<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Zodiac Sign News | Latest Zodiac Sign News | Breaking Zodiac Sign News in English | Latest Zodiac Sign News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Zodiac Sign समाचार:Today Zodiac Sign News ,Latest Zodiac Sign News,Aaj Ka Samachar ,Zodiac Sign समाचार ,Breaking Zodiac Sign News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/zodiac-sign</link>
        <lastBuildDate>May 8, 2026, 8:51 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Shani Dev 2024: शनिवार के दिन गलती से भी न करें इस समय पूजा, यह है सही मुहूर्त</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/festival/shani-dev-2024-do-not-worship-at-this-time-even-by-mistake-on-saturday-this-is-the-right-time/</link><pubDate>May 18, 2024, 5:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-18.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>जयपुर: सभी ग्रहों में शनि देव को न्याय का देवता माना गया है। (Shani Dev 2024) शास्त्रों के मुताबिक शनि देव हर व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों के हिसाब से न्याय देते हैं। यानी अगर कोई व्यक्ति अच्छा कर्म करता है तो वह शनि देव की कृपा से आसमा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर: &lt;/strong&gt;सभी ग्रहों में शनि देव को न्याय का देवता माना गया है। (Shani Dev 2024) शास्त्रों के मुताबिक शनि देव हर व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों के हिसाब से न्याय देते हैं। यानी अगर कोई व्यक्ति अच्छा कर्म करता है तो वह शनि देव की कृपा से आसमान की बुलंदियों तक पहुंचता है। वहीं अगर कोई व्यक्ति बुरे कर्मों के लिए जाना जाता है तो उसे उसके कर्मों के हिसाब से शनि देवता राजा से रंक बना देते हैं। ऐसे में हर व्यक्ति की चाहत होती है कि शनि देवता की टेढ़ी नजर से बचें और ऐसा क्या कार्य करें जिससे शनि देवता प्रसन्न रहें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीपल वृक्ष के नीचे तेल का दीपक जलाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अक्सर आप देखते होंगे कि शनिवार के दिन लोग पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाते हैं या शनि देवता के ऊपर काले तिल और तेल भी चढ़ाते हैं। शनिवार के दिन मंदिर में पूजा भी करते हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि शनि देवता की पूजा का सही समय क्या है, हमें किस समय शनि देव की पूजा करनी चाहिए तो आईए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्यास्त के बाद कड़े शनि देव की पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक शनि देव की पूजा हमेशा सूर्यास्त के बाद करना शुभ माना गया है। बताया गया है कि इस वक्त की गई सभी प्रकार की पूजा शनि देव को प्रसन्न करता है। ऐसे में इस समय पर पूजा करने से अधिक फल की प्राप्ति होती है। लेकिन सूर्यास्त के बाद ही शनि देवता की पूजा क्यों करनी चाहिए, इसकी वजह जानते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पश्चिम दिशा के स्वामी हैं शनि देव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मान्यताओं के अनुसार शनि देव पश्चिम दिशा के स्वामी कहे जाते हैं। वहीं सूर्य का आगमन पूर्व दिशा से होता है। तो ऐसे में पूर्व दिशा की ओर शनि देव की पीठ पड़ती है, जिस वजह से शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद करना अति शुभ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनि और सूर्य के बीच पिता और पुत्र का संबंध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू शास्त्रों के मुताबिक शनि और सूर्य के बीच पिता और पुत्र का संबंध है। लेकिन यह दोनों एक दूसरे के लिए बैर की भावना रखते हैं। सुबह से शाम तक सूर्य देव का प्रभाव रहता है। इसलिए कभी भी शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद करनी चाहिए। ऐसा करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों के जीवन में सुख समृद्धि भर देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनिवार के दिन इन कार्यों को करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शनिवार के दिन लोहे की वस्तु भूलकर भी न खरीदें। ऐसा करने से शनि देव क्रोधित हो जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शनिवार के दिन गलती से भी नमक की खरीदारी ना करें। माना जाता है कि इस दिन नमक खरीदने से इंसान कर्ज में डूबा रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शनिवार के दिन किसी को उपहार के रूप में कैंची न दें, क्योंकि ऐसा करने से लड़ाई झगड़ा होने की चांसेस बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थान: मंगलवार को बेहद करीब आएंगे शुक्र ग्रह और चन्द्रमा, आसमान में दिखेगा अद्भुद नजारा</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/national/venus-and-moon-will-come-very-close-on-tuesday-amazing-view-will-be-seen-in-the-sky/</link><pubDate>May 23, 2023, 4:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-12-8-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>जयपुर। शुक्र और चंद्र 22 मई को आसमान में बेहद करीब नजर आ सकते हैं. ज्योतिष के अनुसार दोनों ग्रहों के मिथुन राशि में रहने के साथ दूसरे से करीब 24 डिग्री की दूरी पर विचरण के चलते यश संयोग बना है. आज देखेगा अद्भुद नजारा आपको बता दें कि 22 मई यानी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;शुक्र और चंद्र 22 मई को आसमान में बेहद करीब नजर आ सकते हैं. ज्योतिष के अनुसार दोनों ग्रहों के मिथुन राशि में रहने के साथ दूसरे से करीब 24 डिग्री की दूरी पर विचरण के चलते यश संयोग बना है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज देखेगा अद्भुद नजारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि 22 मई यानी आज शाम 6.15 बजे से चंद्र और शुक्र ग्रह यह आकाशीय मंडल में एक-दूसरे के करीब नजर आएंगे। वहीं अगर मौसम साफ रहेगा तो यह नजारा समान्य आंखों से दिखाई देगा। जानकारी के अनुसार शुक्र ग्रह रात 7.07 बजे से रात 10.30 बजे तक चंद्रमा से 2.2 डिग्री दक्षिण में दिखेगा। शुक्र ग्रह चंद्रमा से थोड़ा नीचे दक्षिण की ओर आने पर चंद्रमा-शुक्र एक दूसरे के पास में दिखाई देंगे। हालांकि सोमवार को यह नजारा आकाशीय मंडल में दिखाई दिया था लेकिन कुछ ही समय के लिए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसका क्या होगा असर ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिष के अनुसार जिसके कारण मिथुन राशि वालों को आगामी दिनों में बाजार में खाद्य-वस्तुओं, तेल और घी में मंदी का सामना करना पड़ेगा। मौसम में परिवर्तन के साथ आंधी आने की संभावना है। गर्मी के तेज प्रकोप के साथ ही उमस से लोगों को परेशानी हो सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुक्र को कहा जाता है सुबह का तारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि शुक्र गृह को सुबह का तारा कहा जाता है वहीं इसे शाम का तारा भी कहा जाता है. क्योंकि शुक्र ग्रह सबसे ज्यादा चमकने वाला ग्रह है. ज्योतिष विद्या के अनुसार चंद्रमा की शुक्र ग्रह के साथ युति होने पर व्यक्ति का मन कलाकारी की ओर आकर्षित होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>शुक्रवार को है शनिश्चरी अमावस्या, इन राशि वालों को रहना होगा सतर्क</title><link>https://rajasthan.inkhabar.com/states/shanishchari-amavasya-is-on-friday-people-of-these-zodiac-signs-have-to-be-alert/</link><pubDate>May 18, 2023, 1:08 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-9-6-252x300.png</image><category>राज्य</category><excerpt>भरणी-कृतिका नक्षत्र, शानदार योग में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या शुक्रवार को वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। इस मौके पर शनि जयंती का संयोग होने से शनिदेव की आराधना के साथ ही महिलाएं व्रत रखकर पूजा अर्चना करेंगी। 19 मई शनि देव...</excerpt><content>
&lt;p&gt;भरणी-कृतिका नक्षत्र, शानदार योग में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या शुक्रवार को वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। इस मौके पर शनि जयंती का संयोग होने से शनिदेव की आराधना के साथ ही महिलाएं व्रत रखकर पूजा अर्चना करेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;19 मई शनि देव का रहेगा सहयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि भरणी-कृतिका नक्षत्र, शानदार योग में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या शुक्रवार को वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई जाएगी। इस मौके पर शनि जयंती का संयोग होने से शनिदेव की आराधना के साथ ही महिलाएं व्रत रखकर पूजा अर्चना करेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों रहेगा खास ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शस्त्रों के अनुसार इस दिन वट सावित्री व्रत करने से पति की दीघार्यु के साथ ही संतान की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। महिलाएं वट की पूजा के साथ जल अर्पण करने के साथ ही परिक्रमा करने के साथ 108 बार चारों ओर बंधन बनाकर अर्चना करती हैं। शास्त्रानुसार वटवृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने व्रत से मृत पति को पुन: जीवित कराया था। तब से यह वटसावित्री व्रत के नाम से भी जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक ग्रहों के न्यायाधिपति शनि जयंती के पर्व पर कल मेष राशि में चार ग्रह यानि चंद्र, बुध, गुरु और राहु विराजमान रहेंगे। साथ ही मंगल-शनि का इस समय लगभग 58 साल तक मंगल-शनि का षड़ाश्टक योग रहेगा। शनिश्चरी अमावस्या पर साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए जातक विभिन्न उपाय कर सकते हैं। वर्तमान में साढ़ेसाती मकर, कुंभ और मीन राशियों को प्रभावित कर रही है जबकि कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों की ढैय्या चल रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राशि के अनुसार क्या करें उपाय ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेष राशि की बात करें तो हनुमान चालीसा या सुन्दरकांड का पाठ करें, वृषभ राशि वालों को शनि देव के नाम का जप करना लाभदाई साबित होगा, मिथुन राशि वालों को काली उड़द शनिदेव को अर्पित करना होगा। कर्क राशि वालों को पुरातन संस्कृत शास्त्र में वर्णित है कि राजा दशरथ ने शनि स्तोत्र को रचना किया था। इसलिए आप शनि स्तोत्र का उच्चारण कर सकते हैं। सिंह राशि वालों को तेल और सिंदूर भगवान हनुमान को चढ़ाना शुभ होगा, कन्या राशि वालों को शनि देव के मंत्रो का जाप करना चाहिए और उपवास रखने से सारे काम बन जाएंगे, तुला राशि वालों को सरसो का तेल शनिदेव को अभिषेक करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>