जयपुर। राजस्थान में इस बार भी हर 5 साल के बाद सरकार बदलने का रिवाज कायम रहा। सीएम गहलोत ने फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए सरकार की तिजोरी खोल दी लेकिन इसके बावजूद रिवाज बदलने में नाकाम रहे। बीजेपी ने राज्य में बंपर जीत हासिल की है। इसी बीच सीएम पद को […]
जयपुर। राजस्थान में इस बार भी हर 5 साल के बाद सरकार बदलने का रिवाज कायम रहा। सीएम गहलोत ने फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए सरकार की तिजोरी खोल दी लेकिन इसके बावजूद रिवाज बदलने में नाकाम रहे। बीजेपी ने राज्य में बंपर जीत हासिल की है। इसी बीच सीएम पद को लेकर लेकर दिल्ली से लेकर जयपुर तक हलचल तेज है। हालांकि प्रदेश का सीएम कौन बनेगा इसे लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। राज्य में सीएम को लेकर प्रदेश के प्रमुख नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं और बैठकों का दौर जारी है।
वहीं सोमवार को जयपुर में भी गहमागहमी देखने को मिली। प्रदेश में सीएम चुनने को लेकर बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के बीच मंथन शुरू है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी कई नेताओं के नामों पर विचार कर रही है। एक नाम पर सहमति बनने में समय लग रहा है। बताया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया में तीन से छह दिन के समय लग सकता है। पार्टी ऐसा नाम लेकर सामने आना चाहती है, जिसपर कोई विरोध न करें। राजस्थान में 6 से ज्यादा नेता सीएम पद की रेस में है। इसमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, गजेंद्र सिंह शेखावत, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, किरोड़ीलाल मीणा, ओमप्रकाश माथुर, सीपी जोशी का नाम शामिल हैं।
बता दें कि राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 115 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि कांग्रेस के खाते में महज 69 सीटें आई है। साथ ही सूबे में 8 सीटें निर्दलीय भी जीतने में कामयाब रही। तीन सीटों पर भारत आदिवासी पार्टी ने कब्जा किया है तो बीएसपी के हिस्से में भी 2 सीटें आईं हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी को 41.69 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 39.53 प्रतिशत मत मिला है। फिर भी सरकार दोबारा सत्ता में नहीं लौट पाई।