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       <title>Today Supreme Court News | Latest Supreme Court News | Breaking Supreme Court News in English | Latest Supreme Court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Supreme Court समाचार:Today Supreme Court News ,Latest Supreme Court News,Aaj Ka Samachar ,Supreme Court समाचार ,Breaking Supreme Court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/supreme-court</link>
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        </image><item><title>Supreme Court: पहले दुष्कर्म, फिर समझौता, सुप्रीम कोर्ट का यौन उत्पीड़न मामले पर बड़ा फैसला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/desh-pradesh/supreme-court-first-rape-then-compromise-supreme-courts-big-decision-on-sexual-harassment-case/</link><pubDate>November 7, 2024, 12:43 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/RGH.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में अहम फैसला सुनाया है। यौन उत्पीड़न के मामलों में अब समझौता नहीं कराया जाएगा। हाई कोर्ट ने राजस्थान के गंगापुर शहर की एक नाबालिग दलित लड़की के यौन उत्पीड़न से संबंधि मामले में ये फैसला सुनाया है। हाई...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में अहम फैसला सुनाया है। यौन उत्पीड़न के मामलों में अब समझौता नहीं कराया जाएगा। हाई कोर्ट ने राजस्थान के गंगापुर शहर की एक नाबालिग दलित लड़की के यौन उत्पीड़न से संबंधि मामले में ये फैसला सुनाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट का आदेश उचित नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें नाबालिग लड़की ने अपने शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौते से केस को रद्द नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए ये टिप्पणी की है। जस्टिस सीटी रविकुमार ने अपने फैसले में कहा कि विवादित आदेश रद्द किया जाता है। कोर्ट ने कहा है कि FIR और आपराधिक कार्यवाही कानून के मुताबिक ही आगे बढ़नी चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोबारा सुनवाई का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मामले की खूबियों पर हमारी कोई टिप्पणी नहीं है,लेकिन यह अपराध गैर समझौतावादी धारा के अंतर्गत आता है। ऐसे में हाईकोर्ट का आदेश उचित नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक शिक्षक को नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में राहत दी गई थी। हाई कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ केस को खारिज कर दिया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा सुनवाई का करने का आदेश दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है पूरा मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ये मामला साल 2022 में राजस्थान के गंगापुर शहर का है। जहां एक नाबालिग दलित लड़की ने सरकारी स्कूल के शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इसमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसमें नाबालिग का बयान भी दर्ज किया था। आरोपी शिक्षक विमल कुमार गुप्ता ने लड़की के परिवार से स्टांप पेपर पर बयान लिया। बयान में कहा गया है कि उन्होंने गलतफहमी के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केस रद्द करने का आदेश दिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब वह शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। पुलिस ने इसे सच केस दर्ज कर लिया था, लेकिन निचली अदालत ने इस बयान को खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली और एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan News : राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार, जानें क्या है मामला</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/rajasthan-news-rajasthan-government-got-rebuke-from-supreme-court-know-what-is-the-matter/</link><pubDate>February 18, 2024, 6:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-7-8-300x197.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला। 10 लाख रुपए का लगा जुर्माना सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। तो आइए जानते है पूरा मामला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;10 लाख रुपए का लगा जुर्माना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को तगड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही उच्च सदन ने राज्य सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लाखों का जुर्माना लगाया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लेबर कोर्ट के बहाली के निर्णय के बावजूद एक गरीब मजदूर को बार-बार मुकदमा दायर करने के लिए मजबूर किया गया, जिसको लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य सरकार की अपील को निरर्थक मुकदमेबाजी करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसके आचरण पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि न्यायाधीश अभय एस. ओका और न्यायाधीश उज्ज्ल भुइयां की बेंच ने राज्य सरकार द्वारा की गई अपील को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि चार सप्ताह के अंदर प्रतिवादी श्रमिक को 10 लाख रुपए के जुर्माने का भुगतान करें और छह सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में पालना रिपोर्ट दें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डबल बेंच में राजस्थान सरकार ने की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;2001 में लेबर कोर्ट ने प्रतिवादी मजदूर को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था। लेकिन इस निर्णय का अनुसरण नहीं किया गया और ऐसे में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में अपील की। हालांकि सिंगल बेंच में राज्य सरकार को सफलता नहीं मिल पाई, जिस वजह से राजस्थान सरकार ने डबल बेंच में अपील करना शुरू की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। वहीं शीर्ष कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए कहा है कि यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि लेबर कोर्ट ने 2001 में आदेश दिया था लेकिन इसकी पालना करने के बजाय एक गरीब मजदूर को 22 साल तक मुकदमा लड़ने को राजस्थान सरकार मजबूर कर परेशान कर रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Diwali 2023: कृपया ध्यान दें! दीपावली पर इस बार भी नहीं कर पाएंगे आतिशबाजी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/diwali-2023-please-pay-attention-this-time-also-we-will-not-be-able-to-do-fireworks-on-diwali/</link><pubDate>November 11, 2023, 6:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-5-3-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। देश भर में प्रदूषण का दौर जारी है ऐसे में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगो की सांसे फूल रही है, हालांकि पिछले दिन हुई बारिश से थोड़ा प्रदुषण कम जरूर हुआ है लेकिन पाबंदियों के कारण आतिशबाजों के लिए इस बार की दिवाली निराशाजनक जरूर साबित ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; देश भर में प्रदूषण का दौर जारी है ऐसे में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगो की सांसे फूल रही है, हालांकि पिछले दिन हुई बारिश से थोड़ा प्रदुषण कम जरूर हुआ है लेकिन पाबंदियों के कारण आतिशबाजों के लिए इस बार की दिवाली निराशाजनक जरूर साबित हो रहा है। इस बार दीपोत्सव पर भी अलवर जिले में लोग पटाखे नहीं चला पाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान (ग्रेप) की चतुर्थ स्टेज लगा हुआ है। इस वजह से अलवर समेत NCR में आने वाले शहर में भी आतिशबाजी चलाने व बेचने पर पूरी तरह से पावंदी लगा दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावली खुशियां मनाने का पर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अलवर जिले में प्रदूषण की समस्या के कारण पिछले कई सालों से पटाखे चलाने व बेचने पर निषेध है। बता दें कि दीपावली खुशियां मनाने का पर्व है। इस अवसर पर लोग आतिशबाजी कर खुशियां मनाते हैं, लेकिन लोग खुशियों के त्योहार पर पिछले कई सालों से पटाखे नहीं चला पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आतिशबाजी का प्रदूषण नहीं के बराबर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन दिनों अलवर शहर का वैसे तो AQI 250 और भिवाड़ी का AQI 450 के पार पहुंच गया है लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें आतिशबाजी का प्रदूषण नहीं के बराबर दर्ज किया गया है। दीपावली पर आतिशबाजी काफी कम मात्रा में की जाती है। वहीं इन दिनों की बात करें तो इन दिनों आतिशबाजी नहीं है, फिर भी वायु में प्रदूषण का लेवल अधिक है। वहीं भिवाड़ी में भी आतिशबाजी नहीं है, फिर भी यहां कि AQI देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रेप की 4th स्टेज जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए इन दिनों अलवर समेत पूरे दिल्ली NCR में ग्रेप की 4th स्टेज लागू कर दी है। ग्रेप लागू के दौरान किसी भी प्रकार की आतिशबाजी करने पर पावंदी लगाई गई है। इस बार भी इस कारण अलवरवासी दीपावली पर पटाखे नहीं चला पाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाइसेंस भी नहीं मिला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आतिशबाजी पर रोक के कारण एनसीआर में प्रशासन की तरफ से इस बार भी फुटकर में पटाखे बेचने के लाइसेंस नहीं दिए गए हैं। बता दें कि सिर्फ स्थाई मेगजीन के लाइसेंस ही हैं, लेकिन इन व्यापारियों पर छोटे दुकानदारों को आतिशबाजी बेचने पर पावंदी लगा दी गई है। हालांकि दूसरी तरफ अलवर शहर में चोरी- छिपे कुछ जगहों पर बिना लाइसेंस के आतिशबाजी की बिक्री जारी है। अलवर सहित जिले के अन्य स्थानों पर पुलिस की तरफ से बिना लाइसेंस आतिशबाजी बेचने या एकत्र करने पर कार्रवाई भी की जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rajasthan: राजनीतिक पार्टियों की मुफ्त वाली योजनाओं पर लगेगी रोक -SC</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/top-news/free-schemes-of-political-parties-will-be-banned-sc/</link><pubDate>October 6, 2023, 6:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-2023-10-06T122732.421-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले की जाने वाली मुफ्त की घोषणाओं यानी फ्रीबिज के खिलाफ दायर याचिका पर सरकार को नोटिस जारी किया है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की तरफ से चुनाव से पहले की जा रही घोषणाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका...</excerpt><content>
&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले की जाने वाली मुफ्त की घोषणाओं यानी फ्रीबिज के खिलाफ दायर याचिका पर सरकार को नोटिस जारी किया है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की तरफ से चुनाव से पहले की जा रही घोषणाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों, केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. मुफ्त की घोषणाओं पर पहले से लंबित याचिका के साथ इस मामले को भी जोड़ा गया है. याचिकाकर्ता भट्टूलाल जैन का कहना था कि चुनावी लाभ के लिए बनाई जा रही योजनाओं से आखिरकार आम लोगों पर ही बोझ पड़ता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>B.ED Vs BTC: SC ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को बताया सही, केवल BTC डिप्लोमा धारक ही बन पाएंगे तृतीय श्रेणी अध्यापक</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/b-ed-vs-btc-sc-told-the-decision-of-rajasthan-high-court-is-correct-only-btc-diploma-holders-will-be-able-to-become-third-grade-teachers/</link><pubDate>August 11, 2023, 4:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-5-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायलय ने एनसीपी (NCPI) और केंद्र सरकार की एसएलपी (SLP) ख़ारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने के इस फैसले के बाद से अब केवल बीटीसी ( BTC ) डिप्लोमा धारक ही तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 में पात्र होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस से राजस्थान समेत पूरे देश में भी असर पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;SC ने अपने फैसले में क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशनकौल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने शुक्रवार 11 अगस्त की एसएलपी सहित मुकेश कुमार अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी ने सरकार का पक्ष रखा। डिप्लोमा घरियों की तरफ से अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अपना पक्ष रखा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के नोटिफिकेशन को वैध बताया। राजस्थान हाईकोर्ट के बीएड डिग्रीधारियों को कक्षा 1 से 5 तक के लिए पात्र मानने वाले नोटिफिकेशन को रद्द किया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही बताया। इसके साथ ही एनसीपीई और केंद्र सरकार की एसएलपी को ख़ारिज कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह था पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देशभर के बीटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बीएड अभ्यर्थियों को कोर्ट के इस फैसले से बड़ा झटका लगा है। राजस्थान के भी लाखों बीएड पास कैंडिडेट्स पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद अब तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 के लिए केवल BTC डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे। इससे पहले एनसीपीई ने बीएड अभ्यर्थियों को भी लेवल-1 के लिए पात्र माना था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एनसीटीई ने 2018 में जारी किया था नोटिफिकेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एनसीटीई ने 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बीएड डिग्रीधारकों को भी रीट लेवल-1 के लिए योग्य जाएगा। अगर बीएड डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। राजस्थान में रीट लेवल-1 में बीएड डिग्री धारकों को शामिल करने पर बीटीसी डिप्लोमाधारी आंदोलन पर उतर आए थे। इसके बाद यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाई कोर्ट के फैसले को SC में दी गई चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाई कोर्ट में एनसीटीई के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई। वहीं बीएड वालों ने रीट लेवल-1 में शामिल करने के लिए अपील हाईकोर्ट से की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बीएड वालों को लेवल-1 से बाहर कर दिया था। राजस्थान हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीटीई और केंद्र सरकार ने बीएड वालों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में महाबैठक शुरु, CM गहलोत-पायलट समेत अन्य नेता मौजूद</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/politics/rajasthan-general-meeting-begins-in-delhi-regarding-assembly-elections-cm-gehlot-pilot-and-other-leaders-present/</link><pubDate>July 6, 2023, 7:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-06T003813.149-300x164.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान में आगामी चुनाव होने वाले हैं ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद को चुनाव से पूर्व सुलझाने के लिए मीटिंग का दौर जारी है. जिसका मंथन, आलाकमान शुरू कर चुके हैं. कांग्रेस की महाबैठक शुरू आपको बता दें कि आज दि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान में आगामी चुनाव होने वाले हैं ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद को चुनाव से पूर्व सुलझाने के लिए मीटिंग का दौर जारी है. जिसका मंथन, आलाकमान शुरू कर चुके हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस की महाबैठक शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि आज दिल्ली में एआईसीसी दफ्तर में बैठक भी चल रही है. जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत तमाम नेता पहुंचे हैं.इस बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, सचिन पायलट, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, स्पीकर सीपी जोशी, प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर जितेंद्र सिंह, रघु शर्मा, शकुंतला रावत के अतिरिक्त कई अन्य नेता शामिल है. कयास लगाया जा रहा है कि इस बैठक में शाम तक कुछ बड़ा फैसला सुनने को मिल सकता है. अब देखना होगा की इस महाबैठक ऐसे क्या पायलट और गहलोत के बीच में दरार खत्म होगा या पायलट इस बार फिर कोई नया रास्ता अपनाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री गहलोत वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अंगूठे में फ्रैक्चर होने की वजह से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हैं. इस बैठक में अहम मुद्दा यह रहेगा कि राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और वतमान में विधायक सचिन पायलट की इस साल के विधानसभा चुनाव में क्या भूमिका होगी? बता दें कि पिछले मीटिंग में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजस्थान में आगामी चुनाव से पूर्व कांग्रेस की मीटिंग चुनाव के तैयारियों को लेकर जारी है. इसी बीच पायलट गुट प्रदेश सरकार पर दबाव बनाते जा रहा है. माना जा रहा है कि पायलट समर्थकों को संगठन में अधिक जगह मिल सकती है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: समलैंगिक विवाह पर राजस्थान समेत इन राज्यों ने साफ किया रुख</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/rajasthan-these-states-including-rajasthan-have-clarified-their-stand-on-gay-marriage/</link><pubDate>May 11, 2023, 8:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-9-3-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। इन दिनों समलैंगिक विवाह का मुद्दा काफी सुर्खियों में है ऐसे में केंद्र सरकार ने 10 मई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान समेत आंध्र प्रदेश, असम ने इस शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए याचिकाकर्ताओं की दलीलों का विरोध किया है। समलैंगि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; इन दिनों समलैंगिक विवाह का मुद्दा काफी सुर्खियों में है ऐसे में केंद्र सरकार ने 10 मई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान समेत आंध्र प्रदेश, असम ने इस शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए याचिकाकर्ताओं की दलीलों का विरोध किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;समलैंगिग विवाह का इन राज्यों द्वारा विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्र सरकार के पेशकश कर्ता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ को जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश मणिपुर जैसे राज्यों ने कहा है कि इस विषय पर बहुत व्यापक और विस्तृत चर्चा की जरुरत है और वह तत्काल प्रभाव से जवाब देने में सक्षम नहीं होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों को लिखा गया पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने 18 अप्रैल को दायर अपने हलफनामे में कहा था कि सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी गई थी और संबंधित याचिकाओं में उठाए गए मौलिक मुद्दे पर उनके विचार आमंत्रित किए थे। वहीं तुषार मेहता ने कहा कि मैंने पहले कहा था कि हमने राज्य सरकारों को पत्र लिखे हैं. जिनमें राजस्थान समेत उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम समेत सिक्किम से अभी तक उत्तर मिले हैं. लेकिन मैं उसे पढ़ नहीं रहा हूं. मै इसे रिकॉर्ड पर ला रहा हूं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिकाकर्ताओं की मांग के खिलाफ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सॉलिसिटर जनरल ने बताया, &amp;#8220;राजस्थान ने इस मामले की जांच की है और हम याचिकाकर्ताओं की मांग का विरोध करते हैं।&amp;#8221; उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों ने इस मुद्दे को बहुत ही संवेदनशील बनाया है और वे इसका तुरंत जवाब नहीं दे सकते।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यापक चर्चा की आवश्यकता- मणिपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं मणिपुर ने इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता जताई है. समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी पर पीठ बुधवार को नौवें दिन सुनवाई कर रही थी. दलीलें पूरी नहीं होने की वजह से 11 मई को जारी रहेंगी। वहीं आंध्रप्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार समलैंगिक शादी के विरुद्ध है. उत्तर प्रदेश के सरकार ने कहा कि विषय संवेदनशील है और इसके किसी भी फैसले का समाज के अलग-अलग समुदायों पर गहरा असर पड़ेगा। इस विषय के लिए यूपी सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की है. वहीं महाराष्ट्र सरकार की भी यही राय है और असम सरकार ने कहा कि मामले की नए सिरे से व्याख्या की जरुरत है।&lt;/p&gt;
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