जयपुर। पंचांग के मुताबिक हर साल फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करनी चाहिए। फुलेरा दूज का दिन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। इस दिन उन पर फूलों की वर्षा की जाती है। […]
जयपुर। पंचांग के मुताबिक हर साल फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करनी चाहिए। फुलेरा दूज का दिन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। इस दिन उन पर फूलों की वर्षा की जाती है।
इस पर्व को मथुरा और वृंदावन समेत पूरे ब्रज में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की उपासना करने से सुख-समृद्धि आती है। साथ ही श्री कृष्ण का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं फुलेरा दूज के दिन क्या करें और क्या न करें?
इस दिन सुबह उठकर जल्दी स्नान कर लेना चाहिए। स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। शुभ मुहूर्त को देखते हुए भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। उन पर फूल अर्पित करने चाहिए। इसके अलावा उन्हें गुलाल भी लगा सकते है। उनकी प्रतिमा के आगे घी का दीपक जलाएं। फुलेरा दूज के दिन माखन, फल और मिश्री से भोग लगाना चाहिए। अन्न और धन का दान करना चाहिए। जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करनी चाहिए। कृष्ण चालीसा का पाठ करना भी शुभ होता है।
फुलेरा दूज के दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। किसी के गलत भाषा में बात ना करें। किसी के ऊपर अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। लड़ाई-झगड़े से दूर रहना चाहिए। बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान करने से बचें। इस दिन मादक पदार्थ जैसे दारू और मांस का सेवन करने से बचना चाहिए। इस दिन नाखुन काटने से बचना चाहिए। ऐसा करने से अशुभ होता है।
फुलेरा दूज के दिन किसी भी गलत काम करने से बचना चाहिए।