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       <title>Today science News | Latest science News | Breaking science News in English | Latest science News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का science समाचार:Today science News ,Latest science News,Aaj Ka Samachar ,science समाचार ,Breaking science News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Development: इन चार महीनों में दोगुना तेजी से होता है बच्चों का विकास, काफी कम लोग जानते हैं ये बात</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/development-children-develop-twice-as-fast-in-these-four-months-very-few-people-know-this/</link><pubDate>August 3, 2024, 8:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/dth.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>बच्चे धीरे-धीरे खेलते-कूदते बढ़ते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जिसमें बच्चे दोगुना तेजी से बढ़ते हैं. बढ़ना निरंतर प्रक्रिया है बच्चों का बढ़ना प्रकृति के अनुसार एक निरंतर होने वाली प्रक्रिया है, जो आनुवंशिकी, प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;बच्चे धीरे-धीरे खेलते-कूदते बढ़ते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जिसमें बच्चे दोगुना तेजी से बढ़ते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बढ़ना निरंतर प्रक्रिया है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बच्चों का बढ़ना प्रकृति के अनुसार एक निरंतर होने वाली प्रक्रिया है, जो आनुवंशिकी, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है.ऐसे में क्या आप जानते है कि साल के चार महीने ऐसे भी होते है जब बच्चों का विकास दोगुनी तेजी से होता है.ऐसा कहा जाता है वसंत और गर्मियों में बच्चों का विकास तेजी से होता है. ये महीने बच्चों के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रोशनी विकास के लिए जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साथ ही इस मौसम में शरीर को सूरज की पर्याप्त रोशनी मिलती है. जिससे शरीर में विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलती हैं. जो बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य के विकास में जरूरी भूमिका निभाता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: आज के दिन मुस्कुराये थे बुद्ध, भारत ने लहराया था परचम</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/buddha-smiled-on-this-day-india-hoisted-the-flag/</link><pubDate>May 18, 2023, 7:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-3-8-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के पोखरण टेस्टिंग रेंज में 18 मई 1974 को परमाणु परीक्षण हुआ था. आज के दिन देश का पहला परमाणु परिक्षण हुआ था. परिक्षण के सफल होने के बाद देश ने अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था. आज के दिन हुआ था परमाणु परीक्षण आपको बता दें कि ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के पोखरण टेस्टिंग रेंज में 18 मई 1974 को परमाणु परीक्षण हुआ था. आज के दिन देश का पहला परमाणु परिक्षण हुआ था. परिक्षण के सफल होने के बाद देश ने अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज के दिन हुआ था परमाणु परीक्षण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि भारत का पहला परमाणु परीक्षण 18 मई यानी गुरूवार के दिन 1974 में हुआ था. यह परीक्षण पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नेतृत्व में हुआ था. आज के दिन ही बुद्ध मुस्कुराये थे जिसकी वजह से इस मिशन का नाम &amp;#8216;स्माइलिंग बुद्धा &amp;#8216; रखा गया. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस मिशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा दिया था. 49 वर्ष पहले भारत ने दुनिया को परमाणु परीक्षण करके चौंका दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस ने मनाया जश्न&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आज के दिन को महत्ता देते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं. वहीं एक कांग्रेस कार्यकर्त्ता ने कहा कि आज के दिन 1974 को जैसलमेर के पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण किया गया था. यह परमाणु परीक्षण करके तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने पूरे विश्व को चौंका दिया था और पूरे विश्व को चौंकाने के साथ यह एहसास दिला दिया था कि भारत भी परमाणु सम्पन्न देश बन चुका है. यह अपने आपमें ऐतिहासिक बात है और निश्चित तौर पर पूरे विश्व पटल पर इंदिरा गांधी की जो आयरन लेडी की छवि को और भी ज्यादा मजबूत किया गया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑपरेशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा क्यों रखा गया ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 18 मई 1974 को बुद्ध पूर्णिमा था इसी दिन इस मिशन को अंजाम दिया गया यह एक कारण है कि इसे स्माइलिंग बुद्ध का नाम दिया गया था. भारत बुद्ध पूर्णिमा के दिन विश्व को शांति का सन्देश देना चाहता था यह दूसरा कारण है कि परमाणु परीक्षण के ऑपरेशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा का नाम दिया गया. किसी भी मिशन को अंजाम देने के लिए कोड शब्दों का प्रयोग किया जाता है. इस मिशन को जब अंजाम दिया जा रहा था तब वैज्ञानिकों ने इसे स्माइलिंग बुद्धा, इंडियन आर्मी ने हैप्पी कृष्णा और वहीं ऑफिसियल तौर पर इसे पोखराम- 1 कोडनेम दिया गया था. वैज्ञानिकों ने पहले परीक्षण के लिए जो कोड वर्ड का इस्तमाल किया था वो &amp;#8216; बुद्धा इज स्माइलिंग था&amp;#8217;. जब यह परीक्षण संपन्न हुआ था तब डॉक्टर रमन्ना ने तत्कालीन प्रधानमंत्री को परमाणु परीक्षण की सूचना दी थी. उन्होंने फोन पर कहा था कि बुद्धा मुस्कुरा रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत पर लगाए थे प्रतिबन्ध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका समेत अन्य विकसित देशों ने मिलकर भारत पर कड़े प्रतिबन्ध लगाए थे. उनका मानना था कि भारत के परमाणु परीक्षण करने से विश्व में परमाणु बनाने का दौर शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार इस ऑपरेशन की तैयारी 7 दिसंबर 1972 को हुई थी जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने स्वदेशी न्युक्लीयर डिवाइस बनाने का आदेश दिया था. 1998 में स्माइलिंग बुद्धा के नाम से भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए. तीन को 11 मई 1998 और दो को 13 मई 1998 को किए गए थे. उस दौरान देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. जिन्होंने जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का नारा दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परमाणु सम्पन्न छठा देश बना भारत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दुनिया में भारत के पहले परमाणु परीक्षण करने से पूर्व पांच देश के पास परमाणु हथियार थे जिसमें अमेरिका समेत फ्रांस, चीन, सोवियत यूनियन (आज का रूस), यूनाइटेड किंगडम देश शामिल थे. यह सभी देश नहीं चाहते थे की इनके अलावा किसी और देश के पास परमाणु हथियार हो. जिससे उनका दबदबा पूरे देश में कायम रहे. जिसके बाद भारत ने खुफिया तरीके से स्माइलिंग बुद्धा मिशन को अंजाम दिया और छठा परमाणु सम्पन्नदेश उभर कर आया.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>डच शोधकर्ता की भविष्यवाणी, भारत में तुर्की जैसा आ सकता है भूकंप</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/turkey-earthquake-ssgeos-news-astrology-trending-news-pinkhabar/</link><pubDate>February 22, 2023, 4:02 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/क्यों-बीच-सड़क-निर्वस्त्र-हुई-महिला-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: तुर्की सीरिया भूकंप को लेकर भविष्यवाणी करने वाले डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स ने भारतीय उपमहाद्वीप को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है, जो भारत के लोगों की नींद उड़ा सकती है. हूगरबीट्स ने यह दावा किया है कि जल्द ही भारतीय महाद्वीप में एक जोरदार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; तुर्की सीरिया भूकंप को लेकर भविष्यवाणी करने वाले डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स ने भारतीय उपमहाद्वीप को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है, जो भारत के लोगों की नींद उड़ा सकती है. हूगरबीट्स ने यह दावा किया है कि जल्द ही भारतीय महाद्वीप में एक जोरदार भूकंप आने वाला है. ये भूकंप भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आ सकता है. अपनी भविष्यवाणी को और पुख्ता करने के लिए उन्होंने इसके पीछे के कारण भी बताए हैं. उन्होंने ग्रहों की चाल और उनके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह भविष्यवाणी की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;साझा किया है वीडियो&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फ्रैंक ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें यह देखा जा सकता है कि वो आने वाले दिनों में भूकंप को लेकर लोगों को सचेत कर रहे हैं. जारी वीडियों में फ्रैंक साफ-साफ यह बोल रहे हैं कि आने वाले दिनों में हिंद महासागर क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए जा सकते हैं. बतौर फ्रैंक इस भूकंप के झटकों का केंद्र अफगानिस्तान में होगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिंद महासागर में पहुंचने से पहले ये भूकंप पाकिस्तान और भारत में तबाही मचा सकती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;30 हजार लोगों ने जान गवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि फ्रैंक हूगरबीट्स यानी सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे संस्थान के लिए काम करते हैं. फ्रैंक ग्रहों के चाल के आधार पर भूकंप की भविष्यवाणी करते हैं. इन्होंने बीते दिनों तुर्की सीरिया में आए भूकंप को लेकर भी भविष्यवाणी की थी. इस भूकंप में करीब 30 हजार लोगों ने अपनी जान गवाई थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है SSGEOS&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;SSGEOS एक संस्थान है जो ग्रहों नक्षत्रों की चाल पर शोध करता है. इन्हीं शोध के आधार पर संस्था में कार्यरत फ्रैंक हूगरबीट्स इन भूकंप की भविष्यवाणी करते हैं. ये संस्थान भूकंप और उसकी गतिवीधी का अनुमान लगाने के लिए आकाशीय पिंडों और ग्रहों की गतिविधि पर निगरानी रखता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2001 की तरह डालेगा असर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर फ्रैंक द्वारा जारी किया गया वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को देखकर लोग सहम जा रहे हैं. इस वीडियो में जानकारी देते हुए फ्रैंक ने कहा कि अगर ये भूकंप आती है तो 2001 में आई भूकंप के जैसे इसके प्रभाव हो सकते हैं. लेकिन फिलहाल इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता.&lt;/p&gt;
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