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       <title>Today Shani amavasya News | Latest Shani amavasya News | Breaking Shani amavasya News in English | Latest Shani amavasya News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Shani amavasya समाचार:Today Shani amavasya News ,Latest Shani amavasya News,Aaj Ka Samachar ,Shani amavasya समाचार ,Breaking Shani amavasya News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>शनि अमावस्या के दिन अपनाएं ये अचूक उपाय, साढ़े साती होगी दूर</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/religious/follow-these-infallible-remedies-on-the-day-of-shani-amavasya-sade-sati-will-go-away/</link><pubDate>March 29, 2025, 6:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-29T114612.872.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>जयपुर। अगर अमावस्या शनिवार को पड़ जाती है तो यह और भी फलदाई हो जाता है। शनिवार को पड़ने की वजह से इसे शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। शनि अमावस्या पर कई उपायों को अपनाकर शनि की कृपा आसानी से पाई जा सकती है। खासतौर से रोजगार और नौक...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; अगर &lt;strong&gt;अमावस्या&lt;/strong&gt; शनिवार को पड़ जाती है तो यह और भी फलदाई हो जाता है। शनिवार को पड़ने की वजह से इसे शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। शनि अमावस्या पर कई उपायों को अपनाकर शनि की कृपा आसानी से पाई जा सकती है। खासतौर से रोजगार और नौकरी की समस्याएं आसानी से दूर हो सकती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शनि देव को प्रसन्न करने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;शनि देव की पूजा प्रदोष काल या रात्रि में की जाती है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। इसके लिए आप व्रत भी रख सकते है। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप करें। शनिदेव से कृपा पाने की प्रार्थना करें। इस दिन किसी गरीब को खाने पीने की चीजों का दान करने से पुण्य मिलता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भविष्य में तरक्की करने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;एक काला धागा ले और उसे पीपल वृक्ष की डाल में बांध दें। इस धागे में तीन गांठ लगाएं। एक कटोरी में सरसों का तेल डाल लें। उसमें बाएं हाथ की मध्यमा उंगली डालकर शनि मंत्र का जाप करें। मंत्र होगा &amp;#8211; &amp;#8220;ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः&amp;#8221;. सरसों के तेल को पीपल के वृक्ष के नीचे रख दें। ऐसा करने से भविष्य में तरक्की मिल्गी।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;साढ़ेसाती को खत्म करने के उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती के असर को कम करने के लिए शनि अमावस्या का दिन सबसे बढ़िया है। शनि अमावस्या के दिन शनिदेव और महादेव की पूजा अर्चना और दान करने से घर मे साढ़ेसाती खत्म हो जाती है। इस दिन पूजा करने से राशि के दोष भी दूर हो जाते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पितरों को प्रसन्न करने के उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इस दिन पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने से पितर प्रसन्न होते हैं। साथ ही पितृदोष से भी मुक्ति भी मिलती है। एक लोहे का छल्ला लेकर आएं। उसे शनिवार की सुबह सरसों के तेल में डुबाकर रख दें। शाम को शनिदेव के मंत्रों का जाप करें। उनकी विधिपूर्वक आरती करें। इसके बाद लोहे के छल्ले को बाएं हाथ की मध्यमा उंगुली में धारण कर लें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>RAJASTHAN : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने राजस्थान दौरे की तस्वीरें की साझा, लोगों ने की प्रशंसा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-union-jal-shakti-minister-shekhawat-shared-photos-of-rajasthan-tour-people-praised/</link><pubDate>May 20, 2023, 4:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-13-5-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>JAIPUR: शुक्रवार के दिन शनिश्चरी अमावस्या का दिन था. जिसे वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाया गया. इस दिन शनि जयंती थी. इस मौके पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 19 मई को राजस्थान गए थे. यहां पहुंचकर वह जोधपुर के श्री जूना ख...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;JAIPUR: &lt;/strong&gt;शुक्रवार के दिन शनिश्चरी अमावस्या का दिन था. जिसे वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाया गया. इस दिन शनि जयंती थी. इस मौके पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 19 मई को राजस्थान गए थे. यहां पहुंचकर वह जोधपुर के श्री जूना खेड़ापति मन्दिर गए और न्याय के देवता का दर्शन किया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर दर्शन करते हुए अपनी तस्वीरें लोगों से साझा की और लिखा कि अमावस्या के पवित्र दिवस पर जोधपुर के श्री शनि धाम और श्री जूना खेड़ापति मन्दिर में न्याय के देवता शनि जी का विधिवत पूजन किया। उनसे सर्वजन के सुख की कामना की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या हैं शनिश्चरी अमावस्या ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि भरणी-कृतिका नक्षत्र, शानदार योग में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या शुक्रवार को वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई जाती है। इस मौके पर शनि जयंती का संयोग होने से शनिदेव की आराधना के साथ ही महिलाएं व्रत रखकर पूजा अर्चना करती हैं. शास्त्रों के अनुसार इस दिन वट सावित्री व्रत करने से पति की दीघार्यु के साथ ही संतान की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। महिलाएं वट की पूजा के साथ जल अर्पण करने के साथ ही परिक्रमा करने के साथ 108 बार चारों ओर बंधन बनाकर अर्चना करती हैं। शास्त्रानुसार वटवृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने व्रत से मृत पति को पुन: जीवित कराया था। तब से यह वटसावित्री व्रत के नाम से भी जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक ग्रहों के न्यायाधिपति शनि जयंती के पर्व पर कल मेष राशि में चार ग्रह यानि चंद्र, बुध, गुरु और राहु विराजमान थे । साथ ही मंगल-शनि का इस समय लगभग 58 साल तक षड़ाश्टक योग था.&lt;/p&gt;
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