<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today rao prem singh jalore News | Latest rao prem singh jalore News | Breaking rao prem singh jalore News in English | Latest rao prem singh jalore News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का rao prem singh jalore समाचार:Today rao prem singh jalore News ,Latest rao prem singh jalore News,Aaj Ka Samachar ,rao prem singh jalore समाचार ,Breaking rao prem singh jalore News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/rao-prem-singh-jalore</link>
        <lastBuildDate>May 9, 2026, 9:12 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>महमूद गजनवी द्वारा लुटे गए मंदिर का हुआ जीर्णोद्धार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/nilkanth-temple-inauguration-in-rajasthan-mahmood-gajnavi-news-of-rajasthan-pkdnh/</link><pubDate>February 6, 2023, 12:39 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/yogiraj.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित ऐसे महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है, जो चर्चाओं में है. महादेव मंदिर जीर्णोद्धार कार्यक्रम करीब 10 दिनों तक चला. राजस्थान में चल रहे इस कार्यक्रम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ कई केंद्रीय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर: &lt;/strong&gt;राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित ऐसे महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है, जो चर्चाओं में है. महादेव मंदिर जीर्णोद्धार कार्यक्रम करीब 10 दिनों तक चला. राजस्थान में चल रहे इस कार्यक्रम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. साथ ही इस कार्यक्रम में देश के कई नामी संतों ने भाग लिया. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ-साथ कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए. इस कार्यक्रम में पाली सांसद पीपी चौधरी समेत कई नेताओं ने शिकरत की.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;देश के 50 से ज्यादा संत हुए शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रिय मंत्रियों के साथ-साथ देश के कई नामी संत भी शामिल हुए. करीब 50 से ज्यादा बड़े संत महात्मा राजस्थान के इस कार्यक्रम में पहुंचे. जिसमें पतंजली योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण, तुलछाराम महाराज ब्रह्मधाम आसोतरा, स्वामी निश्छलानंद सरस्वती, स्वामी अवधेशानंदगिरी, जगदगुरु रामनंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, के साथ तारातरा मठ के प्रतापपुरी महाराज समेत कई संत शामिल हुए.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महादेव मंदिर का इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जालोर के भीनमाल में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर का 1400 साल पुराना इतिहास है. बताया जाता है कि नागभट्ट प्रथम ने इसकी शिला रखी थी. जानकारियों के अनुसार करीब 730 ई. में अफगानी आक्रांता राजा शाह जुनैद ने भारत की सीमाओं पर आक्रमण किया था, तब नागभट्ट प्रथम ने उसे वापस खदेड़ा था. ऐसी जानकारी मिलती है कि भारत की सीमाओं से राजा शाह जुनैद को बाहर भगाने के लिए नागभट्ट उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान वो भीनमाल नाम के जगह पर रुके थे. बताया जाता है कि भीनमान का प्राचीन नाम श्रीमाल हुआ करता था. राजा नागभट्ट को भगवान शिव का सपना आया था. सपने में भगवान शिव ने उसे वहीं रुकने के लिए कहा था, जिसके बाद से नागभट्ट ने इस जगह पर नीलकंठ महादेव मंदिर की स्थापना की.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जालोर के इसी नीलकंठ महादेव मंदिर के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद से पूरे देश में में बहस छिड़ गई थी. योगी आदित्यनाथ ने जालोर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है. योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद से कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई थीं. राजस्थान के इस नीलकंठ महादेव मंदिर को विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी ने लूटा था. विदेशी आक्रांता द्वारा लूटने के करीब 1500 सालों के बाद नीलकंठ महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>