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       <title>Today Satyaveer Aloriya News | Latest Satyaveer Aloriya News | Breaking Satyaveer Aloriya News in English | Latest Satyaveer Aloriya News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Satyaveer Aloriya समाचार:Today Satyaveer Aloriya News ,Latest Satyaveer Aloriya News,Aaj Ka Samachar ,Satyaveer Aloriya समाचार ,Breaking Satyaveer Aloriya News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/satyaveer-aloriya</link>
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        </image><item><title>Satyaveer Aloriya: सत्यवीर अलोरिया बने नेशनल ऑब्जर्वर, महाराष्ट्र में मिली नई जिम्मेदारी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/satyaveer-aloriya-satyaveer-aloriya-becomes-national-observer-gets-new-responsibility-in-maharashtra/</link><pubDate>September 8, 2024, 11:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-9.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>जयपुर : राजस्थान कांग्रेस के युवा नेता सत्यवीर आलोरिया को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यवीर आलोरिया को एआईसीसी में पर्यवेक्षक बनाया गया है। एआईसीसी संगठन महासचिव केसी वेणुग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर &lt;/strong&gt;: राजस्थान कांग्रेस के युवा नेता सत्यवीर आलोरिया को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यवीर आलोरिया को एआईसीसी में पर्यवेक्षक बनाया गया है। एआईसीसी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्यवीर आलोरिया को राष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनाया है और उन्हें महाराष्ट्र में बारामती लोकसभा की जिम्मेदारी दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान के पहले युवा नेता जिसे मिली जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए राजस्थान से किसी युवा नेता को पहली बार ऐसी जिम्मेदारी दी गई है. सत्यवीर अलोरिया ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई थी. बता दें कि अलोरिया यूपी यूथ कांग्रेस के प्रभारी भी रह चुके हैं. उन्होंने कई राज्यों में चुनाव प्रचार का काम देखा है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्हें मिली इस जिम्मेदारी के कई मायने सामने आ रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें सत्यवीर अलोरिया कौन है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सत्यवीर आलोरिया ने अपना राजनीतिक सफर यूथ कांग्रेस में बूथ अध्यक्ष के तौर पर शुरू किया था. वर्तमान में वह युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। अब AICC में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने पर सत्यवीर अलोरिया का कहना है कि, &amp;#8220;इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने पर मैं शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का आभार है। प्रदेश के नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री भंवर जितेंद्र, सचिन पायलट का समर्थन मिल रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;युवा नेताओं को आगे बढ़ाया जा रहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में कांग्रेस अब युवा कांग्रेस नेताओं को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है. यहां जातीय समीकरण के हिसाब से युवा नेताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. खासकर यहीं से उन्हें चुनाव में उतारने की तैयारी की जा रही है. राजस्थान में 25 से 45 साल के युवा नेताओं को &amp;#8216;मुख्यधारा की राजनीति&amp;#8217; में लाने के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan Election 2023: जयपुर की इस सीट पर हर बार बदलता है समीकरण, जो जीता चुनाव उसी की बनती है सरकार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-election-2023-the-equation-changes-every-time-on-this-seat-of-jaipur-the-government-is-formed-by-the-one-who-wins-the-election/</link><pubDate>September 5, 2023, 2:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-46-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव करीब है ऐसे में हम आपके लिए राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों का क्या है चुनावी समीकरण, मुद्दा और इतिहास लेकर आये है यहां हम आपको जयपुर की बगरू विधानसभा का चुनावी समीकरण, मुद्दे और इतिहास के बारे मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rajasthan Election 2023&lt;/strong&gt;: राजस्थान विधानसभा चुनाव करीब है ऐसे में हम आपके लिए राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों का क्या है चुनावी समीकरण, मुद्दा और इतिहास लेकर आये है यहां हम आपको जयपुर की बगरू विधानसभा का चुनावी समीकरण, मुद्दे और इतिहास के बारे में चर्चा करेंगे…&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बगरू विधानसभा सीट का इतिहास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बगरू प्राकृतिक रंगों और हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग के लिए जाना जाता है । बगरू रैगर और छीपा समुदाय दोनों का घर है। छीपा 100 से अधिक वर्षों से कपड़ा छपाई परंपरा में शामिल हैं। रैगर्स चमड़े और उनके उत्पादों (जैसे जूते, मोचड़ी, राजस्थानी जूती और अन्य चमड़े के सामान) के प्रसंस्करण और निर्माण में शामिल हैं। रैगर्स बड़ी चमड़ा कंपनियों को कच्चा चमड़ा निर्यात करते हैं और स्थानीय बाजार (हटवाड़ा, जयपुर ) में भी बेचते हैं। प्रसिद्ध जुगल दरबार मंदिर बगरू में स्थित है। यहां, बागदा समुदाय द्वारा एक वार्षिक &amp;#8220;मेला&amp;#8221; आयोजित किया जाता है जिसमें पड़ोसी गांवों के सैकड़ों लोग शामिल होते हैं। यह शांति का स्थान है और सभी समुदायों को एकजुट करता है। बगरू शहर के मध्य में एक किला (निजी संपत्ति) भी है जो आम तौर पर गणगौर महोत्सव के अवसर पर जनता के लिए खुला रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस सीट पर कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस का कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में कई विधानसभा सीटें हैं, जहां की जनता सत्ता की आहट को महसूस कर लेती है। इसी में एक सबसे सुरक्षित सीट है बगरू। इस बगरू विधानसभा सीट पर हर बार चुनाव में बदलाव हो जाता है। यहां पर एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस को जीत मिल जाती है। इतना ही नहीं यहां से बीजेपी को जब जीत मिलती है तो वोटों का मार्जिन ज्यादा रहता है। कांग्रेस कम मार्जिन से यहां पर चुनाव जीत पाती है। इस बार कांग्रेस इस सीट पर किसी युवा को मैदान में उतार सकती है। क्योंकि, यहां से सीटिंग विधायक गंगा देवी की उम्र 65 साल से अधिक हो गई है। बीजेपी भी अपने पुराने प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है या बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में यहां की जातिगत समीकरण को देखते हुए दोनों पार्टियां फैसला लेती हैं। यह सीट 2008 के परिसीमन में बनी थी। इसके पहले इसका क्षेत्र सांगानेर और मालवीयनगर विधानसभा सीट में आता था।&lt;/p&gt;



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&lt;/div&gt;&lt;figcaption class=&quot;wp-element-caption&quot;&gt;यहां देखें पूरा वीडियो&lt;/figcaption&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस बार हो सकता है बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बगरू विधानसभा सीट पर वैसे तो कई दावेदार हैं। लेकिन कांग्रेस की तरफ से खुद वर्तमान विधायक गंगा देवी ताल ठोंक सकती हैं। क्योंकि वो यहां से दो बार विधायक रह चुकी हैं। मगर पार्टी युवाओं के तौर और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सतवीर आलोरिया को भी मैदान में उतार सकती है। क्योंकि, इस सीट पर कांग्रेस ने बदलाव के संकेत दिए हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति बीजेपी की भी है। भाजपा अपने पुराने विधायक कैलाश वर्मा पर दांव लगा सकती है या कुछ नए चेहरे मैदान में उतरने को तैयार हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जातिगत समीकरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बगरू विधानसभा सीट वैसे तो सुरक्षित सीट है ही और इसमें शहर के कई हिस्से आते हैं। इसलिए यहां पर कई जातियों का असर भी देखने को मिलता है। यहां पर 22.97 एससी और 12.73 फीसदी एसटी वर्ग के लोग रहते हैं। इसके साथ ही यहां बड़ी संख्या में ब्राह्मण और जाट जाति के वोटर्स भी हैं। बगरू विधानसभा सीट का जातिगत समीकरण कुछ ऐसा ही है। इस सीट में करीब 40 ग्राम पंचायतें और शहर के 21 नगर निगम वार्ड आते हैं। इस सीट का मिजाज शहरी और ग्रामीण दोनों है। इसलिए यहां पर दोनों पार्टियों को टफ लड़ाई लड़ना होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मतदाता और वोट प्रतिशत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बगरू विधानसभा सीट पर 2,93,929 मतदाता हैं। इनमें 1,55,404 पुरुष और 1,38,525 महिलाएं हैं. वर्ष 2018 में 72.37 फीसदी मतदान हुआ था। वर्ष 2013 में 72.7 फीसदी और 2008 में 55.6 फीसदी मतदान हुआ था। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2013 में बीजेपी के कैलाश वर्मा ने 46,356 मतों से चुनाव जीता था। वहीं 2018 में कांग्रेस की गंगा देवी को 96635 वोट मिले थे तो बीजेपी के कैलाश वर्मा को 91292 मत. महज कुछ हजार मतों से चुनाव में उन्हें हार मिली. वर्ष 2008 में कांग्रेस की गंगा देवी को 57,036 मत तो बीजेपी के रक्षपाल कुलदीप को 53,519 मत मिले थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यहां की बड़ी समस्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस सीट पर सीवरेज और कॉलोनियों में सफाई बड़ा मुद्दा है। इसके साथ ही पीने के पानी की बड़ी समस्या है। इस मुद्दे पर ही यहां पर चुनाव होता है।&lt;/p&gt;
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