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CM गहलोत ने बच्चों द्वारा सुसाइड के विषय पर जताई चिंता, सुझाव कमेटी बनाने की अपील की

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी जयपुर में कोचिंग संचालको के साथ बैठक की. उन्होने कहा कि कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे सुसाइड करने की नौबत ही न आए. आईआईटी कर चुके लोग आजकल पॉलिटिकल पार्टियों के लिए करते हैं चुनावी सर्वे करते हैं CM गहलोत ने ली बैठक आपको बता दें कि छात्र-छात्राओं […]

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Ashok Gehlot
  • August 19, 2023 4:03 am IST, Updated 2 years ago

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी जयपुर में कोचिंग संचालको के साथ बैठक की. उन्होने कहा कि कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे सुसाइड करने की नौबत ही न आए. आईआईटी कर चुके लोग आजकल पॉलिटिकल पार्टियों के लिए करते हैं चुनावी सर्वे करते हैं

CM गहलोत ने ली बैठक

आपको बता दें कि छात्र-छात्राओं द्वारा बढ़ते आत्महत्या को लेकर शुक्रवार शाम को अपने आवास पर कोचिंग संचालको के साथ बैठक की. यह बैठक 2 घंटे से भी अधिक चली. इस बैठक में कोंचिंग संचालको के साथ यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और मुख्य सचिव उषा शर्मा शामिल रहीं।

सीएम गहलोत ने सुसाइड को लेकर क्या कहा ?

बैठक मे मुख्यमंत्री ने कहा कि कि बच्चों के सुसाइड का मामला अकेले राजस्थान का ही विषय नहीं है बल्कि कई राज्य है, जहां पर यह लगातार बढ़ रहे हैं और यह सभी की चिंता का विषय है। एनसीआरबी के डेटा के मुताबिक देश भर में 13000 से ज्यादा छात्र छात्राओं ने आत्महत्या की है जिनमें महाराष्ट्र में 1034, कर्नाटक में 855 और उड़ीसा में 834 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है अगर एक भी बच्चा चला जाए तो यह सभी के लिए दुख की बात है।

सुझाव कमेटी बनाने को कहा

मुख्यमंत्री गहलोत ने छात्र-छात्राओं द्वारा सुसाइड को रोकने के लिए एक कमेटी गठन करने का निर्देश दिया। उन्होनें कहा कि इस कमेटी में कोचिंग संचालकों, अभिभावकों और बच्चों के मां-बाप सुझाव लिया जाएं साथ ही दुनिया भर में कहीं भी सुसाइड मामले रोकने के लिए नवाचार चल रहे हो तो उन्हें अपनाया जाए और 15 दिन के भीतर यह रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए।

IIT कर चुके लोग राजनीतीक दलों के लिए करते हैं सर्वे

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आईआईटी कर चुके लोगों का भी ट्रेंड बदल चुका है यह लोग अब मूल काम करने के बजाए राजनीतिक दलों के लिए सर्वे करते है, पॉलिटिकल पार्टियों के लिए अलग-अलग तरीके से कैंपेन करते हैं।

बच्चों को लगना चाहिए कि अपने ही घर में हैं- CM गहलोत

कोचिंग संचालको को सीएम गहलोत ने कहा कि 15 वर्ष की उम्र में माता-पिता बच्चों को कोचिंग के लिए भेज देते हैं वह मां-बाप से दूर रहते हैं इसलिए कोचिंग संचालकों का फर्ज है कि उन्हें घर जैसा माहौल उपलब्ध करवाया जाए उन्हें लगना चाहिए कि उनके घर के लोग उनके साथ हैं और पढ़ाई के साथ -साथ खेलकूद और अन्य एक्टीविटीज में रखना चाहिए जिससे कि उनका शारीरिक विकास भी हो। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि एक भी बच्चा सुसाइड नहीं करें ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए, पर हम सभी को एक साथ मिलकर बच्चों साथ खड़ा होना होगा।


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