<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Royal family dispute News | Latest Royal family dispute News | Breaking Royal family dispute News in English | Latest Royal family dispute News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Royal family dispute समाचार:Today Royal family dispute News ,Latest Royal family dispute News,Aaj Ka Samachar ,Royal family dispute समाचार ,Breaking Royal family dispute News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/royal-family-dispute</link>
        <lastBuildDate>June 20, 2026, 7:29 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Right: जानें कौन है महाराणा प्रताप के वंशज, जिसके पास है संपत्ति के असल अधिकार?</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/right-know-who-is-the-descendant-of-maharana-pratap-who-has-the-real-rights-to-the-property/</link><pubDate>November 27, 2024, 7:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/rig.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में वीरता, साहस के प्रतीक के रुप में दर्ज है। महराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। राजस्थान के मेवाड़ के राणा थे। महाराणा प्रताप एक ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लंबे समय तक सं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में वीरता, साहस के प्रतीक के रुप में दर्ज है। महराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। राजस्थान के मेवाड़ के राणा थे। महाराणा प्रताप एक ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजघराने के सदस्यों के बीच विवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;महराणा प्रताप के वंशज आज भी उदयपुर में रहते हैं। जो उनकी विरासत को संजोए हुए हैं, लेकिन इस विरासत के साथ ही एक लंबा विवाद भी जुड़ा हुआ है, जो संपत्ति को लेकर वर्तमान में भी उपज रहा है। महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच संपत्ति को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है। संपत्ति विवाद के कारण ही राजघराने के सदस्यों के बीच संबंध खराब हो गए हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर महाराणा प्रताप के वंशज कौन हैं और उनकी संपत्ति किसके पास है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विश्वराज सिंह महाराणा प्रताप के पोते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;महाराणा प्रताप के बाद उनके परिवार और वंशजों का योगदान भी खास रहा है। वो हमेशा मेवाड़ के शाही परिवार के सदस्य रहे हैं। उनके वंशज आज भी भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा समय में महाराणा प्रताप के वंशजों के रूप में उनके परिवार के खास व्यक्ति विश्वराज सिंह मेवाड़ हैं, जो महलों जायदादों और ऐतिहासिक धरोहर के मालिक हैं। विश्वराज सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप के पोते महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे हैं, जिनका हाल ही में निधन हुआ था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महेंद्र सिंह के बाद बेटे ने जिम्मेदारी संभाली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;उनके निधन के बाद उनके बेटे ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। सिटी पैलेस की शानदार वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे एक खास पर्यटन स्थल बनाने में सहयोग करता है। इसके अतिरिक्त मेवाड़ के अन्य महल, किलों और जमीन-जायदाद पर भी महाराणा प्रताप के वंशजों का ही हक है। महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच संपत्ति का विवाद कई वजहों से है। दरअसल उदयपुर राजघराने काफी बड़ी संपत्ति के मालिक है, जिसमें महल जमीन और अन्य प्रकार की कई संपत्तियां शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी संपत्ति में हिस्सेदारी चाहते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसे में महाराणा प्रताप के कई वंशज हैं और सभी अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं। इसी संपत्ति को लेकर विवाद के कारण परिवार के सदस्यों के बीच लड़ाई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Royal Dispute: राजपरिवार विवाद ने लिया हिंसक रुप, दोनों पक्षों में जमकर हुआ पथराव</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/royal-dispute-royal-family-dispute-took-violent-form-heavy-stone-pelting-between-both-sides/</link><pubDate>November 26, 2024, 9:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/tyru-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। सिटी पैलेस में दाखिल को लेकर मेवाड़ के राजपरिवार के बीच उपजा विवाद सोमवार को सड़कों पर आ गया। धूणी स्थल जाने की जिद पर अड़े विश्वराज सिंह मेवाड़ के पक्ष ने जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। इतना ही नहीं पुलिस की बैरिकेडिंग को भी तोड़ने...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सिटी पैलेस में दाखिल को लेकर मेवाड़ के राजपरिवार के बीच उपजा विवाद सोमवार को सड़कों पर आ गया। धूणी स्थल जाने की जिद पर अड़े विश्वराज सिंह मेवाड़ के पक्ष ने जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। इतना ही नहीं पुलिस की बैरिकेडिंग को भी तोड़ने का प्रयास किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;स्थिति गंभीर होती देख कलेक्टर ने कई बार बात-चीत करने का प्रयास किया, लेकिन पूर्व राजपरिवार से संबंधित दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे। रात के 11 बजे विश्वराजसिंह के समर्थक पक्ष के लोगों ने जबरन सिटी पैलेस में घुसने की कोशिश की तो सिटी पैलेस से पत्थरबाजी की गई। सिटी पैलेस से जमकर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलें बरसाई गई। ऐसे में दो पुलिसकर्मियों समेत चार लोग घायल हो गए। विवाद इतना बढ़ गया कि जगदीश चौक पर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस उन्हें रात तक रोकने की कोशिश करती रही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;काफिले की 3 गाड़ियों को एंट्री दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि राजपरिवार के सदस्य और पूर्व सांसद महेंद्रसिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके उत्तराधिकारी के तौर पर सोमवार को चित्तौड़गढ़ में पगड़ी दस्तूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें विश्वराजसिंह मेवाड़ को उत्तराधिकारी बनाना था। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के तहत विश्वराजसिंह मेवाड़ भारी-भरकम काफिले के साथ उदयपुर पहुंचे थे। यहां पहले से तैनात पुलिस-प्रशासन ने उनके काफिले को समोर बाग मोड़ पर रोक दिया। उनके प्रतिनिधि मंडल से बातचीत होने पर पुलिस ने तीन वाहनों को बैरिकेडिंग के अंदर से जाने दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विश्वराज सिंह मेवाड़ को रोकने की कोशिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस दौरान उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और बैरिकेट्स को लांगने की कोशिश की। काफी कोशिशों के बाद सभी समर्थक बैरिकेटिंग तोड़कर अंदर पहुंच गए। यहां से शीतला माता मंदिर होकर पैदल मार्च करते हुए जगदीश चौक पहुंचे। जहां लगे बैरिकेट्स से सिटी पैलेस की ओर नहीं जा सकते थे। वहीं दूसरे पक्ष ने सिटी के पैलेस के दोनों गेट सुबह से ही बंद कर दिए थे और सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। दूसरा पक्ष किसी भी स्थिति में विश्वराज सिंह मेवाड़ को अंदर नहीं जाने दे रहा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोनों गुटों के बीच झड़प&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों ने हिंसक रुप अपना लिया। सिटी पैलेस से जमकर पथराव किया गया। सिटी पैलेस से जमकर ईट, पत्थर और कांच की बोतले फेंकी गई। वहीं दूसरे पक्ष लोग बैरिकेटिंग तोड़कर अंदर घुस गए और विरोध करने लगे।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>