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जानें सुनीता विलियम्स ने कैसे काटे 9 महीने अंतरिक्ष में, स्पेस में किन क्रियाकलापों को करके बिताया दिन

जयपुर। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर 9 महीने के लंबे अंतरिक्ष मिशन के बाद 19 मार्च 2025 को पृथ्वी पर लौट आए हैं। बता दें यह मिशन सिर्फ 8 दिनों के लिए निर्धारित था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी वापसी 9 महीने तक टलती रही। वहीं […]

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Sunita Williams
  • March 19, 2025 5:32 am IST, Updated 2 weeks ago

जयपुर। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर 9 महीने के लंबे अंतरिक्ष मिशन के बाद 19 मार्च 2025 को पृथ्वी पर लौट आए हैं। बता दें यह मिशन सिर्फ 8 दिनों के लिए निर्धारित था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी वापसी 9 महीने तक टलती रही। वहीं इसी बीच आइए जानते हैं कि सुनीता विलियम्स इस दौरान स्पेस में क्या-क्या किया?

150 से अधिक एक्सपेरिमेंट

जानकारी के अनुसार आईएसएस पर रहते हुए सुनीता विलियम्स ने महत्वपूर्ण अनुसंधान और रखरखाव कार्यों में योगदान दिया। उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन की देखभाल और सफाई में सक्रिय भूमिका निभाई, जहां निरंतर मरम्मत और उपकरणों के बदलाव की जरूरत होती है। इसके साथ ही उन्होंने नासा के 900 घंटे के शोध कार्य को पूरा किया और 150 से अधिक साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट किए। वहीं उनके इस योगदान से अंतरिक्ष में जीवन और भविष्य के मिशनों पर महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

अंतरिक्ष में बनाया नया रिकॉर्ड

सुनीता विलियम्स ने 9 बार स्पेसवॉक किया, जिसमें उन्होंने कुल 62 घंटे और 9 मिनट अंतरिक्ष में बिताए। इसके साथ ही वह अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली महिला भी बन गई हैं। इसके अलावा सुनीता ने कई प्रमुख शोध परियोजनाओं में भाग लिया, जिसमें गुरुत्वाकर्षण का तरल प्रणालियों पर प्रभाव शामिल था। इसके अलावा उन्होंने पानी की वसूली और ईंधन कोशिकाओं के लिए नए रिएक्टर्स डेवलप करने पर भी काम किया।

बायोन्यूट्रिएंट्स परियोजना पर काम

सुनीता विलियम्स ने बायोन्यूट्रिएंट्स परियोजना में भी योगदान दिया, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पोषक तत्वों का उत्पादन करना था। वहीं उम्मीद की जा रही है कि यह शोध भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों के दौरान पोषक तत्व प्रदान करने में मदद कर सकता है।


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