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       <title>Today tiger reserve News | Latest tiger reserve News | Breaking tiger reserve News in English | Latest tiger reserve News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का tiger reserve समाचार:Today tiger reserve News ,Latest tiger reserve News,Aaj Ka Samachar ,tiger reserve समाचार ,Breaking tiger reserve News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Good News: रणथंभौर वन में आए 3 नये नन्हें मेहमान, सीएम गहलोत ने दी जानकारी</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/tourism/good-news-3-new-little-guests-arrived-in-ranthambore-forest-cm-gehlot-gave-information/</link><pubDate>July 25, 2023, 12:45 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-1-2.png</image><category>पर्यटन</category><excerpt>जयपुर: राजस्थान में स्थित रणथंभौर के जंगल से एक अच्छी खबर सामने आई हैं। यहां पर बाघिन ने तीन नन्हें शावकों को जन्म दिया है। इसकी सूचना खुद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी हैं। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि वन के नए मेहमान स्वागत करे राजस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;: राजस्थान में स्थित रणथंभौर के जंगल से एक अच्छी खबर सामने आई हैं। यहां पर बाघिन ने तीन नन्हें शावकों को जन्म दिया है। इसकी सूचना खुद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी हैं। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि वन के नए मेहमान स्वागत करे राजस्थान। रणथंभौर के वन से बाघ के 3 नए शावकों के जन्म का सुखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा जंगल का ये खूबसूरत वीडियो हमारी बाघ व वन्य जीव संरक्षण की प्रतिबद्धता की पुष्टि कर रहा है। राजस्थान बाघ अभ्यारण टीम को हार्दिक बधाई व शाबाशी।&lt;/p&gt;



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&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;3 शावकों के साथ दिखी बाघिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके पहले भी राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व और कोटा संभाग के दूसरे टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी खुशखबरी आई थी। कोटा संभाग के बूंदी जिले में बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था। ये तीनों नन्हें शावक अपनी मां के साथ जंगल में लगाए गए कैमरों में कैद हुए थे। महज दो-तीन सेकेंड के वीडियो में यह बाघिन के साथ जंगल में विचरण करते दिखाई दे रही है । रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ने विचरण कर रही बाघिन आरवीटीआर-2 ने पर्यावरण प्रेमियों और जिले वाशियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। यह बाघिन अपने 3 शावकों के साथ नजर आई है। आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल ने बाघिन का वीडियो और तस्वीरें ट्वीट पर शेयर किया था।&lt;/p&gt;



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</content></item><item><title>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वन्यजीव प्रेमियों को दिया ये उपहार</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/chief-minister-ashok-gehlot-gave-these-gifts-to-wildlife-lovers/</link><pubDate>June 23, 2023, 1:05 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-23T055704.848-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपहार दिया है. अब राजस्थान के पाली जिले के देसूरी में लोग लेपर्ड करीब से देख सकेंगे। इसके लिए लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है. जानकारी के अन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपहार दिया है. अब राजस्थान के पाली जिले के देसूरी में लोग लेपर्ड करीब से देख सकेंगे। इसके लिए लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है. जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने बजट 2023-2024 में इसके लिए घोषणा की थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पाली में लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व होगा विकसित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि पाली में कंजर्वेशन रिजर्व विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने मोहर लगा दी है. इसके लिए दो करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत किया है. जिसमें रिजर्व क्षेत्र में अलग-अलग कार्य करवाए जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पांच पंचायतों का क्षेत्र होगा रिजर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाली के देसूरी क्षेत्र में स्थित घाणेराव, दूदापुरा, नारलाई, सुमेर और माडपुरा ग्राम पंचायत के क्षेत्र को लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन संबंधित पंचायतों ने एनओसी दे दी है। सरकारी जमीन को विकसित करने के लिए ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पंचायतों के खसरे चिन्हित किए जाएंगे। उसके बाद क्षेत्र को नोटिफाइड किया जाएगा जब आपत्तियों के समाधान के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें विशेषता यह है कि जमीन का टाइटल नहीं बदलेगा। अर्थात जमीन पंचायत के नाम ही रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रोजगार के अवसर बढ़ेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व विकसित होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस क्षेत्र को प्राकृतिक रूप से संरक्षित रखने के साथ ही लेपर्ड की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। सैलानियों के लिए सफारी और कैंप आकर्षक विकल्प बनेंगे। संबंधित पंचायतों की आय में भी वृद्धि होगी। वन सूत्रों के अनुसार, देसूरी क्षेत्र में लेपर्ड की बहुत संख्या है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: प्रदेश के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में गर्भवती बाघिन की हुई मौत</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/rajasthan-pregnant-tigress-died-in-mukundra-hills-tiger-reserve-of-the-state/</link><pubDate>May 5, 2023, 6:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-2023-05-04T233118.880-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>जयपुर। राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से एक बाघिन की मौत की खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार बाघिन गर्भवती थी. वहीं रिजर्व में एकमात्र मादा बड़ी बिल्ली थी. बाघिन थी बीमारी से पीड़ित आपको बता कि 4 मई को राजस्थान के मुकुन्दरा हिल्स टाइग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से एक बाघिन की मौत की खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार बाघिन गर्भवती थी. वहीं रिजर्व में एकमात्र मादा बड़ी बिल्ली थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाघिन थी बीमारी से पीड़ित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता कि 4 मई को राजस्थान के मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक गर्भवती बाघिन की मौत हो गई. अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गंभीर कब्ज से पीड़ित गर्भवती बाघिन की इलाज के दौरान मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (एमएचटीआर) में मौत हो गई है। बाघिन नौ वर्ष की थी. बाघिन तीन शावकों के साथ गर्भवती थी और रिजर्व में एकमात्र मादा बड़ी बिल्ली थी। अधिकारियों ने 4 मई यानी गुरुवार को कहा कि बाघिन स्वस्थ जीवन जी रही थी, जिसे 27 अप्रैल को रिजर्व में जानवरों के झुंड का पीछा करते देखा गया था. हालांकि, बाघिन को पहली बार 29 अप्रैल के दिन पेट के दर्द से पीड़ित देखा गया था। इसके बाद, रणथंभौर के पशु चिकित्सकों की एक टीम ने और कोटा ने 30 अप्रैल को पूरे दिन इसकी निगरानी की और शूल और पेट में गंभीर कब्ज से पीड़ित पाया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिकारियों ने जी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि एक मई को बाघिन को बेहोश कर एनीमा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बाघिन के पास से दो बार फेकलिथ (पत्थर जैसा कठोर स्टूल) निकाला गया। उनके अनुसार, निगरानी दल ने बुधवार को बाघिन के गुदा से कुछ लटकने की सूचना दी, जिसे बाद में मलाशय के आगे को बढ़ाव के रूप में पहचाना गया, जो आमतौर पर मवेशियों में पाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोपहर 1.15 बजे हुई मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि हालांकि बाघिन को सुबह 10.38 बजे होश आया, लेकिन उसकी सांसें अचानक बंद हो गईं और गुरुवार दोपहर करीब 1.15 बजे उसकी मौत हो गई। &amp;#8220;यह देश में एक बाघ के मलाशय के आगे बढ़ने का पहला मामला है और शीर्ष वन्यजीव विशेषज्ञ इसमें शामिल थे .&lt;/p&gt;
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