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Rajasthan Election: 199 सीटों पर राजस्थान में लगातार तीसरी बार होगा विधानसभा चुनाव, जानें इसके पीछे की वजह

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू है। इस बार भी राजस्थान में 199 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। प्रत्याशी की मौत के कारण पिछले दो चुनाव में भी 199 सीटों पर ही चुनाव करवाए गए थे। श्री गंगानगर जिले में करणपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित गुरमीत सिंह का निधन बुधवार को […]

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Assembly elections will be held in Rajasthan for the third consecutive time on 199 seats
  • November 15, 2023 7:20 am IST, Updated 1 year ago

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू है। इस बार भी राजस्थान में 199 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। प्रत्याशी की मौत के कारण पिछले दो चुनाव में भी 199 सीटों पर ही चुनाव करवाए गए थे। श्री गंगानगर जिले में करणपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित गुरमीत सिंह का निधन बुधवार को दिल्ली स्थित AIIMS अस्पताल में हो गया है। इस वजह से यहां का चुनाव स्थगित कर दिया गया है। बता दें कि राजस्थान में पिछले दो बार से ऐसा स्थिति देखा जा रहा है। अलवर जिले के रामगढ़ सीट पर वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह का दिल का दौरा पड़ने पर निधन हो गया था। पिछली बार भी इस वजह से राजस्थान में 199 सीटों पर ही चुनाव हुआ था। कांग्रेस ने यहां से पिछले चुनाव में साफिया खान एवं बीजेपी ने सुखवंत सिंह को चुनावी मैदान में उतरने का मौका दिया था। वहीं यहां पर सरकार बनने के बाद चुनाव हुए थे। कांग्रेस प्रत्याशी साफिया खान जिसमें जीत गई थी।

2013 में भी 199 सीटों पर ही चुनाव हुआ

वर्ष 2013 में भी इसी तरह 199 सीटों पर ही चुनाव हुआ था। चूरू से इस वर्ष BSP के प्रत्याशी जेपी मेघवाल का निधन हो गया था। यहां पर भी इसी तरह सरकार बनने के बाद ही चुनाव करवाया गया था और इसमें बीजेपी के राजेन्द्र राठौड़ को जीत मिली थी।

मध्यप्रदेश में भी एक सीट पर चुनाव स्थगित

बता दें कि मध्यप्रदेश में भी पिछले चुनाव में एक सीट पर उम्मीदवार की मौत पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। मध्यप्रदेश की राजपुर विधानसभा सीट से 5 नवंबर को बीजेपी उम्मीदवार देवी सिंह पटेल का दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गया था। यहां भी इस वजह से चुनाव स्थगित कर दिया गया था।

नियम के मुताबिक

इंडिया में विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में चुनाव सिर्फ एक परिस्थिति में रद्द किया जाता है। यदि किसी राष्ट्रीय और स्थानीय पार्टी के किसी उम्मीदवार की मौत नामांकन दाखिल होने व मतदान की तारीख के दौरान हो जाती है तो इस स्थिति में संबंधित सीट पर चुनाव को स्थगित कर दिया जाता है। निर्दलीय उम्मीदवारों की निधन पर ही इससे पहले चुनाव स्थगित किया जाता था। लेकिन इस नियम में बाद में बदलाव किया गया। अब सिर्फ चुनाव को स्थगित रजिस्टर्ड पार्टी के उम्मीदवार की निधन पर ही किया जाता है।

नए प्रत्याशी के नामांकन के लिए 1 सप्ताह का समय

जनप्रतिनिधि ऐक्ट 1951 ऐसा नियम है कि अगर किसी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन के पश्चात मौत हो जाता है तो ऐसे में निर्वाचन अधिकारी चुनाव स्थगित कर सकता है। संबंधित पार्टी को चुनाव आयोग नए प्रत्याशी के नामांकन के लिए 1 सप्ताह का समय देता है। जिसके बाद नए चुनाव की तारीख का एलान होता है।


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