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       <title>Today rajasthan religious news News | Latest rajasthan religious news News | Breaking rajasthan religious news News in English | Latest rajasthan religious news News Headlines - Inkhabar</title>
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        </image><item><title>ज्येष्ठ महीने की 6 मई से हुई शुरुआत, जाने क्या कुछ रहेगा खास</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/jyestha-month-begins-on-may-6-know-what-will-be-special/</link><pubDate>May 6, 2023, 4:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-2023-05-05T211540.007.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>ज्येष्ठ माह आज से आरंभ हो गया है. इस महीने में निराजल एकादशी, गंगा दशहरा समेत कई व्रत- त्यौहार शामिल होंगे। वहीं इस महीने में जल दान और पूजा- पाठ करना काफी फलदाई होता है. ज्येष्ठ माह की हुई शुरुआत आपको बता दें कि हिन्दू पंचांग के तीसरे महीने को...</excerpt><content>
&lt;p&gt;ज्येष्ठ माह आज से आरंभ हो गया है. इस महीने में निराजल एकादशी, गंगा दशहरा समेत कई व्रत- त्यौहार शामिल होंगे। वहीं इस महीने में जल दान और पूजा- पाठ करना काफी फलदाई होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्येष्ठ माह की हुई शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि हिन्दू पंचांग के तीसरे महीने को ज्येष्ठ माह कहा जाता है. इसे वैशाख मास के पूर्ण होते ही शुरू किया जाता है. जेष्ठ महीने में गर्मी अपने चरम सीमा पर होती है क्योंकी इस महीने सूर्य अधिक शक्तिशाली हो जाता है जिस वजह से अत्यधिक गर्मी पड़ती है. सूर्य के श्रेष्ठता की वजह से इस महीने को जेष्ठ माह कहते है. यह पूरा महीना सूर्य देवता को समर्पित होता है. इस माह में वरुण देव और सूर्य देव की पूजा करना काफी फलदाई सिद्ध होता है. दरअसल भगवान सूर्य के तेज प्रकाश से नदी और तालाब सूख जाते हैं. यहीं कारण है कि इस महीने में जल- दान का महत्व होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दान का होता है विशेष महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस महीने में भगवान् की भक्ति और दान-धर्म करने से ग्रह दोष से मुक्ती मिल जाती है. हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वरुण देव, सूर्य देव के साथ हनुमान जी की भी उपासना इस महीने में करना फलदाई साबित होता है. इस वर्ष जेष्ठ महीना 6 मई से शुरू होकर 4 जून तक रहेगा। वहीं 5 जून से आषाढ़ के महीने की शुरुआत हो जाएगी। जेष्ठ माह में नारद जयंती, निराजल एकादशी समेत वट सावित्री और गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार होते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जल दान का होता है अधिक महत्त्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस महीने में न सिर्फ इंसानों को अपितु पशु-पक्षियों की प्यास बुझाना सर्वश्रेष्ठ काम माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार जेष्ठ महीने में नल लगवाना, प्याऊ लगाना, तालाब का संरक्षण करना फलदाई होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनि भगवान का हुआ था जन्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसी महीने गंगा मां का धरती पर अवतरण हुआ था. इसलिए इस महीने में गंगा दशहरा का त्यौहार मनाया जाता है. वहीं इसी महीने श्रीराम भगवान हनुमान से मिले थे. इसी महीने में दंड देने वाले भगवान शनि का जन्म हुआ था. वहीं यह महीना भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना बताया जाता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान का यह मंदिर सूर्यग्रहण के समय रहता है खुला, इस दौरान भक्तों की लगती है भीड़</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/this-temple-of-rajasthan-remains-open-at-the-time-of-solar-eclipse-during-this-there-is-crowd-of-devotees/</link><pubDate>April 20, 2023, 7:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/ranakpur-jain-temple-300x200.jpeg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है जिसे वैशाख अमावस्या कहा जाता है. वैशाख महीने में लगने वाला यह सूर्यग्रहण गुरूवार सुबह 7 बजकर 4 मिनट पर शुरु हुआ था जो 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म हुआ. जानकारी के मुताबिक जब भारत में सूर्यग्रहण लगता है तब 12 घंटे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है जिसे वैशाख अमावस्या कहा जाता है. वैशाख महीने में लगने वाला यह सूर्यग्रहण गुरूवार सुबह 7 बजकर 4 मिनट पर शुरु हुआ था जो 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म हुआ. जानकारी के मुताबिक जब भारत में सूर्यग्रहण लगता है तब 12 घंटे पहले ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. लेकिन माना जाता है कि उदयपुर के नाथद्वार स्थित भगवान श्रीनाथजी के दर्शन सूर्यग्रहण पर करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्य ग्रहण पर श्रीनाथजी का धाम भक्तों के लिए रहता है खुला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि आज यानी गुरूवार को वैशाख अमावस्या महीने में लगने वाला पहला सूर्यग्रहण लगा है. भारत में सूर्यग्रहण लगने के दौरान मंदिर के फाटक बंद रहते है. लेकिन उदयपुर में स्थित भगवान श्रीनाथजी का मंदिर सूर्यग्रहण के समय खासतौर पर खुला रहता है. ऐसी मान्यता है कि सूर्यग्रहण के समय श्रीनाथ जी के दर्शन अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से भक्तों की सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है. यही कारण है कि रोज के मुकाबले सूर्यग्रहण पर भगवान श्रीनाथजी के मंदिर में दस गुना ज्यादा भक्तो की भीड़ रहती है. जानकारी के मुताबिक यह राजस्थान का इकलौता ऐसा मंदिर है जो सूर्यग्रहण के दिन भी खुला रहता है. श्रीनाथ जी का दर्शन भी सूर्य ग्रहण शुरू होने से लेकर समाप्ति तक किया जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज 12:29 बजे तक खुला था मंदिर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि आज उदयपुर में नाथद्वार पर स्थित श्रीनाथजी के मंदिर में अल सुबह 7 बजकर 4 मिनट पर भक्तों के द्वारा दर्शन करना आरंभ किया गया था जो 12:29 बजे तक जारी रहा था।&lt;/p&gt;
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