालिका के सम्मान को आघात पहुंची है तो वे इसके लिए बिना कुछ सोचे समझे कोर्ट से माफ़ी मांगते है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेश किया गया दस्तावेज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि CM गहलोत का वकील प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि कोर्ट में पूर्व न्यायाधीशों के दिए गए बयानों के दस्तावेज समेत सीएम गहलोत के जवाब भी पेश किया गया। हालांकि कोर्ट अपनी अगली सुनवाई 7 नवंबर को करेगी। उस दिन स्पष्ट होगा कि CM गहलोत आरोपी है अथवा गैर आरोपी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम के किस बयान पर मचा था बवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम गहलोत द्वारा 30 अगस्त को एक बयान दिया गया था कि छोटी न्यायपालिका हो या बड़ी न्यायपालिका सबके हालात ठीक नहीं है। पहले भी मुख्यमंत्री की सिफारिश से हाईकोर्ट में जज का नियुक्ति किया जाता था. उन्होंने कहा कि &amp;#8220;मैं भी केंद्रीय मंत्री रहा हूं&amp;#8221; उस दौरान मेरे से किसी ने सिफारिश की होगी और मै उनकी सिफारिश का सम्मान करते हुए उन सभी को जज बना दिए होंगे। लेकिन आज भरी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात सुनते हैं तो अफसोस होता है। हालांकि इस बयान के बाद देश के वकीलों ने गहलोत सराकर के खिलाफ धरना भी दिया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>B.ED Vs BTC: SC ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को बताया सही, केवल BTC डिप्लोमा धारक ही बन पाएंगे तृतीय श्रेणी अध्यापक</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/b-ed-vs-btc-sc-told-the-decision-of-rajasthan-high-court-is-correct-only-btc-diploma-holders-will-be-able-to-become-third-grade-teachers/</link><pubDate>August 11, 2023, 4:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-5-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अब केवल बीटीसी ( BTC ) डिप्लोमा धारक ही तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 में पात्र होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस से राजस्थान समेत पूरे देश में भी असर पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC ने अपने फैसले में क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशनकौल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने शुक्रवार 11 अगस्त की एसएलपी सहित मुकेश कुमार अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी ने सरकार का पक्ष रखा। डिप्लोमा घरियों की तरफ से अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के नोटिफिकेशन को वैध बताया। राजस्थान हाईकोर्ट के बीएड डिग्रीधारियों को कक्षा 1 से 5 तक के लिए पात्र मानने वाले नोटिफिकेशन को रद्द किया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही बताया। इसके साथ ही एनसीपीई और केंद्र सरकार की एसएलपी को ख़ारिज कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह था पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देशभर के बीटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बीएड अभ्यर्थियों को कोर्ट के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है। राजस्थान के भी लाखों बीएड पास कैंडिडेट्स पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद अब तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 के लिए केवल BTC डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे। इससे पहले एनसीपीई ने बीएड अभ्यर्थियों को भी लेवल-1 के लिए पात्र माना था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एनसीटीई ने 2018 में जारी किया था नोटिफिकेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एनसीटीई ने 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बीएड डिग्रीधारकों को भी रीट लेवल-1 के लिए योग्य जाएगा। अगर बीएड डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। राजस्थान में रीट लेवल-1 में बीएड डिग्री धारकों को शामिल करने पर बीटीसी डिप्लोमाधारी आंदोलन पर उतर आए थे। इसके बाद यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाई कोर्ट के फैसले को SC में दी गई चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट में एनसीटीई के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई। वहीं बीएड वालों ने रीट लेवल-1 में शामिल करने के लिए अपील हाईकोर्ट से की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बीएड वालों को लेवल-1 से बाहर कर दिया था। राजस्थान हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीटीई और केंद्र सरकार ने बीएड वालों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने मनोज वाजपेयी की फिल्म &amp;#8216;सिर्फ एक बंदा काफी है&amp;#8217; पर सुनाया बड़ा फैसला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/entertainment/rajasthan-news-rajasthan-high-court-gave-a-big-decision-on-manoj-bajpayees-film-sirf-ek-banda-kafi-hai/</link><pubDate>May 27, 2023, 11:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Only-CG.-Thumbnail-6-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: मनोज वाजपेयी की फिल्म &amp;#8216;सिर्फ एक बंदा काफी है&amp;#8217; के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रसारण पर रोक लगाने के स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। फिल्म 23 मई को एक ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हो चुकी है।न्यायाधीश डॉ....</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: मनोज वाजपेयी की फिल्म &amp;#8216;सिर्फ एक बंदा काफी है&amp;#8217; के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रसारण पर रोक लगाने के स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। फिल्म 23 मई को एक ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हो चुकी है।&lt;br&gt;न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की एकल पीट ने नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू और एक अनुयायी ओमप्रकाश की ओर से दायर याचिका में पेश स्थगन प्रार्थना पत्र को हालांकि खारिज कर दिया। लेकिन याचिका में उठाए गए सवाल मुद्दों को देखते हुए केंद्र की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल मुकेश राजपुरोहित को फिल्म प्रमाणन के महत्वपूर्ण पहलुओं, गोपनीयता के उल्लंघन के विषय तथा विचाराधीन मामले में एक वकील की भूमिका पर उचित प्रतिक्रिया देने को कहा है, यदि वह कहानी को मीडिया या सिनेमा या ओटीटी प्लेटफार्मों में प्रकाशित करना चाहता है। पॉक्सो मामलों में मीडिया के दायित्वों से भी केंद्र को अवगत करवाने को कहा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;23 मई को रिलीज हो चुकी है फिल्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;याचिकाकर्ताओं का दावा था कि फिल्म आसाराम बापू के आपराधिक मुकदमे पर आधारित है और इससे उनके निजता और निष्पक्ष परीक्षण के अधिकार का उल्लंघन होता है। पीठ ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर 8 मई को प्रसारित किया गया था, जबकि फिल्म 23 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। ट्रेलर देखने के बाद पीठ का निष्कर्ष था कि इसमें कुछ भी सीधे तौर पर आसाराम बापू से संबंधित नहीं है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Bomb Blast: जयपुर हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिन्दा हैं- भाजपा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-bomb-blast-jaipur-we-are-ashamed-your-murderers-are-alive-bjp/</link><pubDate>May 12, 2023, 11:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-21-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर: 13 मई 2008 को जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट पर राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले पर भाजपा फ्रंट फुट पर खलेने की तैयारी कर रही है। राजस्थान चुनाव में इसे मुद्दा बनाने से भाजपा चुकने वाली है। हाई कोर्ट ने 15 साल पुरानी जयपुर बम ब्लास्ट को लेकर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: 13 मई 2008 को जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट पर राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले पर भाजपा फ्रंट फुट पर खलेने की तैयारी कर रही है। राजस्थान चुनाव में इसे मुद्दा बनाने से भाजपा चुकने वाली है। हाई कोर्ट ने 15 साल पुरानी जयपुर बम ब्लास्ट को लेकर सभी 4 दोषियों को राहत दी थी। जिसको लेकर भाजपा ने गहलोत सरकार पर निशान साधते हुए कहा था कि राजस्थान सरकार आरोपियों को सजा दिलाने में असमर्थ रही है, कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर पाई।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भाजपा ने दिया नारा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं अब इसको लेकर भाजपा राजस्थान सरकार पर काफी हमलावर नज़र आ रही है। बीजेपी ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियों जारी किया है, जिसका नाम The Rajasthan Story दिया है, जिसमें कहा गया “जयपुर हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” इसके साथ ही बीजेपी ने हाई कोर्ट में कांग्रेस सरकार की कमजोर पैरवी को लेकर भी सवाल खड़े किए है। जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस सरकार की कमोजर पैरवी के कारण जयपुर सीरीयल बम लास्ट के चारों दोषी रिहा हुए। इसी के साथ बीजेपी ने #इंसाफ&lt;em&gt;मांगे&lt;/em&gt;राजस्थान का कैपेन भी चलाया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;“जयपुर हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं”&lt;br&gt;कांग्रेस सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से रिहा हुए सभी आरोपी&lt;a href=&quot;https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AB_%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8?src=hash&amp;amp;ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;#इंसाफ_मांगे_राजस्थान&lt;/a&gt; &lt;a href=&quot;https://t.co/YwNzYiYju8&quot;&gt;pic.twitter.com/YwNzYiYju8&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; BJP Rajasthan (@BJP4Rajasthan) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/BJP4Rajasthan/status/1656939662257299456?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;May 12, 2023&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान सरकार को घेरने की कोशिश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;भाजपा के द्वारा जारी किया गया यह वीडियो 1:53 सेकेंड का है। जिसमें साल 2008 में जयपुर में लगातार हुए सीरीयल बमलास्ट की भयावता को दर्शाया गया है। साथ ही जारी हुए वीडियों में एक पीड़िता के जरिए घटना की वीभत्सना को बताया गया। साथ ही राजस्थान सरकार की न्याय के प्रति उदासीनता को लेकर आरोप लगाया कि सरकार को 2008 में जयपुर में हुए सीरीयल बमलास्ट में मारे गए लोगों को न्याय की बजाय सरकार आंतकियों को बचा रही है।&lt;br&gt;राजस्थान विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष है और कहीं ना कहीं बम ब्लास्ट मामले में भाजपा राजस्थान सरकार को घेरने की कोशिश में है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: पेरोल को लेकर गरीब कैदियों को मिलेगी राहत, जानिए कोर्ट ने क्या कहा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/society/rajasthan-poor-prisoners-will-get-relief-regarding-parole-know-what-the-court-said/</link><pubDate>May 2, 2023, 11:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/सीएम-पद-को-लेकर-बंद-कमरे-में-हुईबात-को-लेकर-15-300x169.png</image><category>टेक</category><excerpt>जयपुर: आर्थिक कारणों से पेरोल का लाभ नहीं लेने वाले कैदियों को लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह उन कैदियों के संबंध में जानकारी करें। जो आर्थिक कारणों के चलते पेरोल का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसके ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: आर्थिक कारणों से पेरोल का लाभ नहीं लेने वाले कैदियों को लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह उन कैदियों के संबंध में जानकारी करें। जो आर्थिक कारणों के चलते पेरोल का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसके साथ ही अदालत ने ऐसे मामलों में जमानत देने की शर्त में शिथिलता देने को कहा है।&lt;br&gt;जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह साबिर हुसैन की आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता पर जमानत पेश करने की लगाई शर्त को हटाते हुए उसे सिर्फ व्यक्तिगत मुचलके पर ही पेरोल का लाभ देने के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने गृह सचिव को दिया आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;याचिका में अधिवक्ता विश्राम प्रजापति ने अदालत को बताया कि सांगानेर की खुली जेल में सजा काट रहे बिहार निवासी याचिकाकर्ता को राज्य सरकार ने 7 फरवरी को पेरोल का लाभ दिया था। इसके लिए याचिकाकर्ता को पचास हजार रुपये स्वयं का मुचलका और पचास हजार रूपये की दो तस्दीकशुदा जमानते पेश करने को कहा था. याचिका में कहा गया कि उसके आर्थिक हालात ऐसे हैं कि वह दो तस्दीकशुदा जमानते पेश नहीं कर सकता है।&lt;br&gt;ऐसे में इस शर्त को हटाया जाए। ताकि उसे पेरोल का लाभ मिल सके। वहीं राज्य सरकार की ओर से बिहार के गोपालगंज पुलिस की ओर से मिली रिपोर्ट को पेश किया गया। रिपोर्ट में भी बताया गया कि याचिकाकर्ता की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य है और वह राज्य सरकार की ओर से लगाई जमानत पेश करने की शर्त पूरी नहीं कर सकता है. जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने गृह सचिव को ऐसे कैदियों के संंबंध में जानकारी लेने के आदेश देते हुए ऐसे मामलों में जमानते देने की शर्त में शिथिलता देने को कहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>संजीवनी घोटाले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत को राहत, CM गहलोत बोले– जब मुलजिम नहीं थे तो हाईकोर्ट क्यों गए</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/relief-to-union-minister-gajendra-shekhawat-in-sanjivani-scam-cm-gehlot-said-why-went-to-high-court-when-there-were-no-accused/</link><pubDate>April 13, 2023, 11:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/download-13-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>राजस्थान संजीवनी स्कैम: संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला में फंसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गिरफ्तारी पर आज हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें की शेखावत ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान संजीवनी स्कैम:&lt;/strong&gt; संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाला में फंसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गिरफ्तारी पर आज हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें की शेखावत ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की थी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जोधपुर:&lt;/strong&gt; राजस्थान के संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी घोटाला मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है जहां केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने शेखावत की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। दरअसल शेखावत ने संजीवनी घोटाले में राजस्थान एसओजी में दर्ज एफआईआर संख्या-32 के खिलाफ याचिका दाखिल की थी जिस पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि अब एसओजी और राजस्थान पुलिस संजीवनी मामले में दर्ज किसी मामले में केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। अब इस मामले पर सीएम गहलोत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब वह मुलजिम नहीं थे, तो फिर हाईकोर्ट जाने की जरूरत क्यों पड़ी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि इससे पहले शेखावत को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका लगा था जहां उनकी याचिका पर न्यायाधीश प्रवीर भटनागर ने सुनवाई से इनकार कर दिया था। शेखावत ने याचिका दायर करते हुए कहा है कि सोसाइटी देश के विभिन्न राज्यों में चलती है, ऐसे में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। वहीं गुरुवार को अब जस्टिस कुलदीप माथुर ने उन्हें राहत दी है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarrajasthan.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1321&quot; srcset=&quot;https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14.png 790w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14-300x169.png 300w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14-768x432.png 768w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14-150x84.png 150w, https://rajasthan.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/download-14-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शेखावत ने सीएम गहलोत के खिलाफ किया मानहानि का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले संजीवनी घोटाला में सीएम गहलोत और शेखावत के बीच जमकर जुबानी हमले हुए थे।वहीं गहलोत ने पिछले दिनों शेखावत की माँ, पत्नी और परिवार वालों को भी घोटाले में शामिल बताया था। जिसके बाद शेखावत ने गहलोत के खिलाफ मानहानि का केस दिल्ली की कोर्ट में करवाया था। फ़िलहाल इस मामले पर अभी भी सुनवाई चल रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>वकील की हत्या के विरोध में मार्च, सीएम के नाम सौंपी ज्ञापन</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/advocate-murder-in-rajasthan-pinkhabar/</link><pubDate>February 20, 2023, 1:01 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/Untitled-design-1-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: बीते दिनों जोधपुर में आपराधियों ने एक वकील की निर्मम हत्या कर दी. इस हत्या को लेकर प्रदेशभर के वकीलों में सरकार और प्रशासन के प्रति नराजगी देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में आज डूंगरपुर जिले के बार एसोसिएशन के सदस्यों ने कोर्ट से कलेक्ट्र...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; बीते दिनों जोधपुर में आपराधियों ने एक वकील की निर्मम हत्या कर दी. इस हत्या को लेकर प्रदेशभर के वकीलों में सरकार और प्रशासन के प्रति नराजगी देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में आज डूंगरपुर जिले के बार एसोसिएशन के सदस्यों ने कोर्ट से कलेक्ट्रेट के एक रैली निकाली. उन्होंने मानव श्रंखला बनाकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया. उन्होंने अपना विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री से एटवोकेट प्रोटेक्शन बिल लागू करने की सख्त मांग की.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वकीलों की रैली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस घटना में राज्यव्यापी आव्हान पर डूंगरपुर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक दीक्षित के नेतृत्व में वकीलों ने अपनी रैली निकाली. डूंगरपुर कोर्ट के वकील कोर्ट परिसर में एकत्रित हुए. इसके बाद उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर जिला कलेक्ट्रेट के पास गए. साथ ही इस मौके पर विवेक दीक्षित ने बताया कि वर्तमान समय में लगातार वकीलों की टारगेट किलिंग हो रही है. सबको न्याय दिलाने वाले वकीलों के साथ ऐसी हैवानियत सोचने पर मजबूर करता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम के नाम ज्ञापन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 18 फरवरी को राजस्थान के जोधपुर में हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के सदस्य जुगराज सिंह की दो आपराधियों ने चाकू गोदकर हत्या कर दी. इसपर डूंगरपुर बार एसोसिएशन ने विरोध करते हुए वकीलों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपी. यह ज्ञापन सीएम के नाम से सौंपा गया था. साथ ही वकीलों ने वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल लागू करने की मांग भी की है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>BSTC और B.ED के छात्रों के लिए इतनी आसां नहीं थी REET परीक्षा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/bstc-and-bed-exam-candidfates-datesd-pinkhabar/</link><pubDate>February 13, 2023, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/reet-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में होने वाली BSTC और B.ED के अंतिम वर्ष के छात्रों के रीट की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में शामिल होने वाली राह इतनी आसान नहीं थी. इस रास्ते में कई तरह की चुनौतियां थीं. BSTC और B.ED के छात्रों ने Reet भर्ती परीक्षा 2022 मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;जयपुर: राजस्थान में होने वाली BSTC और B.ED के अंतिम वर्ष के छात्रों के रीट की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में शामिल होने वाली राह इतनी आसान नहीं थी. इस रास्ते में कई तरह की चुनौतियां थीं. BSTC और B.ED के छात्रों ने Reet भर्ती परीक्षा 2022 में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला से मांग कर चुके थे. लेकिन मामला सुलझ नहीं रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद BSTC और B.ED के कैंडीडेट्स ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने इस मामले पर संवेदनशीलता दिखाई. साथ ही कोर्ट ने छात्रों के भविष्य की चिंता करते हुए BSTC और B.ED के छात्रों के पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट के आदेश के बाद से राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन उम्मीदवारों को राहत दी. आपको बता दें कि मौजूदा समय में राजस्थान में करीब 2 लाख से अधिक छात्र BSTC और B.ED की पढ़ाई कर रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;2023 अगस्त तक पूरी हो जाएगी डिग्री&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय से BSTC और B.ed के उम्मीदवारों में खुशी की लहर है, अभ्यर्थियों ने एक ओर मांग की थी कि BSTC, B.ED के अंतिम वर्ष के ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने जुलाई में आयोजित REET पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है तथा NCTE की गाइडलाइन के अनुसार शिक्षक भर्ती के लिए पात्र हैं उनकी डिग्री अगस्त 2023 तक पूरी कर दी जाए.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;भर्ती के लिए ये है योग्यता&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में REET तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना अनिवार्य है. वहीं, अगर आप 3rd ग्रेड टीचर के रूप में सेवा देना चाहते हैं तो आपको अच्छे Score के साथ 12वीं की कक्षा पास होना और भी अनिवार्य है. आपको 12वीं कक्षा पास करने के बाद BSTC या B. Ed करनी होगी.&lt;/p&gt;
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